दुस्साहस! महिला से चाकू की नोक पर चेन लूटी, बाइक सवार बदमाश फरार

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चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से फरार होते बदमाशों के फुटेज निजी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए।

     जेल तिराहा के समीप शाम के समय वारदात को दिया अंजाम

*       बंद पड़े सरकारी सीसीटीव्ही कैमरे बने शोपीस

*       पन्ना में बढ़ते अपराधों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बेनकाब

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) शहर में अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है और पुलिस व्यवस्था सवालों के घेरे में है। एक बार फिर महिला सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर जगन्नाथ कॉलोनी में एक महिला से चाकू की नोक पर सोने की चेन लूट लिए जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। लूटी गई चेन की कीमत 3 लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोली है, बल्कि शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे बंद पड़े शासकीय सीसीटीवी कैमरों की लापरवाही भी उजागर कर दी है।
जानकारी के अनुसार स्वाती तिवारी रोजाना की तरह शाम को टहलने के बाद रघुलीला गार्डन के पास स्थित पेट्रोल पंप से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार दो अज्ञात बदमाश पहुंचे और महिला के गले पर चाकू अड़ाकर उसकी सोने की चेन छीन ली। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अजयगढ़ चौराहे की ओर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कोतवाली थाना की सब-इंस्पेक्टर मनोरमा मौर्य ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे निजी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन आरोपियों के चेहरे स्पष्ट नहीं दिख पाए।
चेन स्नेचिंग वारदात की पीड़िता स्वाती तिवारी ने सोमवार को अपने भाई के साथ पुलिस अधीक्षक से भेंट कर अज्ञात बदमाशों की शिनाख्त कर कार्रवाई की मांग की।
इस बीच सबसे बड़ा सवाल शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा हो गया है। पीड़िता के भाई अजय तिवारी ने आरोप लगाया कि नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की ओर से लगाए गए शासकीय सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। यदि ये कैमरे चालू हालत में होते तो आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी आसान हो सकती थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए कैमरे अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। जिन कैमरों का उद्देश्य अपराध रोकना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और घटनाओं की त्वरित जांच में मदद करना था, वे बंद पड़े होने से अपराधियों को खुला संरक्षण मिल रहा है।
शहर में लगातार चेन स्नेचिंग, लूट और महिलाओं से जुड़ी वारदातें बढ़ रही हैं, लेकिन सुरक्षा के दावे जमीन पर खोखले साबित हो रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर कैमरे बंद होना जन सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है। यदि पुलिस निगरानी तंत्र सक्रिय रहता तो अपराधियों में इतना दुस्साहस नहीं होता कि वे महिला के गले पर चाकू रखकर बीच शहर में वारदात कर फरार हो जाएं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन जनता पूछ रही है कि जब सुरक्षा के सबसे बड़े साधन ही बंद पड़े हों, तब अपराधियों पर लगाम कैसे लगेगी? यह घटना केवल लूट नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा है।