* पन्ना जिले के दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत सलेहा रेन्ज की घटना
* सांभर का माँस पका रहे शिकारियों को छापामार कार्रवाई कर पकड़ा
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। रविवार को पन्ना के दक्षिण वन मण्डल की सलेहा रेन्ज अंतर्गत कल्दा पठार के खिलसारी ग्राम में सांभर के शिकार का मामला प्रकाश में आया है। इस प्रकरण को वन अमले ने गंभीरता से लेकर तत्परता से कार्रवाई करते हुए 5 शिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सांभर का मांस, शरीर के अवयव जप्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम अंतर्गत वन अपराध कायम किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार 14 फरवरी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कल्दा पठार के खिलसारी ग्राम में कुछ लोग सांभर का शिकार कर मांस को अपने घर में पका रहे हैं। दक्षिण वनमण्डल पन्ना की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा के निर्देशन एवं हेमन्त यादव उप वनमण्डलाधिकारी कल्दा के मार्गदर्शन में सलेहा के वन परिक्षेत्राधिकारी आर.एस. पटेल द्वारा हमराही वनकर्मियों के साथ खिलसारी ग्राम के कई घरों में छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान उत्तम सिंह पिता ज्ञान सिंह के घर से पका हुआ मांस बरामद किया गया।
वहीं मंगल सिह पिता ज्ञान सिंह, होशियार सिंह पिता चन्नू सिंह, चन्नू सिंह पिता गोकुल सिंह, राम सिंह पिता प्रहलाद सिंह के घरों से कच्चा मांस जप्त हुआ। छापामार कार्रवाई के दौरान आरोपियों के मौके से भागने पर वनकर्मियों के द्वारा तगड़ी घेराबंदी पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनकी निशानदेही पर घटनास्थल का मुआयना कर वन्यप्राणी सांभर को काटने वाले स्थान से साक्ष्य के रूप में उसकी आंत, आमाश्य, हृदय एवं शरीर के अन्य अवयव जप्त किये गए।
पालतू कुत्तों की मदद से किया शिकार
सलेहा रेंजर राम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों द्वारा पूंछतांछ में ग्राम खिलसारी में नदी के किनारे शनिवार 13 फरवरी को दोपहर में पालतू कुत्तों की मदद से सांभर को घेरकर लाठी-डण्डों से पीट-पीटकर मारने की जानकारी दी गई। इसके बाद रात्रि में 12 बजे मृत सांभर को नजदीकी खेत में ले जाकर काटपीट करके मांस को आपस में बांट लिया। रेंजर श्री पटेल ने ने बताया कि गिरफ्तार पाँचों शिकारियों को सोमवार 15 फरवरी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले फरार अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। छापामार कार्रवाई एवं आरोपियों की धरपकड़ में लव प्रताप सिंह (प्रशिक्षु) वनक्षेत्रपाल, दिलीप सिह वनपाल, देवेन्द्रगिरी गोस्वामी, महेन्द्र कुमार अग्रहरी, उमाशंकर पाल, ज्ञानप्रकाश सिंह, आरख, राजेश कुमार सोनी, उमादत्त द्विवेद, गजेन्द्र सिह परिहार, राजू अहिरवार, बिहारी सिंह यादव, इन्द्रकुमार वर्मा, रजनीश कुमार चौधरी एवं अन्य वनरक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने देर रात संयुक्त रुप से खजुरी कुड़ार ग्राम में तत्परता से दबिश देकर रमेश आदिवासी, इन्द्र प्रताप आदिवासी, महेश आदिवासी को धर दबोंचा। इनके जरिए अन्य हमलावरों की पहचान भी कर ली गई। पुलिस और वन विभाग की टीम संदेही आरोपियों की तलाश में सरगर्मी से जुटी है। पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 147, 148, 353, 332, 186, 506, आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।






कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा संबंधित विभागों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछडा वर्ग के 3332 छात्र-छात्राओं को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरित की गयी है। जिले में एक छात्र गृह स्थापित है वर्तमान में कोरोना के कारण इसका संचालन बंद है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए 549 विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। जिले में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक दो छात्रावास स्थापित है। कोविड-19 के कारण संचालित नही है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग को रोजगार मुहैया कराने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 170 स्वरोजगार के आवेदन कराकर बैंकों को प्रेषित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक आर्थिक कल्याण योजना अन्तर्गत 36 प्रकरण तैयार कराकर बैंकों को प्रेषित किए गए हैं। इन प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए बैंकों द्वारा प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने जिले में संबंधित वर्गों के लिए संचालित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए जिला पंचायत कार्यालय के लिए नवीन भवन की मांग को दोहराया। सम्पन्न हुई बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, सुशील त्रिपाठी, तरुण पाठक, अमित गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, संबंधित अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।





आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को यह मालूम नहीं कि टीएचआर में इतनी बड़ी कटौती क्यों की गई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जितना टीएचआर मिला है उसका पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर जिस भी मात्रा में जितने बच्चों, गर्भवती /धात्री महिलाओं को वितरण संभव हुआ वितरित कर दिया। लेकिन यह सवाल अनुत्तरित है कि सही मात्रा पोषण आहार से वंचित बच्चे सुपोषित कैसे होंगे, पन्ना के माथे पर लगा कुपोषण का कलंक कैसे मिटेगा और गर्भवती /धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य की पूर्ती आखिर कैसे संभव होगी।








गुनौर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के अध्यक्ष बसंत लाल पटेल व किसान क्रांति सेना के संभागीय अध्यक्ष शंकर पटेल के संयुक्त नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने तहसील कार्यालय के पहुंचकर कृषि कानूनों पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए नारेबाजी की। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर पिछले दो माह से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए गुनौर के किसानों ने कहा कि जब तक काले कानूनों और दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
किसानों का कहना है, केन्द्र सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर हमारी जायज मांग को मान लेना चाहिए क्योंकि इसी में सबका और देश का हित है। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से आनंद शुक्ला, नन्द किशोर पटेल, आनंद पटेल, राम अवतार उपाध्याय, एड. के. के. पटेल, रामखिलावन लोधी, श्रीराम लोध, मनीष यादव, बद्री पटेल, संतोष लोधी, जगदीश पटेल, मुरलीधर पटेल, शंकर भाई पटेल, डॉक्टर धर्मराज कश्यप, बीरन यादव, अरविन्द पटेल, बृजभान पटेल, पवन पटेल, सोकेंद्र पटेल, बालमुकुन्द लोधी आदि किसान शामिल रहे।

पीईबी ने दोनों ही परीक्षाओं का परिणाम वर्ष 2019 में घोषित कर दिया। उच्च माध्यमिक शिक्षकों की चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी होने के पश्चात दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। लेकिन कुछ समय बाद कोरोना महामारी का हवाला देकर काउंसलिंग की कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया गया।
