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बुजुर्गों के हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी से भी अधिक मूल्यवान: ब्रह्माकुमारी

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प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविधायलय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना के द्वारा वृद्ध आश्रम पन्ना में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत बुजुर्गों के सम्मान में गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

*     वृद्धा आश्रम और ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना में हुए सम्मान समारोह

*     गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत आयोजन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनके हृदय से निकली दुआएं किसी भी भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान होती हैं। यह विचार ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में संस्था की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने व्यक्त किए। “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दो प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
पहला कार्यक्रम वृद्धा आश्रम (सीनियर सिटीजन होम) पन्ना में संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं प्रभु स्मृति के साथ की गई। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहन जी द्वारा सभी वृद्धजनों का तिलक एवं फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वृद्ध आश्रम की संचालिका श्रीमती डॉ. दुर्गा त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्य श्रीमती निशा जैन, बुद्ध सिंह (गायत्री परिवार), महेश जैन, कैलाश सोनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अनुभवों की अमूल्य पूंजी हैं बुजुर्ग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके सीता बहन ने कहा कि बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं और उनके आशीर्वाद दुआओं का अथाह सागर हैं। उनके हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी जैसी संपत्ति से कई गुना अधिक मूल्यवान होती हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग छायादार वृक्षों के समान होते हैं और ऐसे वृक्षों को क्षति पहुँचाना स्वयं को कमजोर करने जैसा है। सीता बहन ने कहा कि बुजुर्गों के साथ समय बिताना अत्यंत लाभकारी होता है, लेकिन आज समाज में उनके सम्मान में कमी और अभियानों की औपचारिकता बढ़ती जा रही है, जो हमारी सामाजिक कमजोरी का कारण बन रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृद्धावस्था कोई बोझ नहीं बल्कि अनुभवों की अमूल्य पूंजी है। ध्यान, मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से ही वरिष्ठ नागरिकों का जीवन सुखमय, स्वस्थ एवं गरिमामय बनाया जा सकता है। वृद्धा आश्रम की संचालिका डॉ. दुर्गा त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से वृद्धजनों में उमंग, उत्साह, खुशी और आत्मिक शांति का संचार होता है। वृद्धा आश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए।

नई पीढ़ी में संस्कार जागृत करने की जरुरत

दूसरा कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती डॉ. उमा त्रिपाठी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज की नई पीढ़ी में संस्कार और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे को समझकर चलने से ही परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती आशा गुप्ता, महेश जैन, रामेश्वर प्रसाद, प्रभु दयाल तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को ईश्वरीय प्रसाद एवं भेंट प्रदान की गई।
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राजबहादुर पटेल बने जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के जिला संगठन महासचिव

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राजबहदुर पटेल, नवनियुक्त जिला संगठन महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना।
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार राजबहादुर पटेल को जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना का जिला संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पूर्व पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं प्रभारी जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उच्च शिक्षित, सक्रिय एवं जमीनी युवा नेता राजबहादुर को जिला कांग्रेस कमेटी में जिला संगठन महासचिव नियुक्त कर संगठन में नंबर 2 की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर जिले के कांग्रेसजनों ने हर्ष व्यक्त किया है। साथ ही उन्हें बधाई दी है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी जिला संगठन महासचिव की नियुक्ति संबंधी सूची।
कांग्रेस नेता राजबहादुर पटेल ग्राम धरमपुरा जिला पन्ना के मूल निवासी हैं और एक किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता रामपाल पटेल ने किसान होने के बावजूद उन्हें उच्च शिक्षा दिलाई। राजबहादुर पटेल ने पुणे यूनिवर्सिटी से एमसीए की शिक्षा प्राप्त की है। उच्च शिक्षित होने के बावजूद उन्होंने अपना संपूर्ण समय समाज सेवा और संगठन को समर्पित किया है। ऐसा माना जा रहा है कि, पार्टी में उनकी सक्रियता, अनुभव और समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पर राजबहादुर पटेल ने राष्ट्रीय महासचिव मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रभारी संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, जिला संगठन प्रभारी राजभान सिंह एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि वे कांग्रेस पार्टी के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
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मंदिरों व सूने घरों में चोरी करने वाले कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

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शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद करने की जानकारी पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू (मध्य में) द्वारा पत्रकारों को दी गई।

*    पन्ना पुलिस ने किया 19 चोरियों का खुलासा करने का दावा

*    मंदिरों से चुराए गए सोने-चांदी के आभूषण समेत 30 लाख का सामान बरामद

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले सहित आसपास के जिलों में मंदिरों और सूने घरों में हुई चोरी की घटनाओं का पन्ना पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इन वारदातों को अंजाम देने वाले एक कुख्यात चोर गिरोह के सात शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने पुलिस कांफ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीते कुछ समय से जिले के विभिन्न मंदिरों से सोने-चांदी के छत्र एवं बहुमूल्य आभूषणों की चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे आमजन की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर देवेन्द्रनगर क्षेत्र स्थित पटेल ढाबा के पास से सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में संदेह गहराने पर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने मंदिरों एवं सूने घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पन्ना जिले में 11 सहित कुल 19 चोरी की घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है। इन घटनाओं में पन्ना के अलावा सतना और कटनी जिले भी शामिल हैं।

नकदी समेत आभूषण हुए बरामद

मंदिरों व सुने घरों में चोरी करने वाले गिरोह के कब्जे जब्त सोने-चांदी की आभूषण, नकदी रुपए और अन्य सामान।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामग्री में मंदिरों से चोरी किए गए चांदी के छत्र, मुकुट, भगवान के गहने, चांदी के बर्तन शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 2.5 किलो बताया गया है। इसके अलावा चोरी किए गए आभूषणों को गलाकर तैयार की गई करीब 2.5 किलो कच्ची चांदी भी जब्त की गई है।पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों के पास से 2 लाख 58 हजार 200 रुपये नकद, चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त कुल चार मोटरसाइकिल, छह कटर तथा आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

जमानत पर रिहाई के बाद करने लगे थे चोरी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी चोरी और लूट की घटनाओं में जेल जा चुके हैं और जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से सक्रिय हो गए थे। पुलिस का कहना है कि थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर उपनिरीक्षक संतोष यादव एवं थाना प्रभारी सलेहा उपनिरीक्षक बलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस शातिर गिरोह को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का माल, वाहन, औजार और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस का दावा है कि गिरोह द्वारा अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की संभावना है, जिनके संबंध में पूछताछ जारी है।

पुलिस के हत्थे चढ़े ये आरोपी

पन्ना पुलिस द्वारा पकड़े गए शातिर चोर गिरोह में शैलेन्द्र चौबे, वीरेन्द्र चौबे उर्फ बीरू एवं धीरेन्द्र चौबे उर्फ धीरू तीनों निवासी ग्राम फुलदरी थाना देवेन्द्रनगर जिला पन्ना, ह्रदेश उर्फ हिरदेश लखेरा निवासी ग्राम बंधूर, विष्णुकांत सोनी निवासी ग्राम गंज, थाना सलेहा जिला पन्ना, कुन्जीलाल चौधरी निवासी बिरसिंहपुर और सुरेन्द्र सोनी निवासी इटांय थाना पवई, जिला पन्ना शामिल हैं।

इन चोरियों का हुआ खुलासा

पन्ना पुलिस टीम की अभिरक्षा में शातिर चोर गिरोह के सात सदस्य।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पन्ना जिले की जिन 11 चोरियों का खुलासा हुआ है उनमें- राजा दहार मंदिर (देवेन्द्रनगर), जगदीश स्वामी मंदिर (पवई), श्री हनुमान मंदिर ककरहा (देवेन्द्रनगर), चमरैया मंदिर (रैपुरा), ग्राम भितरी मुटमुरू (थाना सलेहा) का रहवासी घर, अमानगंज वार्ड क्रमांक 9 का रहवासी घर, इण्डेन गैस एजेंसी (देवेन्द्रनगर), ग्राम गंज (थाना सलेहा) का रहवासी घर, खेरे पेटेरे मंदिर (शाहनगर), ग्राम पटना तमोली (थाना सलेहा) का रहवासी घर तथा देवेन्द्रनगर कस्बे की एक अनाज दुकान में हुई चोरी शामिल है। कटनी जिले के ग्राम झर्रा टिकुरिया थाना रंगनाथनगर, हनुमान मंदिर थाना कुठला एवं हनुमान मंदिर बाबा घाट थाना कोतवाली कटनी में हुई चोरी का खुलासा हुआ है। इसके अलावा सतना जिले में आरोपियों ने खेरमाई माता मंदिर, जगतदेव तालाब स्थित शिव मंदिर, हनुमान मंदिर पतेरी, ग्राम इटमा थाना उचेहरा का रहवासी घर तथा रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है।
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MP News: प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद के ‘औषधीय ज्ञान’ को सराहा

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दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार ने कई महीनों की मेहनत वन औषधियों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण किया।

*     वनरक्षक ने 130 वन औषधियों की खोज कर किया दस्तावेजीकरण

*     पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया जगदीश का वीडियो

*     एक अन्य वनरक्षक वीरेन्द्र भी संकलित कर चुके हैं पक्षियों की विविधता

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जंगलों की खामोशी में महीनों से सहेजी जा रही औषधीय विरासत सोमवार को देशभर में गूंज उठी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में पन्ना जिले के एक साधारण वनरक्षक के असाधारण कार्य का उल्लेख किया। मध्य प्रदेश के दक्षिण पन्ना वनमंडल में पदस्थ बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा महत्वपूर्ण मंच से सराहना के बाद वे देखते ही देखते चर्चा के केंद्र में आ गए। प्रधानमंत्री ने न सिर्फ रेडियो कार्यक्रम में उनका जिक्र किया, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर उनके कार्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों की जानकारी को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का जगदीश अहिरवार का प्रयास बेहद सराहनीय है। कई महीनों की मेहनत से संकलित इस जानकारी पर आधारित पुस्तक आज शोधकर्ताओं, छात्रों और वन अधिकारियों के लिए उपयोगी संदर्भ बन चुकी है।
किताब बनी मिसाल
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर दक्षिण वन मण्डल पन्ना द्वारा वन औषधियों पर आधारित पुस्तक प्रकाशित कराई गई।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना की मोहन्द्रा रेंज में बतौर बीट गार्ड पदस्थ जगदीश प्रसाद अहिरवार ने जंगलों में पाए जाने वाले 130 औषधीय पौधों की पहचान कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया। हर पौधे की तस्वीर, नाम, औषधीय उपयोग और मिलने के स्थान की जानकारी उन्होंने स्वयं संकलित की। वन विभाग ने इस सामग्री को “दक्षिण पन्ना के महत्वपूर्ण औषधीय पौधे” नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया, जिसमें विदारीकंद, सर्पगंधा, काली मूसली, शतावर जैसी बहुमूल्य प्रजातियों का विस्तृत विवरण शामिल है। यह पुस्तक आज वनकर्मियों के प्रशिक्षण और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता के लिए एक अहम साधन बन चुकी है।प्रधानमंत्री की सराहना के बाद पन्ना के वन विभाग में उत्साह का माहौल है और यह कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि जंगल की पगडंडी से शुरू हुई मेहनत भी देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच सकती है।
मेहनत से मिली पहचान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में उल्लेख किया कि गश्त के दौरान जगदीश अहिरवार ने महसूस किया कि जंगलों में मौजूद औषधीय पौधों की जानकारी कहीं भी व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है। इसी सोच ने उन्हें इसे सहेजने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। सवा सौ से अधिक पौधों की पहचान और उनका दस्तावेजीकरण कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर किया गया ईमानदार काम भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मन की बात में पन्ना जिले के अजयगढ़ किले का जिक्र कर चुके हैं।
जैव विविधता का खजाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में बीट गार्ड जगदीश प्रसाद के प्रयास की सराहना करने के बाद दक्षिण वन मण्डल कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना में जैव विविधता को सहेजने के प्रयास केवल औषधीय पौधों तक सीमित नहीं हैं। वनरक्षक वीरेंद्र पटेल ने वन परिक्षेत्र कल्दा में पाई जाने वाली लगभग 100 पक्षी प्रजातियों का फोटोग्राफिक प्रलेखन कर ‘कल्दा के पक्षी’ नामक पुस्तक तैयार की है, जिसमें कई दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता अजय चौरसिया ने क्षेत्र की रंग-बिरंगी तितलियों का दस्तावेजीकरण किया, जबकि सचिन मिश्रा द्वारा संकलित वनस्पतियों की जानकारी को ‘कल्दा क्षेत्र की वनस्पतियां’ नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया गया।
यह क्षण अकल्पनीय, अविस्मरणीय है: जगदीश
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार।
“मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी से अपना नाम और कार्य की सराहना सुनना मेरे लिए अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय क्षण है। इससे यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि ईमानदारी से किया गया जमीनी कार्य पहचाना जाता है। इसका श्रेय डीएफओ सर को जाता है, जिनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग से संकलित औषधीय पौधों की जानकारी पुस्तक के रूप में सामने आने पर स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ सकी। प्रधानमंत्री जी के द्वारा मेरे काम का उल्लेख करना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान अकेले मेरा नहीं बल्कि पूरे वन विभाग का है। यह हमें और बेहतर तरीके से जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करेगा।”
जिले के साथ प्रदेश के लिए गर्व का विषय : डीएफओ
दक्षिण पन्ना वनमंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने कहा कि- “औषधीय पौधों, पक्षियों, तितलियों और वनस्पतियों पर आधारित ये सभी पुस्तकें क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रामाणिक दस्तावेज हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में दक्षिण वन मंडल पन्ना के एक वनरक्षक के कार्यों की सराहना करना वन मंडल के साथ समूचे पन्ना जिले और प्रदेश के वन विभाग के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री जी से मिली प्रशंसा हमारे प्रयासों को मिला सबसे बड़ा पुरुष्कार है। इसके बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इससे मैदानी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने बताया कि इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले वनकर्मियों की पहल भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती है। आगामी समय में वनमंडल में कीट प्रजातियों के दस्तावेजीकरण का कार्य भी शुरू किया जाएगा।”
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हृदयविदारक घटना: बालक पर हमला कर तेंदुए ने बनाया निवाला, सिर और धड़ अलग-अलग मिलने से इलाके में दहशत

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जरधोवा गांव के समीप घटनास्थल पर पड़े आदिवासी बालक के धड़ एवं सिर को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण। (फाइल फोटो)

*     पन्ना टाइगर रिजर्व की पन्ना कोर रेंज से सटे जरधोवा गांव की घटना

*     फसल की रखवाली करने खेत में रह रहे आदिवासी परिवार पर टूटा वज्रपात

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना में मानव-वन्यजीव संघर्ष की दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने वन क्षेत्र के आसपास स्थित ग्रामों एवं खेतों में रहने वालों को दहशत में डाल दिया। पन्ना टाइगर रिजर्व की पन्ना कोर रेंज से सटे खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहे किसान बहादुर आदिवासी के 12 वर्षीय पुत्र देव आदिवासी को गुरुवार शाम घात लगाए बैठे तेंदुए ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। शुक्रवार सुबह खेत में महुए के पेड़ के पास बालक का सिर और धड़ अलग-अलग मिलने से गांव में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बहादुर आदिवासी फसल की रखवाली के लिए अपने परिवार के साथ खेत में रहता है। गुरुवार की शाम उसका पुत्र देव, खेत के नजदीक स्थित अपने दादा को खाना देने उनकी झोपड़ी की ओर गया था। इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। रात में घटना का पता नहीं चल सका, लेकिन आज सुबह जब खेत में महुए के पेड़ के पास देव का क्षत-विक्षत शव देखा गया, तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू स्वयं मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पन्ना कोतवाली थाना निरीक्षक रोहित मिश्रा, पुलिस बल, पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी तथा मैदानी कर्मचारी भी मौजूद रहे। घटना स्थल के दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। खेत की मिट्टी और फसलों के बीच बच्चे का सिर और धड़ अलग-अलग पड़े मिले, जो हमले की भयावहता को बयान करने के लिए काफी हैं। शांत रात में हुआ यह हमला सुबह होते-होते पूरे इलाके में दहशत बनकर फैल गया। ग्रामीण भयभीत हैं, खेतों और झोपड़ियों में रह रहे परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इन साक्ष्यों से पता चला तेंदुए ने किया हमला

तेंदुए के हमले में बालक की मौत होने की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
पन्ना टाइगर रिजर्व के नवागत उप संचालक वीरेन्द्र पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 23 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 8:30 बजे परिक्षेत्र सहायक अकोला बफर को ग्राम जरधोवा में जंगली जानवर के हमले से बालक की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही सहायक संचालक पन्ना, सहायक संचालक मड़ला, परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना कोर अजीत जाट वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं राजस्व अमला भी घटनास्थल पर उपस्थित रहा। मौके पर महुआ के पेड़ के पास बालक देव गोंड़ पिता बहादुर गोंड़ का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। निरीक्षण के दौरान बीट अकोला कक्ष क्रमांक पी-378 से लगे क्षेत्र में महुआ के पेड़ पर मांसाहारी वन्यप्राणी के नाखूनों की खरोंच, टहनी पर खून के निशान तथा पेड़ के नीचे मृतक के सिर के बाल पाए गए। इन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह हमला तेंदुए द्वारा किया जाना प्रतीत होता है।

घटना के बाद वन अमले ने बढ़ाई निगरानी

घटनास्थल के निरीक्षण उपरांत शव को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई हेतु पन्ना टाइगर रिजर्व की शासकीय एम्बुलेंस से परिजन के साथ पन्ना भेजा गया। बेटे की दर्दनाक मौत के बाद से आदिवासी दंम्पत्ति का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले में जनहानि प्रकरण तैयार कर लिया गया है तथा पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपए की सहायता राशि के भुगतान हेतु उप संचालक की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, भुगतान की प्रक्रिया जारी है। घटना के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं कोर और बफर क्षेत्र से सटे गांवों को सतर्क किया गया है। लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीर सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

सालभर पूर्व बाघ ने वृद्धा को बनाया था निवाला

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले में मृत महिला के शव को लेकर हिनौता गेट से बाहर निकलता एम्बुलेंस वाहन। (फाइल फोटो)
यह घटना कोई अपवाद नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर और लगातार बढ़ती चेतावनी है। महज सालभर पहले पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत हिनौता रेंज में भी ऐसी ही भयावह घटना सामने आई थी। जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई आधा दर्जन महिलाओं में से हिनौता गांव की एक वृद्ध महिला को बाघ परिवार ने शिकार बना लिया था। महिला के शव को भूखे बाघों से छुड़ाने के लिए अमले को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। हाथियों की मदद के बाद कहीं जाकर क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था, तब तक शरीर के कई अंगों को बाघ अपना निवाला बना चुके थे।

वन क्षेत्र के समीप रहने वालों की सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रही वन्यजीवों के हमले की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कोर और बफर क्षेत्रों से सटे गांवों में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम हैं? खेतों में झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर करने वाले परिवार हर रात जान हथेली पर रखकर सोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, रात्रि गश्त, चेतावनी तंत्र और पुनर्वास जैसे ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा। जरधोवा की यह दर्दनाक घटना न सिर्फ एक मासूम की जान ले गई, बल्कि भविष्य के उस खतरे की ओर भी इशारा कर गई है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
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भीड़ में मंगलसूत्र छीनने वाली अंतर्राज्यीय महिला गैंग बेनकाब, छह महिलाएं गिरफ्तार

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भीड़ में मंगलसूत्र झपटने वाली अंतर्राज्यीय महिला गैंग गैंग की सदस्य सलेहा थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में।

*    पन्ना जिले के श्यामगिरी सत्संग में हुई झपटमारी के बाद खुला मामला

*    सोशल मीडिया पर रैकी कर धार्मिक आयोजनों को करती थीं टारगेट

*    आरोपियों से दो मंगलसूत्र व ईको कार जब्त

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम श्यामगिरी में अड़गड़ानंद स्वामी जी के सत्संग कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से मंगलसूत्र झपटने की घटना के मामले में पन्ना पुलिस ने अंतर्राज्यीय महिला गैंग की छह सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से दो सोने के मंगलसूत्र और वारदात में प्रयुक्त एक इको कार जब्त की गई है। उत्तर प्रदेश की महिला गैंग को गिरफ्तार करने की जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना वंदना सिंह चौहान ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में दी है।
पुलिस के मुताबिक 19 जनवरी 2026 को ग्राम श्यामगिरी में आयोजित सत्संग कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर उतरने पर भारी भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से मंगलसूत्र छीने जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना सलेहा में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान थाना प्रभारी सलेहा निरीक्षक बलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में सूचना तंत्र सक्रिय किया। इसी क्रम में कल्दा पठार क्षेत्र में संदिग्ध महिलाओं की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छह महिलाओं को अभिरक्षा में लिया।
महिला गैंग को गिरफ्तार करने की जानकारी देतीं एडिशनल एसपी पन्ना वंदना सिंह चौहान एवं बगल में बैठे सलेहा थाना प्रभारी बलवीर सिंह।
पूछताछ में पुलिस को बताया गया कि आरोपी महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे धार्मिक आयोजनों और कार्यक्रमों की पहचान करती थीं, जहां अधिक भीड़ होने की संभावना रहती थी। पुलिस के अनुसार आरोपी समूह बनाकर कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचतीं और भीड़ में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र व अन्य कीमती सामान झपटने की वारदातों को अंजाम देती थीं। पुलिस का दावा है कि आरोपी 18 जनवरी को किराए की इको कार से श्यामगिरी पहुंची थीं और अलग-अलग समूहों में बंटकर घटना को अंजाम दिया गया। बरामदगी में दो सोने के मंगलसूत्र (अनुमानित कीमत एक लाख रुपये) और इको कार (अनुमानित कीमत पांच लाख रुपये) शामिल है।

गिरफ्तार आरोपी महिलाएं

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं में फीता उर्फ गीता 35 वर्ष, सुमन 40 वर्ष, किरन उर्फ माला 35 वर्ष, प्रभावती 60 वर्ष, सुनीता 35 वर्ष सभी निवासी जिला मऊ उत्तर प्रदेश और सीमा देवी 40 वर्ष, निवासी ग्राम अमावाकला थाना सरपतहा जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश शामिल हैं। पुलिस के अनुसार प्रकरण में अन्य संभावित आरोपियों या घटनाओं से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है।
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“विश्व शांति दिवस” के रूप में मनाया ब्रह्मा बाबा का 57वां पुण्य स्मृति दिवस      

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बाबा सूक्ष्म रूप में आज भी अपने प्रत्येक बच्चे को प्रदान कर रहे सहयोग, स्नेह और प्रेरणा : बहनजी

पन्ना।(www.radarnews.in) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक ब्रह्मा बाबा का 57वां पुण्य स्मृति दिवस रविवार को पन्ना में विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का आरंभ प्रातःकाल में मौन साधना से हुआ। ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र जुड़े भाई-बहनों इस अवसर पर सामूहिक रूप योग साधना की और ब्रह्मा बाबा के बताए हुए रास्ते पर चलने का लिया संकल्प दोहराया। इस मौके पर ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन, रूपांतरण, व्यक्तित्व और मानवता के कल्याण के लिए उनके अविस्मरणीय योगदान के संबंध में विस्तार से बताया।
ब्रह्मा बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, बाबा का जीवन बहुत सात्विक एवं दिव्य गुण मूरत था वे भक्ति भावना और नियम के पक्के थे। सिंध हैदराबाद में दादा लेखराज का जन्म 15 दिसंबर 1876 को एक साधारण परिवार में हुआ। दादा लेखराज अपनी विशेष बौद्धिक प्रतिभा, व्यापारिक कुशलता, व्यावहारिक शिष्टता, अथक परिश्रम और सरल स्वभाव के बल पर सफल प्रसिद्ध जौहरी बने।बाबा में बचपन से ही भक्ति भाव के संस्कार थे। विपुल धन संपदा और मान प्रतिष्ठा पाकर भी उनके स्वभाव में नम्रता, मधुरता और परोपकार की भावना बनी रहे।

सत्य की तलाश में परमात्मा शिव से हुआ साक्षात्कार

बहन जी ने बताया कि, बाबा (दादा लेखराज) को परम सत्य की तलाश थी, अचानक एक दिन सन् 1936 में जब उन्हें ज्योति स्वरूप परमात्मा शिव का दिव्य साक्षात्कार हुआ, उनमें दिव्य परिवर्तन आया जब परमात्मा शिव की उनके तन में प्रवेशता हुई तो उन्होंने अपना सब कुछ तन, मन, धन विश्व कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। दादा के मुख द्वारा परमात्मा शिव ने बताया कि सभी दुखों एवं समस्याओं का मूल कारण देह अभिमान एवं मनोविकार काम, क्रोध,लोभ, मोह, अहंकार, आलस्य है। इन पर विजय पाना जरूरी है, इन विकारों के त्याग से ही सृष्टि पुन: सतयुगी दुनिया (रामराज्य) बनेगी। सन् 1969 में 18 जनवरी को पिता श्री ब्रह्मा बाबा ने दैहिक कलेवर का परित्याग कर संपूर्णता को प्राप्त किया। उनके अव्यक्त सहयोग से ईश्वरीय सेवा में पहले से और अधिक विस्तार हो रहा है। ब्रह्माकुमारी संस्था विश्व भर में आज 140 देश में फैल चुकी है, सूक्ष्म रूप में आज भी बाबा हर बच्चे को अपने साथ का अनुभव कराते हुए कदम-कदम पर सहयोग, स्नेह, प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं।
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फर्जीवाड़े में कांग्रेस नेता श्रीकांत का सहयोग करने वाले अधिवक्ता को पुलिस ने बनाया आरोपी, गिरफ्तार कर जेल भेजा

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वरिष्ठ अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की जानकारी मिलने के बाद जिला न्यायालय से बड़ी संख्या अधिवक्ता एकत्र होकर पन्ना कोतवाली थाना पहुंचे।

*      आदिवासी महिला की बेशकीमती जमीन हड़पने का मामला

*      बहुचर्चित प्रकरण में अधिवक्ता का पुत्र पहले से है आरोपी

*      अभिभाषक संघ ने एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध  

पन्ना।(www.radarnews.in) गरीब आदिवासी महिलाओं की बेशकीमती पैतृक भूमि को फर्जीवाड़ा करके हड़पने के बहुचर्चित मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरण की विवेचना में पुलिस ने कई संगीन धाराएं बढ़ाने के साथ आरोपियों की संख्या में भी इजाफा किया है। जमीन हड़पने के षड्यंत्र में कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित का कथित तौर पर सहयोग करने वाले अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी को भी पुलिस ने आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार सुबह अधिवक्ता को नगर सुधार न्यास कॉलोनी इंद्रपुरी स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया, गिरफ़्तारी की कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेज दिया गया। इस मामले अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी के पुत्र अनुपम त्रिपाठी पूर्व से ही आरोपी हैं। अनुपम फिलहाल फरार चल रहे हैं, जबकि मुख्य आरोपी मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महमंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को पन्ना पुलिस 15 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी।
सोमवार 19 जनवरी को करीब 10 बजे पुलिस टीम पन्ना एसडीओपी एसपी सिंह बघेल के नेतृत्व में अधिवक्ता रामलखन को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस के दस्तक देने पर परिजनों ने दरवाजा तो खोल दिया लेकिन मच्छर जाली वाला गेट नहीं खोला। पुलिस के बोलने पर भी परिजन उक्त गेट को नहीं खोल रहे थे। फलस्वरूप पुलिस टीम सख्ती के साथ अंदर दाखिल हुई और रामलखन को पकड़कर बाहर ले आई। पुलिस की दबिश के चलते नगर सुधार न्यास कॉलोनी में सुबह-सुबह हड़कंप मच गया। पुलिस टीम त्रिपाठी को कोतवाली थाना ले गई, जहां शाम तक गिरफ्तारी की कार्रवाई चलती रही। पुलिस के अनुसार आदिवासी महिलाओं की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से नामांतरण के मामले में संगठित षड्यंत्र में शामिल होने पर यह गिरफ़्तारी की गई है। बता दें कि, आदिवासी महिलाओं के द्वारा पूर्व में कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए शपथ पत्र में लेख किया गया था कि श्रीकांत दीक्षित एवं रामलखन त्रिपाठी ने राजराम सौंर को हमारा फर्जी तरीके से भाई बनाकर पैतृक भूमि विक्रय करने के लिए 35 हजार रूपए दिए थे।

क्या है पूरा मामला

पन्ना जिला मुख्यालय से लगे मनौर ग्राम की दो आदिवासी महिलाओं ने कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ़ पप्पू दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी पर उनकी 2 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि को फर्जीवाड़ा करते हुए अवैध तरीके से क्रय कर कब्जाने का आरोप लगाया था। फरियादिया संतोष रानी गौंड़ पुत्री स्वर्गीय जगोला आदिवासी 50 वर्ष निवासी ताखौरी थाना रैपुरा ने इस मामले की शिकायत दिनांक 25 सितंबर 2025 कोतवाली थाना पन्ना में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता जगोला गौंड़ की मृत्यु हो चुकी है। मां मलन बाई नेत्रहीन है। परिवार में केवल दो बहनें हैं, कोई भाई नहीं है। इसके बावजूद एक व्यक्ति राजाराम सौंर निवासी जैतूपुरा थाना अमानगंज ने फर्जी तरीके से स्वयं को मेरे पिता का एकमात्र पुत्र बताकर मनौर ग्राम में स्थित हमारी पैतृक आराजी भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर का फौती नामांतरण अपने नाम पर करा लिया है। कुसुम रानी गौंड़ व संतोष रानी पुत्री स्वर्गीय जगोला गौंड़ द्वारा फर्जीवाड़े की पहली शिकायत बताया था, ग्राम जैतूपुर तहसील अमानगंज निवासी राजाराम सौंर द्वारा अपने एवं हमारे पिता के मिलते-जुलते नाम का गलत फायदा उठाते हुए पैतृक जमीन हड़पने का षड्यंत्र किया गया।

अभिभाषक संघ ने लगाए आरोप

अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी को पन्ना पुलिस टीम के द्वारा हिरासत में लेने अपनाए गए तरीके पर जिला अभिभाषक संघ पन्ना ने गहरी नारजगी जाहिर करते हुए अपना विरोध जताया है। त्रिपाठी को पुलिस टीम द्वारा को उनके घर से ले जाने की खबर फैलने के लगभग घंटे भर बाद जिला न्यायलाय से बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर कोतवाली पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर अपने वरिष्ठ साथी को हिरासत में लेने की जानकारी ली। तदुपरांत अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। अभिभाषक संघ ने ज्ञापन में लेख किया है कि, पुलिस ने त्रिपाठी को हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया। पुलिस बल दरवाजा तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुआ और अपमानित कर गाली-गलौज करते हुए रामलखन को वाहन बैठाकर कोतवाली ले गए। अभिभाषक संघ चेतावनी दी है यदि श्री त्रिपाठी को स्वतंत्र नहीं किया गया तो वे अग्रिम कार्रवाई लिए विवश होंगे। जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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मध्यप्रदेश: आदिवासी की जमीन हड़पने के मामले में कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित गिरफ्तार, जेल भेजा

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केन-बेतवा लिंक परियोजना: प्रचार-प्रसार में अनियमित खर्च, ऑडिट रिपोर्ट ने खड़े किए गंभीर सवाल

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पन्ना जिले के पवई क़स्बा में स्थित केन-बेतवा लिंक परियोजना जल संसाधन संभाग क्र.-1 का कार्यालय।

*     बिना निविदा प्रचार कार्य, छोटे बिलों में भुगतान और अयोग्य एजेंसियों के चयन पर एजी की आपत्ति

   कार्यपालन यंत्री पवई के निर्णय और जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) देश की महत्वाकांक्षी केन–बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, जिसे बुंदेलखंड के लिए जीवनरेखा बताया जा रहा है, वह निर्माण से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। परियोजना संभाग क्रमांक–1 पवई (जिला पन्ना) में प्रचार-प्रसार और दीवार लेखन के नाम पर लाखों रुपये के नियम विरुद्ध भुगतान का मामला महालेखाकार, ग्वालियर की ऑडिट रिपोर्ट 2024-25 में उजागर हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार परियोजना के प्रचार कार्य के लिए न तो कोई निविदा आमंत्रित की गई, न ही शासन के निर्धारित नियमों का पालन किया गया। इसके बावजूद कार्यपालन यंत्री उमा गुप्ता द्वारा अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए चहेते ठेकेदारों/एजेंसियों से कार्य कराया गया।

फ्लैक्स-बैनर पर 4,54,574 रुपए का अनियमित खर्च

एजी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, फ्लैक्स एवं बैनर प्रिंट से संबंधित यह प्रचार कार्य 109 टुकड़ों में विभाजित कर कराया गया। प्रत्येक बिल की राशि  जानबूझकर 5,000 से कम रखी गई, जिससे निविदा प्रक्रिया से बचा जा सके। रिपोर्ट में दर्ज है कि यह कार्य मेसर्स टीकम सिंह, अदिति स्टेशनरी एवं प्रिंटिंग तथा स्टूडियो चित्र मंदिर से कराया गया। ऑडिट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार ऐसे कार्यों के लिए कम से कम तीन सक्षम संविदाकारों को चिन्हित कर निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा किए जाने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। एजी ने यह भी दर्ज किया है कि कराया गया यह प्रचार कार्य केन–बेतवा लिंक परियोजना के स्वीकृत स्कोप से बाहर है, जिससे परियोजना लागत में अनावश्यक वृद्धि हुई और व्यय को अनियमित माना गया।

5,000 से कम के 117 बिल पर 5 लाख का भुगतान

ऑडिट में यह तथ्य सामने आया कि प्रचार-प्रसार का कार्य जानबूझकर 117 अलग-अलग बिलों में विभाजित किया गया। प्रत्येक बिल की राशि 5,000 से कम रखी गई ताकि निविदा प्रक्रिया से बचा जा सके। इन बिलों के माध्यम से मेसर्स टीकम सिंह एवं अमर कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर को कुल 5,36,552/- का भुगतान किया गया। एजी ने इस व्यय को “नियमविरुद्ध एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता” की श्रेणी में दर्ज किया है। ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि जिन एजेंसियों से दीवार लेखन और प्रचार कराया गया, उनका जीएसटी पंजीकरण निर्माण सामग्री- सीमेंट, लोहा, ईंट, माइलस्टोन आदि के लिए है। प्रचार-प्रसार, दीवार लेखन एवं बैनर प्रिंटिंग जैसे कार्य उनके पंजीकृत कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद उनसे कार्य कराना नियमों की अनदेखी और पद के दुरुपयोग की ओर संकेत करता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रचार-प्रसार पर दर्शाए गए खर्च की तुलना में धरातल पर कार्य महज 20 या 30 प्रतिशत ही कराया गया। ठेकेदारों और अधिकारियों की सांठगांठ से फर्जीवाड़ा कर करीब 70 प्रतिशत राशि का गबन किए जाने की आशंका है।

जीएसटी कटौती न करने से शासन को नुकसान

ऑडिट रिपोर्ट में उल्लेख है कि प्रचार-प्रसार कार्य के लिए ठेकेदारों/एजेंसियों को 9.91 लाख रुपए के भुगतान के दौरान 2 प्रतिशत की दर से कुल 19,818/- GST की कटौती नहीं की गई, जिससे शासन को प्रत्यक्ष तौर पर वित्तीय क्षति हुई। यह लापरवाही सीधे तौर पर आहरण-संवितरण अधिकारी की जिम्मेदारी में आती है। लेखा परीक्षा के दौरान ऑडिटरों के द्वारा निविदा आमंत्रित करने की नस्ती तथा उक्त राशि व्यय हेतु सक्षम अधिकारी की स्वीकृति मांगे जाने पर न तो लेखा परीक्षा को उपलब्ध कराई गई और ना ही उत्तर के साथ संलग्न किया गया। जोकि यह दर्शाता है, कार्य सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बगैर कराया गया तथा कार्यपालन यंत्री ने 9 लाख 91 हजार रुपए का संदेहास्पद भुगतान किया है। उल्लेखनीय है कि यह प्रचार-प्रसार कार्य वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कराया गया था। जिसके चलते इस कवायद को परियोजना से भविष्य में होने वाले लाभों का चुनावी माहौल में प्रचार कर सत्ताधारी दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाले कदम के तौर पर देखा गया।

गंभीर ऑडिट आपत्ति के बाद भी संरक्षण?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रचार-प्रसार में नियम-पारदर्शी प्रक्रिया को दरकिनार करने के साथ कागजों में खर्च राशि और धरातल पर कराए में है बड़ा अंतर।
केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) के प्रचार-प्रसार कार्य पर हुए लाखों रुपए के व्यय को लेकर एजी की स्पष्ट आपत्तियों के बावजूद न तो संबंधित कार्यपालन यंत्री और न ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई विभागीय कार्रवाई की गई है। जल संसाधन विभाग के उच्च स्तर पर इस गंभीर ऑडिट आपत्ति को नजरअंदाज किया जाना, पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। केन-बेतवा जैसी राष्ट्रीय परियोजना, जो लाखों लोगों की उम्मीदों से जुड़ी है, उसमें दीवारों पर लिखे नारे अब भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहे हैं। सवाल प्रचार का नहीं, बल्कि मनमाने निर्णय और जवाबदेही का है। जल संसाधन विभाग में वित्तीय अनियमितताओं तथा गुणवत्ता विहीन कार्यों से जुड़े मामलों को शीर्ष स्तर पर सालों-साल ठंडे बस्ते में रखकर रफा-दफा करने की अघोषित नीति से घपले-घोटाले करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

इनका कहना है-

“मुझे कुछ भी नहीं कहना है, आप जो भी चाहें लिखने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वैसे आपको बता दूं, प्रचार-प्रसार कार्य प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के समय हुआ था। जब आपसे कोई कार्य 10-12 दिन में करने को कहा जाएगा तो वह इसी तरह होगा। निविदा आमंत्रित करके कार्य कराने की प्रक्रिया में कम से कम एक से डेढ़ माह का समय लगता है। प्रचार-प्रसार कार्य तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर और नोटशीट पर उनसे स्वीकृति लेकर कराया गया। ऑडिट की आपत्तियों का शीर्ष स्तर से जवाब देकर निराकरण किया जा चुका है। ऑडिट क्लीयरेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद केन्द्र सरकार राज्य को राशि आवंटित करती है।”

उमा गुप्ता, कार्यपालन यंत्री, केबीएलपी, जल संसाधन संभाग क्र.-1 पवई, जिला पन्ना।

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लालची दोस्त बने कातिल! मेडिकल स्टोर संचालक का अपहरण कर पहले की लूटपाट, फिर बेरहमी से मार डाला

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मेडिकल स्टोर संचालक, तौहीद हसन (जीवित अवस्था का चित्र)

*     सोशल मीडिया पर खबर आने के बाद परिजनों को मिली जानकारी

*     हत्यारोपियों में सतना निवासी एमआर और पन्ना का टैक्सी चालक शामिल

*     पन्ना से सटे उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जमवारा गांव में वारदात को दिया अंजाम

पन्ना। (www.radarnews.in) पड़ोसी जिला बांदा उत्तर प्रदेश के नरैनी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जमवारा गांव में शनिवार 17 जनवरी की सुबह केन नदी किनारे झाड़ियों में मिले  के शव की शिनाख्त हो चुकी है। मृतक फार्मासिस्ट तौहीद हसन पन्ना के कटरा मोहल्ला का निवासी और पेशे से मेडिकल स्टोर संचालक था। मृतक की शिनाख्त उसके चाचा सीएमओ मेहमूद हसन ने की है। तौहीद को बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाले कोई और नहीं बल्कि वे हमउम्र लोग हैं, जिन्हें वह अपना दोस्त समझता था। सनसनीखेज अंधे क़त्ल की अब तक की जांच-पड़ताल में पता चला है कि शनिवार की सुबह फजिर की नमाज पढ़ने के बाद मस्जिद से बाहर निकले तौहीद को बादल शहीद बाबा की मजार के पास से उसका एमआर दोस्त आनंद गुप्ता, राशिद खान और अन्य साथी अगवा करके कार से ले गए थे। कथित तौर पर दोस्तों ने तौहीद को बांदा जिले के जमवारा गांव में सूनसान स्थान पर ले जाकर उसके पास मौजूद नकदी रुपए, मोबाइल जबरन छीन लिया। और फिर लूटपाट का विरोध करने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से तौहीद के सिर एवं चेहरे में कई जानलेवा प्रहार कर उसे बड़ी ही बेरहमी से कत्ल कर दिया। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इधर, बेटे के रात 10 बजे तक घर न लौटने से चिंतित-परेशान परिजनों को जब सोशल मीडिया पर आई ख़बरों के माध्यम से घटना की जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार तौहीद हसन पन्ना के कटरा मोहल्ला में कोतवाली चौराहा के समीप रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक मक़सूद हसन का इकलौता पुत्र था। फार्मासिस्ट का कोर्स करने के बाद कुछ माह पूर्व ही उसने पन्ना के बस स्टैंड में मेडिकल स्टोर खोला था। विनम्र, शांत और धार्मिक स्वाभाव वाला तौहीद सब-ए-मिराज के मौके पर देर रात तक तिलावत करने के बाद शनिवार 17 जनवरी 2026 को अल सुबह फजिर की नमाज पढ़ने के बाद जब मस्जिद से बाहर निकला तो बादल शहीद बाबा की दरगाह के पास उसे सतना निवासी पेशे से एमआर दोस्त आनंद गुप्ता, राशिद खान व अन्य साथी मिल गए। कथित रूप से सभी युवक तौहीद को अगवा कर अपनी कार से पड़ोसी जिला बांदा उत्तर प्रदेश के नरैनी थाना अंतर्गत जमवारा गांव ले गए। जहां गांव के बाहर केन नदी किनारे स्थित झाड़ियों के पास सूनसान स्थान पर लालची दोस्तों ने उसके पास मौजूद नकदी रुपए, मोबाइल जबरन छुड़ा लिया। और फिर लूटपाट का विरोध करने से बौखलाए आरोपियों ने धारदार हथियार से तौहीद के सिर एवं चेहरे पर कई जानलेवा प्रहार कर उसे बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इधर, पन्ना में परिजन बेटे के घर न लौटने और उससे कोई संपर्क न होने से काफी चिंतित-परेशान थे। जमवारा गांव में खून से लथपथ अज्ञात युवक का शव मिलने की देर रात जब ख़बरें वायरल हुई तो परिजन स्तब्ध रह गए।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जमवारा गांव में खून से लथपथ हालत में मिला था पन्ना के मेडिकल स्टोर संचालक का शव।
अनहोनी की आशंका के चलते आनन-फानन में मृतक के चाचा सीएमओ मेहमूद हसन और रिश्ते के भाई आरिफ खान ने जमवारा ग्राम पहुंचकर जानकारी जुटाई तो पता चला शव को पुलिस दोपहर में ही नरैनी थाना ले गई। नरैनी पहुंचकर थाना में सम्पर्क किया तो पुलिस आरक्षक उन्हें बांदा स्थित मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी ले गए, जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था। खून से लथपथ भतीजे की लाश को सामने देख मेहमूद हसन की आंखें भर आईं और कलेजा बैठ गया। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि, एमआर आनंद गुप्ता निवासी सतना व राशिद खान निवासी राजाबाबू कॉलोनी पन्ना व अन्य कार से तौहीद को जमवारा लेकर आए थे। अपुष्ट जानकारी अनुसार आरोपियों को नरैनी पुलिस द्वारा तत्परता से हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की जा रही है। जघन्य हत्याकांड में अन्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।उल्लेखनीय है कि पुलिस ने अभी इस मामले का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की लूटपाट के इरादे से उसके ही दोस्तों के द्वारा निर्ममतापूर्वक हत्या की गई है। जवान बेटे के क़त्ल की वारदात का पता चलने के बाद से हसन परिवार मातम में डूबा है। वहीं नगर में भी शोक की लहर व्याप्त है।
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