* फैक्ट्री में काम के दौरान बॉक्साइट से भरा बैग गिरने से हुई मजदूर की मौत
* पन्ना जिले के इंडस्ट्रियल एरिया पुरैना कटनी मिनरल्स फैक्ट्री में हुआ हादसा
* आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन कर लगाए गंभीर आरोप
* श्रम कानूनों का उल्लंघन और सुरक्षा को ताक पर रखकर श्रमिकों से करा रहे काम
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की शाहनगर तहसील अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया उद्योग गिरी पुरैना में स्थित कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री में सोमवार 14 जून की अलसुबह हुए दर्दनाक हादसे में एक युवा मजदूर अजय चौधरी पिता काशीराम चौधरी 25 वर्ष का दुखांत हो गया। श्रमिक की मौत पर फैक्ट्री प्रबंधन के हैरान करने वाले रवैये से क्षेत्र के ग्रामीण भड़क उठे। फैक्ट्री के बाहर जमकर नारेबाज़ी करते हुए आक्रोशित ग्रामीणजन धरने पर बैठ गए। जिसके चलते इंडस्ट्रियल एरिया उद्योग गिरी पुरैना में करीब 5-6 घण्टे तक बेहद तनावपूर्ण माहौल निर्मित रहा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए श्रमिक की मौत के लिए उसे जिम्मेदार बताया है।
धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पवई एसडीएम रचना शर्मा एवं एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देकर, फैक्ट्री प्रबंधन से मृत श्रमिक के परिजनों को 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाकर तथा नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही का भरोसा दिलाकर किसी तरह धरना-प्रदर्शन को समाप्त करा दिया। मगर, प्रदर्शनकारियों ने जो महत्पूर्ण सवाल उठाए और आरोप लगाए हैं उन पर जिम्मेदार अधिकारी खामोश रहे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है, मजदूरों की सुरक्षा और शोषण से जुड़े मसलों को जब तक श्रम कानूनों के अनुसार हल नहीं किया जाएगा तब तक इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी और फैक्ट्री प्रबंधन अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ने का धतकरम करते रहेंगे।
कैसे हुआ हादसा –
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटनी मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की बॉक्साइट फैक्ट्री में श्रमिक अजय चौधरी पिता काशीराम चौधरी 25 वर्ष निवासी सिमरा जिला कटनी रात्रि 9 बजे से सुबह 6 तक की शिफ्ट में काम कर रहा था। सोमवार 14 जून की सुबह लगभग 5 बजे अचानक एक भारी-भरकम बॉक्साइट बैग काफी ऊंचाई से अजय के ऊपर जा गिरा, जिसकी चपेट में आने से गंभीर रूप से जख्मी इस युवा श्रमिक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कथित तौर फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा मृत श्रमिक के परिजनों को हादसे की सूचना नहीं दी गई।

आरोप है कि, एम्बुलेंस वाहन बुलाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। इसी फैक्ट्री में कार्यरत अजय का भाई सुबह 6 बजे जब अपनी शिफ्ट में काम करने पहुंचा तब कहीं जाकर चौधरी परिवार को हृदय विदारक हादसे के बारे में पता चला। ग्रामीणों का आरोप है, अजय की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई उसकी वास्तविकता को छिपाकर लीपापोती करने तथा हादसे को लेकर फैक्ट्री के बाहर विरोध-प्रदर्शन होने की संभावना को देखते हुए जानबूझकर ऐसा किया गया।
फैक्ट्री प्रबंधन पर क्या है आरोप –

श्रमिक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों के धरना-प्रदर्शन करने वाले ग्राम पंचायत पुरैना सरपंच पति अमृत लाल चौधरी एवं सिमरा सरपंच मुकेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि अजय की मौत कथित तौर कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण हुई है। इनका कहना है कि, फैक्ट्री में श्रम कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रमिकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर उनसे काम कराया जा रहा है। मजदूरों के साथ पूर्व में हुए हादसों के बावजूद फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
कारखानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए ग्लव्स, मास्क, हेलमेट, जूते, चश्मे आदि सुरक्षा सामग्री देने का प्रावधान है, मगर यहां काम कर रहे मजदूरों को ये सब सामग्री नहीं दी जा रही है। मजदूरों की जान को जोखिम में डालकर उनसे काम लिया जाता है। फैक्ट्री के अंदर श्रमिक अजय चौधरी का शव जिस हालत में मिला उसे देखकर साफ़ पता चलता है कि, फैक्ट्री प्रबंधन को मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कितना सजग और संवेदनशील है ! मृत मजदूर के शरीर पर एक भी निजी सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं था।
अकुशल श्रमिकों से कुशल श्रमिकों का काम

शाहनगर क्षेत्र के युवा दलित नेता अमृत लाल चौधरी का तो यहां तक कहना है कि, बॉक्साइट फैक्ट्री में बेहद जोखिम भरे माहौल में नॉन टेक्नीकल श्रमिकों से टेक्नीकल वर्कर (कुशल श्रमिकों) का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए उन्हें जरुरी प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। फैक्ट्री के अंदर भारी डस्ट के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिकों से काम लेना उनके स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करना है। पुरैना निवासी अमृत लाल ने बताया कि कटनी मिनरल्स फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा अपने श्रमिकों को मासिक वेतन ना देकर उनसे दिहाड़ी पर कार्य कराया जा रहा है।
शोषण का शिकार पुरैना के श्रमिक लम्बे समय से मासिक वेतन सहित लाभ देने की मांग कर रहे हैं लेकिन इन बदनसीबों को उनके खून-पसीने की हाड़तोड़ मेहनत का मानदेय/पारिश्रमिक दिलाने में जिम्मेदारों ने कभी भी दिलचस्पी नहीं ली। मालूम हो कि पन्ना प्रदेश के श्रम एवं खनिज विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का गृह जिला है। ऐसे में यहां श्रमिकों का शोषण होना और उनकी सुरक्षा से समझौता किया जाना चिंताजनक होने के साथ दुर्भाग्यपूर्ण भी है।
इनका कहना है –
“पुरैना की फैक्ट्री में हुए हादसे पर फिलहाल शाहनगर पुलिस थाना में मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें भी जांच में शामिल कर सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा निश्चित ही महत्वपूर्ण मुद्दा है।”
– रक्षपाल सिंह यादव, एसडीओपी पवई जिला पन्ना।
“हमारी फैक्ट्री विगत 25 वर्षों से संचालित है, नियम-कानूनों के पालन के बगैर इतने लम्बे समय तक काम करना संभव नहीं है। हम अपने सभी श्रमिकों-कर्मचारियों को नियमानुसार निजी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराते हैं और वेतन सहित अन्य भुगतान करते हैं। आप जानते हैं, किसी पर भी आरोप लगाना आसान है। हमारे ऊपर लगाए जा रहे आरोप असत्य और निराधार हैं। श्रमिक अजय की जिस स्थान पर मौत हुई वहाँ किसी व्यक्ति का कोई काम ही नहीं है, प्लांट में मैकेनाइज्ड तरीके से बैग नीचे से ऊपर जाकर खाली हो जाता है। उस स्थान पर अजय क्यों गया इसे लेकर हम भी हैरान हैं। आप मोबाइल पर बात करने के बजाए फैक्ट्री में आएं आपके सभी सवालों का जबाव दिया जाएगा।”
– कुमार गौरव, महाप्रबंधक, कटनी मिनरल्स प्रा.लि. पुरैना।
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इस अवसर पर परियोजना अधिकरी अशोक विश्वकर्मा ने अतिकम वजन के बच्चों की माताओं को सलाह देते हुए कहा की पोषण आहार एवं राहत राशन किट में जो सामग्री है वह बच्चों और परिवार के सदस्यों के लिए है। आप अपने बच्चों का ध्यान रखें ताकि आप का बच्चा कमजोर न हो सके और गाँव वालों को कोविड टीकाकरण हेतु प्रेरित किया गया। विकास संवाद समिति पन्ना के जिला समन्वयक रविकांत पाठक द्वारा बताया गया की पोषण आहार एवं राहत राशन किट में आटा, चावल, दाल, सोयाबड़ी, खाद्य तेल, गुड, साबुन एवं नेपकिन पैड शामिल है | यह किट गर्भवती, धात्री, कुपोषित एवं किशोरी बालिकाओं के भोजन में पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है। किट वितरण में गूंज संस्था पदाधिकारी, दस्तक युवा समूह से कमलाकांत एवं विकास संवाद समिति पन्ना से छत्रसाल पटेल, रामविशाल, बबली, समीर एवं वैशाली बंजारा आदि उपस्थित रहे।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जागरूकता रथ जिले के 85 चिन्हित ग्रामों में भ्रमण कर मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए रोकथाम एवं बचाए की सलाह देगा। ग्रामीणों को बताया जाएगा कि, बुखार होने पर तुरंत मलेरिया की जांच करवाएं और समय पर उपचार करवाने हेतु जन समुदाय को सलाह दी जाएगी। मलेरिया रथ में भी जांच एवं उपचार की सुविधा होगी एवं माइकिंग के माध्यम से एक टीम मलेरिया रथ पर मलेरिया निरोधक माह जून में चिन्हित ग्रामों एवं हाट बाजार में जाकर आईईसी गतिविधियां संचालित करेगी।










