व्यापारी पुत्र के अपहरण और फिरौती कांड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

0
139
पवई थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा में व्यापारी पुत्र का अपहरण करने वाले आरोपीगण।

*     पहले युवक को सकुशल छुड़ाया अब तीनों अपहरणकर्ताओं को हथियार समेत दबोंचा

*     सोशल मीडिया पर अमीरी का प्रदर्शन बना अपहरण की वजह

*     युवक की रील्स देखकर आरोपियों ने बनाई थी अपहरण की योजना

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पवई क़स्बा निवासी कपड़ा व्यापारी के 19 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे के अपहरण एवं फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले में पन्ना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे, एक जिंदा कारतूस तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। साथ ही फिरौती के रूप में भेजी गई 1.48 लाख रुपये की राशि भी आरोपी के बैंक खाते में होल्ड करा दी गई है।
गौरतलब है कि गत दिनों पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा का अपहरण कर उसके परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। घटना सामने आते ही पवई क्षेत्र सहित पूरे जिले में भय और दहशत का माहौल बन गया था। मामले को लेकर लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी और चिंता देखने को मिली थी। घटना के प्रकाश में आने के बाद से ही पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए एसडीओपी पवई श्रीमती भावना दांगी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस टीम ने त्वरित प्रयास करते हुए अपहृत युवक को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया था, हालांकि उस समय आरोपी फरार होने में सफल रहे थे।
पुलिस के अनुसार इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया गया। चौतरफा घेराबंदी, तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना तथा सतत पतारसी के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपहृत युवक सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल और अपनी समृद्ध जीवनशैली का प्रदर्शन करता था। इसी आधार पर उसे आर्थिक रूप से संपन्न मानते हुए अपहरण की योजना बनाई गई और उसके परिजनों से फिरौती मांगी गई।
अपहरणकर्ताओं के कब्जे से बरामद अवैध हथियारों को पुलिस ने जब्त किया।
पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान भयवश परिजनों ने आरोपी राजकमल रजक के बैंक खाते में 1 लाख 48 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे। साइबर सेल की सहायता से एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से उक्त राशि पर तत्काल होल्ड लगवा दिया गया, जिससे आरोपी रकम नहीं निकाल सके। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद यह राशि फरियादी को वापस कराई जाएगी।
जानकारी अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सिमराकला निवासी 19 वर्षीय राजकमल रजक, 25 वर्षीय राजकुमार पाल तथा 18 वर्षीय शिवेंद्र सिंह शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल पवई भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे, एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल जब्त करने का दावा किया है।