“फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर” ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई अफसरों से की लाखों की ठगी

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कोतवली थाना पन्ना पुलिस की अभिरक्षा में पकड़े गए फ़र्जी आयकर अधिकारी।

* पन्ना आरटीओ को इनकम टैक्स का नोटिस भेजकर मांग रहे थे रुपये

* ठगी करने वाले दो शातिर आरोपी पन्ना पुलिस के हत्थे चढ़े

* एमबीए करने के बाद नौकरी न मिलने और बिज़नेस में घाटा लगने पर बना ठग

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   हिंदी फिल्मों के सुपर स्टार अक्षय कुमार अभिनीत चर्चित फ़िल्म “स्पेशल-26” याद है, जिसमें वे और उनके साथी फ़र्जी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर ठगी करते हैं। कुछ हद तक इसी तर्ज पर फ़र्जी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर बड़े सरकारी अधिकारियों को ठगने वाले दो शातिर आरोपियों को पन्ना पुलिस गिरफ़्तार ने गिरफ्तार किया है। इनके द्वारा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई अधिकारियों को इनकम टैक्स का नोटिस भेजकर मामले को रफा-दफा करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का खुलासा हुआ है। पन्ना के आरटीओ की शिकायत पर फर्जी आयकर अधिकारी बने ठगों का भंडाफोड़ करते हुए उन्हें पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अश्वनी सिहं पिता शोवरन सिंह 34 एवं विभूति सोनी पिता राजेन्द्र प्रसाद सोनी 32 दोनों निवासी मैहर जिला सतना के रुप में हुई है। पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फ़िल्मी अंदाज में ठगी करने वाला मुख्य आरोपी अश्वनी सिहं पूना (महाराष्ट्र) से एमबीए पासआउट है। नौकरी न लगने के कारण अश्वनी सात वर्ष तक जबलपुर मे इंटरनेट कैफे चलाता था, जिस कारण वह कम्प्यूटर के कार्य दक्ष है। इस धंधे में उसे नुकसान हुआ और उस पर दो तीन लाख का कर्ज हो गया था, तभी उसके मन मे फर्जीवाड़ा करके पैसा कमाने का लालच आया।

रिक्शा चालक के खाते मंगवाते थे रुपए

फर्जीवाड़े में पकड़े जाने से बचने के लिए अश्वनी सिहं ने अज्ञात नाम से कटनी से ज्यादा पैसे देकर सिम खरीदी तथा कटनी से ही आयुक्त आयकर विभाग के नाम की सील बनवायी थी। इसने कटनी के ही एक रिक्शा चालक को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसका एटीएम कार्ड यह कहकर अपने पास रख लिया था, कि एटीएम कार्ड जमा करने पर ही तुम्हारे खाते में आवास योजना की राशि आएगी। ये लोग इंटरनेट से शासकीय अधिकारियों के नाम-पता व मोबाइल नम्बर निकालकर अज्ञात नाम के सिम से आरोपी उन्हें फोन किया करते थे और स्वंय को आयकर अधिकारी बताते हुए बात किया करते थे। फिर आयकर का फर्जी नोटिस बनाकर उनके पते पर भेजते थे और कुछ दिन बाद उसे वापस फोन कर मामले को रफा-दफा करने के लिये रुपयों के लेनदेन की बात करते थे। संबंधित अधिकारी के राजी होने पर रिक्शे वाले का खाता नंबर देकर उक्त खाते में रुपये डलवाते थे। बाद में एटीएम की मदद से रुपये निकालकर आपस में हिस्सा बांट कर लेते थे ।

अब तक इन अधिकारियों से की ठगी

पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने बतया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूँछतांछ में पूर्व में आयुक्त आदिम जाति विभाग कोरबा, कवर्धा, कोरिया, रायपुर (छत्तीसगढ़) को नोटिस भेजा था और फोन पर बात करके सभी से आठ- नौ लाख रूपये कमाये थे। साथ ही आरटीओ (परिवहन अधिकारी) जबलपुर को भी नोटिस भेजा था और उससे से भी पैसे प्राप्त हुय़े थे । इसके अलावा इनके द्वारा दमोह, सागर, मंदसौर, विदिशा एवं पन्ना के आरटीओ को फोन लगाया एवं फर्जी नोटिस भेजा था।

शिकायत होने पर पकड़े

पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह और उनके पीछे खड़े कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक अरविंद कुजूर।
जिला परिवहन अधिकारी पन्ना सुनील शुक्ला ने पिछले दिनों 21 दिसम्बर को कोतवाली थाना पन्ना आकर लिखित रिपोर्ट की कि मेरे मोबाइल नम्बर पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाईल नम्बर 6262665951 से कॉल कर स्वंय को आयकर अधिकारी भोपाल का बता रहा है। उसके द्वारा मेरे विरूद्द आयकर विभाग का नोटिस भेजना की बात कही गई और उसकी सॉफ्ट कॉपी मेरे मोबाईल में भेजी गयी है, जो फर्जी लग रही है। रिपोर्ट पर थाना में उसी दिन अपराध क्रमांक- 798/18 धारा 420,467, 468, 471,34 ताहि के तहत अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया। कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक अरविंद कुजूर के द्वारा साइबर सेल से मोबाइल की लोकेशन पता कर और मुखबिर की मदद से दोनों आरोपियों अश्वनी सिहं पिता शोवरन सिंह 34 एवं विभूति सोनी पिता राजेन्द्र प्रसाद सोनी 32 को मैहर जिला सतना से गिरफ्तार कर पन्ना लाया गया। जहां पुलिस की पूंछतांछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने शातिर ठगों को पकड़ने में अहम भूमिका अदा करने वाले निरीक्षक अरविंद कुजूर और उनकी टीम को पुरूष्कृत करने की घोषणा की है।