Home Blog Page 11

प्रधानमंत्री सड़क की बारिश में बह गई पुलिया, 48 घंटे से गांव का सम्पर्क टूटा

0
पन्ना जिले में गत दिवस अतिवृष्टि के दौरान बरियारपुर कुर्मियान गांव को अजयगढ़ से जोड़ने वाली पीएमजीएसवाई सड़क की पुलिया पानी में बह गई।

 पन्ना जिले के बरियारपुर कुर्मियान गांव के पहुँच मार्ग का मामला

  आठ साल पहले निर्मित सड़क वर्तमान में है मेंटेनेंस अवधि में

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गत दिनों अतिवृष्टि के चलते बाढ़ जैसे हालात निर्मित रहे। नदी-नालों के उफान पर होने से कई गावों एवं इलाकों का उनके तहसील व जिला मुख्यालय से कई घंटों तक संपर्क टूटा रहा। भारी बारिश के बीच जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत बरियारपुर कुर्मियान ग्राम के पहुँच मार्ग एवं पुलिया का कुछ हिस्सा पानी में बह गया। जिससे गांव का सम्पर्क विकासखंड मुख्यालय से पूरी तरह से टूट चुका है। लगभग 48 घंटे बाद भी सीधे सम्पर्क को बहाल करने के लिए प्रशासन की ओर से किसी तरह की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण गांव के लोग अपनी जान जोखिम में डालने अथवा कुछ किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
गांव की दूरी की जानकारी देने वाला मील का पत्थर।
बरियारपुर कुर्मियान ग्राम को विकासखंड मुख्यालय अजयगढ़ से जोड़ने तथा ग्रामीणों को बारहमासी सुगम आवागमन सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 4 किलोमीटर लम्बाई वाले पहुँच मार्ग का निर्माण कराया गया था। अजयगढ़ मुख्य मार्ग से बरियारपुर कुर्मियान ग्राम तक जाने वाले सम्पर्क मार्ग का निर्माण लगभग 8 वर्ष पूर्व हुआ था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) पन्ना के सहायक मैनेजर रोहित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सड़कों का गारंटी पीरियड 5 वर्ष का होता है। भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हुई बरियारपुर कुर्मियान ग्राम की सड़क का गारंटी पीरियड लगभग 3 साल पहले समाप्त हो चुका है। वर्तमान में यह सड़क मेंटेनेंस पीरियड में है। अतिवृष्टि में उक्त सड़क एवं पुलिया का कुछ हिस्सा बहने के कारण गांव का सम्पर्क टूट चुका है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए आवागमन सुविधा बहाल करने के लिए तात्कालिक व्यवस्था बनाने के संबंध में अजयगढ़ एसडीएम से चर्चा हुई है। स्थल पर डायवर्सन निर्माण में आ रही समस्या से उन्हें अवगत कराया है, यथाशीघ्र समस्या का समाधान होते ही डायवर्सन बनाकर आवागमन को बहाल कर दिया जाएगा। वहीं वर्षाकाल समाप्त होने के बाद फल्ड डैमेज के प्रावधान के तहत सड़क एवं पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार कार्य कराया जाएगा। पीएमजीएसवाई के सहायक मैनेजर श्री जैन सड़क एवं पुलिया के बहने का कारण अतिवृष्टि को मानते हैं, वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता होने अथवा निर्माण के दौरान निर्धारित अनुपात में मटेरियल न डालने जैसे ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर रहे हैं।

क्यों बह गई पुलिया?

बरियारपुर कुर्मियान पहुंच मार्ग की पुलिया एवं सड़क का कुछ हिस्सा शुक्रवार की सुबह जब अचानक पानी में बहा तब वहां बारिश हो रही थी। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के 4 दिन पूर्व से उक्त इलाके सहित समूचे पन्ना जिले में रुक-रूककर लगातार भारी बारिश होने के कारण हर तरफ पानी-पानी हो चुका था। केन की सहायक नदियों-नालों के उफान पर होने से पानी की निकासी पर्याप्त मात्रा में संभव नहीं हो पा रही थी। इन परिस्थितियों में बरियारपुर कुर्मियान पहुंच मार्ग पर बने स्लैब कल्वर्ट (पुलिया) के आसपास भरे पानी का दवाब अत्याधिक बढ़ने के कारण सड़क एवं पुलिया को जोड़ने वाले हिस्से एप्रोच स्लैब के नीचे की मिट्टी का कटाव हो गया। जिससे सड़क और पुलिया का खोखला हो चुका हिस्सा पानी में बह गया।

केन्द्र सरकार की मजदूर-किसान-कर्मचारी विरोधी और कार्पोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ हल्लाबोला

0
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के तहत पन्ना के मझगवां में हीरा खनन परियोजना के बाहर कालीपट्टी बांधकर केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते इंटक से सम्बद्ध कर्मचारी एवं ठेका श्रमिक।

 ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का पन्ना में दिखा मिला-जुला असर

 हीरा खनन परियोजना, बीएसएनएल एवं एलआईसी कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) केन्द्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आज बुधवार 9 जुलाई 2025 को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं अन्य स्वतंत्र महासंघों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का मध्य प्रदेश के पन्ना में मिला-जुला असर दिखा। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में केन्द्र सरकार के विभिन्न सार्वजानिक उपक्रमों के कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने सहभागिता कर अपनी आवाज़ बुलंद की। भारत बंद का सर्वाधिक असर भारतीय जीवन बीमा निगम के स्थानीय कार्यालय में देखा गया। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से वहां कामकाज दिनभर प्रभावित रहा।
पन्ना के मझगवां में स्थित एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC Limited) की हीरा खनन परियोजना (Diamond Mining Project) में इंटक (INTUC) ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल को अपना समर्थन दिया। यहां इंटक से से सम्बद्ध कर्मचारियों/ठेका श्रमिकों ने परियोजना के गेट के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन के बाद डीएमपी के सभी कर्मचारी कालीपट्टी लगाकर अपनी ड्यूटी पर चले गए। पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के कर्मचारियों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए कार्यालय परिसर में जमकर हल्लाबोला। उल्लेखनीय है कि हीरा खनन परियोजना सहित अन्य संस्थानों में भारतीय मजदूर संघ (BMS) से जुड़े कर्मचारी तथा श्रमिक आज के भारत बंद में शामिल नहीं हुए। वहीं पन्ना की बैकिंग सेवाएं, डाक सेवाएं राष्ट्रव्यापी हड़ताल से पूर्णतः अछूती रहीं। अर्थात राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं डाकघरों में कामकाज रोज की तरह सामान्य गति से चलता रहा।

श्रमिक विरोधी 4 संहिताओं को रद्द किया जाए

केंद्रीय व्यापार संघों (केंद्रीय ट्रेड यूनियनों) और स्वतंत्र महासंघों के संयुक्त मंच द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल को इंटक यूनियन द्वारा एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना (Diamond Mining Project) मझगवां में अपना समर्थन दिया। डीएमपी में सुबह के समय एकत्र इंटक के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कर्मचारियों को महामंत्री चंद्रदेव यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि, यह हड़ताल श्रमिकों और देश के नागरिकों की चिंता और आकांक्षा की एक सामूहिक अभिव्यक्ति है। यह मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्रवाई के रूप में की जा रही है जो लाखों कामकाजी लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। इस अवसर इंटक नेता श्री यादव ने हड़ताल की 9 सूत्रीय जायज़ एवं लंबित मांगों का प्रमुखता से उल्लेख किया। साथ ही तत्परता से सभी मांगों का निराकरण किए जाने को लेकर नारेबाजी की गई।
लंबित मांगों में मुख्य रूप से- चार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए जो श्रमिकों के कड़े मेहनत से अर्जित अधिकारों को कम करती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और सरकारी विभागों के निजीकरण को रोका जाए और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को रद्द किया जाए। ठेका प्रणाली और निश्चित अवधि की नौकरी को समाप्त किया जाए और सभी के लिए नियमित रोजगार सुनिश्चित किया जाए। सभी श्रमिकों के लिए रुपए 26,000 प्रति माह का न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए, जो मुद्रास्फीति से जुड़ा हो। न्यूनतम पेंशन रुपए 9,000 प्रति माह सुनिश्चित की जाए और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) को रद्द करने और सभी सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। डीएमपी के बाहर हुए सांकेतिक प्रदर्शन में इंटक पदाधिकारी रामसुख, सुरेश अनुरागी, समीर प्रधान ,भागवत सिंह, शंकर साखरे, मोहित सैनी व अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
एलआईसी ऑफिस के बाहर दिया धरना
बुधवार 9 जुलाई 2025 को भारत बंद को अपना समर्थन देते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय पन्ना के बाहर नारेबाजी करते हड़ताली कर्मचारी।
सतना डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसियेशन शाखा इकाई पन्ना ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया। बुधवार को इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसियेशन से जुड़े कर्मचारी अपना कामकाज छोड़ भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय का गेट बंद करके बाहर बाहर धरना पर बैठ गए। पन्ना में कई घंटे तक धरना-प्रदर्शन के चलते एलआईसी (LIC) ऑफिस में दैनिक कार्य लगभग ठप्प रहा। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल बीमा कर्मचारियों ने केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे निजीकरण को लेकर गहरा आक्रोश जताया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजीकरण और विनिवेश के जरिये बेंचने के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। इस अवसर पर धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कर्मचारी नेता अरुण मिश्रा ने हड़ताल की जनहित और राष्ट्रहित से जुड़ी प्रमुख मांगों के संबंध में विस्तार से बताया।
इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसियेशन की मांग है कि, सार्वजानिक बैंकों और एलआईसी में निजीकरण एवं विनिवेश बंद किया जाए। बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी एफडीआई बढ़ोत्तरी पर रोक लगे। आउटसोर्सिंग एवं ठेके की नौकरियों पर रोक लगाई जाए। पर्याप्त भर्ती सुनिश्चित की जाए। ट्रेड यूनियनों के अधिकारों पर हमला बंद किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों का विलय करो। मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला का निधन

0
पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रही विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला। (फाइल फोटो)

  वन्यजीव प्रेमियों और पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में शोक की लहर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) में कई वर्षों तक पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रही विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी (World’s Oldest Elephant) वत्सला (Vatsala) अब नहीं रही। वत्सला ने आज यानी मंगलवार 08 जुलाई 2025 को लगभग 100 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उसने पीटीआर की हिनौता रेंज अंतर्गत दोपहर में 01:30 बजे उसने अन्तिम सांस ली। अपने नाम को सार्थक करने वाली वत्सला वास्तव में प्रेम-स्नेह और ममता की मिसाल थी। दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी के निधन की खबर आने के बाद से वन्यजीव प्रेमियों एवं पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में शोक की शोक की लहर व्याप्त है।
पन्ना टाइगर रिजर्व वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि परिक्षेत्र हिनौता के हाथी कैम्प से बुजुर्ग हथिनी को नहाने के लिए प्रतिदिन समीप स्थित खैरईया नाला ले जाया जाता था। आज नाला के पास अचानक आगे के पैर के नाखून टूट जाने के कारण वत्सला वहीं बैठ गई। वनकर्मियों द्वारा उसको उठाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन उन्हें कोई सफलता मिली। इसी बीच दोपहर 01:30 बजे विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

केरल में गुजरा प्रारंभिक जीवन

प्रेम और स्नेह का प्रतीक रही हथिनी वत्सला केरल के जंगलों में पैदा हुई और वहीं पर पली-बढ़ी। इसका प्रारंभिक जीवन केरल के नीलांबुर वन मण्डल में वनोपज के परिवहन में गुजरा। वर्ष 1971 में इसे मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (नर्मदापुरम) लाया गया। लगभग 20 साल तक होशंगबाद में रहने के बाद वत्सला ने वर्ष 1993 में पन्ना टाइगर रिजर्व में पदार्पण किया और फिर आख़िरी सांस तक पन्ना में ही रही। पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों के लिए विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रही। शांत स्वाभाव की यह हथिनी अपने पास आने वाले पर्यटकों को हमेशा ही प्रेम, सुरक्षा एवं भावनात्वक जुड़ाव का एहसास कराती थी और बदले में सबसे ढेर सारा प्यार भी पाती थी। जिसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि पर्यटक वत्सला को अपने हाथों से खाद्य पदार्थ खिलाने के अविस्मरणीय पलों को जीने के लिए सहर्ष शुल्क अदा करते थे।

मोतियाबिंद ने छीन ली थी आंखों की रोशनी

वत्सला की अधिक उम्र एवं सेहत से जुड़ी समस्याओं के मद्देनजर वर्ष 2003 पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे रिटायर्ड कर गश्ती कार्य से मुक्त कर दिया था। शतायु (Centenarians) हो चुकी वत्सला बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी। वत्सला का पाचन तंत्र कमजोर हो चुका था। इसलिए उसे खाने में दलिया या विशेष भोजन ही दिया जाता रहा है। करीब पांच वर्ष पूर्व 2020 में दोनों आंखों में मोतियाबिंद होने के कारण उसे दिखाई देना देना बंद हो गया था। आंखों की रोशनी खोने के बाद वत्सला के लिए जिंदगी दिन-प्रतिदिन मुश्किल होती चली गई। बिना किसी सहारे के चलना और जमीन रगड़ती अपनी लंबी सूंड को संभालना उसके लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया। बुजुर्ग हथिनी की देखरेख करने वाला कर्मचारी मनीराम उसकी सूंड पकड़कर घुमाने ले जाता था। उसे हिनौता के हाथी कैम्प में रखा जाता था।

हाथियों के दल का करती थी नेतृत्व

पन्ना टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत कैम्प के हाथियों में सबसे बुजुर्ग सदस्य होने के नाते वत्सला अपनी जिम्मेदारी को न सिर्फ अच्छी तरह समझती थी बल्कि तीन दशक तक उसे बखूबी निभाती रही है। सबसे उम्रदराज होने के कारण जाहिर है वह हाथियों के पूरे दल का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करती रही है। कुनबे में जब भी कोई हथिनी बच्चे को जन्म देती थी तो वत्सला प्रसव के समय कुशल दाई की भूमिका निभाती थी। और प्रसव उपरांत वह नानी अथवा दादी की तरह बच्चों की देखभाल करती थी। परिणामस्वरूप पीटीआर में बाघों के साथ हाथियों का कुनबा भी बढ़ता गया। वर्तमान में पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथियों के कुनबे की सदस्य संख्या एक दर्जन से अधिक है।

बेहतर इलाज से दो बार बची जान

पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता स्थित हाथी कैम्प में वत्सला को स्पर्श करते बच्चे। (फाइल फोटो)
पन्ना टाइगर रिजर्व के ही एक गुस्सैल हाथी रामबहादुर ने दो बार प्राणघातक हमला कर वत्सला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस दौरान अगर वन्यप्राणी चिकित्सक (Wildlife Doctor) डॉ. संजीव गुप्ता ने वत्सला को अपनी निगरानी में रखकर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के साथ कई महीने तक नियमित रूप से उसकी विशेष देखभाल न की होती तो शायद वह शतायु होने का कीर्तिमान स्थापित न कर पाती। वत्सला के निधन से शोकमग्न डॉ. गुप्ता उस घटना को याद करते हुए बताते हैं कि हाथी रामबहदुर ने मद के दौरान पहला हमला वर्ष 2003 और दूसरा हमला 2008 में किया था। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व की मड़ला रेंज अंतर्गत जूड़ी हाथी कैंप में नर हाथी रामबहादुर ने मद के दौरान वत्सला के पेट पर जब हमला किया तो उसके दांत पेट में अंदर तक घुस गए। हाथी ने झटके के साथ सिर को ऊपर किया, जिससे वत्सला का पेट फट गया और उसकी आंतें बाहर निकल आईं थी। डॉ. गुप्ता ने 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 200 टांके लगाए तथा पूरे 9 महीने तक वत्सला का इलाज किया। समुचित देखरेख व बेहतर इलाज से अगस्त 2004 में वत्सला का घाव भर गया। लेकिन फरवरी 2008 में नर हाथी रामबहादुर ने दुबारा अपने दांतों से वत्सला हथिनी पर हमला करके गहरा घाव कर दिया, जो 6 माह तक चले उपचार से ठीक हुआ। इस तरह दो बार नई जिंदगी मिलने पर वत्सला सबसे उम्रदराज हथिनी होने का रिकार्ड बनाकर हमेशा के लिए अमर हो गई। पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया कि प्रबंधन द्वारा वन्यप्राणी चिकित्सक एवं विशेषज्ञों से समय-समय पर वत्सला हथिनी के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता था, जिससे वह यहां के विरल एवं शुष्क वन क्षेत्र में भी दीर्घकाल तक जीवित रही। टाइगर रिजर्व अन्तर्गत बाघ पुनर्स्थापना योजना में वत्सला का अहम योगदान रहा है।

प्रक्रिया को ठेंगा दिखाकर दैवेभो को स्थाईकर्मी बनाया, आपत्ति आई तो नौकरी से निकाला

0
फाइल फोटो।

  भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे आरईएस के प्रभारी कार्यपालन यंत्री का कारनामा

  दैनिक वेतनभोगी को स्थाईकर्मी में विनियमित करने पर डीए ने उठाई थी आपत्ति

  सेवा बहाली के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण में पहुंचा पूर्व कर्मचारी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) भ्रष्टाचार के अनेक गंभीर आरोपों के चलते लोकायुक्त जांच का सामना कर रहे ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग (आरईएस) पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री भगवान दास कोरी का कच्चा चिट्ठा एक से बढ़कर एक हैरान करने वाले काले कारनामों से भरा पड़ा है। फिर चाहे वह किराए पर लिए गए वाहनों के भुगतान में वित्तीय गड़बड़ी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाना, ठेकेदारों के दस्तावेजों की बगैर जांच करोड़ों की लागत वाले निर्माण कार्यों के अनुबंध निष्पादित करना या फिर छात्रावासों की मरम्मत में लीपापोती का मामला हो। आरईएस के इन चर्चित घपलों-घोटालों के संबंध में तो कई लोगों को थोड़ी-बहुत जानकारी है, लेकिन एक प्रकरण ऐसा भी जिससे अधिकांश लोग पूरी तरह अनभिज्ञ हैं! यह मामला चयन प्रक्रिया का कथित तौर पर मखौल उड़ाते हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को स्थाईकर्मी में विनियमित करने से जुड़ा है।
दरअसल, कोरी साहब पर आरोप है कि उन्होंने शासन के दिशा-निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए बिना उचित चयन प्रक्रिया अपनाए बगैर अपने कार्यालय के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को पहले तो स्थाईकर्मी में विनयमित कर दिया। बाद में जब इस पर आपत्ती आई तो उस गरीब कर्मचारी को नौकरी से ही निकाल दिया। मगर, पूर्व कर्मचारी सेवा बहाली की उम्मीद में बिना किसी सैलरी के लगभग एक साल से लगातार कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहा है। साथ ही हाजिरी रजिस्टर में वह अपने हस्ताक्षर भी कर रहा है। लेकिन सेवा बहाली एवं सैलरी भुगतान मामले में शासन-प्रशासन स्तर पर कोई कार्यवाही न होते देख प्रभावित व्यक्ति ने न्याय के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर का दरवाजा खटखटाया है। मामला हाईकोर्ट पहुंचने से इन दिनों आरईएस ऑफिस पन्ना में अंदरखाने जबरदस्त हड़कंप मचा है। कोर्ट में प्रकरण के सभी पहलुओं पर बारीकी से गौर किए जाने की पूर्ण संभावना को देखते हुए, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को स्थाईकर्मी बनाने और फिर अचानक उसकी सेवा समाप्त करने वाले अफसरों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
कार्यालय कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, पन्ना में कई सालों से दैनिक वेतन भोगी (दैवेभो) के तौर पर कार्यरत घनश्याम रैकवार को वर्ष 2023 में स्थाईकर्मी में विनियमित किया गया था। दैवेभो को स्थाईकर्मी बनाने की कार्रवाई आरईएस के प्रभारी कार्यपालन यंत्री भगवान दास (बीडी) कोरी ने अपने पहले कार्यकाल में की थी। आरईएस के संभागीय लेखा अधिकारी (डिविजनल अकाउंटेंट) आनंद दयाल द्वारा इस कार्रवाई पर दिनांक 01 फरवरी 2024 को आपत्ति दर्ज करवाते हुए बकायदा प्रपत्र-60 जारी किया गया। जिसमें नियम-निर्देशों तथा प्रक्रिया का का हवाला देकर लेख किया, दैवेभो घनश्याम रैकवार को के विपरीत स्थाईकर्मी बनाया गया है। डिविजनल अकाउंटेंट (डीए) ने अपनी आपत्ति (प्रपत्र-60) के संदर्भ में मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ 5-1/2013/1/3 भोपाल दिनांक 07 अक्टूबर 2016 का उल्लेख किया है। इस परिपत्र के परिशिष्ट ‘अ’ के बिंदु क्रमांक-01 में जिला स्तर के चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चयन करने के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जिले के संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के नामांकित अधिकारी को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

चयन प्रक्रिया के विपरीत जाकर बनाया स्थाईकर्मी

रडार न्यूज़ को विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आरईएस पन्ना के डीए आनंद दयाल ने दिनांक 12 फरवरी 2024 को अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल को लिखे गए पत्र में दैवेभो को स्थाईकर्मी बनाए जाने के निर्णय पर आपत्तियों का उल्लेख किया है। जिसमें बताया गया है कि संदर्भित परिपत्र परिशिष्ट ‘अ’ के निर्देशानुसार दैवेभो को स्थाईकर्मी विनयमित करने (बनाने) की कार्रवाई चयन समिति द्वारा नहीं की गई। साथ ही पूर्व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी घनश्याम रैकवार की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों को देखने से पता चलता है कि सिर्फ तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना के अनुमोदन पर उसे स्थाईकर्मी बना दिया था। तब जिला पंचायत की कमान युवा आईएएस अफसर संघ प्रिय जिला हाथों में थी।
विनियमित करने की आपत्ति में लेख है कि, संदर्भित परिपत्र के अनुच्छेद 1.8 के अनुसार, “ऐसे दैनिक वेतन भोगी जो दिनांक 16 मई 2007 को कार्यरत थे व दिनांक 01 सितंबर 2016 को भी कार्यरत है, इस वेतन क्रम एवं अन्य लाभों के लिए पात्र होंगे।” यहां गौर करने वाली बात यह है कि, आरईएस ऑफिस पन्ना में घनश्याम द्वारा 2017 से सेवाएं देना प्रारंभ किया गया। प्रशासनिक प्रक्रिया के जानकारों का मानना है कि इस प्रकरण में आरईएस के प्रभारी कार्यपालन यंत्री कोरी एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा दैवेभो को मनमाने तरीके से स्थाईकर्मी बनाकर शासन के दिशा-निर्देशों के साथ मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम,1965 के नियम 3(1)(ii) एवं (iii), मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 (CCA Rules), मध्यप्रदेश कार्य विभागीय मैन्युअल (MP Works Manual), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(d) समेत अन्य नियम-कानूनों तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन किया गया।

विनयमित किया, नियुक्ति नहीं की

दैवेभो कर्मचारी को स्थाईकर्मी बनाने पर जारी प्रपत्र-60 के संबंध में प्रभारी कार्यपालन यंत्री कोरी ने दिनांक 02 फ़रवरी 2024 को संभागीय लेखाधिकारी को दिए गए स्पष्टीकरण में विभाग के शीर्ष अधिकारी द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए घनश्याम को स्थाईकर्मी में विनयमित करने की योजना का लाभ देने की प्रक्रिया/कार्रवाई को पूर्णतः सही ठहराया है। कार्यपालन यंत्री के अनुसार प्रमुख अभियंता (Engineer-in-Chief) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भोपाल के पत्र क्रमांक 6450/22/वि-3/ग्रा.यां.से./2016 भोपाल दिनांक के आधार पर कार्यालय में पदस्थ दैवेभो कर्मचारी घनश्याम रैकवार को स्थाईकर्मी में विनियमित करने की योजना का लाभ दिया गया है न की किसी प्रकार की नियुक्ति की गई है।
चयन समिति के जरिए नियुक्ति के सवाल पर बताया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र के विषय में भी स्पष्ट रूप से दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए स्थाईकर्मियों को विनियमित करने की योजना का उल्लेख है। जबकि परिपत्र के बिंदु क्रमांक 02 में उल्लेखित ‘संलग्न परिशिष्ट-अ’ स्थाईकर्मियों की नियुक्ति के संबंध जिस समिति का हवाला दिया है, वह समिति ‘कार्यरत दैनिक वेतन भोगी स्थाईकर्मियों को चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमित सेवा के अधिक अवसर उपलब्ध जाने बावत’ (चयन प्रक्रिया) का गठन किया गया है, न की स्थाईकर्मी में विनियमित करने के लिए। दैवेभो घनश्याम को स्थाईकर्मी में विनियमित करने की सूचना आरईएस पन्ना के द्वारा पत्र क्रमांक-1894 के जरिए दिनांक 01 जून 2023 प्रमुख अभियंता को भेजी गई थी।

…तो फिर नौकरी से निकाला क्यों?

बीडी कोरी, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, आरईएस पन्ना।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी घनश्याम को स्थाईकर्मी में विनयमित करने की प्रक्रिया/कार्यवाही को सही ठहरा रहे प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीडी कोरी उसे सेवा से पृथक करने के अपने फैसले से जुड़े सवाल पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। स्वाभाविक सा सवाल है, अगर वाकई सबकुछ नियमानुसार किया गया था तो फिर घनश्याम रैकवार को अचानक नौकरी से निकाल क्यों दिया। जबकि स्थाईकर्मी के रूप में घनशयाम द्वारा आरईएस ऑफिस पन्ना लगभग छह माह तक अपनी सेवाएं दी गईं, जिसका उसे बकायदा वेतन भुगतान भी किया गया था। विदित हो कि, स्थाईकर्मी को नियमित कर्मचारी के समकक्ष माना जाता है। इसलिए स्थाईकर्मी में विनियमित होने के बाद घनश्याम रैकवार को सेवा से पृथक करने का निर्णय क्या वैधानिक दृष्टि से उचित है।
प्रभारी कार्यपालन यंत्री के पास इन सवालों के ठोस जवाब नहीं है। उनका कहना है, डीए की आपत्ति के चलते घनश्याम को नौकरी से हटाने का निर्णय लिया था। लेकिन वे यह नहीं बता पा रहे हैं कि, स्थाईकर्मी में विनियमित करने की कार्रवाई यदि नियमानुकूल एवं शासन के निर्देशनुसार की गई थी, तो उस पर डीए द्वारा दर्ज कराई गईं आपत्तियों का निराकरण किया जाना चाहिए या फिर स्थाईकर्मी को सेवा बाहर कर देना सही है। कुल मिलाकर इस अजब-गजब प्रकरण में कुछ तो ऐसा हुआ है जो कि पूर्णतः अनुचित है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उच्च न्यायालय इस मामले में क्या फैसला सुनाता है। इस संबंध आरईएस पन्ना के मौजूदा प्रभारी कार्यपालन यंत्री कोरी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन कई बार रिंग जाने के बाद भी उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।

एक तो चोरी, ऊपर से सीनाज़ोरी! बिजली चोरी पकड़ने वाली टीम पर लाठी-डंडों से हमला

0
हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कोतवाली थाना पन्ना के परिसर में बैठे मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी।

*    सहायक अभियंता की शिकायत पर FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

  मारपीट का वीडियो न बना सकें इसलिए विद्युत कर्मियों से जबरन छीन लिए थे मोबाइल

पन्ना। विद्युत कंपनी की टीम द्वारा बिजली चोरी पकड़ने से कुछ चोर इतना बौखला गए कि सरेआम सीनाज़ोरी करते हुए कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़ित कर्मचारी मारपीट की घटना का वीडियो न बना पाएं इसलिए बिजली चोरों ने हमले के पूर्व गाली-गलौंज करते हुए उनके मोबाइल फोन जबरन छुड़ा लिए थे। विद्युत विभाग की टीम पर हमले की यह घटना मध्य प्रदेश के पन्ना की है। सहायक अभियंता राहुल बिरला की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने तीन हमलावरों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। घटना के बाद से ही फरार आरोपियों की पुलिस के द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इधर, बिजली चोरों की गुंडागर्दी को लेकर विद्युत कंपनी अमले समेत स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग हमलावरों के कृत्य की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कोतवाली थाना पन्ना के परिसर में मौजूद विद्युत कंपनी के कर्मचारी।
पन्ना के वार्ड क्रमांक 15 कटरा मोहल्ला में अवैध विद्युत कनेक्शन की शिकायत मिलने पर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड पन्ना शहर के सहायक अभियंता राहुल बिरला बुधवार 11 जून की शाम लगभग 4.30 बजे अपनी टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। गली के अंदर मौके पर विद्युत पोल में वायर डालकर (कटिया फंसाकर) बिजली चोरी करते हुए पाए जाने पर लाइनमैन भरत गुप्ता व रवि बाल्मीक द्वारा वायर को सावधानीपूर्वक निकालकर जब्त किया गया। वहीं एई (असिस्टेंट इंजीनियर) बिरला और कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराज यादव बगल में स्थित अब्दुल कय्यूम के घर के पास प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई कर रहे थे, तभी सोएब खान, सोहेल खान एवं एक अन्य व्यक्ति पहुंचा और एकराय होकर बेवजह गाली-गलौंज करने लगे। विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज न करने की धमकी देते हुए आरोपीगणों ने शासकीय कार्य को बाधित किया।
विद्युत चोरी पकड़ने गई टीम के साथ मारपीट होने की घटना की जानकारी मिलने पर विद्युत कंपनी के कर्मचारी बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पन्ना में जमा हो गए।
गालियां देने से मना करने पर विद्युत चोरों ने एई बिरला के ऊपर डंडे से प्रहार किया जो कि बीच-बचाव करने के दौरान लाईनमैन भरत गुप्ता के बाएं हाथ पर लगा। सोएब खान ने डंडे से भरत गुप्ता के ऊपर हमला किया। एक अन्य हमलावर ने असिस्टेंट इंजीनियर (सहायक अभियंता) राहुल बिरला की कॉलर पकड़कर गर्दन पर फंदा कस दिया। दम घुटने के कारण बिरला को छटपटाते देख बचाने आए कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराज यादव पर अज्ञात हमलावर ने अपना गुस्सा निकाला। अज्ञात आरोपी ने शिवराज यादव के गालों पर कई थप्पड़ मारे। आसपास मौजूद लोगों एवं विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने बमुश्किल असिस्टेंट इंजीनियर राहुल बिरला को छोड़ा।
मीडिया को मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग पन्ना के सहायक अभियंता राहुल बिरला।
हमलावरों ने विद्युत कंपनी की टीम को धमकी दी है, कुलिया के अंदर बिजली चोरी के प्रकरण अगर बनाओगे तो इस बार बच गए लेकिन अगली बार जान से ख़त्म कर देंगे। किसी तरह अपनी जान बचाकर कोतवाली थाना पहुंची विद्युत कंपनी की टीम ने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इस बीच आरोपियों के रिश्तेदार कोतवाली थाना परिसर पहुंचे और विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों से छुड़ाए गए मोबाइल फोन उन्हें वापस लौटा दिए। पीड़ित असिस्टेंट इंजीनियर की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने आरोपी सोएब खान, सोहेल खान पिता जम्मू खान एवं एक अन्य व्यक्ति समेत कुल तीन हमलावरों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 132, 121(1), 296, 351, 3(5) के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। बिजली चोरों के द्वारा विद्युत टीम पर हमला करने की दुस्साहसपूर्ण घटना को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग हमलावरों की हरकत को एक तो चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी बताते हुए घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। उधर, तीनों आरोपी घटना के बाद से ही फरार बताए जा रहे हैं।

अवैध कॉलोनी निर्माण: पन्ना कलेक्टर ने अब इन 3 कॉलोनाइजर्स को जारी किए नोटिस

0
फाइल फोटो।
पन्ना। जिला मुख्यालय पन्ना समेत आंचलिक नगरीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण करने वालों के विरुद्ध कलेक्टर सुरेश कुमार द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिससे कॉलोनाइजरों में जबरदस्त हड़कंप मचा है। इसी क्रम में कलेक्टर न्यायालय द्वारा नगर पालिका परिषद पन्ना क्षेत्र अंतर्गत अवैध कॉलोनी निर्माण पर अब तीन व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिनमें मीना पाण्डेय पत्नी अरविन्द कुमार पाण्डेय उर्फ विष्णु पाण्डेय निवासी रानीगंज मोहल्ला, पूनम यादव पत्नी स्व. महेन्द्र प्रताप सिंह यादव निवासी वार्ड नंबर 14 बेनीसागर तथा सुमन गुप्ता पत्नी मनोज कुमार गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 11 बेनीसागर मोहल्ला सभी तहसील एवं जिला पन्ना शामिल हैं। जारी नोटिस में इन्हें आगामी जुलाई माह में नियत पेशी तिथि पर पक्ष समर्थन के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर सुरेश कुमार ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना के प्रतिवेदन पर ग्राम पन्ना के सर्वे नंबर 403/1/1 रकवा 0.018 हे., सर्वे नंबर 403/2/1 रकवा 0.124 हे., सर्वे नंबर 405/1 रकवा 0.035 हे., सर्वे नंबर 405/2 रकवा 0.175 हे. कुल किता 4 कुल रकवा 0.3520 हे. भूमि पर संयुक्त रूप से निर्धारित प्रावधानों का उल्लघंन कर छोटे-छोटे भू-खण्ड विक्रय कर अवैध कॉलोनी के निर्माण पर नोटिस जारी किया है। उक्त कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339-क, 339-ख एवं 339-ग तथा म.प्र. नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 के प्रावधानों के विपरीत कॉलोनी निर्माण करने पर की गई है।
इस संबंध में जारी नोटिस के माध्यम से कॉलोनी को अनधिकृत कॉलोनी घोषित करने, उपरोक्त भूमि तथा संबंधितजन के स्वामित्व की किसी अन्य भूमि को प्रश्नाधीन कॉलोनी में नागरिक अधोसंरचना के विकास कार्य पूर्ण करने के लिए अटैच करने तथा अनधिकृत कॉलोनी निर्माण का अपराध कारित करने पर कारावास व जुर्माना के लिए सक्षम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने सहित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने बावत् बिन्दुवार प्रत्युत्तर अनिवार्य रूप से चाहा गया है। निर्धारित पेशी तिथि व समय पर उपस्थित न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई कर प्रकरण में प्रस्ताव अनुसार आगामी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कॉलोनी निर्माण का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र, कॉलोनी विकास की अनुज्ञा, नगर तथा ग्राम निवेश से ले आउट स्वीकृति व अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं रेरा में पंजीयन कराए बगैर तथा किसी भी प्रकार का आंतरिक विकास किए बगैर अवैध कॉलोनी निर्माण करने पर जारी नोटिस के माध्यम से अन्य व्यक्तियों को भी अनधिकृत कॉलोनी घोषित करने के संबंध में अपनी आपत्ति निर्धारित तिथि के पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत करने के संबंध में सूचित किया गया है। इसके अलावा तहसीलदार पन्ना, सीएमओ एवं उप पंजीयक पन्ना को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही: तहसीलदार को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा

0
फाइल फोटो।

 भूमि का कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने मांगी थी घूस

पत्नी के नाम दर्ज भूमि का कब्ज़ा पाने 8-9 साल से भटक रहा था किसान

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त की धरपकड़ के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में रिश्वत का खेल बेख़ौफ़ तरीके से जारी है। ताजा मामला पन्ना जिले के रैपुरा में सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी को 3,000/- (तीन हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। तहसीलदार ने निजी भूमि से अवैध कब्ज़ा हटवाकर भूमि स्वामी को कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने के एवज में किसान से रिश्वत मांगी थी। आज सुबह लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई की खबर आते ही रैपुरा में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते तहसीलदार आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोकयुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि को ट्रैप करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए उनके कार्यालय ले गई।
शिकायतकर्ता कृषक कल्याण सिंह लोधी।
जानकारी अनुसार, द्रोपदी बाई पिता रामनाथ लोधी निवासी ग्राम गाता तहसील पटेरा जिला दमोह की भूमि पन्ना जिले की रैपुरा तहसील अंतर्गत पिपरियाकला ग्राम में स्थित है। भूमि पर स्थानीय व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर लिया था। जिसे अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर उसका कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए द्रोपदी बाई का पति कल्याण सिंह पिछले 8-9 साल से रैपुरा तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। कुछ दिन पूर्व किसान कल्याण सिंह ने भूमि का कब्ज़ा दिलाने संबंधी आदेश तामील करवाने तहसीलदार ने संपर्क किया। इस दौरान तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने उससे बाबू जी से संपर्क करने के लिए कहा। तभी तहसीदार का ड्राइवर कल्याण सिंह के पास पहुंचा और उसके द्वारा काम करवाने के एवज में दस हजार 10,000/- रुपए की मांग की गई। बातचीत में 9,000/- (नौ हजार) रुपए में आदेश तामील करवाने पर सहमति बनीं। पहली किश्त के रूप में किसान ने तहसीलदार के ड्राइवर को 4,000/- चार हजार रूपये दिए। शेष राशि जल्दी ही दूसरी किश्त में देने बात कही।
लोकायुक्त सागर की टीम तहसील कार्यालय रैपुरा में तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्यवाही करते हुए।
कई सालों से परेशान किसान कल्याण सिंह लोधी ने घूसखोरों को सबक सिखाने के लिए लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में संपर्क किया। योजनाबबद्ध तरीके से लोकायुक्त संगठन ने किसान को तहसीलदार के पास रिश्वत राशि पर चर्चा करने के लिए भेजा गया। किसान कल्याण सिंह ने इस दौरान अपनी परेशानी का हवाला देते हुए तहसीलदार से दूसरी किश्त की राशि कम करने की गुहार लगाई। तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने बातचीत के दौरान दूसरी किश्त में रियायत देते हुए कहा, तुम्हारे पास जितनी राशि उपलब्ध हो उतनी ही दे देना। इस तरह शिकायत की तस्दीक होने पर लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया।
रिश्वत लेने के मामले में तहसीलदार रैपुरा को पकड़ने की कार्यवाही की जानकारी देते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।
प्लान के मुताबिक आज (सोमवार 9 जून 2025) को सुबह लगभग 9 बजे कल्याण सिंह ने रैपुरा में तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के आवास पहुंचकर रिश्वत की दूसरी किश्त में 3000 (तीन हजार रुपए) दिए। अगले ही पल वहां लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर तहसीलदार को पकड़ लिया। प्रारंभिक कार्यवाही के बाद लोकायुक्त की टीम तहसीलदार को उनके कार्यालय ले गई। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की दस्तावेजी कार्यवाही में जुटी थी।

2 साल पहले पटवारी और कम्यूटर ऑपरेटर हुआ था ट्रैप

18 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रैपुरा तहसील के पटवारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर। (फाइल फोटो)
पन्ना जिले की दूरस्थ तहसील रैपुरा में रिश्वत के बगैर आम आदमी का जायज काम भी नहीं होता है। यहां व्याप्त घूसखोरी एवं भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, लगभग 2 वर्ष पूर्व लोकायुक्त की टीम ने 18 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में तहसील कार्यालय के कम्प्यूटर ऑपरेटर भागीरथ सेन व पटवारी रामअवतार वर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके द्वारा एडवोकेट उमेश कुमार प्रजापति से उनके 3 क्लाइंट के गरीबी रेखा कार्ड (बीपीएल कार्ड) बनाने के एवज में रिश्वत की डिमांड की गई थी। इस कार्यवाही से रैपुरा तहसील कार्यालय के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों ने कोई सबक नहीं सीखा। आज रिश्वत लेते हुए रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के पकड़े जाने से तो यही साबित होता है।

घायल बाघ को बाड़े में रखकर डेढ़ माह तक किया इलाज, घाव ठीक होने पर जंगल में छोड़ा

0
पन्ना टाइगर रिजर्व के युवा पी-243 का घाव ठीक होने पर मंगलवार को उसे जंगल में स्वछंद विचरण करने छोड़ दिया गया।

*    पीटीआर के बाघ पी-243 के सिर पर था गहरा जख्म

*    इलाज को लेकर वन्यजीव प्रेमियों ने उठाई थी आवाज़

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से युवा बाघ पी-243 को लेकर अच्छी खबर आई है। सिर पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल युवा बाघ समुचित इलाज मिलने और लगभग डेढ़ माह तक वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजीव गुप्ता की सतत निगरानी रहने के बाद अब पूरी तरह ठीक हो चुका है। वर्तमान में बाघ की हालत सामान्य होने पर मंगलवार 3 जून को उसे जंगल में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ दिया गया। बाघ को बाड़े की कैद से आजाद करने के दौरान पीटीआर (Panna Tiger Reserve) के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अब जंगल की खुली हवा में सांस ले रहे इस युवा बाघ की निगरानी पार्क हाथियों और कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण के दौरान पर्यटकों की नजर गंभीर रूप से जख्मी युवा टाइगर पी-243 पर पड़ी थी। पर्यटकों द्वारा बाघ के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने से जब यह खबर फैली तो हड़कंप मच गया। वन्यजीव प्रेमियों (Wildlife Lovers) ने बाघ की हालत को लेकर गहरी चिंता जताते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किये। साथ ही तुरंत उसका इलाज करवाने की मांग उठाई थी। पन्ना पार्क प्रबंधन की ओर से बरती जा रही घोर उदासीनता के कारण बाघ का जीवन संकट में पड़ने से जुड़ीं ख़बरों को स्थानीय मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित की गईं। तब कहीं जाकर पन्ना टाइगर रिजर्व के जिम्मेदार अफसर गहरी नींद से जागे और तिल-तिल मरते बाघ के इलाज की सुध ली।
पन्ना पार्क (पन्ना टाइगर रिजर्व) के परिक्षेत्र हिनौता में विगत माह 20 अप्रैल 2025 को घायल बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर बड़गड़ी स्थित बाड़े में रखा गया था। जहां वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजीव गुप्ता ने उसका उपचार कर सतत निगरानी की। फलस्वरूप लगभग डेढ़ माह बाद युवा टाइगर पी-243 के घाव (Wound) ठीक होने पर मंगलवार 3 जून 2025 की शाम उसे बाड़े की कैद से आजाद कर दिया। पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया, वर्तमान में युवा बाघ के घाव ठीक होने पर मंगलवार शाम 6 बजे स्वछंद विचरण हेतु बाड़े का दरवाजा खोला गया। करीब 2 घण्टे बाद देर शाम 8 बजे बाघ बाड़े से निकलकर पुनः जंगल में चला गया। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक मोहित सूद, परिक्षेत्र अधिकारी हिनौता एवं हाथी महावत उपस्थित रहे। क्षेत्र संचालक ने जानकारी दी है कि, बाघ पी-243 की निगरानी पार्क के हाथियों एवं कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।

PTR के फंदे में फंसे शिकारी: सेही के मांस की उड़ाई थी दावत, जेल में अब पीसेंगे चक्की

0
पन्ना टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण की टीम द्वारा सेही (साही) के अवैध शिकार मामले में गिरफ्तार आरोपी।

 आरोपियों के कब्जे से सेही के कांटे और कुल्हाड़ी जब्त

 गंगऊ अभ्यारण की बगौंहा बीट अंतर्गत हुआ था शिकार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना में गंगऊ अभ्यारण (Gangau Sanctuary) अंतर्गत गत दिनों सामने आई सेही (Porcupine) के अवैध शिकार (Poaching) की हैरान करने वाली घटना का वन अमले ने तत्परता से खुलासा किया है। मैदानी वन अमले ने सेही (साही) के मांस की दावत उड़ाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से शिकार की घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं सेही के कांटे जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी पिता दसुआ आदिवासी 24 वर्ष, परसू कोंदर पिता सुकइयां कोंदर 48 वर्ष और प्रीतम कोंदर पिता रघुवर कोंदर 26 वर्ष सभी निवासी बगौंहा पुलिस थाना मड़ला जिला पन्ना शामिल हैं। तीनों आरोपियों को 28 मई 2025 को न्यायलय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल वारंट पर न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में पन्ना जिला जेल भेजा गया। सेही के शिकार को लेकर वन्यजीव तस्करी (Wildlife Trafficking) की आशंका जताई जा रही थी जो कि गलत साबित हुई है, अब तक की जांच से पता चला है आरोपियों का मकसद मांस की दावत उड़ाना था। सेही के शिकार की चिंताजनक घटना का तत्परता से खुलासा कर सभी आरोपियों की गिरफ़्तारी को वन परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण टीम की सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

जंगल गश्त के दौरान हुआ था खुलासा

पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत माह मई 2025 में 2 तेंदुओं (Leopards), 1 मादा भालू (Female Bear) की रहस्यमयी मौतों से मचे हड़कंप के बीच सेही के शिकार की चौंकाने वाली घटना सामने आई थी। दिनांक 20 मई को परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण की बगौंहा बीट के कक्ष क्रमांक- 247 में पैदल गश्त के दौरान वनमार्ग किनारे सेही के कांटे, आंतें, मल और खून से सनी हुई लकड़ी वन अमले को मिली थी। सूचना मिलने पर परिक्षेत्राधिकारी (रेन्जर) अमर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया था। प्रथम दृष्टया मामला अवैध शिकार का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत जानकारी दी गई थी। पन्ना पार्क के मौजूद हालात के मद्देनजर सेही के शिकार की घटना ने वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि कुछ लोग इसे लेकर वन्यजीव तस्करी की आशंका जता रहे थे।

बेज़ोअर के लिए शिकार की थी आशंका

बता दें कि सेही का अवैध शिकार मांस के अलावा उसके पेट में पाए जाने वाले आंशिक रूप पचे खाद्य पदार्थों से निर्मित गोले (पथरी) लिए भी किया जाता है। जिसे बेज़ोअर कहा जाता है। कथित तौर पर औषधीय गुणों से भरपूर बेज़ोअर सोने से अधिक कीमती होता है। इधर, सेही शिकार मामले में शामिल संदेही व्यक्ति घटना के बाद से ही फरार होने के कारण यह साफ़ नहीं हो पा रहा था कि इस प्रकरण में बेजुबान वन्यजीव का शिकार मांस के लिए किया गया था या फिर बेज़ोअर हांसिल करने के मकसद से उसे बेरहमी से मारा गया। जबकि कुछ लोग आशंका जाता रहे थे कि बेज़ोअर की तस्करी के लिए सेही का शिकार किया गया है।

दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा

वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सजग एवं संवेदनशील वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेन्जर) अमर सिंह ने सेही (साही) के शिकार की घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए संदेही की धरपकड़ के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। संदेही के घर एवं परिजनों पर 24 घण्टे पैनी नजर रखते हुए उसके छिपने के संभावित ठिकानों का पता लगाया। आखिरकार मैदानी वन अमले की सप्ताह भर की कड़ी मशक्कत रंग लाई। गत दिनों मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर रेंजर ने हमराही बल परिक्षेत्र सहायक हरपाल सिंह सौर, बीटगार्ड कम्मोद सिंह एवं सुरक्षा श्रमिकों के साथ मौके पर पहुंचकर दबिश देते हुए संदेही प्रीतम कोंदर पिता रघुवर कोंदर 26 वर्ष निवासी निवासी बगौंहा थाना मड़ला जिला पन्ना को हिरासत में लिया।

जंगल में मृत पड़ी मिली थी सेही

संदेही प्रीतम कोंदर को मड़ला लाकर शिकार की घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर जुर्म कबूल कर लिया। रेंजर अमर सिंह ने बताया कि, आरोपी प्रीतम घटना दिनांक को जंगल से जब तेंदूपत्ता लेकर वापस घर लौट रहा था तो रास्ते में उसे सेही मृत पड़ी मिली थी। सेही के कांटे आसपास बिखरे थे और उसका सिर गायब था। शायद किसी वन्यजीव द्वारा उसका शिकार किया गया था। सेही का धड़ मिलने पर मांस की दावत उड़ाने के लालच में आकर प्रीतम ने जंगल में ही कुल्हाड़ी (Axe) से उसके टुकड़े किये। फिर ग्राम बगौंहा के स्वजातीय हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी पिता दसुआ आदिवासी 24 वर्ष और परसू कोंदर पिता सुकइयां कोंदर 48 वर्ष को मांस का कुछ हिस्सा बांट दिया था। प्रीतम के खुलासे के आधार पर पीटीआर (Panna Tiger Reserve) की टीम ने बिना किसी देरी के हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी एवं परसू कोंदर को भी गिरफ्तार कर लिया। सेही शिकार मामले के मुख्य आरोपी प्रीतम कोंदर के कब्जे से वन अमले ने कुल्हाड़ी, सेही के कांटे एवं अन्य दोनों आरोपियों से सेही (साही) के कांटे (Porcupine Thorn) जब्त किए है। रेंजर ने बताया कि सेही का शिकार मांस के लिए किया गया था, प्रकरण की अब तक की जांच में वन्यजीव अंग तस्करी से संबंधित किसी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है।

महाराजा छत्रसाल की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में श्री जुगल किशोर लोक का भूमि-पूजन करने के बाद हितग्राही सम्मेलन को संबोधित किया।

*        श्री जुगल किशोर लोक बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

*        पन्ना में किया निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण

*        बृजपुर में कॉलेज खोलने और अजयगढ़ हॉस्पिटल उन्नयन की घोषणा

पन्ना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुंदेलखंड में बड़ा बदलाव आने वाला है, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पन्ना दमोह छतरपुर सहित समूचा बुंदेलखंड समृद्ध होगा। किसानों की जिंदगी बदलेगी, पूरे क्षेत्र में खुशहाली आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार 29 मई को पन्ना में महाराजा छत्रसाल जयंती और पन्ना नगर के गौरव दिवस पर समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से सुशासन की मिसाल बनेगी। प्रदेश में पन्ना सहित 19 धार्मिक नगरों में शराब दुकान बंद की गई है। सरकार शराब दुकान बंद कर दूध की दुकानें खोलेगी, गोपालन पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां श्री जुगल किशोर लोक के साथ ही 90 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा शीघ्र ही पन्ना को मेडिकल कॉलेज सहित अन्य सौगातें भी मिलेगी।

राह वीर को मानवता के लिए मिलेंगे 25 हजार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना की धरती शूरवीरों की धरती हैं यहाँ पर हीरे के अपार भंडार हैं। महाराज छत्रसाल ने भी सोच समझकर पन्ना को राजधानी बनाया। उन्होंने कहा कि पन्ना में सबसे अच्छे हीरे पाए जाते हैं। जुगलकिशोर लोक बनने से श्रद्धालुजन दूर-दूर से आकर यहां दर्शन करेंगे जिससे पन्ना में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नगर समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के गौरव दिवस के अवसर पर मैं मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएँ देता हूँ। उन्होंने महाराजा छत्रसाल एवं लोकमाता अहिल्याबाई के चित्र पर मल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हदासों में अस्पताल पहुंचाने पर राह वीर योजना में मानवता के आधार पर 25 हजार का पुरस्कार सरकार देगी।

जुगुलकिशोर लोक में अन्य मंदिर होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पन्ना में जनसभा को संबोधित करने के पूर्व तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जगन्नाथ यात्रा को धर्मस्व और धार्मिक न्यास में शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार महाराजा छत्रसाल की जयंती मनायेगी। पाठ्यक्रमों में महाराजा छत्रसाल की जीवनी को शामिल कर उनकी वीरता और जीवन के पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने अजयगढ़ के अस्पताल का उन्नयन करने तथा जुगल किशोर महालोक में गोविंद मन्दिर, बलदाऊ मन्दिर, प्राणनाथ और राम जानकी मंदिर के विकास कार्यों में शामिल करने की घोषणा की। तालाबों के जीर्णोद्धार और स्टेडियम को पूर्ण करने सहित बृजपुर में नवीन कॉलेज खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने तय किया है की प्रदेश के नगरों में सभी जगह गीता भवन बनाए जाएंगे। गीता भवन में सभागार, लायब्रेरी आदि बनाई जाएगी। उन्होंने 131 नव विवाहित दंपत्तियों को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम को खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया।

महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना नगर पालिका परिषद् के राजेन्द्र उद्यान में महाराज छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रसाल जयंती पर पन्ना प्रवास के दौरान नगर के राजेन्द्र उद्यान पर बुंदेलखण्ड केशरी महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प वर्षा कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री प्राणनाथ मंदिर ट्रस्ट के सदस्य एवं पदाधिकारियों से ट्रस्ट के कार्यों और गतिविधियों की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रसाल की गादी पर भी माल्यार्पण किया। इस अवसर पर महाराजा छत्रसाल के वंशज पूर्व पन्ना राजघराने के महाराजा छत्रसाल दिव्तीय विशेष रूप से उपस्थित रहे।