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किसान ट्रेक्टर परेड : अहंकारी सरकार के खिलाफ़ अन्नदाता ने भरी हुंकार, सड़कों पर दिखा ट्रेक्टरों का सैलाब

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पन्ना में ट्रेक्टर रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट की ओर जाते हुए किसान।

भारतीय किसान यूनियन के आव्हान पर पन्ना की महारैली में जुटे सैंकड़ों किसान

किसान विरोधी काले कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान

अधर्म और नफरत की अफीम पिलाकर देश को लूट रही है मोदी सरकार- जगदीश

आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली ने रचा इतिहास, पहली बार देखे इतने ट्रेक्टर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के एक दिन पूर्व मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल के पन्ना जिले की सड़कों पर अनूठा नजारा देखने को मिला। सोमवार 25 जनवरी को पन्ना में ऐतिहासिक ट्रेक्टर परेड निकाली गई। भारतीय किसान यूनियन (अरा.) के तत्वाधान में जिला मुख्यालय में निकली विशाल ट्रेक्टर परेड को “आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली” का नाम दिया गया। कड़ाके की सर्दी के बावजूद महारैली में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने अपने ट्रेक्टरों के साथ शामिल होकर इतिहास रच दिया।
पन्ना के पॉलिटेकिनक कॉलिज ग्राउण्ड में आयोजित आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली आमसभा में उपस्थित जिले के किसान।
इस दौरान सभी ने किसान विरोधी-जन विरोधी काले कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रखने ऐलान किया। कृषि कानूनों के विरोध में पिछले दो माह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति केन्द्र की मोदी सरकार के रवैये की तीखी आलोचना करते हुए उसे अहंकारी और तानाशाह सरकार करार दिया।
पन्ना जिले में आज पहली बार विशुद्ध रूप से किसानों का इतना व्यापक और विशाल गैर राजनैतिक प्रदर्शन देखने को मिला। जिसकी चर्चा गली-कूचों, चौक-चौराहों, सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ हो रही है। मध्यप्रदेश के किसानों को विवादित कृषि कानूनों एवं मोदी के समर्थन में खड़ा करने का भ्रामक प्रचार वालों को पन्ना के किसानों ने ट्रेक्टर महारैली के जरिए आईना दिखाने का काम किया है। वहीं इसे आक्रोशित किसानों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि, पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पन्ना के पॉलिटेक्निक कॉलिज ग्राउण्ड से निकाली गई आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली में जिले के सैंकड़ों किसान अपने ट्रेक्टरों के साथ शामिल हुए। गलन भरी सर्दी के बावजूद रैली में सम्मलित हुए किसानों का हौसला और जज्बा देखते ही बनता था। पॉलिटेक्निक कॉलिज का विशाल ग्राउण्ड दोपहर 3 बजे तक ट्रेक्टरों व किसानों से पूरी तरह भर चुका था। इस अवसर पर एक आमसभा आयोजित हुई जिसे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह ने सम्बोधित किया।

देश को लूटने में मोदी ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ा

पन्ना के पॉलिटेकिनक कॉलिज ग्राउण्ड में आमसभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह।
भारतीय किसान यूनियन की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं वयोवृद्ध किसान नेता जगदीश सिंह ने पन्ना में आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली को सम्बोधित करते हुए केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का किसान काले कानूनों के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। केन्द्र की हठधर्मी-अहंकारी सरकार अब चाहे जितने भी हथकंडे अपना ले, चाहे जितना भी अत्याचार कर ले पर एक बात साफ़ है कि काले कानूनों की वापसी और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारण्टी से कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। खुद को किसान हितैषी बताने वाली यह सरकार असल में कार्पोरेट घरानों की कठपुतली है। यह बात पूरा देश भलीभांति समझ चुका है।
श्री सिंह ने कहा कि, पिछले दो माह से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे लाखों किसान भाईयों को इस सरकार ने बदनाम करने से लेकर उनके आंदोलन को कुचलने के लिए जितना अत्याचार किया है, उसे पूरी दुनिया ने देखा है। यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं बल्कि तानशाह सरकार है। उन्होंने मोदी सरकार को घोर सांप्रदायिक और विभाजनकारी एजेण्डे चलने वाली सरकार बताते हुए कहा कि धर्म के नाम अधर्म व नफ़रत फैलाकर यह सरकार सत्ता में आई है।
आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली की आमसभा में मंचासीन किसान नेतागण।
किसान नेता जगदीश सिंह ने लोगों को आगाह किया कि साम्प्रदायिक एजेण्डे के जाल में अब न फंसना वरना हमारा प्यारा देश बर्बाद हो जाएगा। वैसे भी इस सरकार ने अपने 7 साल के कार्यकाल में देश को लूटने के मामले में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है। काली चमड़ी वाले इन अंग्रेजों से हमें सतर्क रहना होगा।

कॉन्ट्रेक्ट खेती से गुलाम बन जाएंगे किसान

आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली की आमसभा में बड़ी संख्या में किसान सम्मलित हुए।
किसान नेता जगदीश सिंह ने कहा कि कृषि सुधार के नाम पर किसानों को कॉर्पोरेट क्क गुलाम बनाने वाले कानून केन्द्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने कोरोना संकटकाल में संसद में पारित कराए हैं। इन काले कानूनों के लागू होने से अन्नदाता किसानों की जमीनों पर बड़े उद्योगपतियों-पूजीपतियों का कब्जा हो जाएगा। कॉन्ट्रेक्ट खेती में शर्तों का उल्लंघन होने की सूरत में किसानों को न्याय मिलना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया, मैनें कई देशों का भ्रमण कर यह अनुभव किया है, कॉन्ट्रेक्ट खेती घाटे का सौदा है।
पन्ना के पॉलिटेकिनक कॉलिज ग्राउण्ड में खड़े आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली में शामिल ट्रेक्टर।
इसी तरह यह सरकार बिजली से सब्सिडी ख़त्म करना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो किसानों के 3 हार्स पावर एवं 5 हार्स पावर पम्प का बिजली बिल दोगुना से भी अधिक आएगा। भारतीय किसान यूनियन की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने बताया कि पराली (प्याँर) जलाने संबंधी कानून में सरकार ने किसानों के लिए 5 साल की सजा का प्रावधान किया है। जबकि उद्योगपतियों के कल-कारखानों की जो चिमनियां रात-दिन जहरीला धुंआं उगल रहीं उसकी चिंता किसी को नहीं है।
आपने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए बताया कि वे जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मुद्दे पर पत्र लिखकर किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग करते थे लेकिन आज मोदी जब स्वयं प्रधानमंत्री हैं तो वे अपनी ही माँग से मुँह चुरा रहे हैं।

किसान ट्रेक्टर परेड- “ऐसा नजारा पहले नहीं देखा”

पन्ना के पॉलिटेक्नि ग्राउण्ड से किसान जब ट्रेक्टरों में सवार होकर ज्ञापन सौंपने के लिए इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित नवीन कलेक्ट्रेट भवन के लिए कतारबद्ध अनुशासित तरीके से निकले तो लोग ट्रेक्टरों के इस सैलाब को अपलक बस देखते ही रह गए। नारेबाज़ी करते हुए चल रहे किसानों की ट्रेक्टर परेड 2 किलोमीटर से अधिक लम्बी रही जिसमें लगभग 400 ट्रेक्टर शामिल हुए। पुराना पावर हाऊस से गाँधी चौक एवं कचेहरी चौराहा होते विशाल किसान ट्रेक्टर परेड जब निकली तो घरों के बाहर और छतों पर चढ़कर लोग इसे निहारते रहे।
इस दौरान लोगों की सिर्फ एक ही तरह की प्रतिक्रिया सामने आई कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नजारा नहीं देखा। यह वाकई अभूतपूर्व और ऐतिहासिक था। पहली बार किसी प्रदर्शन में सैंकड़ों ट्रेक्टरों को एक साथ देख लोग हैरान रह गए। महारैली में शामिल ट्रेक्टर किसान यूनियन का एवं राष्ट्रीय ध्वज लगाकर चल रहे थे।

कलेक्टर के न आने से नाराज हुए किसान

किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए नगर सेना ग्राउण्ड में एकत्र हुए जिले के सैंकड़ों किसान।
किसान ट्रेक्टर परेड के आयोजन के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था के सख्त इंतजाम रहे। किसानों के इस विशाल प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की घबराहट कलेक्ट्रेट के मेन गेट की बैरिकेटिंग कर उसे बंद करने एवं बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात करने के रूप में देखने को मिली। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर किसानों के ट्रेक्टरों को नगर सेना के मैदान में ही रोक दिया गया। जहाँ किसानों का ज्ञापन लेने के लिए पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीना(आईएएस) भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद रहे। लेकिन पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र के द्वारा मौक पर आकर स्वयं ज्ञापन न लेने से नाराज किसान नारेबाजी करने लगे।
हालाँकि बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित अपना ज्ञापन एसडीएम श्री मीना को सौंप दिया। ज्ञापन के माध्यम से किसान विरोधी-जन विरोधी काले कानूनों को तत्काल वापस लेने व फसलों की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को कानूनी रूप देने की पुरजोर माँग की। ज्ञापन सौंपने के बाद महारैली शांतिपूर्वक संपन्न हो गई।

महारैली में ये रहे शामिल

आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष सेवालाल पटेल व भारतीय किसान यूनियन के पन्ना जिलाध्यक्ष बसंतलाल पटेल के संयोजन में सफलतापूर्वक आयोजित हुई। जिसमें गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, शिवजीत सिंह, देशपाल पटेल, अनीस खान, किसान नेता जयराम यादव, नंदकिशोर पटेल, आनंद शुक्ला, संजय अहिरवार, केशरी अहिरवार, दीपक तिवारी, रामबहादुर द्विवेदी, खुशीराम प्रजापति, आनंद पटेल, हाजी अब्दुल हमीद, संतोष सिंह यादव, नत्थू सिंह यादव, विनय चनपुरिया, रियासत खान, डॉ. कदीर खान, अनीस पिंटू सिद्दीकी, कृष्णपाल पटेल, कमलेश पटेल बाबाजी, विनोद कुशवाहा, बद्री पटेल, सुशील चनपुरिया, जीतेन्द्र जाटव, संतोष लोधी, मनीष यादव सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।

 

पन्ना में आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली आज, काले कानून के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरेंगे 500 ट्रेक्टर

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ट्रेक्टर पर सवार भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष सेवालाल पटेल।

किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने नवीन कलेक्ट्रेट में होगा प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन की महारैली में जिले भर के किसान होंगे शामिल

शादिक खान, पन्ना। ( www.radarnews.in) केन्द्र सरकार के द्वारा पारित किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर लाखों किसान पिछले दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। इनके समर्थन में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के किसान एकजुटता दिखाते हुए काले कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार 25 जनवरी को आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली निकालेंगे। जिला मुख्यालय पन्ना में निकलने वाली महारैली का आयोजन भारतीय किसान यूनियन (अरा.) के तत्वाधान में किया गया है। भाकियू के नेताओं का दावा है, इस महारैली में करीब 500 ट्रेक्टर व जिले के प्रत्येक गांव से किसान भाई शामिल होंगें। गणतंत्र दिवस के एक दिन पूर्व निकलने वाली आक्रोशित किसान ट्रेक्टर महारैली को लेकर जिले प्रशासनिक व राजनैतिक हल्कों में काफी चर्चा है।
भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष सेवालाल पटेल ने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और गोदी मीडिया लगातार यह भ्रम फैला रहे थे कि, किसान आंदोलन सिर्फ पंजाब और हरियाणा के किसानों का आंदोलन है। जबकि देश के अन्य राज्यों के किसान सरकार के साथ हैं, इस झूठ का पर्दाफाश करने एवं कड़ाके की सर्दी में दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत अपने भाईयों के समर्थन में एकजुटता के साथ आवाज बुलंद करने ट्रेक्टर महारैली निकालने का निर्णय लिया गया।
भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में 25 जनवरी को पन्ना में आयोजित ट्रेक्टर महारैली का पोस्टर।
किसान नेता सेवालाल पटेल ने बताया कि सोमवार 25 जनवरी को दोपहर 12 बजे जिले भर के ट्रेक्टर पन्ना के पॉलीटेक्निक कॉलिज ग्राउण्ड में एकत्र होंगे। जहाँ किसान विरोधी काले कानूनों पर किसान भाई अपने विचार व्यक्त करेंगे। तत्पश्चात दोपहर 2 बजे पन्ना नगर में ट्रेक्टर रैली निकाली जायेगी। रैली में शामिल सभी किसान ट्रेक्टरों से नवीन कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर वहाँ प्रदर्शन कर अपना ज्ञापन सौंपेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के पन्ना जिलाध्यक्ष बसंत लाल पटेल बताया कि सोमवार को होने वाली ट्रेक्टर रैली में जिले भर से 500 ट्रेक्टर शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि समूचे जिले के किसान इन काले कानूनों के विरोध में है और केन्द्र की मोदी सरकार के हठधर्मी रवैये को लेकर उनमें जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। ट्रेक्टर रैली के दौरान किसानों का यह आक्रोश सड़कों पर देखने को मिलेगा।

एक्शन मोड में प्रशासन : हीरे की अवैध खदानों पर छापा मारकर जप्त की 2 एलएनटी मशीनें

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अवैध रूप से खोदी गई हीरा खदान के समपी खड़ी जब्तशुदा एलएनटी मशीनें। (छायाकार मनीष सारस्वत)

पन्ना के रानीपुर ग्राम में खनिज-राजस्व एवं पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

सॉफ्ट टारगेट से प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ शुरू की कार्रवाई

चार लोगों के विरुद्ध अवैध खनन का प्रकरण दर्ज, रेत-पत्थर माफिया का नंबर कब आएगा ?

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बहुमूल्य खनिज संपदा रेत, पत्थर, हीरा व मुरुम की खुलेआम जारी लूट को लम्बे समय से नजर अंदाज कर रहे जिला प्रशासन ने आखिरकार खनन माफिया के खिलाफ शुक्रवार 22 जनवरी को प्रभावी कार्रवाई की। पन्ना के समीपी ग्राम रानीपुर में कथित तौर पर अवैध रूप से हीरा खनन करने वालों पर खनिज-राजस्व विभाग एवं पुलिस ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई करते हुए दो एलएनटी मशीनों को जप्त किया है। पकड़ी गईं दैत्याकार मशीनों के जरिए हीरा खदान में खनन कार्य कराया जा रहा था। इस मामले में खनिज विभाग ने चार लोगों के विरुद्ध नामजद प्रकरण भी दर्ज किया है।

रेत-पत्थर खदानों पर कार्रवाई का इंतजार

प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व एवं वन भूमि में अवैध रूप से हीरा खदान खोदने वालों में खासा हड़कंप मचा है। लेकिन आम लोगों को इंतजार रेत-पत्थर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का है। नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए पहाड़ों को खोखला कर फर्शी पत्थर निकालने तथा जीवनदायिनी केन नदी व खेतों का सीना छलनी कर रेत लूट रहे प्रभावशाली माफियाओँ के खिलाफ प्रशासन कब और क्या कार्रवाई करता है, इस पर सबकी नजरें टिकीं है।

हीरा खनन को लम्बे समय से मिल रहा था संरक्षण

उल्लेखनीय है कि पन्ना के समीपी ग्राम रानीपुर-सरकोहा क्षेत्र में लम्बे समय से ताबड़तोड़ तरीके से वन, राजस्व एवं निजी भूमि पर हीरों की वैध-अवैध खदानें चल रही हैं। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी निहित स्वार्थ पूर्ती के चलते इसे घोषित-अघोषित तौर पर इन्हें संरक्षण दे रहे थे। बीते दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा माफियाओं-गुण्डों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त निर्देश देने के बाद पन्ना जिला प्रशासन ने सॉफ्ट टारगेट से कार्रवाई की शुरुआत करते हुए रानीपुर की कथित तौर अवैध हीरा खदानों पर छापा मारा।

इनके खिलाफ दर्ज किये गए प्रकरण

रानीपुर ग्राम में बगैर अनुमति के हीरा खदान में खनन करते हुए पकड़ी गईं एलएनटी मशीनें।
रानीपुर ग्राम के खसरा क्रमांक 215/1, 216/1, 218/1 एवं 213/1 में हीरों के अवैध खनन को लेकर कल्याण सिंह पिता बुद्ध सिंह, नन्द किशोर शर्मा पिता कृष्ण कुमार शर्मा, राजेश यादव पिता रामेश्वर यादव एवं विप्लव गौंड़ के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन का आरोप है कि उक्त लोग बगैर अनुमति के एलएनटी मशीनों से हीरों का उत्खनन करवा रहे थे। इनके द्वारा निजी भूमि, शासकीय भूमि तथा रेलवे द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि पर अवैध तरीके से हीरों खदान खोदने की बात कही जा रही है। संयुक्त टीम द्वारा मौके से दो एलएनटी मशीनों को भी जप्त किया गया। इन मशीनों के मालिक कौन है फिलहाल इसका पता नहीं चल सका।

गरीबों के अतिक्रमण हटाने से नाराज बीजेपी नेता ने प्रशासन को दी खुली चुनौती, बोले- “दम है तो कोंग्रेस जिलाध्यक्ष का होटल गिराकर दिखाओ”

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पिन्टू के ढाबे को भी कथित तौर पर नोटिस दिए बगैर प्रशासन ने तोड़ डाला।

*   बड़ी कार्रवाई : अतिक्रमण पर प्रशासन ने चलाया बुल्डोज़र, दो ढाबों को पूरी तरह किया ध्वस्त

*   ढावा संचालकों का आरोप नोटिस दिए बगैर ढाबा गिराया और सामान भी निकालने नहीं दिया

*   गरीबों पर कार्रवाई से नाराज पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा

*   दरगाह के दुकानदारों को नपा ने रात में नोटिस बांटे और दोपहर गिरा दिए टीन-टप्पर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में शुक्रवार 22 जनवरी को दोपहर में प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ अंदाज में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। सबसे पहले शहर के सिविल लाइन इलाके में स्थित बाबा बादशाह साईं दरगाह की दुकानों के टीन-टप्पर गिराए व नाली के ऊपर बनाए गए चबूतरों तथा होटल की भट्टियों को तोड़ा गया। इसके बाद छतरपुर-अजयगढ़ बाईपास मार्ग किनारे पुराना पन्ना में स्थित ढावा एवं नेशनल हाईवे-39 में छतरपुर मार्ग के किनारे स्मृति वन के समीप स्थित ढावे पर बुल्डोज़र चलवाकर दोनों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन का आरोप है शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके दोनों ढावे बनाए गए थे। इस कार्रवाई से प्रभावित ढावा संचालकों ने प्रशासन पर नोटिस दिए बगैर ढावे गिराने का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं उन्हें ढावा के अंदर से जरुरी समान निकालने की मोहलत भी नहीं दी गई।
दरगाह की दुकानों का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद सड़क पर बिखरा पड़ा मलबा।
जबकि दरगाह के दुकानदारों को गुरुवार 21 जनवरी की रात 8 बजे के बाद नोटिस बांटकर 24 घण्टे के अंदर अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया। लेकिन 24 घण्टे के पहले ही प्रशासन ने शुक्रवार 22 जनवरी को दोपहर में 1 बजे तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस कार्रवाई की जद में आए दुकानदारों ने बताया कि आज अतिक्रमण हटाने के लिए नगरपालिका, राजस्व विभाग व पुलिस का अमला जब मौके पर पहुंचा तो अधिकाँश दुकानदार अपनी दुकानों के टीन-टप्पर खुद से निकाल रहे थे। मगर चिन्हित तरीके से कार्रवाई करने का मन बनाकर आए प्रशासन ने निर्धारित समयसीमा से पहले ही तोड़फोड़ शुरू कर दी।
दरगाह के दुकानदारों को महज 24 घण्टे का नोटिस देकर प्रशासन ने उसके पहले ही तोड़फोड़ कर दी।
दुकानदारों का कहना है वे लाख मिन्नतें करते रहे लेकिन अपनी हनक के आगे प्रशासन ने उनकी एक न सुनीं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व नवागत तहसीलदार पन्ना सुधीर कुशवाहा ने किया। कार्रवाई में पन्ना कोतवाली थाना निरीक्षक अरुण सोनी, नगर पालिका कर्मचारी, राजस्व विभाग का अमला एवं भारी पुलिस बल शामिल रहा।

कर्मचारियों को बाहर निकालकर जमींदोज कर दिए ढावे

नोटिस दिए बगैर बाईपास के ढावे को बुल्डोजर से ढहा दिया गया, ढाबे के मलबे में दबे समान को निकालते युवक।
शहर के सिविल लाइन इलाके में कार्रवाई करने के बाद प्रशासनिक अमला छतरपुर-अजयगढ़ बाइपास मार्ग पर पहुँचा जहां पुराना पन्ना में स्थित झगड़ू खान के ढावा के कर्मचारियों को बाहर निकालकर ढावे पर बुल्डोज़र चलवा दिया। महज 10 मिनिट के अंदर प्रशासन ने पूरा ढावा ध्वस्त कर दिया। ढावे के मलबे में में दबे समान को निकालते ढावा संचालक के पुत्र ने पत्रकारों को बताया कि प्रशासन ने उन्हें अंदर से एक सुई भी निकालने नहीं दी। सबकी आँखों के सामने समान सहित पूरे ढाबे को गिरा दिया। अतिक्रमण हटाने की तीसरी बड़ी कार्रवाई स्मृति वन के समीप स्थित पन्ना ढावा एवं फैमिली रेस्टोरेंट पर की गई।
ढावा संचालक पिंटू सेन (बंगाली) जरुआपुर ने बताया कि उसे सिर्फ फ्रिज और नाममात्र का समान ही निकालने दिया। इसके बाद बगैर किसी नोटिस के तुरंत ढाबे पर बुल्डोजर चलवा दिया। ढावे को ध्वस्त किए जाने से उसके अंदर रखा अघिकांश समान भी मलबे में तब्दील हो गया। इस कार्रवाई के चलते मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा रही। पिन्टू के ढावे को गिराने के दौरान पुलिस को वहाँ से अवैध शराब बरामद हुई है। हालाँकि समाचार लिखे जाने तक शराब की मात्रा पता नहीं चल सकी। ढावों को नेस्तनाबूद किए जाने से व्यथित संचालकों ने बताया कि उन्हें 5-5 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।

सतानंद ने अधिकारियों को लताड़ते लगाते हुए दिया चैलेंज

छतरपुर-पन्ना मार्ग किनारे स्थित पिन्टू के ढाबे को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम मौके पर पहुंचे। उनके द्वारा गरीबों पर कार्रवाई किए जाने का खुलकर विरोध किया गया। श्री गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह गरीबों के कल्याण के लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रहे हैं और आप लोग उनकी मंशा के विपरीत गरीबों पर स्ट्राइक कर रहे हैं। अगर अतिक्रमण हटाना ही है तो माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाओ जोकि बेशकीमती जमीनों पर कब्ज़ा करके बैठे हैं और प्लाट बेंच रहे है। किसी तरह अपना जीविकोपार्जन करने वाले गरीबों पर कार्रवाई करके आप लोग क्या साबित करना चाहते हैं।
नवागत पन्ना तहसीलदार को लताड़ते हुए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम।
सतानंद ने तहसीलदार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि, “अगर दम हो तो कोंग्रेस नेता केशव प्रताप सिंह का होटल गिराकर दिखाओ। हाइवे पर होटल बना रखा है और सड़क के चौड़ीकरण का मुआवजा भी ले चुके हैं, है दम कार्रवाई करने का।” भाजपा नेता के द्वारा सार्वजनिक तौर लताड़ लगाए जाने से मौके पर मौजूद अफसरों की घिग्घी बंध गई और वे बगलें झाँकने लगे।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए स्थानीय लोग।
थोड़ी देर बाद तहसीलदार बोले, पिंटू अपने ढावे पर शराब पिलाता था। इस पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने पन्ना टीआई की ओर इशारा करते हुए कहा कि फिर पुलिस क्या कर रही है, उसे कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन बांग्लादेशी विस्थापित परिवार का ढावा गिराकर आपने अच्छा नहीं किया। इतना कहकर भाजपा नेता सतानंद गौतम अपनी कार में बैठकर मौके से वापस चले गए।बताते चलें इस कार्रवाई के संबंध नगर पालिका पन्ना के सीएमओ यशवंत वर्मा से बात करने का काफी प्रयास किया गया मगर उन्होंने मोबाइल फोन रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है –

“अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया जाएगा। ढावों को गिराने में क्या प्रक्रिया अपनाई गई यह तो पन्ना एसडीएम ही बता पाएंगे। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सरकार ने दिए हैं, इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”

– संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर पन्ना।

पन्ना को श्रमोदय आवासीय विद्यालय की सौगात, निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान

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* भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की 32वीं बैठक सम्पन्न

* श्रमिकों के बच्चों को पन्ना में ही प्राप्त होगी बेहतर उच्च शिक्षा : मंत्री बृजेन्द्र प्रताप

भोपाल। मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पन्ना में श्रमिकों के बच्चों के लिए नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय निर्माण के लिए वर्ष 2020-21 में राशि 130 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में शिक्षा की उचित व्यवस्था न होने के कारण बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को पन्ना जिले से बाहर अन्य बड़े शहरों में जाकर शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ता है । पन्ना जिले में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पन्ना में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए शीघ्र ही नवीन श्रमोदय आवासी विद्यालय का निर्माण किया जायेगा।
श्रम मंत्री श्री सिंह ने म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्डल की 32वीं. बैठक में कहा कि निर्माण श्रमिक पंजीयन तथा मण्डल की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए 10 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।

कन्सलटेंट की सेवायें ली जाएँ

उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को परिचय पत्र (स्मार्ट कार्ड) प्रदाय किये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि मण्डल की विभिन्न योजनाओं में समय-समय पर वांछित संशोधन, संचालन तथा पर्यवेक्षण में परामर्श के लिए कन्सलटेंट की सेवायें ली जायें। मंत्री श्री सिंह ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित कौशल प्रशिक्षण योजना 2012 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

आउटसोर्स से स्टाफ रखने की स्वीकृति

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मण्डल द्वारा संचालित औजार/उपकरण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया। बैठक में श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में मैस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया किये जाने, मण्डल कार्यालय एवं श्रम कार्यालयों में आउटसोर्स पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी एवं अन्य स्टाफ रखने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत श्रमिकों के बच्चों कों गणवेश उपलब्ध करवाने एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों का अनुमोदन किया।
बैठक में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, श्रमायुक्त आशुतोष अवस्थी, श्रम विभाग के उप सचिव छोटे सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सरकार की छवि चमकाने वाले कार्यालय में 3 साल से नहीं अधिकारी, एकमात्र लिपिक और भृत्यों के भरोसे चल रहीं व्यवस्थाएं

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पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रट कार्यालय के प्रथम तल में स्थित जनसम्पर्क कार्यालय।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश सरकार की जन-मानस के बीच उज्जवल छवि प्रस्तुत करने का दायित्व जनसम्पर्क विभाग का है। सरकार की नीतियों, निर्णयों, योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी प्रचार-प्रसार माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने वाले इस विभाग की पन्ना जिले में हालत बेहद ख़राब है। करीब 3 साल से जिला जनसम्पर्क कार्यालय में कोई अधिकारी नहीं है। यह महत्वपूर्ण कार्यालय एकमात्र लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भरोसे किसी तरह संचालित हो रहा है। राजधानी भोपाल में बैठे जनसम्पर्क विभाग के शीर्ष अधिकारियों को पन्ना कार्यालय की बदहाली की जानकारी होने के बाद भी उनके द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अघोषित तौर जनसम्पर्क संचालनालय ने पन्ना के जिला कार्यालय को अपने हाल पर छोड़ दिया है। इसका सीधा दुष्प्रभाव विभागीय गतिविधियों पर पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना में जिला जनसम्पर्क अधिकारी के न होने के कारण कार्यालय प्रभारी सुधीर कुमार धामी (सहायक ग्रेड-3) किसी तरह बमुश्किल प्रशासन के दैनिक समाचार ही समाचार पत्रों के लिए जारी कर पा रहे हैं। दरअसल, वे अपने कार्यालय में एकमात्र लिपिक हैं। इसलिए उन्हें कार्यालय प्रभारी के दायित्व साथ-साथ लिपिक के तौर पर भी अपने पदीय दायित्वों का निर्वाहन करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में उनसे विशेष कव्हरेज की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वैसे भी लिपिक और भृत्य (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) मिलकर किसी तरह दैनिक समाचार जारी कर रहे हैं, यह अपने आप में विशेष उल्लेखनीय बात है।
प्रतिदिन जारी किए जाने वाले सामाचारों की गुणवत्ता को अगर नजरअंदाज करते हुए इनके कार्य का मूल्यांकन करें तो अपनी योग्यता, क्षमता और पदीय दायित्व के दायरे से आगे जाकर वे काम कर रहे हैं। तीन साल से दैनिक समाचार की सेवाएं लागातर जारी रहना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। समाचार लेखन चाहे जिस भी स्तर का हो मगर शासन-प्रशासन का प्रचार-प्रसार तो हो ही रहा है। वैसे भी समाचार की बारीकियों पर गौर करने वाले पाठक अब कितने हैं। मौजूदा समय में सब चलता है कि तर्ज पर पन्ना के जनसम्पर्क कार्यालय को भी चलाया जा रहा है।
मालूम हो कि पन्ना जिले में मार्च 2018 तक सुश्री नीलू सोनी जिला जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में पदस्थ रहीं है। छिंदवाड़ा के लिए उनका स्थानांतरण होने के करीब 3 साल बाद भी पन्ना को जनसम्पर्क अधिकारी नहीं मिल सका। जबकि इस अवधि कुछ जनसम्पर्क अधिकारियों का पन्ना स्थानांरण भी हुआ लेकिन कोई ज्वाइन करने नहीं आया। अर्थात जनसम्पर्क संचालनालय की उदासीनता के चलते पन्ना स्थानांतरित होने वाले जनसम्पर्क अधिकारियों के स्थानांतरण मजाक बनते रहे हैं। क्योंकि, स्थानांतरित किए जाने वाले अधिकारियों की नवीन पदस्थापना पर उपस्थिति (ज्वाइनिंग) सुनिश्चित नहीं कराई गई।
पन्ना में जनसम्पर्क अधिकारी के न होने के कारण शासन-प्रशासन की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों, योजनाओं, नीतियों और उनकी उपलब्धि के विशेष लेख, सफलता की कहानियाँ, इनसे जुड़े फोटो, वीडियो कव्हरेज का स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन तथा न्यूज चैनलों में प्रसारण संभव नहीं हो पा रहा है। सरकारी समाचारों में विविधता, रोचकता और नयापन लाने की कवायद भी पूरी तरह से थम चुकी है।
पन्ना स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना, टाइगर रिजर्व व भव्य प्राचीन मंदिरों की प्रसिद्धि वैश्विक स्तर पर होने से यहाँ अक्सर ही विशिष्ट/अति विशिष्ट लोगों का भ्रमण अथवा शासकीय दौरे पर आना-जाना लगा रहता है। उनसे संबंधित समाचार सही तरीके से समय पर जारी हो सकें इसके लिए योग्य और अनुभवी जनसम्पर्क अधिकारी का होना जरुरी है। सर्व विदित है कि पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह प्रदेश सरकार में खनिज एवं श्रम विभाग के मंत्री हैं। हैरानी की बात है कि कैबिनेट मंत्री के गृह जिले का जनसम्पर्क कार्यालय लिपिक और भृत्यों के भरोसे चलवाया जा रहा है।

पुराने कार्यालय में पड़ा है आधा सामान

जिला जनसम्पर्क कार्यालय में लम्बे समय से अधिकारी के न होने इस कार्यालय की रौनक गायब हो चुकी है। जनसम्पर्क ऑफिस को पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रट कार्यालय में शिफ्ट हुए सालभर से अधिक समय हो चुका है लेकिन आज भी इसका पूरा सामान नए कार्यालय में नहीं पहुंचा। मजेदार बात तो यह कि जिला जनसम्पर्क अधिकारी की टेबल-कुर्सी सहित अन्य महत्वपूर्ण सामान पन्ना के पुराने कलेक्ट्रट कार्यालय महेन्द्र भवन में ही पड़ा है। जिसमें लाखों रुपए मूल्य की पुस्तकें भी शामिल है। पुराने कलेक्ट्रट में पड़ा सामान तेजी से कबाड़ में तब्दील हो रहा है। लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

इनका कहना है –

“पन्ना जिले में शीघ्र ही जिला जनसम्पर्क अधिकारी की पदस्थापना कर रिक्त पड़े पद को भरा जाएगा। अगर कोई वहाँ जाने का इच्छुक हुआ तो उसकी पदस्थापना की जाएगी या फिर किसी न किसी को अवश्य ही भेजा जाएगा।”

आशुतोष प्रताप सिंह, संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय, भोपाल।

पन्ना नगर पालिका चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर कल कोंग्रेस के प्रभारी करेंगे रायशुमारी

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सांकेतिक चित्र।
पन्ना। (www.radarnews.in) आसन्न नगरीय निकाय चुनाव के लिए मध्यप्रदेश कोंग्रेस पार्टी में जीत की प्रबल संभावना वाले सुयोग्य प्रत्याशियों के चयन की कवायद तेज कर दी है। प्रत्येक निकाय के लिए प्रभारी नियुक्त कर उनके माध्यम से स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करके अध्यक्ष पद एवं वार्ड पार्षद के टिकिट के दावेदारों से बॉयोडाटा प्राप्त किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पन्ना नगर पालिका परिषद् के चुनाव हेतु नियुक्त प्रभारी पूर्व विधायक फुंदर चौधरी एवं पवई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी गिरधारी लोधी कोंग्रेसजनों से रायशुमारी करने मंगलवार 19 जनवरी को पन्ना आ रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पद हेतु संभावित प्रत्याशी चयन को लेकर होने वाली कवायद के सिलसिले में ब्लॉक कोंग्रेस कमिटी पन्ना के द्वारा एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई है। पन्ना ब्लॉक कोंग्रेस अध्यक्ष अनीस खान ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना के सर्किट हाऊस में दोपहर 12 बजे से दोनों प्रभारियों की उपस्थिति में होने वाली इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष पद एवं वार्ड पार्षद पद के टिकिट हेतु इच्छुक दावेदार अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। अपना बॉयोडाटा दे सकते हैं। वहीं प्रत्याशियों के चयन को लेकर समस्त मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, पदाधिकारी, वार्ड प्रभारी, कोंग्रेस कार्यकर्ता अपने महत्वपूर्ण सुझावों से प्रभारियों को अवगत करा सकते हैं।

सीएम शिवराज ने हीरा खनन परियोजना को क्लीयरेंस दिलाने केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से की मुलाक़ात

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मुख्यमंत्री शिराज सिंह चौहान ने पन्ना की हीरा खनन परियोजना को क्लीयरेंस दिलाने केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से नई दिल्ली में उनके निवास पर भेंट की।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके दी जानकारी

शादिक खान, पन्ना।।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना को पुनः चालू कराने के लिए सभी आवश्यक अनुमति/स्वीकृति दिलाने के प्रयास तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं इस मामले को देख रहे हैं। उनके निर्देश पर ही पिछले दिनों राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। जिसमें मझगवां हीरा खदान को स्वीकृति प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली के प्रवास के दौरान केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से उनके निवास पर भेंट की। मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैण्डल से इस मुलाकात की फोटो और जानकारी ट्वीट की गई। जिसमें बताया गया है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंगरौली में कोल ब्लॉक के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस देने और एनएमडीसी हीरा खदान, पन्ना की लीज के संबंध में केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से चर्चा की।
उल्लेखनीय है की पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ अभ्यारण अंतर्गत संचालित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान एशिया महाद्वीप की इकलौती मैकेनाइज्ड परियोजना है। जोकि विगत 6 दशक से संचालित है। मालुम हो कि इस खदान की प्रति वर्ष एक लाख कैरेट हीरे खनन की क्षमता है। अब तक यहाँ से लगभग 13 लाख कैरेट हीरों का खनन किया जा चुका है जबकि 8.5 लाख कैरेट हीरे अभी भी यहाँ की धरती में मौजूद हैं जिनका खनन किया जाना शेष है। लेकिन राज्य वन्य जीव बोर्ड (वन विभाग) से हीरा खदान के संचालन की स्वीकृत अवधि 31 दिसंबर 2020 को समाप्त हो चुकी है। परिणाम स्वरूप पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के निर्देश पर हीरा खदान नए साल के पहले दिन अर्थात 1 जनवरी 2021 से बंद पड़ी है।
पन्ना की पहचान व क्षेत्र के लोगों के रोजगार से जुड़ी हीरा खदान के बंद होने से प्रदेश स्तर पर सियासी सरगर्मी बढ़ने तथा जनाक्रोश प्रकट होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस मामले को अत्यंत ही गंभीरता लिया है। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया था कि पन्ना की एनएमडीसी हीरा खदान को बंद नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने इसी वादे को पूरा करने के लिए पहले राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक आयोजित कराई और अब केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट कर हीरा खदान को पर्यावरणीय अनुमति दिलाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। सीएम के इन विशेष प्रयासों से पन्ना की हीरा खनन परियोजना के शीघ्र ही पुनः संचालित होने की उम्मीद जाग उठी है। विदित हो कि राज्य सरकार हीरा खदान की खनन लीज में 20 की और वृद्धि पहले ही कर चुकी है। अब सिर्फ वन्यप्राणी बोर्ड और केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिलना शेष है।

गाँव की स्वच्छता को लेकर ग्रामीणों ने किया पंचायत का घेराव, नारेबाजी कर दिया धरना

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पन्ना जिले की ग्राम पंचायत बख़्तरी भवन के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीणों से बात करते हुए राजस्व विभाग की टीम।

* पन्ना जिले की ग्राम पंचायत बख़्तरी का मामला

* गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था ना होने से परेशान हैं ग्रामीण

* सार्वजानिक नाली बंद करके गुण्डागर्दी करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने नहीं की उचित कार्रवाई

पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) स्वच्छ भारत अभियान के चलते लोगों में व्यक्तिगत स्वच्छता एवं अपने गांव-नगर की साफ-सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ी है। स्वच्छता के आभाव में गंदगी के कारण फैलनी वाली बीमारियों को लेकर लोगों में अब पहले से कहीं अधिक सजगता और सतर्कता देखी जा रही है। परिणाम स्वरूप अधिकाशं ग्रामीण अपनी आदतों में बदलाव लाकर व्यक्तिगत और अपने परिवेश की साफ-सफाई पर अब विशेष ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीण अंचल के वाशिंदों की जीवन शैली में आए इस सकारात्मक बदलाव की खबर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गत दिनों प्रकाश में आए एक घटनाक्रम से मिलती है। जहां गंदे पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों के द्वारा ग्राम पंचायत का घेराव किया गया।
ग्राम पंचायत बख़्तरी का भवन । (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि जिले की जनपद पंचायत पन्ना के अंतर्गत आने वाले ग्राम बख़्तरी में गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं गाँव की आधी-अधूरी बनीं नाली को दबंगों ने अवरुद्ध कर दिया। परिणामस्वरूप गन्दा पानी गाँव की गलियों से होकर बहने लगा। वहीं कई घरों के सामने सड़क पर गन्दे पानी का भराव होने से भीषण दुर्गन्ध फैलने लगी। गंदे पानी के प्रवाह के बीच गाँव के आंतरिक मार्गों से होकर आवागमन करने एवं दुर्गन्ध के बीच रहने को मजबूर ग्रामीणों द्वारा समस्या के समाधान के लिए पंचायत सचिव को अवगत कराया गया। लेकिन मामला दबंगों से जुड़ा होने के कारण पंचायत के नुमाइंदों ने जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर आमलोगों को समस्या से निजात दिलाना उचित नहीं समझा। इस स्थिति में ग्राम के जागरूक लोगों ने राष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति विभाग मजदूर संघ जिलाध्यक्ष पन्ना केपी सिंह बुन्देला के नेतृत्व में ग्राम पंचायत बख़्तरी का घेराव कर दिया। श्री बुन्देला ग्राम बख़्तरी के ही निवासी हैं साथ ही वे और उनका परिवार भी गंदे पानी की निकासी की समस्या से काफी समय से परेशान रहा है।
ग्राम पंचायत बख़्तरी के सरपंच का पत्र।
सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन की भनक लगते ही पन्ना के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के द्वारा 12 जनवरी को आनन-फानन में एक विभागीय टीम को बख़्तरी भेजा गया। इस टीम ने ग्राम का भ्रमण कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया और पंचायत के अमले को गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था बनाने के लिए अविलंब नाली निर्माण कार्य का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अधूरी बनी नाली से पानी निकासी बाधित करते हुए गुंडागर्दी करने वाले दबंगों के खिलाफ पुलिस चौकी बराछ के चौकी प्रभारी को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। राजस्व विभाग की टीम से मिले ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपते हुए धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

दबंगों को बचाने चौकी प्रभारी ने की खानापूर्ती

ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारी ग्रामीणजन।
बताते चलें कि राष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति विभाग मजदूर संघ जिलाध्यक्ष पन्ना केपी सिंह बुन्देला ने धरना-प्रदर्शन के पूर्व ग्रामीणों के साथ मिलकर अवरुद्ध सार्वजानिक नाली को खोलने का प्रयास किया था। जिससे बौखलाए गाँव के ही कतिपय दबंगों ने उनके साथ सरेआम गालीं-गलौंज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत समाजसेवी श्री बुन्देला ने पुलिस चौकी बराछ में की। लेकिन इस मामले में बराछ चौकी प्रभारी के द्वारा कथित तौर पर गुंडागर्दी कर अशांति फैलाने वाले दबंगों को संरक्षण देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न करके 107/16 की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की खानपूर्ति की गई। चौकी प्रभारी बराछ की इस कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।

नगरीय निकाय चुनाव : कोंग्रेस पार्टी अपने निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं को देगी टिकिट

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नव गठित नगर परिषद गुनौर के अध्यक्ष एवं पार्षद पद हेतु टिकिट को लेकर रायशुमारी के पूर्व आयोजित बैठक में उपस्थित कोंग्रेस नेता।

नव गठित नगर परिषद गुनौर के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर हुई रायशुमारी

शादिक खान, पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव फरवरी माह तक के लिए टाल दिए गए हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख राजनैतिक दल बीजेपी एवं कोंग्रेस अतिरिक्त मिले इस समय का पूरा उपयोग अपनी चुनावी तैयारियों को कहीं अधिक पुख्ता करने, रायशुमारी करके और टिकिट के दावेदारों के दम को परख कर उनके बीच से जीत की प्रबल संभावना वाले सुयोग्य, संभावित प्रत्याशियों को चिन्हित करने में जुटे हैं। इसी सिलसिले में पन्ना जिले की नवगठित नगर परिषद गुनौर में रविवार 17 जनवरी को कोंग्रेस पार्टी की एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर परिषद् अध्यक्ष पद हेतु एवं वार्ड पार्षदों के लिए प्रत्याशी चयन के सम्बंध में कोंग्रेसजनों से रायशुमारी की गई। प्रत्याशी चयन की लम्बी प्रकिया के तहत शुरूआती स्तर पर होने वाली रायशुमारी की महत्वपूर्ण कार्रवाई मध्य प्रदेश कोंग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी एवं पर्यवेक्षक मनीष शर्मा की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।
इस दौरान बैठक में उपस्थित कोंग्रेस जनों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक शिवदयाल बागरी ने कहा कि, विधानसभा मुख्यालय गुनौर के समग्र विकास के सपने को साकार करने के लिए नगर परिषद की आवश्यकता लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। स्थानीय लोगों की मांग पर गुनौर को उसका हक़ दिलाने के लिए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के समक्ष इस मुद्दे को उठाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गुनौर को नगर परिषद की ऐतिहासिक सौगात दिलाने में देरी नहीं की। जिसके लिए हम सभी उनके आभारी हैं।
विधायक बागरी ने कोंग्रेस जनों से कहा कि टिकिट के लिए दावेदारी करना पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता का अधिकार है लेकिन दावेदारों के बीच से टिकिट किसी एक सुयोग्य व्यक्ति को ही मिलता है। इसलिए टिकिट जिसे भी मिले हम सबको एकजुटता के साथ नगर परिषद अध्यक्ष एवं अधिक से अधिक वार्ड पार्षद प्रत्याशियों को जिताकर आगामी चुनाव को हमेशा के लिए इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराना है। विधायक शिवदयाल बागरी एवं पर्यवेक्षक मनीष शर्मा ने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया कि टिकट वितरण में उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जोकि पार्टी में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ समर्पित रहकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।
रायशुमारी की बैठक में महामंत्री जिला कोंग्रेस दीपचन्द्र अग्रवाल, हीरा सिंह डिघौरा, बिहारी तिवारी पूर्व सरपंच सिली, जिला मीडिया प्रभारी जुबेर खान, ब्लाक कोंग्रेस कमेटी गुनौर के अध्यक्ष जयनरेश द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके पश्चात गुनौर विधायक एवं पर्यवेक्षक ने टिकिट के दावेदारों से बारी-बारी से मुलाक़ात कर उनके बायोडाटा प्राप्त किए। साथ ही टिकिट की मांग को लेकर उनके आधार एवं चुनावी जीत के दावों की टोह ली। इस बैठक में बड़ी संख्या में गुनौर एवं क्षेत्र के कोंग्रेस जन उपस्थित रहे।