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ट्रक क्लीनर ही निकला चालक की हत्या का आरोपी, रुपयों की लालच में विवाद होने पर गला रेतकर वारदात को दिया अंजाम

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ट्रक चालक की गला रेतकर हत्या करने के बाद लाश को केन नदी में फेंके जाने की घटना का खुलासा करते हुए पन्ना एसपी धर्मराज मीना।

*  पन्ना पुलिस ने 48 घण्टे के अंदर किया सनसनीखेज अंधे क़त्ल का खुलासा

*  आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के लिए केन नदी में फेंक दिया था चालक का शव

पन्ना। (www.radarnews.in) राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 39 पर पन्ना-छतरपुर के बीच मड़ला ग्राम में स्थित केन नदी पुल ने नीचे पानी में दो दिन पूर्व 17 मार्च की सुबह अज्ञात युवक का शव मिलने की सनसनीखेज घटना का पन्ना पुलिस ने महज़ 48 घण्टे के अंदर खुलासा करने का दावा करते इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मृतक दुर्गपाल प्रजापति पिता लाखन प्रजापति 30 वर्ष निवासी ग्राम जाखलौन थाना जाखलौन जिला ललितपुर उत्तर प्रदेश का निवासी था। जोकि पेशे से ट्रक चालक था। दुर्गपाल की गला रेतकर हत्या करने की वारदात को उसके ही सहयोगी ट्रक क्लीनर ने अंजाम दिया था। भूसा परिवहन के भाड़ा के रूप में मिले 72 हजार रुपए की कथित तौर पर चोरी को लेकर दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते हुए विवाद को हत्याकाण्ड की वजह बताया जा रहा है। पन्ना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने शुक्रवार 19 मार्च को प्रेस वार्ता कर अंधे क़त्ल के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि हत्यारोपी ट्रक क्लीनर (हेल्पर) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 72 हजार रूपये नगद, हत्या में प्रयुक्त छुरी, हत्या करते समय पहने गये कपड़े एवं ट्रक क्रमांक UP- 94-T- 7624 को जप्त किया है।
उल्लेखनीय है कि मृत ट्रक चालक के कपड़ों में सतना जिले के टोल नाका की पर्ची मिली थी। जिसमें दर्ज वाहन नंबर के आधार पर पुलिस ने ललितपुर उत्तर प्रदेश निवासी ट्रक के मालिक से सम्पर्क किया। फलस्वरूप मृतक की शिनाख्त हो गई और पूरे मामले का खुलासा हो गया। ट्रक के चालक दुर्गपाल की हत्या करने एवं लाश को रास्ते में ही केन नदी में फेंकने के बाद आरोपी क्लीनर ट्रक को लेकर ग्राम खैंरो थाना मातगुवां जिला छतरपुर की ओर चला गया था। साइबर सेल एवं मुखबिर के माध्यम से क्लीनर की लोकेशन का पता लगाकर पुलिस के द्वारा ग्राम खैंरो स्थित एक ढावा में दबिश देकर उसे पकड़ा गया। अंधे क़त्ल का तत्परता से खुलासा करने एवं आरोपी की धरपकड़ में थाना प्रभारी मड़ला उप निरीक्षक जे.एम. सिंह उनकी टीम के अन्य सदस्यों एवं साइबर सेल का विशेष योगदान रहा। पन्ना पुलिस अधीक्षक ने उक्त पुलिस टीम को 5000 रुपये के नगद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

रामराज की लूट | स्वीकृत खदानों से निर्धारित मात्रा से 3 गुना अधिक पत्थर निकाला, सोते रहे जिम्मेदार; अवैध खनन ने कर दिया खोखला

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पन्ना जिले की शाहनगर तहसील के कचौरी ग्राम में स्थित रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन का क्रेशर प्लांट।

पन्ना जिले में सड़क निर्माण हेतु जारी की गई थी 3 गिट्टी खदानों की अस्थाई अनुज्ञा

खनिज अधिकारी ने माना बड़े पैमाने अवैध उत्खनन कर नियम-शर्तों का किया उल्लंघन

खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के निर्देश देने के बाद भी “रामरज” के खिलाफ नहीं हो पाई कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में माफियाओं के खिलाफ जारी बहुप्रचारित अभियान के बीच अति पिछड़े पन्ना जिले में बेरोकटोक चल रही बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट नित नए रिकार्ड कायम कर रही है। बुन्देलखण्ड अंचल का बेल्लारी बन चुके पन्ना में राजनैतिक-प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त खनन माफिया खुलेआम नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए रेत-पत्थर व हीरे के लिए नदी-पहाड़-जंगल एवं राजस्व भूमि को खोखला करने में जुटे हैं। जिले का रेत ठेकेदार रेत माफिया बनकर एक ओर दैत्याकार मशीनों के नुकीले जबड़ों से जीवनदायिनी केन नदी की कोख को नोंचकर रेत निकाल रहा है वहीं दूसरी तरफ नव घोषित राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) क्रमांक-943 तथा एनएच-43 का निर्माण कार्य कर रही कम्पनी रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन भोपाल खनन माफिया वाले अंदाज में ही नियम-शर्तों को ताक पर रखते हुए मनमाने तरीके से खनन कर राजस्व भूमियों को खोखला करने पर आमादा है। इस कम्पनी ने क्रेशर गिट्टी निर्माण हेतु स्वीकृत पत्थर खदानों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया है।
पन्ना जिले की शाहनगर तहसील के कचौरी ग्राम में स्थित रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन को स्वीकृत पत्थर खदान।
सड़क निर्माण की कछुआ चाल और कार्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे पर पहले से ही कई गंभीर आरोपों से घिरी रामराज कंपनी के खिलाफ शाहनगर तहसील के ग्राम कचौरी निवासी किसान भी आंदोलित हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है, इस कंपनी ने दबंगई दिखाते हुए उनके स्वामित्व की निजी कृषि भूमि पर जबरन कब्ज़ा कर पत्थर खदान खोद डाली है। कई बार शिकायत करने के बाबजूद तहसील स्तरीय अधिकारियों के द्वारा इस अन्याय-अत्याचार को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
समाचार पत्र में प्रकाशित खबर की कटिंग।
खदान में तब्दील होते अपने खेतों को बचाने के लिए दलित किसानों ने पिछले दिनों पन्ना आकर कलेक्टर से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी। सवाल यह है कि, खनन माफिया को लूट की खुली छूट देकर निहित स्वार्थों की पूर्ती में जुटे प्रशासनिक अफसरों से क्या इन दलित किसानों को इंसाफ़ मिल पाएगा ? लंबे समय से अवैध खनन को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे “जिम्मेदार अफसर” कचौरी के किसानों के मुद्दे पर तत्परता से कोई प्रभावी एक्शन लेते हैं या फिर पिछली शिकायतों की तरह इस शिकायत को भी ठण्डे बस्ते में डालकर हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहते हैं, आने वाले कुछ दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा।

रामराज के लिए मजाक बने नियम-कानून

पन्ना जिले की गुनौर तहसील के ग्राम झुमटा में स्थित रामराज कम्पनी का क्रेशर प्लांट।
पन्ना जिले में कई दशकों तक एकमात्र नेशनल हाईवे वर्तमान क्रमांक-39 (पूर्व में 75) रहा है। लेकिन कुछ वर्ष पूर्व ही जिले की दो नई सड़कों को एनएचएआई ने नेशनल हाईवे घोषित किया है। जिसमें गुलगंज-अमानगंज-पवई-कटनी मार्ग NH-43 एवं पवई-सलेहा-जसो-नागौद NH-943 शामिल है। रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन भोपाल के द्वारा पिछले लगभग तीन साल से इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस कंपनी को सड़क निर्माण कार्य हेतु जिले में तीन स्थानों पर गुनौर तहसील के ग्राम झुमटा, अमानगंज तहसील के ग्राम झरकुआ एवं शाहनगर तहसील के ग्राम कचौरी में क्रेशर गिट्टी के लिए पत्थर की खदानें (अस्थाई अनुज्ञा) स्वीकृत की गई थीं।
लीज अवधि की समाप्ति के बाद भी रामराज कम्पनी के द्वारा पत्थर खनन जारी रखने के संबंध में करीब 5 माह पूर्व प्रकाशित खबर।
रामराज कंपनी पर आरोप है कि उसने लीज की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए स्वीकृत खदानों में अनियंत्रित तरीके से अवैध खनन करके निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक खनिज संपदा का दोहन किया गया। बड़े पैमाने पर हुए अवैध खनन का यह खेल खदानों की समयसीमा (लीज अवधि) समाप्त होने के बाद भी बेरोटोक तरीके से लगातार जारी रहा। कंपनी के द्वारा ऐसा करके अस्थाई अनुज्ञा स्वीकृत आदेश की शर्तों, माइनिंग प्लान, मध्य प्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (एमपी सिया), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) संबंधी नियम-शर्तों का जमकर माखौल उड़ाया गया।
कचौरी के क्रेशर प्लांट में बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ों की सिल्लियां।
रामराज के द्वारा निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक खनन करना एवं लीज अवधि की समाप्ति के बाद भी खनन को जारी रखना जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को कठघरे में खड़ा करता है। क्योंकि, संबंधित तहसीलों के राजस्व अधिकारीयों, खनिज विभाग के अफसरों एवं जिले में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण के बगैर यह संभव ही नहीं है। बताते चलें कि वर्ष 2017-18 में स्वीकृत खदानों से खनन की अनुमति मार्च 2020 तक थी। लेकिन इस समयावधि के समाप्त होने के बाद भी रामराज ने पत्थर खनन और उससे गिट्टी तथा सेण्ड डस्ट बनाने के लिए क्रेशर को चालू रखा। सूत्र बताते हैं, अवैध खनन का यह खेल लीज की समयावधि समाप्त होने के बाद खदान से निकले पत्थर के परिवहन की अनुमति की आड़ में खेला गया।

खदानवार खनन की अनुमति

गुनौर तहसील के ग्राम झुमटा में रामरज कम्पनी के द्वारा पत्थर खनन के लिए काफी गहराई तक खोदी गई विशाल खदान में भरा पानी।
रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन भोपाल पन्ना जिले में दो नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य कर रही है जिसमें शामिल गुलगंज-अमानगंज-पवई-कटनी मार्ग NH-43 लंबाई 44.2 किलोमीटर लागत 103.56 करोड़ एवं पवई-सलेहा-जसो-नागौद NH-943 लंबाई 50.88 किलोमीटर लागत 139.23 करोड़ रुपये है। इन दोनों ही सड़कों के निर्माण की शुरूआती समयसीमा अनुबंध अनुसार 18 माह रही। हालांकि कछुआ गति से निर्माण कार्य के चलते तीन वर्ष का लंबा अरसा गुजरने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है। इन सड़कों के निर्माण के लिए रामराज कम्पनी को जिले की अमानगंज तहसील के ग्राम झरकुआ में आरजी क्रमांक-1673 रकवा 1.30 हेक्टेयर क्षेत्र में पत्थर खदान की अस्थाई अनुज्ञा (अस्थाई लीज़) स्वीकृति वर्ष 2017-18 से लेकर 2019-20 तक के लिए दी गई थी।
सलेहा-पवई मार्ग किनारे ग्राम शंकरगढ़ के समीप स्थित रामराज कम्पनी मिक्सर प्लांट जहां बड़ी मात्रा में डंप है गिट्टी।
इसी तरह गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम झुमटा में इसी अवधि के लिए आरजी क्रमांक 1263/1 रकवा 1.90 हेक्टेयर पर प्रतिवर्ष 65,590 घनमीटर पत्थर खनन हेतु अस्थाई अनुज्ञा प्रदान की गई थी। इसके अलावा जिले की शाहनगर तहसील के ग्राम कचौरी में भी उपरोक्त अवधि के लिए आरजी क्रमांक-3031 रकवा 2.40 हेक्टेयर क्षेत्र से प्रतिवर्ष 3200 घनमीटर पत्थर खनन करने के लिए दिनांक 01 दिसम्बर 2018 को खनिज शाखा पन्ना के द्वारा लीज स्वीकृत की गई। संबंधित तहसीलों के राजस्व अमले से मिली ऑफ़ रिकार्ड जानकारी एवं रडार न्यूज़ की टीम के द्वारा स्थल निरीक्षण करने पर उक्त खदानों में कथित तौर पर वृहद पैमाने पर अवैध खनन होने की बात सामने आई है। एक अनुमान के अनुसार इन सभी स्थानों पर निर्धारित मात्रा से लगभग 3 से 5 गुना तक अधिक पत्थर निकाला गया। सीधे तौर यह खनिज संपदा के अंधाधुंध दोहन का बेहद गंभीर मामला है।

मंत्री के निर्देश पर नहीं हुआ अमल

शाहनगर के कचौरी ग्राम में स्थित रामराज कंपनी का क्रेशर प्लांट।
सड़क निर्माता कंपनी के द्वारा तमाम नियम-शर्तों को रौंदते हुए अवैध खनन का खेल प्रदेश के खनिज विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के गृह जिले पन्ना में खेला गया। करीब 4-5 माह पूर्व लीज समाप्ति के बाद भी पत्थर खनन कार्य एवं क्रेशर का संचालन खुलेआम जारी रहा। तब कचौरी ग्राम के दौरे पर गए पन्ना के पत्रकारों ने खनिज संपदा की इस लूट का खुलासा करते हुए पूरे मामले से प्रदेश खनिज मंत्री को अवगत कराया था। मगर, हैरानी की बात है कि खनिज मंत्री के द्वारा अवैध खनन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करने और रामराज कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई होना तो दूर इसकी सभी खदानों की जांच भी पूरी नहीं हो सकी। मंत्री के निर्देशों पर अमल को लेकर उनके अपने ही जिले में विभागीय अफसर हद दर्जे की उदासीनता बरत रहे हैं। इससे पन्ना जिले में मची अंधेरगर्दी का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

इनका कहना है —

“शाहनगर तहसीलदार का प्रतिवेदन शनिवार को ही कार्यालय में प्राप्त हुआ है, जिसमें यह बताया गया है कि रामराज कंपनी ने उनके तहसील क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां अवैध उत्खनन किया है। प्रतिवेदन के अनुसार अवैध उत्खनन के प्रकरण शीघ्र ही पंजीबद्ध किये जाएंगे। ग्राम झुमटा व झरकुआ में इस कंपनी ने काफी बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया है वहाँ की गंभीर शिकायतें मिली हैं, मैं स्वयं इन स्थानों पर जाकर अवैध खनन की जांच करूँगा और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री जी ने भी इसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे उसी के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।”

– रवि पटेल, जिला खनिज अधिकारी पन्ना।

“कचौरी ग्राम में अवैध उत्खनन का कहीं कोई मामला नहीं है। हमने लीज स्वीकृत कराकर पत्थर निकाला है, जिस स्थान का डिमार्केशन राजस्व विभाग के अमले ने किया था हमने वहीं पर खनन किया है। शाहनगर एसडीएम मौके पर जांच करने के लिए आईं थी, अब हमें बताया जा रहा है कि खनन जहां हुआ उसके थोड़ा पीछे होना था। लेकिन हमने अपने मन से कुछ नहीं किया, भूमि चिन्हित कर हमें सीमा बताई गई उस पर ही खदान खोदी। इस मामले में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए समस्त दस्तावेज लेकर एसडीएम से मिलने जा रहा हूँ। पवई-सलेहा-नागौद वाला प्रोजेक्ट मैं नहीं देखता वहाँ दूसरे प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। हमारी कंपनी में मीडिया से बात करने के लिए हमारे लाइजनिंग ऑफिसर उनके आने पर मैं आपसे बात करवा दूंगा।”

– राजेन्द्र गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, रामराज हाईटेक बिल्डिकॉन, भोपाल।

“जांच में अवैध उत्खनन होने की बात सामने आई है, लेकिन अभी मैंने जांच रिपोर्ट नहीं देखी है इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं दे सकती। रिपोर्ट देखने के बाद ही इस संबंध में बात कर पाउंगी।”

– रचना शर्मा, एसडीएम, शाहनगर जिला पन्ना।

बिना पेनिक करें हमें कोरोना को परास्त करना है : मुख्यमंत्री शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कोरोना नियंत्रण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा।

प्रदेश को 5 लाख टीकाकरण प्रति दिव की स्थिति में लाना है

मुख्यमंत्री ने की कोरोना पर कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंस

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण पुन: तेजी से फैल रहा है। इसके नियंत्रण के‍लिए आर्थिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। व्यापार और रोजगार में कोरोना से बचाव की सावधानियों का कड़ाई से पालन करें, नहीं तो सरकार कड़ाई करेगी। यह प्रदेश में गुड गवर्नेंस की पुन: परीक्षा है। बिना पेनिक करें हमें कोरोना को परास्त करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त कमिश्नर्स-कलेक्टर्स तथा मेडिकल कॉलेज के डीन आदि से गुरुवार 18 मार्च को चर्चा कर रहे थे। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी सम्मिलित हुए।

रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक बाजार बंद रहेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के सर्वाधिक प्रभावित जिलों उज्जैन, सागर, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, रतलाम और‍ छिंदवाड़ा में भी रात्रि 10 बजे से प्रात: 06 बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रखने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र से आने-जाने वाली यात्री बसों पर रोक

महाराष्ट्र में बनी कोरोना की विस्फोटक स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र से आने-जाने वाली यात्री बसों के आवागमन पर 20 मार्च से रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वेक्सीन टीकाकरण में प्रदेश को 5 लाख डोज प्रति दिवस की स्थिति में लाने के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के निर्देश भी दिए।

कोरोना नियंत्रण के लिये हरसंभव प्रयास करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण पुन: फैलना आरंभ हुआ है। इस पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास अभी से आरंभ करना आवश्यक है। इसके साथ ही प्रदेश को कठिनतम परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार भी रहना होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले सात दिनों में इंदौर में 1778, भोपाल में 1170, जबलपुर में 358, ग्वालियर में 185, उज्जैन में 187, रतलाम में 162, छिंदवाड़ा में 147, बुरहानपुर में 130, बैतूल में 110 और खरगोन में 92 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ग्वालियर मेले की अवधि के संबंध में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप निर्णय लें।

जनप्रतिनिधियों, समाज-सेवियों का सहयोग लें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के लिए अभियान में जनप्रतिनिधियों, समाज-सेवियों और धर्म गुरूओं का सहयोग लें। साथ ही जन-जन को मास्क का उपयोग करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। कोरोना के कारण हमें होली सावधानी से निकालनी होगी। होली के जुलूसों, गेर और मेलों आदि का आयोजन नहीं हो सकेगा। सामाजिक और बड़े आयोजनों में भी सतर्कता बरतना होगी।

श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि होली त्यौहार में बड़ी संख्या में श्रमिक साथी अपने पैतृक ग्रामों और नगरों में लौटेंगे। उन्होंने मनरेगा तथा अन्य योजनाओं में पर्याप्त रोजगार देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामों में पर्याप्त रोजगार के अवसर सृजित किए जाएँ ताकि श्रमिक भाई संक्रमण प्रभावित शहरों की ओर जाने के लिए मजबूर न हों।

इलाज की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। होम आइसोलेशन में टेली कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उनको पर्याप्त इलाज, सुझाव देने और सतर्क निगरानी की व्यवस्था हो। इसके साथ ही छोटे घरों में जहाँ आइसोलेशन संभव नहीं हैं, वहाँ शासकीय अस्पतालों में पृथक वार्ड बनाकर आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निजी अस्पतालों की क्षमताओं का उपयोग करते हुए उन्हें एप पर जोड़कर वहाँ आ रहे मरीजों की जानकारी और उनकी स्थिति से भी जिला प्रशासन लगातार अवगत रहे। निजी अस्पतालों के लिए जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी निजी अस्पताल मरीजों से मनमानी वसूली न करें।

कलेक्टर जबलपुर का हाल जाना मुख्यमंत्री ने

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, बैतूल, खरगोन, खण्डवा और सागर के कलेक्टर्स से बात कर कोरोना संक्रमण की स्थिति और उसके नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। जबलपुर कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा स्वयं कोरोना पॉजिटिव हैं, फिर भी वे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उन्हें पर्याप्त सावधानी बरतने का सुझाव दिया।

भोपाल में तीन दिन में हुए 5 हजार चालान

भोपाल कलेक्टर ने बताया कि 42 फीवर क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। मास्क लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले 3 दिन में 5 हजार चालानी कार्यवाहियाँ की गई हैं। रात्रि कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

ब्लाइंड मर्डर : युवक का गला काटकर नदी में फेंका शव, अज्ञात मृतक की पहचान करने में जुटी पुलिस

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शव को पानी से बाहर निकालकर गहनता से उसका मुआयना करते हुए थाना प्रभारी मड़ला एवं पन्ना पुलिस की फॉरेंसिक टीम के वरिष्ठ सदस्य।

*  पन्ना जिले के मड़ला ग्राम में केन नदी पुल के नीचे मिला युवक का शव

*  अज्ञात मृतक के कपड़ों में मिली सतना जिले के टोल नाका की पर्ची

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज सुबह अंधे क़त्ल का एक बेहद ही सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिले के मड़ला ग्राम में बुधवार 17 मार्च की सुबह केन नदी (पन्ना-छतरपुर मार्ग) पर स्थित पुल के नीचे एक युवक का शव पानी की सतह पर उतराता मिला। शव को बाहर निकालकर देखा तो अज्ञात मृतक का गला कटा हुआ था।
प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि धारदार हथियार से बड़ी ही बेरहमी से युवक गला रेतकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के इरादे से अज्ञात हत्यारोपी के द्वारा शव को नदी में फेंका गया है। हालांकि प्रारंभिक पुलिस जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि युवक की हत्या को मड़ला में ही अंजाम दिया गया या फिर किसी अन्य स्थान पर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए यहां लाकर फेंका गया है। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की जघन्य वारदात को बीती रात अंजाम दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पन्ना-छतरपुर मार्ग एनएच-39 पर मड़ला में केन नदी पुल के नीचे पानी में उतराता हुआ अज्ञात युवक का शव।
मृतक कौन है, कहां का निवासी है फ़िलहाल इसका पता नहीं चल सका। अज्ञात मृतक की आयु 30-35 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस को उसके कपड़ों से पड़ोसी जिला सतना में स्थित एक टोल टैक्स नाका की पर्ची मिली है। जिसमें वाहन नंबर एवं अन्य जानकारी दर्ज है। इस अहम सुराग के आधार पर पन्ना पुलिस अज्ञात मृतक की पहचान करने में जुटी है। शव के संबंध आसपास के जिलों को भी आवश्यक जानकारी भेजकर अज्ञात युवक की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना पर मड़ला थाना पुलिस ने फ़िलहाल मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। पुलिस सूत्रों ने अज्ञात युवक की पहचान होने पर अंधे क़त्ल का खुलासा जल्द से जल्द होने की उम्मीद जताई है।

ख़बर का असर : टेण्डर फिक्सिंग का बिगड़ा खेल, पूरक पोषण आहार ठेका की बढ़ानी पड़ी डेट

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सांकेतिक फोटो।

महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ने जारी की संशोधित विज्ञप्ति

महिला स्व सहायता समूह अब 22 मार्च तक प्रस्ताव क्रय एवं जमा कर सकेंगे

“रडार न्यूज़” ने सर्वप्रथम खबर प्रकाशित कर प्रमुखता से उठाया था मामला

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा महिला स्व सहायता समूहों से ऑफ लाइन प्रस्ताव (निविदा) आमंत्रित करने में टेण्डर फिक्सिंग की कवायद का “रडार न्यूज़” के द्वारा भंडाफोड़ करने के बाद आखिरकार जिला स्तरीय समिति ने प्रस्ताव आमंत्रण की तिथि को संशोधित करते हुए इसे 22 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है।
इस संबंध में सोमवार 15 मार्च को ही जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ने संशोधित विज्ञप्ति (आम सूचना) जारी कर दी है। इसके अनुसार महिला स्व सहायता समूह अब संशोधित तिथि 22 मार्च तक प्रस्ताव प्रपत्र (निविदा फार्म) क्रय एवं जमा कर सकेंगे। पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट-फ़ूड) प्रदाय करने में अभिरुचि की अभिव्यक्ति हेतु आमंत्रित प्रस्ताव की तिथि संशोधित कर 15 से बढ़ाकर 22 मार्च किए जाने के फैसले का जिले के स्व सहायता समूहों ने स्वागत किया है। तिथि में वृद्धि होने से समूहों को अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने अर्थात इस प्रक्रिया में सम्मलित होने के लिए जरुरी शर्तों को पूरा करने के लिए अब जाकर पर्याप्त समय मिला है।
महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के द्वारा जारी की गई संशोधित विज्ञप्ति (आम सूचना) की कॉपी।
दरअसल, पूर्व में जो समयावधि निर्धारित की गई थी वह अवकाश के चलते इस कार्रवाई को पूर्ण करने के लिए बहुत कम थी। इसलिए सप्ताह भर से भी कम समय में समूहों से अभिरुचि की अभिव्यक्ति के तहत प्रस्ताव मांगे जाने के फैसले की कड़ी आलोचना होने लगी। इसे एक तरह से बगैर किसी विशेष परिस्थितियों के शार्ट नोटिस पर टेण्डर कॉल करने की प्रक्रिया बताया गया। नतीजतन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंशा पर गंभीर सवाल उठने एवं विभाग की सुगबुगाहट के जरिए अंदरखाने की योजना का असल खेल उजागर होने के बाद न सिर्फ तारीख़ बदली(संशोधित) गई बल्कि ठाकुर साहब (जिला कार्यक्रम अधिकारी) के सुर भी अचानक बदल गए।
जिससे यह उम्मीद की जा रही है समाज के संवेदनशील वर्ग से जुड़े पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट-फ़ूड) प्रदाय करने के लिए समूहों के चयन की इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में कड़ा कॉम्पटिशन होने पर सुपात्र समूह चयनित हो सकेंगे।

8 दिन की समयसीमा में 3 दिन रहा अवकाश

जिले के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 144 आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज 3-6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती/धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को ताजा पका हुआ पूरक पोषण आहार (भोजन) प्रदाय करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के द्वारा महिला स्व सहायता समूहों से ऑफ लाइन प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए जन सम्पर्क संचालनालय भोपाल के माध्यम से समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई गई।
समाचार पत्र में पूर्व में प्रकाशित विज्ञप्ति सूचना की कटिंग।
पन्ना जिले से प्रकाशित बताए जा रहे एक हिंदी दैनिक में छपी विज्ञप्ति के प्रारूप में क्रमांक के दाहिनी तरफ दिनांक 01 मार्च 2021 दर्ज है। जबकि इसका प्रकाशन समाचार पत्र में दिनांक 8 मार्च को हुआ। विज्ञप्ति में दिनांक 8 से लेकर 15 मार्च तक कार्यालयीन समय प्रातः 10:30 से सायं 5 बजे तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। विज्ञप्ति में उल्लेख था कि निर्धारित प्रारूप (आवदेन फार्म) एवं शर्तें दिनांक 14 मार्च 2021 तक कार्यालयीन समय में निर्धारित मूल्य 100/- (एक सौ रुपए मात्र) के चालान की मूल प्रति जमाकर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। अर्थात प्रस्ताव आमंत्रण हेतु निर्धारित फार्मेट (प्रारूप) एवं इससे संबंधित शर्तें सिर्फ 14 मार्च तक ही मिलेंगी जबकि फार्म (प्रस्ताव) जमा 15 मार्च तक होंगे।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि, पूर्व में प्रकाशित विज्ञप्ति अनुसार 8 मार्च से 14 मार्च तक 7 दिनों का समय फार्म खरीदी एवं शर्तों की जानकारी हेतु निर्धारित किया गया। लेकिन इस बीच तीन दिन अवकाश रहा। बताते चलें कि 11 मार्च को महाशिवरात्रि, 13 को महीने का दूसरा शनिवार एवं 14 को रविवारीय अवकाश रहा। इन तिथियों में बैंक बंद रहने कारण महिला समूहों को प्रारूप (फ़ार्म) खरीदी हेतु चालान एवं धरोहर राशि का एफडीआर/डीडी बनवाने के लिए सिर्फ चार कार्य दिवस का ही समय मिला। क्योंकि 15 मार्च से बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित रही।

पहले सच्चाई को नकारा बाद में स्वीकारा

उदल सिंह ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना।
प्रस्ताव आमंत्रण को लेकर इतना कम समय निर्धारित करने अथवा शार्ट नोटिस पर प्रस्ताव बुलाने को लेकर रडार न्यूज़ के द्वारा रविवार 14 मार्च को जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ऊदल सिंह ठाकुर से सवाल पूंछा गया तो उन्होंने बेहद ही गैर जिम्मेदाराना तरीके से जवाब देते हुए बताया था कि समय जरा भी कम नहीं है। उनका कहना था कि हमने 7-8 दिन का पर्याप्त समय दिया है। साहब को याद दिलाया कि इस अवधि में 3 दिन तो शासकीय ही अवकाश रहा। इस पर ठाकुर साहब ने तथ्यों को नजरअंदाज कर कुतर्क के जरिए अपनी बात को सही साबित करते हुए कहा था अवकाश के दिनों में भी हमने अपना कार्यालय खोलकर फ़ार्म बिक्री एवं जमा करने का कार्य किया है। लेकिन प्रकाशित विज्ञप्ति में इसका कहीं उल्लेख नहीं किया गया था कि उपरोक्त अवधि में अवकाश के दिनों में कार्यालय खुलेगा और समूह को प्रस्ताव बिक्री करने एवं जमा करने का काम किया जाएगा।
बहरहाल, अधिकांश समूहों को तो प्रस्ताव आमंत्रण की विज्ञप्ति जारी होने की ख़बर ही काफी देर से लगी और फिर अवकाश के चलते बैंक चालान, एफडीआर/डीडी न बनवा पाने के कारण वे इस निविदा प्रक्रिया शामिल नहीं हो सके।
रडार न्यूज़ के द्वारा इस संबंध में 15 मार्च की सुबह खबर प्रकाशित करने के बाद शाम को जब तिथि संशोधित की गई तो जिला कार्यक्रम अधिकारी से पुनः चर्चा कर फैसले में बदलाव का कारण पूंछा गया। इस पर उन्होंने जवाब देते हुए बताया कि सोमवार 15 मार्च तक की स्थिति में कुल 30 प्रस्ताव समूहों के द्वारा क्रय किए गए थे। जिसमें मात्र 3 प्रस्ताव ही पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि तक जमा हुए, शेष 26 समूहों के प्रस्ताव धरोहर राशि की बैंक एफडीआर/डीडी अवकाश एवं बैंक की हड़ताल के चलते नहीं बन सके। इस कारण उक्त प्रस्ताव जमा नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि इस बार एक समूह को सिर्फ 10 आंगनवाड़ी केन्द्र का ठेका मिलना है। किसी भी समूह को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दो बार बैंक जाकर औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती है। पहली बार प्रस्ताव प्रपत्र एवं शर्तों के दस्तावेज क्रय करने के लिए चालान बनवाने और फिर भरे हुए प्रपत्र को जमा करने निर्धारित धरोहर राशि का बैंक एफडीआर/डीडी बनवाने के लिए।

विभाग में पक रही थी टेण्डर फिक्सिंग की खिचड़ी ?

सांकेतिक फोटो।
महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के अंदरखाने इसे मामले को लेकर चर्चा रही है कि पूरक पोषण आहार के ठेके में इस बार सत्ताधारी दल के नेताओं से प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से जुड़े समूहों को आसानी से दिलाने की सोची-समझी योजना के तहत जानबूझकर प्रस्ताव आमंत्रण के लिए अल्प समयावधि तय की गई। ठेके में होने वाला खेल इसकी विज्ञप्ति सूचना प्रकाशन के प्रारूप की अघोषित/अस्पष्ट जानकारी एवं टाइमिंग को हथियार बनाकर ही खेला जाना था। लेकिन तथ्यपरक खबर के प्रकाशित होने से वास्तविक स्थिति सामने आने एवं तीन मात्र प्रस्ताव जमा होने से प्रक्रिया पूर्ण न होने के कारण आखिरकार तिथि को संशोधित कर बढ़ाना पड़ा है। जिससे फ़िलहाल टेण्डर फिक्सिंग के इस खेल पर पानी फिर गया है। जिला स्तरीय समिति के द्वारा संशोधित की गई तिथि अनुसार अब 22 मार्च 2021 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्ताव क्रय एवं जमा किए जा सकते हैं। पूर्व में इस प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रहे स्व सहायता समूहों को तिथि संशोधित होने से इसमें भाग लेने एक ओर मौका मिल गया है।

पूरक पोषण आहार ठेका : आंगनवाड़ी के बच्चों के निवाले पर नेताओं की नजर, चहेतों को उपकृत करने महिला एवं बाल विकास विभाग ने किया बड़ा खेल !

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स्व सहायता समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित करने सिर्फ 8 दिन समय दिया

उसमें भी 3 दिन अवकाश रहने से बैंक चालान बनवाकर फार्म नहीं खरीद पाए कई समूह

*  विज्ञप्ति सूचना की जानकारी देर से मिलने के कारण प्रस्ताव प्रस्तुत करने से हुए वंचित

फार्म जमा करने का आज अंतिम दिन, फ़ार्म बिक्री की समयसीमा एक दिन पूर्व हो चुकी है समाप्त

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) महिला एवं बाल विकास विभाग में व्याप्त अंधेरगर्दी एवं कमीशनखोरी के चलते पन्ना जिले में योजनाओं का क्रियान्वयन शासन की मंशानुरूप धरातल पर सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। जिसका दुष्परिणाम यह है कि पन्ना के माथे लगा कुपोषण एवं मातृ-शिशु मृत्यु दर की अधिकता कलंक मिटने का नाम नहीं ले रहा है। कागजों पर कुपोषण मिटाकर योजनाओं के बजट को पलीता लगाने में जुटे इस महकमे के अफसरों के धतकर्मों की फेहरिस्त यूँ तो काफी लंबी है लेकिन इनका एक बेहद चौंकाने वाला कारनामा प्रकाश में आया है।
मामला पूरक पोषण आहार को शहरी क्षेत्रों में ठेके पर देने से जुड़ा है। जिले के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों के 144 आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज 3-6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती/धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को ताजा पका हुआ पूरक पोषण आहार (भोजन) प्रदाय करने के लिए महिला स्व सहायता समूहों से ऑफ लाइन प्रस्ताव आमंत्रित किये गए हैं। समूहों से प्रस्ताव आमंत्रण (ठेका) को लेकर जारी की गई विज्ञप्ति सूचना में कई पेंच हैं। जिसे लेकर विभाग के अंदर-बाहर हलचल तेज हो गई है।
आम चर्चा है कि पूरक पोषण आहार के ठेके में होने वाला खेल इसकी विज्ञप्ति सूचना प्रकाशन के प्रारूप की अघोषित/अस्पष्ट जानकारी एवं टाइमिंग को हथियार बनाकर खेला जाना है। चतुर-चालाक अफसरों ने राजनैतिक संरक्षण प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर सत्ताधारी दल के नेताओं को पूरक पोषण आहार का ठेका देने का मन बना लिया है। विभाग के अंदरखाने से छन-छनकर बाहर आ रहीं सूचनाओं पर भरोसा करें तो इस कवायद के पीछे अफसरों की मंशा नेताओं के साथ सांठगांठ कर बच्चों के पोषण आहार को डकार कर अपने सुपोषण के स्तर को बढ़ाना है। अगर कभी-कभार शिकवा-शिकायत हुई तो सत्तपक्ष के नेताओं के प्रभाव की मदद से उसे निपटाया जाएगा।

जानिए विज्ञप्ति में क्या है झोल

समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञप्ति सूचना की कटिंग।
पन्ना जिले से प्रकाशित बताए जा रहे एक हिंदी दैनिक में जनसम्पर्क संचालनालय भोपाल के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के द्वारा पूरक पोषण आहार प्रदाय करने हेतु महिला स्व सहायता समूहों के प्रस्ताव आमंत्रण सूचना की विज्ञप्ति प्रकाशित कराई गई। विज्ञप्ति के प्रारूप में क्रमांक के दाहिनी तरफ दिनांक 01 मार्च 2021 दर्ज है। जबकि इसका प्रकाशन समाचार पत्र में दिनांक 8 मार्च को हुआ। विज्ञप्ति में दिनांक 8 से लेकर 15 मार्च तक कार्यालयीन समय प्रातः 10:30 से सायं 5 बजे तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। विज्ञप्ति में उल्लेख है कि निर्धारित प्रारूप (आवदेन फार्म) एवं शर्तें दिनांक 14 मार्च 2021 तक कार्यालयीन समय में निर्धारित मूल्य 100/- (एक सौ रुपए मात्र) के चालान की मूल प्रति जमाकर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। अर्थात प्रस्ताव आमंत्रण हेतु निर्धारित फार्मेट (प्रारूप) एवं इससे संबंधित शर्तें सिर्फ 14 मार्च तक ही मिलेंगी जबकि फार्म (प्रस्ताव) जमा 15 मार्च तक होंगे।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि, 8 मार्च से 14 मार्च तक 7 दिनों का समय फार्म खरीदी एवं शर्तों की जानकारी हेतु निर्धारित किया गया। लेकिन इस बीच तीन दिन अवकाश रहा। बताते चलें कि 11 मार्च को महाशिवरात्रि, 13 को महीने का दूसरा शनिवार एवं 14 को रविवारीय अवकाश रहा। इन तिथियों में बैंक बंद रहने कारण महिला समूहों को प्रारूप (फ़ार्म) खरीदी हेतु चालान बनवाने के लिए सिर्फ चार कार्य दिवस का ही समय मिला।

छुट्टी के दिन कार्यालय खोलकर बेंचे और जमा किये फार्म

प्रस्ताव आमंत्रण को लेकर इतना कम निर्धारित करने अथवा शार्ट नोटिस पर प्रस्ताव बुलाने को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ऊदल सिंह ठाकुर से सवाल पूंछा गया तो उन्होंने अपनी रौ में बताया कि 7-8 दिन का पर्याप्त समय दिया गया। समय जरा भी कम नहीं रहा। साहब को याद दिलाया कि इस अवधि में 3 दिन तो शासकीय अवकाश रहा। थोड़ा विचार करने के उपरांत ठाकुर साहब बोले अवकाश रहा तो क्या हुआ हमारा कार्यालय तो बंद नहीं रहा। अवकाश के दिनों में भी हमने फ़ार्म बिक्री एवं जमा करने का कार्य किया है। आमतौर पर सरकारी अवकाश के दिनों में न तो कार्यालय खुलते हैं और न ही कोई सामान्य कार्य होता है। इसलिए अवकाश के दिन आमजन सरकारी कार्यालय में नहीं जाते।
महिला बाल विकास विभाग को अगर शासकीय अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर सेवाएं प्रदान करनी थीं तो इसकी जानकारी आम-ख़ास को उसी विज्ञप्ति में दी जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस संबंध में सवाल करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी खांटी बाबू स्टाइल में विज्ञापन की भाषा का लेकुना समझाते हुए बोले- उसमें कार्यालयीन समय (शब्द) का उल्लेख किया गया है, शासकीय कार्य दिवस का कहीं जिक्र नहीं है इसलिए अवकाश के दिनों में भी कार्यालयीन समय पर प्रस्ताव जमा किए और निर्धारित प्रारूप (आवेदन पत्र) की बिक्री भी की गई है।

क्या यह नई तरह की टेण्डर फिक्सिंग है ?

सांकेतिक फोटो।
अब सवाल यह उठता है कि महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों का अगर कोई छिपा हुआ एजेण्डा नहीं है और उनकी मंशा भी सही है तो समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञप्ति (विज्ञापन) में स्पष्ट तौर इस बात खुलासा किया जाना चाहिए था कि पूरक पोषण आहार के ठेके से संबंधित कार्य सरकारी अवकाश के दिनों में भी सम्पन्न होंगें। शायद यह खुलासा पूरक पोषण आहार का ठेका चहेते नेताओं को दिलाने की योजना के तहत जानबूझकर नहीं किया गया। क्योंकि इससे अभिरुचि रखने वाले समूहों के बीच कड़ा मुकाबला होने का डर था। बहरहाल, अधिकांश समूहों को तो प्रस्ताव आमंत्रण विज्ञप्ति जारी होने की ख़बर ही काफी देर से लगी और अवकाश के चलते बैंक चालान न बनवा पाने के कारण वे इस निविदा प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके।
सर्वविदित है कि पन्ना में जिला मुख्यालय में बैंक चालान एकमात्र बैंक स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में बनाए जाते हैं। चालान के लिए लंच के पूर्व फ़ार्म जमा करना पड़ता है, उसके बाद फ़ार्म स्वीकार नहीं होते है। इन तमाम पेचीदगियों एवं तथ्यों के मद्देनजर नगरीय निकायों के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने हेतु समूह के चयन में पारदर्शिता और कॉम्पटिशन से किनारा कर कुछ लोगों के लिए राह आसान बनाई गई है। विभागीय कर्मचारी दबी जुबान इसे एक तरह की टेंडर फिक्सिंग बता रहे हैं। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊदल सिंह का कहना है हमारी नियत साफ़ है, किसी को लाभ पहुँचाने के इरादे से कुछ भी गलत नहीं किया गया। इसके बाद भी अगर किसी को कुछ सोचना है तो वह इसके लिए स्वतंत्र है।

राष्ट्रीय तीरन्दाजी स्पर्धा में एमपी के खिलाड़ियों ने पदक पर साधा निशाना

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मुख्यमंत्री ने विजेताओं को दी बधाई

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखण्ड प्रान्त के देहरादून में खेली जा रही 41वीं जूनियर नेशनल तीरन्दाजी चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश की तीरंदाज खिलाड़ी सुश्री सोनिया ठाकुर को रजत पदक और अमित कुमार को कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय तीरन्दाजी चैम्पियनशिप में शामिल होने जाते वक्त हरिद्वार के समीप भीषण रेल हादसे में साजो-सामान और तीरकमान गंवाने वाले मध्यप्रदेश के दोनों तीरन्दाजों ने अपने हौसलों को बनाये रखा और तीरन्दाजी के नये उपकरणों से भी राष्ट्रीय तीरन्दाजी स्पर्धा में एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया है। विषम परिस्थितियों के बावजूद भी खिलाड़ियों द्वारा सफलता प्राप्त करना न केवल मध्यप्रदेश के लिये बल्कि मेरे लिये भी गौरव और प्रसन्नता की बात है। उल्लेखनीय है कि दोनों खिलाड़ी मध्यप्रदेश तीरंदाजी अकादमी जबलपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

व्यू-प्वाइंट से दिखेगा पन्ना नगर का सुन्दर नजारा

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* पहाड़कोठी में डायमण्ड म्यूजियम के सामने व्यू-प्वाइंट निर्माण का हुआ भूमिपूजन

पन्ना। भव्य मंदिरों एवं झीलनुमा तालाबों की नगरी पन्ना का दिलकश नजारा लोग अब सुविधाजनक एवं सुरक्षित तरीके से देख सकेंगे। इसके लिए पहाड़कोठी में डायमण्ड म्यूजियम के सामने पन्ना व्यू-प्वाइंट निर्माण कार्य कराया जाएगा। लगभग 8.27 लाख रूपये की लागत से बनने वाले व्यू-प्वाइंट का भूमिपूजन शुक्रवार 12 मार्च को प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। शहर के अधोसंरचनात्मक विकास के लिहाज से आवश्यक कुछ अन्य कार्य भी स्वीकृत हुए हैं।
मंत्री श्री सिंह के द्वारा इसी क्रम में बेनीसागर तालाब के मध्य स्थित बगान में मुख्य मार्ग से बगान तक पहुंचने के लिए सीसी रोड चौड़ीकरण तथा रिटर्निंग वाल का भूमिपूजन किया गया। यह निर्माण कार्य 9.94 लाख रूपये की लागत से कराया जाएगा। स्थानीय छत्रसाल पार्क के सामने स्थित में नाला के कवर्ड कार्य का भूमिपूजन किया। यह कवर्ड नाला का निर्माण कार्य 8.27 लाख रूपये की लागत से कराया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ और सुन्दर बनाना हम सभी का दायित्व है। नगर के विकास के लिए मेरे द्वारा हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

पन्ना के नजरबाग खेल मैदान में 3 करोड़ की लागत से बनेगा स्टेडियम

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निर्माण कार्य के भूमिपूजन पश्चात शिला पट्टिका का अनावरण करते हुए मंत्री बृजेन्द्र प्रताप।

* मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के प्रयास से स्वीकृत हुआ नगर में स्टेडियम

पन्ना। प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा पन्ना विधानसभा क्षेत्र एवं पन्ना नगर के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नगर में आम आदमी की बुनियादी सुविधाएं, नगर को आकर्षक और सुन्दर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास के तृतीय चरण में पन्ना नगर को नजरबाग खेल मैदान में स्टेडियम निर्माण के लिए 318.01 लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त की गयी है। स्टेडियम बन जाने से स्थानीय बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। इस मैदान में खेलकर वे जिले का नाम रोशन करेंगे।
स्टेडियम निर्माण के संबंध में प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार स्टेडियम में पाथ वे 47.07 लाख, प्रवेश द्वार का निर्माण 10.54 लाख, स्टेडियम में बिल्डिंग कार्य के लिए 125.12 लाख, पेवेलियन (02 यूनिट) निर्माण के लिए 86.50 लाख तथा सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए 14.6 लाख रूपये एवं 12 प्रतिशत जीएसटी 34.07 लाख रूपये की लागत से कार्य किया जाएगा।

महाशिवरात्रि पर्व पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकालकर जन-जन को दिया “शिव का सन्देश”

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परम पिता परमात्मा शिव के अवतरण दिवस महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर पन्ना नगर में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

ब्रह्माकुमारी संस्था में त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया

मनुष्य की आत्म ज्योति जगाने अवतरित हुये भगवान शिव: बीके सीता बहनजी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मूल्य निष्ठ समाज के निर्माण में संलग्न आध्यात्मिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में 85वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव गुरुवार 11 मार्च को अनूठे अंदाज में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ आध्यात्मिक रीति से मनाया गया। पन्ना में इस अवसर पर परम्परानुसार संस्था के विद्यालय में सुबह परमपिता परमात्मा शिव के पूजन के साथ-साथ ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्जवलन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस दौरान दैवीय गुणों को धारण करने की प्रतिज्ञा ली। दोपहर के समय नगर में त्रियुगी नारायण शिव की भव्य शोभायात्रा निकालकर जन-जन को शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए भगवान शिव का सन्देश दिया गया।
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पन्ना में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने ध्वजारोहण किया।
वैसे तो हिंदू धर्म में हर माह मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि, इसी दिन भगवान शिव और माँ पार्वती का विवाह हुआ था। शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि की रात ही भगवान शिव करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। तभी से हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। शिवरात्रि पर वैसे तो सभी शिवालयों में विवध धार्मिक आयोजन होते हैं मगर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में इस महापर्व को अनूठे अंदाज में मनाने की परम्परा है।
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पन्ना में जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव एवं अन्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
फलस्वरूप गुरुवार 11 मार्च को पन्ना में जिला चिकित्सालय के पीछे स्थित ब्रह्माकुमारी संस्था में महाशिवरात्रि पर्व के विशेष आयोजनों का सिलिसला प्रातः 8 बजे से शुरू हुआ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय (राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र) में जिला पंचायत अध्यक्ष पन्ना रविराज सिंह यादव ने ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया। तत्पश्चात सभी ने दैवी गुणों को धारण करने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम में श्रीमती निशा जैन प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ठ विद्यालय पन्ना, श्रीमती आशा गुप्ता, श्रीमती सुमन गुप्ता तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पन्ना में उपस्थित जनों को महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए बीके सीता बहनजी।
महाशिवरात्रि के प्रातःकालीन कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय (राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र) पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहन जी के द्वारा सभी उपस्थित जनों को शिवरात्रि का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य बेहद सरल तरीके से बताया गया। बहन जी ने कहा कि, वास्तव में यहां शिव के साथ जुड़ी हुई रात्रि स्थूल अंधकार का वाचक नहीं है, यह आध्यात्मिक दृष्टिकोण से कल्प के अंतिम समय व्याप्त घोर अज्ञानता और तमोप्रधानता का प्रतीक है। जब धरती पर अज्ञान-अंधेरा छाया होता है। तब परमपिता परमात्मा का अवतरण होता है।
शिवरात्रि निराकार परमपिता परमात्मा शिव के दिव्य अलौकिक जन्म का स्मरण दिवस है। इस संसार में किसी का जन्म दिवस मनाते हैं तो उसे हम जन्म दिन कहते हैं। भले ही वह रात्रि में पैदा हुआ हो, मानव जन्मोत्सव को जन्म रात्रि नहीं मनाते हैं वरन् जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं परन्तु शिव के जन्मोत्सव को शिवरात्रि ही कहते हैं। हम सभी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यह प्रतिज्ञा लें कि अपनी बुराईयों-व्यसनों को भगवान शिव को धतूरे के रूप में अर्पित करें एवं ईश्वरीय ध्यान में रहने का संकल्प लें।

शिव के जयकारों से गूंजा नगर

महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा पन्ना में शोभायत्रा निकालकर लोगों को ईश्वरीय सन्देश दिया गया। (सभी फोटो : बीके शिवम् )
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर दोपहर के समय ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय से नगर में भव्य शोभायत्रा निकाली गई। जिसमें संस्था से जुड़े भाई-बहन बड़ी संख्या में शामिल हुए। अधिकांश लोगों ने श्वेत वस्त्र धारण कर रखे थे। शोभायत्रा में अनुशासित तरीके से कतारबद्ध होकर चल रहे लोगों के द्वारा जन-जन को परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण का दिव्य संदेश दिया गया। शोभायात्रा में शिवलिंग की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। झांकी में लगे पोस्टर-फ्लैक्स के माध्यम से नगरवासियों को बताया गया कि अंधकार रुपी कलयुग जा रहा है और आलौकिक ज्योतिर्मय सतयुग आ रहा है। शोभायत्रा नगर के जिस भी मार्ग से होकर निकली लोग इसे देखने कुछ देर के लिए वहीं रुक गए। इस दौरान समूचा नगर भगवन शिव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शोभायत्रा मुख्य मार्गों से होते हुए वापस ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। तदुपरांत प्रसाद वितरण किया गया।