पन्ना: उफनती नदी में पुल से छलांग लगाने वाले युवक का 23 घंटे बाद मिला शव, SDRF टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन

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मिढ़ासन नदी के तेज बहाव के बीच सुशील की तलाश में मोटर बोट से सर्च ऑपरेशन चलाती एसडीआरएफ टीम।
  • अमानगंज में सोने-चांदी की ज्वेलरी दुकान चलाता था सुशील सोनी

  • पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का अब तक नहीं हो सका खुलासा

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज में मिढ़ासन नदी के पुल से छलांग लगाने वाले 32 वर्षीय सुशील सोनी का शव करीब 23 घंटे बाद बुधवार सुबह चकदही घाट के पास नदी में तैरता मिला। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। मंगलवार देर शाम तक तलाश के बाद अंधेरा होने पर अभियान रोकना पड़ा, जिसे बुधवार सुबह फिर शुरू किया गया। करीब 10 बजे चकदही घाट के पास शव दिखाई देने के बाद टीम ने उसे नदी से बाहर निकाला। सुशील की मौत की खबर से अमानगंज में शोक का माहौल है।

मिढ़ासन नदी के पुल से लगाई थी छलांग

जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 8 अमानगंज निवासी सुशील सोनी, पिता कैलास सोनी ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मिढ़ासन नदी के पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के बाद पुल पर उसका मोबाइल फोन मिला। सूचना मिलते ही अमानगंज थाना प्रभारी हेमंत नायक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कराई गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने पुलिस के सहयोग से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चकदही घाट से मिढ़ासन नदी के पुल घाट तक नदी के अलग-अलग हिस्सों में युवक की तलाश की गई।

सुबह फिर शुरू हुई तलाश

करीब 23 घंटे बाद नदी मिढ़ासन नदी के चकदही घाट के समीप युवक का शव बरामद कर पानी से बाहर लाते हुए एसडीआरएफ टीम।
मंगलवार देर शाम तक एसडीआरएफ और पुलिस की टीम नदी में तलाश करती रही, लेकिन सुशील का कोई पता नहीं चल सका। नदी में पानी के बहाव और अंधेरा होने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया। बुधवार सुबह टीम ने दोबारा तलाश शुरू की। करीब 10 बजे चकदही घाट के पास नदी में सुशील का शव तैरता दिखाई दिया। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

एक साल पहले मां का निधन

सुशील के परिवार पर पिछले कुछ समय में लगातार दुखों का साया रहा है। उसके पिता कैलास सोनी अमानगंज तहसील कार्यालय में पदस्थ रहे और कुछ महीने पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। करीब एक वर्ष पहले बीमारी के चलते सुशील की मां का भी निधन हो गया था। अब बेटे की मौत से परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुशील की शादी करीब दो वर्ष पहले सतना में हुई थी। वह परिवार का बड़ा बेटा था। उसका छोटा भाई मनीष सोनी कन्या शाला के पास सोने-चांदी की दुकान संचालित करता है। सुशील भी बड़गूजा आटा चक्की के पास सोने-चांदी की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। इससे पहले वह सहारा बैंक में नौकरी कर चुका था।

मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का था सुशील

मृतक सुशील सोनी।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुशील मिलनसार, हंसमुख और धार्मिक प्रवृत्ति का युवक था। वह धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था और जरूरत के समय लोगों की मदद के लिए भी आगे रहता था। यही वजह है कि उसकी अचानक मौत की खबर से परिवार के साथ परिचितों और क्षेत्र के लोगों में भी गहरा शोक है।
मौत की वजह की पुलिस कर रही जांच
अमानगंज में मिढ़ासन नदी घाट पर खड़े स्थानीय लोग एसडीआरएफ टीम के रेस्क्यू ऑपरेशन को देखते हुए।
सुशील ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। क्षेत्र में अलग-अलग तरह की चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन किसी विवाद या तनाव को लेकर सामने आ रही बातों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सुशील की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने अपना बेटा और भाई खोया है, वहीं परिचितों के बीच एक हंसमुख और मिलनसार युवक के असमय चले जाने से शोक का माहौल है।