
MP News: दवा एजेंसियों की आड़ में नशे का कारोबार? 1.34 लाख बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप का हिसाब नहीं, दो एजेंसियां सील


जांच दल ने ग्राम कटन, तहसील गुनौर स्थित मेसर्स बागरी ड्रग एजेंसी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि एजेंसी ने पिछले लगभग एक माह में करीब 45 हजार बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप खरीदी थीं, लेकिन उनकी बिक्री अथवा वितरण से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। निरीक्षण में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियम, 1945 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन भी पाए गए। इसके आधार पर एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया गया।
इसी क्रम में देवेंद्रनगर स्थित मेसर्स देवनाथ फार्मा की जांच की गई। जांच में सामने आया कि एजेंसी अपने लाइसेंस में दर्ज स्थान के बजाय दूसरे स्थान से संचालित की जा रही थी। यहां पिछले दो माह में लगभग 89 हजार बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप खरीदे जाने का रिकॉर्ड मिला। जांच दल ने लगातार दो दिन तक अभिलेखों का परीक्षण और अन्य औषधियों की जब्ती संबंधी कार्रवाई की। तीसरे दिन जब टीम दोबारा पहुंची तो प्रतिष्ठान पर ताला लगा मिला तथा मकान मालिक एवं एजेंसी संचालक परिवार सहित गायब था। इसके बाद नियमानुसार परिसर को भी सीलबंद कर दिया गया।
विशेष जांच दल की कार्रवाई के बाद पन्ना सहित आसपास के जिलों के दवा कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि अब ऐसे अन्य थोक एवं फुटकर दवा प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा सकती है, जहां नियंत्रित औषधियों की असामान्य मात्रा में खरीद-बिक्री हुई है। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। इस विशेष जांच दल में पन्ना की औषधि निरीक्षक महिमा जैन, छतरपुर के औषधि निरीक्षक अजीत जैन, सतना की औषधि निरीक्षक प्रियंका चौबे तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, पन्ना का स्टाफ शामिल रहा।