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पन्ना टाइगर रिजर्व : बाघिन की मौत के बाद शावकों के पिता को पहनाया रेडियो कॉलर

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रेडियो कॉलर पहनाने के बाद बाघ पी-243 स्वछंद विचरण हेतु जंगल में छोड़ा दिया गया।

नर बाघ पी-243 का रेडियो कालरिंग कार्य सफलता पूर्वक संपन्न

केन-बेतबा लिंक परियोजना के तहत 14 बाघों के रेडियो कॉलर की अनुमति मिली

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में आज युवा नर बाघ पी-243 को सफलता पूर्वक सेटेलाइट जी.पी.एस. कॉलर किया गया। बाघ को रेडियो कॉलर पहनाने के उपरांत उसे जंगल में स्वछंद विचरण करने के लिए छोड़ दिया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रेडियो कॉलरिंग का कार्य पार्क की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत मझौली बीट में उनके एवं उप संचालक के मार्गदर्शन में वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता और उनकी रेस्क्यू टीम के द्वारा संपन्न किया गया।
आपने बताया कि पन्ना टाइगर के अंतर्गत केन-बेतबा लिंक परियोजना के तहत भारत सरकार के द्वारा पन्ना लैण्ड स्केप के मैनेजमेंट (प्राकृतिक सौंदर्य प्रबंधन) योजना हेतु 14 बाघों का रेडियो कॉलर करने की अनुमति प्रदान की गई है। बाघ को रेडियो कॉलर पहनाने के बाद अब उसकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखना पार्क प्रबंधन के लिए आसान होगा।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में 15 मई को गहरीघाट रेन्ज की कोनी बीट अंतर्गत रेडियो कॉलर वाली युवा बाघिन पी-213 (32) की बीमारी के चलते संदिग्ध परिस्थितियों में असमय मौत हो गई थी। इस बाघिन के दूसरे लिटर के चार नन्हें शावक हैं, जिनकी उम्र अभी महज 6-7 माह है। पार्क के अधिकारियों के मुताबिक युवा बाघ पी-243 इन शावकों का पिता है।
पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार।
पिछले दिनों इन शावकों के लापता हो जाने के बाद पार्क प्रबंधन के द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चलाकर उन्हें लोकेट किया गया। शावकों के सुरक्षित व स्वस्थ मिलने पर यह संभावना व्यक्त की गई थी कि इस दौरान वे अपने पिता यानी बाघ पी-243 सम्पर्क में रहे। शावकों को देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्होंने हाल ही में कुछ खाया हो। इस पर संभावना व्यक्त की गई, शायद पिता ने भोजन के इंतजाम में उनकी कुछ मदद की है।

मृत बाघिन के शावक सुरक्षित, जंगल में चहलकदमी करते हुए नजर आए चारों राजकुमार

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बाघ शावक (फाइल फोटो)

 पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने ली राहत की सांस

*   अनाथ बाघ शावकों की अब चौबीसों घण्टे की जा रही निगरानी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से उन चार लापता शावकों की ख़बर आई है, जिन्हें लेकर पार्क प्रबंधन और वन्यजीव प्रेमी पिछले कुछ दिनों से खासे चिंतित थे। खबर राहत भरी और सुकून देने वाली है। चारों शावक पूर्णतः सुरक्षित व स्वस्थ हैं और बदली हुई परिस्थितियों में अपने बलबूते जंगल की निराली दुनिया में रुतबे के साथ जिंदा रहने का हुनर सीख रहे हैं। पार्क प्रबंधन ने शावकों के मिलने की पुष्टि की है। मालूम हो कि गत 15 मई को युवा बाघिन पी-213 (32) की असमय संदिग्ध परिस्तितियों में मौत होने से उसके 4 शावक अनाथ हो गए थे।
महज 6-7 माह की उम्र के नन्हें शावकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराने लगी थी। इस बीच शावकों के जंगल में लापता होने की खबर आने से हड़कंप मच गया। बाघों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रबंधन के द्वारा शावकों की तलाश करने बाघिन की मांद वाले इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस काम में प्रशिक्षित हाथियों की ही मदद ली गई। कड़ी मशक्क़त के बाद आखिरकार सोमवार को चारों शावक को खोजने में पार्क का अमला सफल रहा।
पन्ना टाइगर रिजर्व में अज्ञात गंभीर संक्रमण के चलते असमय मृत बाघिन पी-213 (32) का शव सूखे नाले में पड़ा मिला।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत कोनी बीट के कोनी नाला में बाघिन पी-213 (32) शनिवार 15 मई को मृत पाई गई थी। लगभग 5 वर्ष की आयु की यह बाघिन कुछ दिनों से बीमार थी। पन्ना पार्क के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता उसका इलाज कर रहे थे। बाघिन की मौत के बाद उसके चार शावकों को जिनकी उम्र तकरीबन 6 से 7 माह है, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता की जाने लगी। क्योंकि, माँ के साथ शावकों को आखिरी बार 10 मई को देखा गया था। इन नन्हे शावकों की खोज में पार्क के मैदानी अमले को जहां लगाया गया, वहीं प्रशिक्षित हाथियों के दल को भी कोनी बीट के जंगल में शावकों की तलाश के लिए तैनात किया गया। दो दिनों तक हुई अनवरत खोज के बाद सोमवार अपरान्ह यह खुशखबरी मिली कि चारों शावक सुरक्षित हैं।
डॉ. उत्तम कुमार शर्मा, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर मौजूद वन अमले ने शावकों को चहलकदमी करते हुए देखा है। आपने बताया कि चारों शावक पूर्णतः स्वस्थ और सुरक्षित हैं। उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह भूखे नहीं है, कुछ न कुछ खाया है। श्री शर्मा ने संभावना जताई है कि, शायद नर बाघ पी-243 जो शावकों का पिता है, उसने इनकी मदद की हो। अगर ऐसा है तो निश्चित ही यह निश्चित ही अच्छा संकेत है।
पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार।
आपने बताया कि चारों शावकों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी तथा उनकी हर गतिविधि व लोकेशन पर नजर रखी जाएगी। श्री शर्मा ने बताया कि यदि प्राकृतिक रूप से जंगल में शावक अपने को बचाने में सक्षम होते हैं, तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। कुछ दिन हम इन पर नजर रखेंगे फिर जिस तरह के हालात बनेंगे, उसी के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं एनटीसीए से मार्गदर्शन प्राप्त कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन आज से, प्रदेश भर में कलेक्टर एवं सीएमएचओ को सौंपेंगे ज्ञापन

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सांकेतिक चित्र।

मांगें पूर्ण न होने पर 24 से करेंगे अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत 19000 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सोमवार 17 मई से अपनी दो सूत्रीय मांगों के निराकरण लेकर चरणबद्ध आंदोलन का आगाज़ करेंगे। सप्ताह भर तक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा विभिन्न गतिविधियों के मांध्यम से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकृष्ट कराने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 23 मई तक मांग पूरी न होने की स्थिति में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 24 मई से अनिश्चित कालीन काम बंद हड़ताल पर जाने का एलान किया है।
उल्लेखनीय है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से अपने शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे हैं। इनकी मांग है कि उन्हें, नियमित कर्मचारियों के समकक्ष 90% वेतन दिया जाए। एनएचएम से निष्काषित किए गए साथियों तथा सपोर्ट स्टाफ की सेवाएं आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम न लेकर उन्हें एनएचएम में वापस लिया जाए। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुनील यादव का कहना है, मध्यप्रदेश शासन के द्वारा 5 जून 2018 को पारित की गई संविदा नीति को स्वास्थ्य विभाग में लागू करके उन्हें उनका हक़ दिया जाए। अपनी न्यायोचित मांगों के निराकरण को लेकर राज्य सरकार के उदासीन रवैये से नाराज इन कर्मचारियों ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल एवं लॉकडाउन का पालन करते हुए इस बार निर्णायक संघर्ष करने का मन बना लिया है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पन्ना जिलाध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि राज्य इकाई के द्वारा जारी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा के तहत आज पन्ना समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपें जाएंगे। इसके पश्चात 18, 19, 20 मई को प्रदेश के 19000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी काली पट्टी बांध कर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराएंगे। 21 मई को पूरे प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना महामारी में शहीद हुए अपने साथियों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर एवं कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि देंगे।
22 मई को संविदा कर्मी आमजन के बीच जाकर अपने सुरक्षित भविष्य के लिए भीख मांग कर लोगों से गुहार लगाएंगे और जो राशि एकत्रित होगी उसे शहीद साथियों के परिजनों को दिया जाएगा। इसके अलावा काले गुब्बारे छोड़े जायेंगे। अगर इसके बाद भी शिवराज सरकार ने मांगे पूर्ण नहीं की तो 24 मई से सम्पूर्ण प्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल पर चले जायेंगे।

पन्ना टाइगर रिजर्व : बाघिन की मौत के बाद अनाथ हुए 4 शावकों का नहीं लगा सुराग, गुजरते समय के साथ गहराने लगी सुरक्षा की चिंता

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पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार।

मैदानी वनकर्मियों एवं 5 प्रशिक्षित हाथियों से कराई जा रही सघन जंगल सर्चिंग

लापता शावकों को लोकेट करने आधा दर्जन से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए

पार्टनर की असमय मौत से दुखी बाघ मांद और चिता के आसपास काट रहा चक्कर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews) बाघों के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में शनिवार 15 मई को बीमार युवा बाघिन पी-213 (32) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के 24 घण्टे बाद भी उसके चार नन्हें शावकों का कोई सुराग नहीं लग सका। गुजरते समय के साथ अनाथ हुए शावकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार गहराती जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के द्वारा शावकों को खोजने के लिए बाघिन की मांद वाले इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाकर करीब 2 किलोमीटर में जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। वृहद स्तर पर जारी सर्चिंग अभियान में आधा दर्जन से अधिक टीमें जुटीं हैं, जिसमें 40 से अधिक मैदानी वनकर्मी और 5 प्रशिक्षित हाथी शामिल हैं। शावकों को लोकेट करने के लिए कुछ स्थानों पर कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं।
उधर, अपनी संगिनी (पार्टनर) के असमय काल-कवलित होने से नर बाघ पी-243 वियोग की असहनीय पीड़ा और उदासी से गुजर रहा है। दो दिन से वह बाघिन की मांद के पास कई घण्टे तक उदास बैठा रहा। बाघिन और शावकों की ख़ोज में वह उस स्थान पर भी पहुंचा जहां बाघिन का दाह संस्कार किया गया था। स्वभाव के विपरीत जंगल के राजा की इस हालत को देखकर पार्क प्रबंधन भी काफी दुखी है।
पन्ना टाइगर रिजर्व में अज्ञात गंभीर संक्रमण के चलते असमय मृत बाघिन पी-213 (32) का शव सूखे नाले में पड़ा मिला।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत कोनी बीट के कोनी नाला में शनिवार 15 मई को बीमार बाघिन पी-213 (32) मृत मिली थी। पार्क प्रबंधन को बाघिन के पैर में सूजन होने की जानकारी 12 मई को मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए दूसरे ही दिन से उसका इलाज शुरू करा दिया गया था। वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता के द्वारा 13 व 14 मई को उसे 2 इंजेक्शन दिए गए। लेकिन, उसकी सेहत में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ। अप्रत्याशित रूप से अज्ञात कारणों के चलते उसकी मौत हो गई।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा का कहना है, बाघिन की मौत कैसे और किस बीमारी के कारण हुई फिलहाल इस संबंध में अभी कुछ भी बता पाना संभव नहीं है। हालांकि समग्र परिस्थितियों को देखते हुए उनके द्वारा आशंका जाहिर की जा रही है कि, यह बाघिन किसी विषाणु (वायरस) के गंभीर संक्रमण का शिकार हुई है। क्योंकि सबकुछ बेहद तेजी से घटित हुआ है।
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि बाघिन के पैर में किसी तरह की बाहरी चोट, फ्रेक्चर, कट और मवाद आदि न होने के बाद भी जानलेवा गंभीर सूजन कैसे आई ? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हो सका। बाघिन की मौत संक्रमण (बीमारी) से, किसी जहरीले जीव के काटने या फिर अन्य किसी कारण से हुई है, इसका पता लगाने के लिए बाघिन के पोस्टमार्टम उपरांत बिसरा आदि अवयव के सैम्पल जांच हेतु सागर, जबलपुर एवं रायबरेली उत्तर प्रदेश की लैब भेजे हैं। साथ ही मृत बाघिन का कोरोना टेस्ट कराने के लिए उसका स्वाब सैम्पल भी लिया गया है।
बाघिन की मौत का सही कारण उसके बिसरा आदि के सैम्पल की रिपोर्ट आने पर पता चलने की बात कही जा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा कहते हैं कि प्रथम दृष्टया बाघिन की मौत का कारण प्राकृतिक प्रतीत होता है। वास्तविकता क्या है यह बिसरा आदि की जांच रिपोर्ट से ही पता चलेगा।

जांच के लिए विशेष वाहक से भेजे सैम्पल

डॉ. उत्तम कुमार शर्मा, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।
कोरोना वायरस संक्रमण की वैश्विक आपदा के इस दौर में जब पर्यटकों के लिए पार्क के गेट पूरी तरह से बंद हैं, ऐसे समय रेडियो कॉलर युक्त 5 वर्षीय युवा बाघिन की असमय रहस्मयी मौत से पन्ना टाइगर रिज़र्व में हड़कंप मचा है। इस घटनाक्रम के बाद से पार्क प्रबंधन मृत बाघिन के चार शावकों समेत दूसरे बाघों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में है। क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि बाघिन के बिसरा आदि की जांच तत्परता से कराने के लिए सैंपल विशेष वाहकों से भेजे जा चुके हैं। ताकि जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र मिल सके। आपने बताया कि सभी प्रकार की जांच कराई जाएगी, जिससे मौत के कारणों की असल वजह का खुलासा हो सके। क्योंकि यदि किसी बीमारी से मौत हुई होगी तो उसे दृष्टिगत रखते हुए समय रहते जरूरी कदम उठाना होगा।

टाइगर ट्रैकिंग पार्टी की निगरानी सवालों के घेरे में

बाघिन पी-213 (32) ने अपने दूसरे लिटर में करीब 6-7 माह पूर्व चार शावकों को जन्म दिया था। इस युवा बाघिन की असमय मौत के बाद उसके नन्हें शावकों की जान बचाने के लिए सरगर्मी से उनकी खोजबीन की जा रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बाघिन के बीमार होने के दौरान उसके इलाज को लेकर चिकित्सक एवं उनकी टीम की आवाजाही से उपजी असुरक्षा की भावना के चलते उसने आसपास ही कहीं शावकों को कहीं छिपा दिया है। इस बाघिन के साथ उसके शावकों को आखिरी बार प्रत्यक्ष तौर पर 10 मई को देखा गया था।
सांकेतिक फोटो।
गौरतलब है कि रेडियो कॉलर्ड बाघ-बाघिन की प्रत्यक्ष निगरानी के लिए उनके पीछे चार पहिया वाहन में टाइगर ट्रेकिंग टीम 24 घण्टे दौड़ती रहती है। चूंकि मृत युवा बाघिन पी-213 (32) रेडियो कॉलर्ड थी इसलिए उसके नन्हें शावकों का अब तक पता ना चल पाने से बाघिन की ट्रेकिंग में तैनात रही टीम की निगरानी पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अभी शावक इतने बड़े भी नहीं हुए कि वे अपनी माँ को छोड़कर ज्याद दूर जाएं या फिर ज्यादा देर तक उसके बगैर रह पाएं।
उधर, बाघिन को अचानक हमेशा के लिए खोने और अपने बच्चों (शावकों) से बिछड़ने से नर बाघ पी-243 काफी दुखी नजर आ रहा है। उसकी सुस्ती-उदासी समेत अन्य गतिविधियों के मद्देनजर क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा का मानना है कि नर बाघ को अपने पार्टनर की मौत गहरा आघात पहुंचा है। शावकों के लोकेट होने के बाद यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि यह उनके साथ सामान्य होकर सिंगल पैरेंट की अपनी जिम्मेदारी को उठता है या नहीं।

मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में अज्ञात गंभीर संक्रमण से युवा बाघिन की मौत ! कोरोना टेस्ट कराने लिया गया स्वाब सैंपल

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पन्ना टाइगर रिजर्व में अज्ञात गंभीर संक्रमण के चलते असमय मृत बाघिन पी-213 (32) का शव सूखे नाले में पड़ा मिला।

वन्यप्राणी चिकित्सक ने दो दिन किया इलाज फिर नहीं बच सकी जान

बाघिन के 4 नन्हें शावकों को बचाने उनकी सर्चिंग में जुटा पार्क का अमला

युवा बाघिन की असमय मौत के बाद पार्क प्रबंधन अलर्ट

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बाघों के कोरोना से संक्रमित होने की ख़बरों के बीच मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से आज एक दुखद और चिंताजनक ख़बर आई है। पन्ना पार्क की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत एक युवा बाघिन अज्ञात गंभीर संक्रमण के कारण असमय काल-कवलित हो गई। मृत बाघिन पी-213 (32) चार नन्हें शावकों की माँ थी। यह रेडियो कॉलर्ड बाघिन लगभग 5 वर्ष की थी। उसके आगे के बाएं पैर में कुछ दिनों से असमान्य सूजन थी। इस कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो चुकी थी।
पार्क के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता के द्वारा दो दिन तक बाघिन का इलाज किया गया लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। बाघिन के पैर में किसी तरह की बाहरी चोट, फ्रेक्चर, कट और मवाद न होने के बाद भी जानलेवा गंभीर सूजन कैसे आई फिलहाल इसका पता नहीं चल सका। पार्क के अधिकारियों ने बाघिन पी-213 (32) की मौत किसी गंभीर संक्रमण के कारण होने की आशंका जताई है।
इस घटना के बाद पार्क प्रबंधन अन्य बाघों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है। बाघिन की मौत संक्रमण (बीमारी) से हुई या फिर कोई और कारण है, इसका पता लगाने के लिए बाघिन के पोस्टमार्टम उपरांत बिसरा आदि अवयव के सैम्पल जांच हेतु सागर, जबलपुर एवं रायबरेली उत्तर प्रदेश की लैब को भेजे जा रहे हैं। साथ ही मृत बाघिन का कोरोना टेस्ट कराने के लिए उसका स्वाब सैम्पल भी लिया गया है।
डॉ. उत्तम कुमार शर्मा, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि पार्क की गहरीघाट रेन्ज की कोनी बीट के कोनी नाला में आज बाघिन पी-213 (32) मृत अवस्था में पाई गई है। उसके आगे के बाएं पैर में सूजन होने की जानकारी 12 मई को मिली थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए लगातार दो दिन 13 एवं 14 मई को पार्क के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता के द्वारा इलाज किया गया। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
क्षेत्र संचालक डॉ. शर्मा ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात गंभीर संक्रमण के कारण युवा बाघिन की मौत हुई है । क्योंकि, सबकुछ बेहद तेजी से हुआ महज 3-4 के अंदर ही उसकी असमय मृत्यु हो गई। बाघिन के पैर में किसी तरह की बाहरी चोट, फ्रेक्चर, कट और मवाद आदि न होने के बाद भी जानलेवा गंभीर सूजन कैसे आई ? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हो सका। बाघिन की मौत का सही कारण उसके बिसरा आदि के सैम्पल की रिपोर्ट आने पर पता चलने की बात कही जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद बाघिन के शव का जंगल में ही दाह संस्कार किया गया।

शावकों का पता लगाने सर्चिंग जारी

पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार।
बाघिन पी-213 (32) ने अपने दूसरे लिटर में करीब 6 माह पूर्व चार शावकों को जन्म दिया था। युवा बाघिन की असमय मौत के बाद उसके नन्हें शावकों की जान बचाने के लिए सरगर्मी से उनकी खोजबीन की जा रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बाघिन के बीमार होने के दौरान उसके इलाज को लेकर चिकित्सक एवं उनकी टीम की आवाजाही से उपजी असुरक्षा की भावना के चलते उसने आसपास ही शावकों को कहीं छिपा दिया है।
गौरतलब है कि रेडियो कॉलर्ड बाघ-बाघिन की प्रत्यक्ष निगरानी के लिए उनके पीछे चार पहिया वाहन में टाइगर ट्रेकिंग टीम 24 घण्टे दौड़ती रहती है। चूंकि मृत युवा बाघिन पी-213 (32) रेडियो कॉलर्ड थी इसलिए उसके नन्हें शावकों का अब तक पता ना चल पाने से बाघिन की निगरानी में तैनात रही टीम के काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अभी शावक इतने बड़े भी नहीं हुए कि वे अपनी माँ को छोड़कर ज्याद दूर जाएं या फिर ज्यादा देर तक उसके बगैर रह पाएं। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि शावकों की खोजबीन का कार्य मैदानी अमले के द्वारा प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। आपने कहा कि शावकों को लोकेट करने बाद आगामी कुछ महीनों तक विशेष निगरानी में उनका लालन-पालन किया जाएगा।

कोरोना की पॉजिटिविटी दर अभी 13 प्रतिशत है जब 5 से कम हो जाएगी तब हट जाएगा लॉकडाउन : गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

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पन्ना में पुलिस के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं जनता कर्फ्यू (लॉकडाउन) की समीक्षा करते गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा।

पन्ना में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने की कोरोना संक्रमण की समीक्षा

जिले में ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, बिस्तर आदि पर्याप्त संख्या में उपलब्ध

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि, कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए हमने पूरी तैयारी कर रखी है। हमारे पास आज पर्याप्त मात्रा में अतिरिक्त ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर और आईसीयू उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम सबकी एक ही चिंता है, कोरोना। पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति की लेकर आज समीक्षा की गई, यहां जनता कर्फ्यू के चलते पॉजिटिविटी दर (संक्रमण दर) के सार्थक परिणाम निकलकर आ रहे हैं। कोरोना की पॉजिटिविटी दर में लगातार कम हो रही है, फिलहाल पॉजिटिविटी दर 13 प्रतिशत के आसपास आ गई है। मुझे लगता है यहां ऑक्सीजन की और रेमडेसिविर इंजेक्शन आदि की दिक्कत नहीं है। अन्य जिलों में जो समस्याएं थीं, वे पन्ना में नहीं हैं। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने यह बात आज पन्ना में पत्रकारों से चर्चा में कही।
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के द्वारा पन्ना में ली गई कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक में प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शुक्रवार14 मई की सुबह प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अल्प प्रवास पर पन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं जनता कर्फ्यू (लॉकडाउन) की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक धर्मराज सिंह मीना सहित संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।उन्होंने बैठक में पन्ना जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता, कोरोना की संक्रमण दर में निरंतर कमी आने व जनता कर्फ्यू कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर संतोष जताया है।
गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए नागरिकों के द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है, संकट की इस घड़ी में आगे भी यदि इसी तरह लोगों ने धैर्य-संयम-अनुशासन का परिचय देकर शासन-प्रशासन के निर्देशों पर ईमानदारी से अमल किया तो हम जल्द से जल्द कोरोना को पराजित करने में सफल होंगे।

लॉकडाउन पर जिला आपदा प्रबंधन समूह लेगा निर्णय

डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गृह मंत्री, मध्य प्रदेश ।
पन्ना जिले में वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन की समयसीमा शनिवार 15 मई को समाप्त हो रही है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से पत्रकारों ने पूंछा, क्या लॉकडाउन को पुनः बढ़ाया जाएगा। अपने जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि, इस संबंध में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह स्थिति के अनुसार निर्णय लेगा। जैसी स्थिति होगी वैसा निर्णय लिया जाएगा। यदि कोरोना संक्रमण की दर 5 प्रतिशत से नीचे आती है तो लॉकडाउन समाप्त कर दिया जाएगा। आपने कोरोना की वैश्विक आपदा के समय सोशल मीडिया पर लोगों को भ्रमित करने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। साथ ही बैठक में भी इस विषय पर चर्चा करते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

आसमान में नज़र आया मुबारक चांद, शुक्रवार को घरों में पढ़ी जाएगी ईद-उल-फितर की नमाज़

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आसमान में नज़र आया मुबारक चांद।

कोविड-19 के प्रोटोकॉल्स एवं लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाया जायगा ईद का त्यौहार

कोरोना की आपदा से दुनिया को उबारने और अमन-चैन-भाईचारे के लिए मांगी जाएगी दुआ

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ईद-उल-फितर की दी शुभकामनाएं

भोपाल/पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के में खुशियों का त्यौहार ईद-उल-फितर शुक्रवार 14 मई 2021 को कोविड-19 के प्रोटोकॉल्स एवं लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाया जायगा। गुरुवार शाम को आसमान पर मुबारक चांद (ईद का चांद) नज़र आने से ईद-उल-फितर को लेकर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। पन्ना में आज शाम के समय मस्जिद कमेटियों के द्वारा लाउड स्पीकर से एलान कर शहरवासियों को चांद की मुबारकबाद दी गई। साथ ही सभी मुस्लिम भाईयों से कोरोना संकटकाल में शासन के बनाये नियमों-दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ईद का त्यौहार मनाने एवं अपने घरों पर ही ईद की नमाज़ पढ़ने की अपील की गई।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु इस साल भी ईदगाह या मस्जिदों में ईद की नमाज़ सामूहिक रूप से अदा नहीं की जाएगी। पन्ना समेत पूरे प्रदेश में मुस्लिम भाई-बहिनें शुक्रवार की सुबह अपने-अपने घरों में ही ईद की विशेष नमाज़ पढ़ेंगे और कोरोना की आपदा से पूरी दुनिया को उबारने, बीमार व्यक्तियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा अमन-चैन-भाईचारे-देश की सलामती के लिए दुआएं मांगेंगे।

राज्यपाल ने ईद-उल-फितर की बधाई दी

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली तरक्की और सबके मंगल की कामना की है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा है कि ईद का त्यौहार शांति, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण के संकट काल में शासन के बनाये नियमों का पालन करते हुए ईद का त्यौहार मनायें। उन्होंने कहा है कि संकट के दौर में त्यौहार की खुशियाँ गरीब और जरुरतमंद की मदद कर मनाएँ। साथ ही हम सब वर्तमान संकट से जल्द बाहर आये और ऐसी स्थिति फिर कभी पैदा न हो, इसकी दुआ करें।

मुख्यमंत्री ने ईद-उल-फितर पर दी शुभकामनाएँ एवं बधाई

मुख्यमंत्री, शिवराज सिंह चौहान।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ईद-उल-फितर पर्व की सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व भाईचारे, प्रेम, शांति, सौहार्द्र, त्याग तथा करूणा की भावना को बढ़ाता है। हम सब न्यायपूर्ण, समरसतापूर्ण और एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रेरित होते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोविड-19 महामारी से मुकाबला करने के लिए सभी नियमों, उपाय, सावधानी और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।

बेसहारों का सहारा बनीं “शिवराज सरकार”, कोरोना महामारी से जीविकोपार्जन का सहारा छिन चुके परिवारों को मिलेगी 5 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन

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शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश।

*   पात्रता नहीं होने के बाद भी नि:शुल्क राशन दिया जाएगा

 काम-धन्धे के लिए सरकार की गारण्टी पर मिलेगा बिना ब्याज का ऋण

*   मुख्यमंत्री बोले, किसी भी बच्चे और बुजुर्ग को बेसहारा नहीं छोड़ सकते 

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना महामारी से अनेक परिवारों में कोई भी कमाने वाला और पालन-पोषण करने वाला सदस्य जीवित नहीं बचा है। ऐसे परिवारों के सामने जीवन यापन का संकट पैदा हो गया है। बच्चों के पिता एवं अभिभावक और बुजुर्गों के बुढ़ापे की लाठी उनके युवा बेटे तथा परिवार के कमाने वाले सदस्य अब इस दुनिया में नहीं है। जीविकोपार्जन का सहारा छिन चुके ऐसे परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा पाँच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को जीवन यापन में कोई परेशानी नहीं होने नहीं दी जायेगी। प्रदेश सरकार पूरा ध्यान रखेगी। अनाथ बच्चों की शिक्षा का नि:शुल्क प्रबंध किया जाएगा, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना बाधा जारी रख सकें। अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को पात्रता नहीं होने के बाद भी नि:शुल्क राशन दिया जाएगा। उनके भोजन की समस्या का समाधान होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ बच्चों और बुजुर्गों के परिवार और अनाथ हुए परिवार का कोई सदस्य यदि काम-धंधा करना चाहता है तो उसको प्रदेश सरकार की गारंटी पर बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे दु:खी परिवार जिनका कोई सहारा नहीं है उनका सहारा प्रदेश की सरकार है। अनाथ बच्चे हमारे प्रदेश के बच्चे हैं। इनकी देखभाल प्रदेश करेगा, प्रदेश सरकार करेगी। राज्य सरकार किसी भी बच्चे को बेसहारा नहीं छोड़ सकती है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना महामारी ने कई परिवारों को तोड़ कर रख दिया है। अनेक बच्चों के सिर से उनके माता-पिता, अभिभावक और उनका पालन-पोषण करने वाले परिवार जनों का साया छिन गया है। बच्चों के जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है।

पन्ना की रुन्ज नदी में मात्र दो शव मिले, कलेक्टर-एसपी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया

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नंदनपुर ग्राम के रहवासियों से चर्चा कर वस्तु स्थिति पता करते हुए पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना।

*   नदी में आधा दर्जन शव दिखने की बात जांच में निकली अफवाह

*   दोनों वृद्ध मृतकों की हुई शिनाख्त कैंसर और चर्म रोग से थे ग्रसित

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में धरमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदनपुर गांव के निकट रुन्ज नदी में दो शवों के मिलने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुई है। प्रशासन की सघन जांच-पड़ताल नदी में आधा दर्जन शवों को देखे जाने की बात को अफवाह बताया गया है। मालूम हो कि मंगलवार 11 मई को नदी में 5-6 शव उतराते हुए दिखने की अफवाह उड़ा दी गई थी। जिससे इलाके में भय और दहशत का माहौल निर्मित हो गया था। इस मामले को प्रशासन ने अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए अजयगढ़ तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से जांच कराकर प्रतिवेदन मांगा गया।
वहीं कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा व पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने आज स्वयं मौके पर पहुंचकर वस्तु स्थिति का जायजा लिया। साथ ही स्थनीय ग्रामीणों से चर्चा कर वास्विकता पता की। कलेक्टर ने बताया कि रुन्ज नदी में पूरी तहकीकात के बाद सिर्फ दो शव मिले हैं। जिनमें एक व्यक्ति की मौत कैंसर से व दूसरे मृतक को सफेद दाग थे। फलस्वरुप क्षेत्रीय मान्यता के मुताबिक इन शवों का अग्नि संस्कार करने के बजाय उन्हें ग्रामीणों द्वारा जल समाधि दी गई थी।
रुन्ज नदी में शव मिलने के संबंध पन्ना कलेक्टर के द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित पत्र का स्क्रीनशॉट।
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने बताया कि ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस द्वारा रुन्ज नदी में करीब 2 किलोमीटर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आपने बताया कि नंदनपुर गांव के पास रुंज नदी के कालीबराह घाट में जहां कई शवों को पानी में तैरते हुए देखे जाने की अफवाह उड़ी थी, वहां सिर्फ दो शव मिले हैं। ग्राम वासियों ने भी बताया कि ग्राम बीहर सरवरिया के अहिरवार समाज द्वारा दो शवों का जल प्रवाह कर अंतिम संस्कार किया गया था। इस गांव के लोगों को मौके पर बुलाकर शवों की पहचान भी कराई गई।
ख़बरों में प्रसारित वीडियो में नदी के पानी में तैरते दोनों शव जिन्हें पत्रकारों ने अपने कैमरे में कैद किया था।
परिजनों द्वारा यह बताया गया कि दोनों लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण नहीं अपितु कैंसर व कुष्ठ रोग से ग्रसित होने के चलते हुई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कोरोना महामारी के समय इस तरह के बेहद संवेदनशील मामलों को लेकर अफवाह फैलाना ठीक नहीं है। इससे आम जनमानस में गलत संदेश जाता है तथा दहशत फैलती है। उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि बिना तथ्यों की छानबीन किए जल्दबाजी में सनसनी फैलाना जनहित में नहीं है। पुलिस अधीक्षक मीना ने कहा कि झूठी अफवाह फ़ैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
पन्ना जिले की अजयगढ़ जनपद अंतर्गत आने वाली नंदनपुर ग्राम पंचायत का कार्यालय।
रुन्ज नदी में कई शवों के तैरने की अफवाह के इस बेहद संवेदनशील मामले की जांच उपरांत अनुविभागीय अधिकारी अजयगढ़ व तहसीलदार आजयगढ़ ने जो प्रतिवेदन सौंपा है, उसके मुताबिक एक शव कल्लू अहिरवार 75 वर्ष निवासी बीहर सरवरिया नहराई के पुरवा का है तथा दूसरा शव शिवराम पिता टिडिया अहिरवार 90 वर्ष निवासी बाबूपुर थाना नरैनी हाल निवास बीहर सरवरिया थाना अजयगढ़ का है। नदी में छह शवों के देखे जाने की अफवाह भ्रामक और असत्य बताया गया है। उक्त दोनों शवों को उनके परिवार जनों व समाज वालों के द्वारा रुंज नदी से निकालकर नदी के किनारे दफना दिया गया है।

दुखद : मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया नहीं रहे

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मध्य प्रदेश के प्रख्यात पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया का कोरोना संक्रमण के कारण असामयिक निधन हो गया।

*  कोरोना संक्रमण के चलते इलाज के दौरान इंदौर के अस्पताल में हुआ निधन

*  सीएम शिवराज, कमलनाथ, उमा भारती समेत पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

*   पन्ना में रडार न्यूज़ के शुभारंभ कार्यक्रम की श्री पटैरिया ने की थी अध्यक्षता

पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण के कहर ने आज एक और नामवर पत्रकार को हमसे छीन लिया। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और लेखक शिव अनुराग पटैरिया अब नहीं रहे। कोरोना संक्रमण के कारण तबियत बिगड़ने पर उनका इलाज इंदौर के अस्पताल में चल था। इस बीच दिल का दौरा पड़ने से आज सुबह अंतिम सांस ली। मध्यप्रदेश की पत्रकारिता का बेहद सम्मानित चेहरा रहे शिव अनुराग पटैरिया के निधन की दुखद खबर आते ही पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख़्यमंत्री द्वय कमलनाथ, सुश्री उमा भारती समेत कई जाने-माने पत्रकारों ने शोक जताया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने शिव अनुराग पटैरिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, उन्होंने कहा कि उनका निधन पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि शिव अनुराग पटैरिया जनमुद्दों के लिए जूझने वाले पत्रकार थे। उन्होंने छतरपुर से आंचलिक पत्रकार के तौर पर 1978 में पत्रकारिता प्रारंभ कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संदर्भों पर लिखीं उनकी पुस्तकें बेहद मूल्यवान कृतियां हैं। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि उनका जाना तमाम युवा पत्रकारों, पत्रकारिता जगत के लिए एक शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है।
उन्होंने कहा कि पटैरिया ने अपनी पूरी जिंदगी पत्रकारिता, लेखन और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित कर दी। अन्याय के विरुद्ध लड़ते हुए वे पत्रकारिता में आए और अपनी धार बनाए रखी। वे स्वभाव से मृदुभाषी थे, किंतु अपनी पत्रकारिता में उन्हें जो लिखना और कहना होता था वही करते थे। वे पत्रकारिता के साथ-साथ पत्रकारिता एवं जनसंचार के अध्यापन में भी तीन दशक तक सक्रिय रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में गहरी पैठ रखने वाले शिव अनुराग पटैरिया लम्बे समय से महाराष्ट्र के लोकमत समाचार पत्र समूह से जुड़े थे। वर्तमान में वे लोकमत के मध्यप्रदेश भोपाल ब्यूरो प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे थे। पटैरिया को उनके शानदार काम के लिए प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता पुरुष्कार, राजेन्द्र माथुर फैलोशिप, मेदिनी पुरुष्कार, डॉ. शंकर दयाल शर्मा अवार्ड सहित कई पुरुष्कारों से नवाजा गया था।

रडार न्यूज़ के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए थे शामिल

अपनी उत्कृष्ट पत्रकारिता से बुंदेलखंड अंचल और मध्यप्रदेश को गौरान्वित करने वाले कलमकार शिव अनुराग पटैरिया का पन्ना से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके करीबी रिश्तेदार यहां रहते हैं। वर्ष 2018 में प्रेस स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर 3 मई को पन्ना में हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट रडार न्यूज़ डॉट इन के शुभारंभ कार्यक्रम में श्री पटैरिया बतौर अतिथि शामिल हुए थे।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अपने उद्बोधन में बुंदेलखंड की पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास के कुछ अनछुए पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला था। व्यस्तताओं के बीच लंबे अर्से बाद इस कार्यक्रम के जरिए पन्ना आने और करीबी रिश्तेदारों से मुलाक़ात का करने का अवसर मिलने पर पटैरिया ने ख़ुशी जाहिर करते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया था।
वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पटैरिया के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया जा रहा है।
पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने वालों का लंबे समय तक मार्गदर्शन करते रहे वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया (62) के असामयिक दुखद निधन पर रडार न्यूज़ उनके परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त करता है।ईश्वर से प्रार्थना है, उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को इस गहन दुख को सहने करने की शक्ति प्रदान करें।”