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प्रभारी मंत्री इंदर सिंह को पवई विधायक ने जमकर सुनाया, बैठक का किया बहिष्कार

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इन्दर सिंह परमार प्रभारी मंत्री जिला पन्ना एवं पवई विधायक प्रहलाद लोधी।

वनरक्षक का स्थानांतरण आदेश निरस्त होने पर निकाला गुस्सा

 पूछा सवाल- मेरी विधानसभा अब क्या छुटभैये नेता चलाएंगे

 विधायक प्रहलाद लोधी के बेहद तल्ख़ तेवरों के चलते समीक्षा बैठक में कुछ देर तक खिंचा रहा सनाका

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार को विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान रविवार को बेहद असहज और अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा। प्रभारी मंत्री पर पवई विधायक प्रहलाद लोधी ने अपना गुस्सा निकालते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र में पदस्थ एक वनरक्षक का तबदला निरस्त किए जाने के कारण सख्त नाराज थे। अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विधायक बैठक छोड़कर बाहर चले गए। प्रभारी मंत्री ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। बैठक के बहिष्कार से पहले विधायक ने जिला पंचायत सीईओ को भी ग़जब हड़काया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते बैठक में कुछ देर तक सनाका खिंचा रहा। नाराज़ पवई विधायक के बैठक छोड़कर जाने को सत्तारूढ़ दल भाजपा के अंदर मची जबरदस्त खींचतान-घमासान के सतह पर आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह मामला जिले के राजनैतिक, प्रशासनिक हलकों समेत आमजन के बीच चर्चा का विषय बना है।
पन्ना के कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक लेते प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार।
रविवार 17 अगस्त 2025 को पन्ना के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक शुरू होने से पहले स्वागत की औपचारिकता चल रही थी तभी पवई विधायक प्रहलाद बैठक में शामिल होने पहुंचे। अधिकारियों ने विधायक का स्वागत करने का अनाउंस किया तो विधायक ने उन्हें रोक दिया। अपनी पीड़ा और गुस्सा जाहिर करते हुए वे बोले- जब मेरी बात नहीं सुनीं जाती तो मैं किस बात का विधायक? मंत्री से मुखातिब होते कहा जब हमारा कोई काम नहीं होता तो इन बैठकों का क्या औचित्य है। दक्षिण वन मण्डल पन्ना के एक वनरक्षक का स्थानांतरण निरस्त किए जाने से नाराज विधायक प्रहलाद ने मंत्री जी को उलाहना देते हुए कहा आपने मुझसे एक बार भी पूंछना उचित नहीं समझा। मेरे अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मामलों क्या मेरा कोई दखल नहीं? माहौल को सामान्य करने के लिए प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह ने विधायक से बैठक के बाद अलग से चर्चा करने की बात कही। इस पर विधायक ने तल्ख़ लहजे में कहा मेरे पास अलग से चर्चा करने का समय नहीं है। विधायक ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अनुचित हस्तक्षेप और अपनी उपेक्षा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक शब्दों में कहा जब तक मैं हूं, तब तक मेरी विधानसभा को कोई दूसरा व्यक्ति नहीं चलाएगा। अब क्या छुटभैये नेता मेरी विधानसभा में नेतागिरी करेंगे? विधायक प्रहलाद लोधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने हाल ही में हुए पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों के स्थानांतरण को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। और जिला पंचायत सीईओ को जमकर हड़काया।
प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने पवई विधायक को शांत कराने की कोशिश करते हुए उनसे बैठ जाने का आग्रह किया लेकिन प्रहलाद नहीं माने। विधायक इतना तेज गुस्से में थे कि उन्होंने मंत्री की बात ही नहीं सुनीं। अपनी उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाते हुए वे बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। इस दौरान मंत्री श्री परमार ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन पवई विधायक प्रहलाद लोधी नहीं रुके। सूत्र बताते हैं कि पवई एवं पन्ना के कतिपय भाजपा नेता पवई विधानसभा क्षेत्र में काफी समय से दखल दे रहे थे। जाहिर है यह सब विधायक प्रहलाद को नागवार गुजरने के साथ उनके गुस्से को बढ़ा रहा था। रविवार को आख़िरकार प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह के सामने उनका गुस्सा फूट पड़ा। समीक्षा बैठक के दौरान विधायक श्री लोधी द्वारा खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करने से प्रभारी मंत्री श्री परमार को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। बैठक छोड़कर बाहर निकलने के बाद पवई विधायक पन्ना में आयोजित रानी अवंती बाई के कार्यक्रम में शामिल हुए। बता दें कि भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना बृजेन्द्र मिश्रा ने पवई विधायक द्वारा प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक का बहिष्कार करने की ख़बरों ख़ारिज करते हुए बताया कि उन्हें कुछ शारीरिक समस्या थी इसलिए उन्हें बैठक से जाना पड़ा।

विधायक के गुस्से की ये है वजह

प्राप्त जानकारी अनुसार हाल ही में जिला स्तर पर हुए स्थानांतरण के दौरान दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पवई में पदस्थ वनरक्षक चेतन अहिरवार का स्थानांतरण हुआ था। जिसे लेकर चर्चा है कि वनरक्षक का स्थानांतरण विधायक ने ही करवाया था। कुछ दिन बाद वनरक्षक का तबादला आदेश प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने निरस्त कर दिया। वनरक्षक का स्थानांतरण पन्ना टाइगर रिजर्व या उत्तर वन मण्डल में करने का पुनः प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन उस प्रस्ताव पर अमल होने के बजाए असहमति की टीप अंकित कर दी गई। जिससे विधायक का नाराज होना स्वाभाविक था। कथित तौर पर विधायक द्वारा कराए गए वनरक्षक के स्थानांतरण को पवई क्षेत्र के ही एक बीजेपी नेता ने निरस्त कराने में अहम भूमिका निभाई थी। पवई विधायक ने इसे अपने अपमान के तौर पर लिया। उन्हें लगा जब मैं अपने ही क्षेत्र के एक वनरक्षक स्थानांतरण नहीं करा सकता तो इससे बड़ी उपेक्षा और क्या होगी। प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा भोपाल में बैठकर जिले के स्थानांतरण करने से भी विधायक प्रहलाद लोधी नाराज चल रहे थे। रविवार को पन्ना में आयोजित बैठक में बैठक में प्रभारी मंत्री श्री सिंह से जब पवई विधायक की मुलाकात हुई तो वे गुस्से से फट पड़े। खबर के संबंध में जब पवई विधायक से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल फोन बंद था।

मध्यप्रदेश: कांग्रेस ने ‘संगठन का सृजन’ करने चुने 71 जिला अध्यक्ष, 6 विधायकों को सौंपी जिम्मेदारी

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प्रतीकात्मक फोटो।

*      4 महिलाओं को भी सौंपी कमान, अनीस खान बने पन्ना जिला अध्यक्ष

भोपाल/पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत की लगभग दो माह तक चली सघन रायशुमारी की प्रक्रिया, आंतरिक सर्वे और गहन विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने जन्माष्टमी के शुभ दिन अपने 71 नवनिर्वाचित कर दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी जिलाध्यक्षों की सूची में 6 विधायकों के नाम शामिल हैं । जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह और ओमकार सिंह मरकाम सिंह जैसे बड़े नाम हैं। प्रदेश के 4 जिलों में कांग्रेस संगठन की कमान अब महिलाएं संभालेंगी।
अनीस खान, नव-निर्वाचित जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना।
नए जिलाध्यक्षों के चयन में कांग्रेस ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताकर पार्टी के अंदर-बाहर साफ़ संकेत दिया है कि अब वक्त युवाओं का है। जारी की गई सूची में धर्मेन्द्र भदौरिया को भोपाल शहर जबकि अनोखी मान सिंह पटेल को भोपाल ग्रामीण की कमान सौंपी है। ग्वालियर शहर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, ग्वालियर ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभुदयाल जोहरे, इंदौर शहर जिलाध्यक्ष चिंटू चौकसे, इंदौर ग्रामीण जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े और पन्ना जिला अध्यक्ष अनीस खान को बनाया गया है।

इन विधायकों को सौंपी जिलों की कमान

कांग्रेस पार्टी ने अपने छह युवा विधायकों को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। इसमें महेश परमार को उज्जैन ग्रामीण, देवेन्द्र पटेल को रायसेन, सिद्धार्थ कुशवाहा को सतना ग्रामीण, जयवर्धन सिंह को गुना, ओमकार सिंह मरकाम को डिंडौरी और संजय उइके को बालाघाट जिले में संगठन को अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं युवा नेत्री प्रतिभा रघुवंशी को खंडवा शहर, विजयलक्ष्मी तंवर को आगर मालवा, सुनीता पटेल को नरसिंहपुर एवं सरस्वती सिंह मरकाम को सिंगरौली ग्रामीण जिलाध्यक्ष बनाया है।

संगठन की मजबूती में मील का पत्थर साबित होगा यह निर्णय

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार 16 अगस्त 2025 की शाम अपने नव निर्वाचित जिला अध्यक्षों की सूची सोशल मीडिया पर एक सन्देश के साथ पोस्ट की है। जिसे हम अपने पाठकों के लिए यहां शब्दशः प्रसारित कर रहे हैं-
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी के मार्गदर्शन एवं नेता प्रतिपक्ष, जननायक श्री राहुल गांधी जी की मंशानुरूप मध्यप्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न हुई। यह सम्पूर्ण प्रक्रिया गहन विचार-विमर्श, सांगठनिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पूर्ण की गई। इस अभियान के अंतर्गत नव-निर्वाचित जिला अध्यक्षों का चयन किया गया, जो संगठन की मजबूती और विस्तार में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
सभी नव-निर्वाचित जिला अध्यक्षों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि आप सभी प्रदेश प्रभारी श्री हरीश चौधरी जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी की आशाओं के अनुरूप कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाते हुए अपने-अपने जिलों में संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और संगठन सृजन अभियान की सार्थकता को धरातल पर साकार करेंगे।

मध्य प्रदेश के नव निर्वाचित कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची देखें-

प्रथम पृष्ठ-01

दिव्तीय पृष्ठ-02

तृतीय पृष्ठ-03

स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया, कलेक्टर ने किया ध्वजारोहण

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  मुख्य समारोह में लाइव टेलीकास्ट जरिए सुना गया मुख्यमंत्री का संदेश

पन्ना। देश का 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को जिले में भी हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन स्थानीय पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। ध्वजारोहण के पश्चात कलेक्टर श्री कुमार ने खुली जिप्सी में पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा के साथ परेड का निरीक्षण किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा उन्मुक्त गगन में गुब्बारे छोड़े गए। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा पुलिस बैण्ड की सुमधुर ध्वनि के बीच आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रजातंत्र रक्षकों का सम्मान भी हुआ। मुख्य अतिथि ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परेड के साथ कई स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से पीटी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। सशस्त्र और गैर शस्त्र परेड का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। शासकीय दायित्वों के उत्कृष्ट निर्वहन पर विभिन्न शासकीय विभागों के लोकसेवक भी सम्मानित किए गए।

उत्कृष्ट विद्यालय को मिला प्रथम स्थान

सांस्कृतिक कार्यक्रम के सीनियर वर्ग में शासकीय आर.पी. उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय क्रमांक 1 पन्ना को प्रथम, सांदीपनि विद्यालय पन्ना को द्वितीय और महर्षि विद्या मंदिर उ.मा. विद्यालय पन्ना को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह जूनियर वर्ग में सरस्वती उ.मा. विद्यालय पन्ना को प्रथम, ब्लू स्काई स्कूल पन्ना को द्वितीय और लिस्यू आनंद विद्यालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सशस्त्र बल परेड वर्ग में जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को प्रथम, विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी को द्वितीय और होमगार्ड की टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह गैर शस्त्र परेड के सीनियर वर्ग में वन विभाग उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को प्रथम, शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की एनसीसी टुकड़ी को द्वितीय एवं एनसीसी सीनियर महिला टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला, जबकि जूनियर परेड वर्ग में एनसीसी जूनियर विंग को प्रथम, शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय पन्ना के गाइड दल को द्वितीय एवं स्काउट दल को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण ने मानव श्रृंखला बनाकर देशप्रेम की भावना विकसित करने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया। इसमें उपस्थित अतिथियों ने भी सहभागिता कर तिरंगा लहराया।
उल्लेखनीय है कि, शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में पहली बार एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री के संदेश के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुबह आधा घंटे तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन को उपस्थितजनों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर देखा एवं सुना गया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं जिला कलेक्टर द्वारा अपने संक्षिप्त उद्बोधन में जिलेवासियों को आजादी के पर्व की बधाई दी गई।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में विधायक गुनौर डॉ. राजेश वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, नपा उपाध्यक्ष आशा गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रमोद अवस्थी एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक डॉ. कल्पना वर्मा द्वारा किया गया।

विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी ‘वत्सला’ की स्मृति को चिरस्थायी बनाने अनूठी पहल

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विश्व हाथी दिवस के अवसर पर दुनिया सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला के नाम पर वृक्षारोपण के नामकरण कार्यक्रम में उपस्थित पन्ना जिले के वन विभाग के अधिकारी।

 दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने 50 हेक्टेयर के पौधारोपण का नामकरण ‘वत्सला वन’ किया

 विश्व हाथी दिवस पर सबसे बुजुर्ग हथिनी को दी गई श्रद्धांजलि

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में कई वर्षों तक पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रही विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला की स्मृति को चिरस्थायी बनाने दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने अनूठी पहल करते हुए 50 हेक्टेयर क्षेत्र के पौधारोपण को ‘वत्सला वन’ नाम दिया है। वत्सला को दी गई यह अनोखी श्रद्धांजलि है। प्रेम और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति रही वत्सला को याद कर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भावुक हो गए। उसकी मौत पिछले माह (जुलाई 2025) पैर में चोट लगने के कारण हो गई थी। विश्व हाथी दिवस के उपलक्ष्य पर मंगलवार 12 अगस्त को दक्षिण वन मण्डल पन्ना के शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बोरी में एक गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें विशेष रूप से वन संरक्षक वृत्त छतरपुर एवं क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व नरेश यादव, वनमण्डलाधिकारी दक्षिण पन्ना अनुपम शर्मा एवं मैदानी वन अमला उपस्थित रहा। इस मौके पर पूजा-अर्चना उपरांत पौधारोपण का नामकरण किया गया।

वत्सला के योगदान को जान पाएगी भावी पीढ़ी

नरेश सिंह यादव, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।
वन संरक्षक वृत्त छतरपुर एवं क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व नरेश यादव ने वत्सला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, हमें इस बात का गर्व है कि सबसे उम्रदराज हथिनी का घर पन्ना टाइगर रिजर्व है। पन्ना में बाघों को पुनः आबाद करने की योजना अर्थात बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम में वत्सला का अहम योगदान रहा है। पन्ना पार्क में हाथियों के कुनबे की सदस्य संख्या वर्तमान में अगर डेढ़ दर्जन से अधिक है तो इसमें भी वत्सला का अविस्मरणीय योगदान है। श्री यादव ने बताया कि, पीटीआर अंतर्गत कैम्प के हाथियों में सबसे वयस्क सदस्य होने के नाते वत्सला अंतिम समय तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए पूरे दल का नेतृत्व करती रही। सबसे खास बात, कैम्प की हथिनियों के प्रसव के दौरान वह एक प्रशिक्षित दाई की भूमिका निभाती और प्रसव उपरांत वह नवजात बच्चों की नानी-दादी जैसी देखभाल करती थी। बुंदेलखंड पन्ना के विरल एवं शुष्क वन क्षेत्र में मादा हाथी वत्सला का लगभग 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं। क्योंकि हाथियों की औसत आयु 60-70 वर्ष होती है। क्षेत्र संचालक श्री यादव ने बताया कि पन्ना पार्क प्रबंधन की ओर से भी वत्सला को सम्मान देने, उसके योगदान से भावी पीढ़ी को परिचित कराने एवं स्मृति को सदैव जीवित बनाए रखने की दिशा में काम किया जा रहा है। संभवतः वह जल्दी ही आप सबके सामने होगा।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति आएगी जागरूकता
दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला को विश्व हाथी दिवस के अवसर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित वन विभाग के अधिकारीगण।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना के डीएफओ अनुपम शर्मा ने कहा कि, वत्सला आज भले ही भौतिक रूप से जीवित नहीं है लेकिन उसके संबंध में जानने वालों के जेहन में वह आज भी जीवित है। उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उसी की याद में परिक्षेत्र शाहनगर की बीट बोरी के वन कक्ष क्रमांक-पी 925 में वर्ष 2022-23 रकबा 50 हेक्टेयर में स्थित वृक्षारोपण का नामकरण ‘वत्सला वन’ किया गया है। वत्सला के योगदान को याद करके उसे सम्मान देने के लिए विश्व हाथी दिवस सबसे उपयुक्त अवसर था। श्री शर्मा ने बताया, पन्ना टाइगर रिजर्व में वत्सला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उसने अपने जीवनकाल में अनेक वन्यजीव बचाव अभियानों (Wildlife Rescue Operations) में योगदान दिया और कई हथिनियों के बच्चों की देखभाल एवं पालन-पोषण में अहम भूमिका निभाई। वत्सला की मातृसुलभ देखभाल और सेवाभाव ने उसे पन्ना के वन्यजीव परिवार में एक विशेष स्थान दिलाया। आपने बताया कि वत्सला के नाम पर वन के नामकरण की यह पहल न केवल ‘वत्सला’ के योगदान का स्मरण कराएगी बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन जागरूकता को भी बढ़ाने का काम करेगी।

बुजुर्ग हथिनी ने पिछले माह ली थी अंतिम सांस

विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला का जीवित अवस्था का चित्र।
विदित हो कि, दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी ने पिछले माह 08 जुलाई 2025 को अंतिम सांस ली थी। पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा में करीब 4 दशक तक सक्रिय भूमिका निभाती रही वत्सला 100 वर्ष से अधिक की हो चुकी थी। वह पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता स्थित हाथी कैम्प में रहती। वत्सला पिछले कुछ सालों से आयु संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। मोतियाबिंद होने के कारण उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। जिससे वह अधिक दूरी तक चल नहीं पाती थी। वत्सला की पार्क प्रबंधन के द्वारा विशेष देखभाल की जा रही थी। रोजाना महावत उसका कान या सूंढ़ पकड़कर नजदीकी खैरइया नाला में नाहने के लिए ले जाता था। दिनांक 08 जुलाई को नहाने के लिए जाते समय नाले में गिरने के कारण उसके अगले पैर का नाख़ून टूटा गया था। चोटिल वत्सला नाला में ऐसी बैठी की फिर दुबारा उठ नहीं पाई। वनकर्मियों ने उसे अपने पैरों पर खड़ा करने का काफी प्रयास किया लेकिन इसी बीच दोपहर में करीब 1:30 बजे उसने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

जंगलराज| वन क्षेत्र में लाखों की लागत के आधा दर्जन तालाब एवं परकोलेशन टैंक फूटे

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पन्ना जिले के उत्तर सामान्य वनमण्डल की अजयगढ़ रेन्ज अंतर्गत बारिश में फूटा नवनिर्मित तालाब।

  पन्ना जिले के चर्चित उत्तर सामान्य वन मण्डल का मामला

 डीएफओ को नहीं थी जानकारी, बोले- आपके द्वारा भेजे गए वीडियो-फोटो से चला पता

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले माह जुलाई में हुई बारिश ने घटिया निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। लोक निर्माण विभाग की लगभग 60 करोड़ की लागत वाली नवनिर्मित 3 सड़कों के धंसने-गड्ढों में तब्दील होने एवं पुलियों-रपटों के बहने के कारण पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक जबरदस्त हड़कंप मचा है। अब इसी कड़ी में पन्ना के उत्तर सामान्य वन मण्डल अंतर्गत वन क्षेत्र में निर्मित आधा दर्जन तालाब एवं परकोलेशन टैंक के फूटने का मामला सामने आया है। इनकी लागत लगभग 1 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। उत्तर वनमंडल में व्याप्त अंधेरगर्दी का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि, वन परिक्षेत्र अजयगढ़ एवं धरमपुर के जंगल में महीने भर से फूटी पड़ी जल संरचनाओं की डीएफओ गर्वित गंगवार को जानकारी ही नहीं थी। आज शाम मोबाइल पर हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान डीएफओ ने बिना किसी लागलपेट के स्वीकार किया ‘रडार न्यूज़’ द्वारा भेजे गए फोटो-वीडियो से उन्हें तालाबों एवं पी-टैंकों के क्षतिग्रस्त होने का पता चला। डीएफओ की इस स्वीकारोक्ति से उत्तर वन मंडल की बहुमूल्य वन संपदा की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया लग गया है।
फाइल फोटो।
सूबे की मोहन सरकार के वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप अहिरवार के निर्वाचन क्षेत्र चंदला विधानसभा सीट की सीमा से लगे पन्ना जिले का उत्तर सामान्य वन मण्डल टाइगर-तेंदुओं की संदिग्ध मौत, सागौन की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में हीरा-पत्थर के बेतहाशा अवैध खनन, वन भूमि पर अतिक्रमण और भारी भ्रष्टाचार के चलते पिछले कई महीनों से सुर्ख़ियों में बना है। उत्तर वन मण्डल हावी कमीशनखोरी और अराजकता को देखते यह कहना अतिश्यक्तिपूर्ण न होगा कि यहां जंगलराज चल रहा है। कथित प्री-पेड रीचार्ज व्यवस्था से मनचाही मैदानी पोस्टिंग पाने वाले अफसरों ने उत्तर वन मण्डल को चारागाह में तब्दील कर दिया है। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को पूरी तरह से श्रमिकों के भरोसे छोड़कर उत्तर वन मण्डल के वनरक्षक से लेकर बड़े अफसर विभागीय निर्माण कार्यों में ठेकेदारी, सामग्री खरीदी में कमीशनखोरी और हर महीने बिल-बाउचर भुगतान सुनिश्चित करवाकर अपने आर्थिक हित साधने के एक सूत्रीय अभियान में जुटे हैं। ज्यादा से ज्यादा राशि डकारने के चक्कर में वन विभाग के अफसरों के बीच मची होड़ ने विभागीय निर्माण कार्यों का दिवाला निकाल दिया है। जिसका ताज़ा उदाहरण वन परिक्षेत्र अजयगढ़ एवं धरमपुर अंतर्गत बारिश में क्षतिग्रस्त हुए आधा दर्जन तालाब और परकोलेशन टैंक (पी-टैंक) हैं।
अजयगढ़ रेंज की धवारी बीट अंतर्गत बारिश में क्षतिग्रस्त परकोलेशन टैंक।
बता दें कि, पिछले महीने हुई बारिश में बहने वाले अधिकांश तालाब एवं परकोलेशन टैंक का निर्माण हाल ही में हुआ था। जल संरक्षण से जुड़े इन कार्यों की गुणवत्ता का सहज अंदाजा सिर्फ इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी ये पहली बारिश भी नहीं झेल सके। बारिश ने उत्तर वन मण्डल में चल रहे घटिया निर्माण कार्यों एवं कमीशनखोरी के गोरखधंधे की पोल खोलकर रख दी है।

इन स्थानों पर फूटे तालाब

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार उत्तर वन मण्डल की अजयगढ़ रेंज अंतर्गत अटल भू-जल योजना से कुछ माह पूर्व निर्मित करीब 25 लाख की लागत का तालाब पहली बारिश में ही गुब्बारे की तरह फूट गया। अजयगढ़ रेंज की धवारी बीट में भी नवनिर्मित तालाब फूटा है। धावरी बीट में ही वर्ष 2025 में कैम्पा मद तथा आरडीएफ (विकास) से वर्ष 2022 से हुए पौधरोपण के नजदीक स्थित परकोलेशन टैंक और परकोलेशन पिट भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। धरमपुर रेंज अंतर्गत सिल्हाई बीट में निर्मित परकोलेशन टैंक के फूटने के वीडियो और तस्वीरें भी निकलकर आई हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अजयगढ़ एवं धरमपुर रेंज की अन्य बीटों में भी अटल भू-जल योजना के तालाब फूटे हैं। साथ ही उत्तर वन मण्डल के अन्य वन परिक्षेत्रों देवेन्द्रनगर, पन्ना एवं विश्रामगंज में अन्य योजनाओं से बने तालाबों-परकोलेशन टैंक, परकोलेशन पिट के क्षतिग्रस्त होने की चर्चाएं भी दबी जुबान विभाग के अंदरखाने चल रही हैं।

इनका कहना है-

“बारिश में अजयगढ़ एवं धरमपुर रेंज अंतर्गत तालाब और परकोलेशन टैंक फूटने की मुझे जानकारी नहीं थी। आपके द्वारा भेजे गए वीडियो-फोटो से मुझे पता चला है। सभी रेंज ऑफिसर्स को जंगल में निर्मित जल संरचनाओं की स्थिति का भौतिक सत्यापन करके 3 दिवस के अंदर जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। आपने जो फोटो भेजे हैं उसमें कुछ परकोलेशन पिट भी शामिल हैं। फील्ड से जानकारी आने के बाद जल संरचनाओं के फूटने के कारणों का पता लगाया जाएगा यदि कार्य की गुणवत्ता से समझौता होने के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधितों की जवाबदेही सुनिश्चित कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”

गर्वित गंगवार, डीएफओ, उत्तर सामान्य वनमण्डल, पन्ना।

हंगामा बरपा: अवैध शराब मामले में कार्रवाई न होने से आक्रोश, पुलिस थाना के बाहर 29 घंटे से धरना-प्रदर्शन जारी

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पिकअप में मिली अवैध शराब मामले में प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर रैपुरा थाना के बाहर नारेबाजी करते हुए भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता।

  भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने रैपुरा में पकड़ा था शराब से लोड पिकअप वाहन

  कार्यकर्ताओं का आरोप शराब परिवहन परमिट और शराब पेटियों में अंकित बैच नंबर में पाई गई भिन्नता

  जिला आबकारी अधिकारी पन्ना का दावा पिकअप में नियमानुसार ड्यूटी पैड शराब का हो रहा था परिवहन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शराब की अवैध बिक्री एवं तस्करी के मामले हर दिन सामने आने से जमकर बवाल मच रहा है। मौजूदा आबकारी ठेकेदार द्वारा गांव-गांव संचालित की जा रहीं शराब की अवैध दुकानों में शराब की बेरोकटोक डिलेवरी होने से आक्रोशित ग्रामीण आंदोलित हो रहे हैं। तेज़ी से फलफूल रहे शराब के अवैध कारोबार पर जिला प्रशासन के द्वारा प्रभावी रोक न लगाने के कारण ग्रामीणों एवं नशा मुक्ति आंदोलन चलाने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं को मज़बूरी में आगे आना पड़ रहा है। आमजन के द्वारा पकड़ी जाने वाली अवैध शराब के मामलों में कार्यवाही को लेकर आबकारी और पुलिस महकमे की ढुलमुल रवैये के कारण तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो रही है। जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत देवरा भापतपुर गांव के बाद अब रैपुरा क़स्बा में ऐसा ही मामला सामने आया है। सोमवार शाम भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध शराब से लोड पिकअप वाहन पकड़ने के मामले में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न होने से जमकर हंगामा बरपा है। ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता रैपुरा थाना के बाहर पिछले 29 घंटे से अनवरत धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक उनका आंदोलन जारी था।
जिले के दूरस्थ क़स्बा रैपुरा में सोमवार 11 जुलाई 2025 की शाम लगभग 6 बजे भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सफ़ेद रंग के एक पिकअप वाहन को पकड़ा गया। जिसमें 121 पेटी शराब लोड थी। वाहन के चालक व हेल्पर के पास उपलब्ध परिवहन परमिट अनुसार कथित तौर पर मोहन्द्रा से बघवारकला दुकान के लिए शराब का परिवहन किया जाना था। लेकिन पिकअप वाहन को अवैध तरीके से रैपुरा लाया गया। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता कार्यवाही कराने पिकअप को स्थानीय पुलिस थाना ले गए। जहां थाना प्रभारी से आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई। कथित तौर पर थाना प्रभारी ने शराब की मात्रा अधिक होने का हवाला देते हुए कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग से सम्पर्क करने का सुझाव दिया।
अवैध शराब पकड़ने की सूचना मिलने पर सोमवार मध्य रात्रि में क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक हरीश पांडेय रैपुरा पहुंचे। इस दौरान जब उनकी मौजूदगी में शराब परिवहन परमिट में दर्ज बैच नम्बर एवं शराब की पेटियों-बोतलों में अंकित बैच नंबर की जांच की गई तो दोनों में कथित भिन्नता पाई गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, बैच नंबर में भिन्नता पाए जाने पर प्रथम दृष्टया अवैध शराब का मामला प्रतीत होने के बाद भी आबकारी निरीक्षक ने आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया। नियमानुसार कार्यवाही न होने आक्रोशित भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता पूरी रात और मंगलवार 12 अगस्त को रात्रि 11 बजे तक रैपुरा थाना के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। स्थानीय पुलिस बल द्वारा उन्हें थाना परिसर को खाली करने के लिए धमकाया गया जिसके चलते कई बार पुलिस से उनकी नोंकझोक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया जब तक प्रकरण पंजीबद्ध करने की न्यायोचित मांग पूरी नहीं होती वे थाना परिसर में ही डटे रहेंगे।
शराब का अवैध परिवहन करते पकड़ी पिकअप से शराब की पेटियों को उतारकर रैपुरा थाना परिसर में रखते हुए भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता।
आज (मंगलवार) देर शाम सहायक जिला आबकारी अधिकरी शम्भू दयाल जाटव एवं आबकारी निरीक्षक हरीश पाण्डेय ने रैपुरा पहुंचकर वहां धरना-प्रदर्शन कर रहे भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं से विस्तृत चर्चा कर गतिरोध को समाप्त कराने का प्रयास किया। लेकिन देर रात्रि 11 बजे तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। आबकारी अधिकारियों की ओर से शराब मामले की जांच करने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलनरत कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी नहीं हुए। उनकी मांग थी कि प्रकरण दर्ज करने के बाद विस्तृत जांच की जाए। प्रदर्शकारियों का आरोप है, प्रथम दृष्टया शराब का अवैध परिवहन साबित होने के बाद भी पुलिस एवं आबकारी अधिकारी ठेकेदार को बचाने के लिए प्रकरण दर्ज करने से इंकार कर रहे हैं। शराब ठेकेदार से सांठगांठ के चलते प्रशासन स्वयं तो उसकी अवैध शराब को पकड़ता नहीं लेकिन आमलोग जब इस पर अंकुश लगाने की पहल करते हैं तो उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाए हतोत्साहित किया जाता है।
इनका कहना है-
‘रैपुरा में सोमवार को पकड़ी गई शराब का ड्यूटी पैड करने के बाद नियमानुसार परिवहन किया जा रहा था। हमारे एडीओ साहब शम्भू दयाल जाटव और क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक आज शाम से ही रैपुरा में मौजूद हैं। गतिरोध को समाप्त कराने उनके द्वारा भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं से लगातार चर्चा की जा रही है। हमने उनके पास सन्देश पहुंचाया है, प्रकरण की विस्तृत जांच करने का अवसर दिया जाए, जांच में यदि शराब अवैध पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।’

मुकेश मौर्य, जिला आबकारी अधिकारी पन्ना।

बाघों की सुरक्षा पुख्ता करने सघन निगरानी और जन समर्थन पर रहेगा फोकस : श्री यादव

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नरेश सिंह यादव, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।

*   वन संरक्षक वृत्त छतरपुर नरेश सिंह यादव ने क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का शून्य से शतक तक पहुंचना बेमिशाल उपलब्धि है। पूरी दुनिया के लिए कौतुहल और शोध का विषय बनीं पन्ना की यह सफलता पूर्व के अधिकारियों एवं मैदानी वन अमले की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का प्रतिफल है। पूर्व क्षेत्र संचालक आर श्रीनिवास मूर्ति का इसमें विशेष और अविस्मरणीय योगदान है। बाघों को पुनः आबाद करने के लिए यहां लोगों ने भी काफी त्याग किया है। ‘जन समर्थन से बाघ संरक्षण’ सिर्फ नारा नहीं बल्कि हमारा उद्देश्य है। पार्क क्षेत्र में बाघों एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सघन निगरानी और पैदल गश्ती पर विशेष जोर दिया जाएगा। वन अपराधों की रोकथाम के लिए मुखबिर तंत्र को भी अधिक सशक्त और सक्रिय करेंगे। साथ ही जन समर्थन से बाघ संरक्षण की भावना को मजबूत करने के लिए ईमानदार प्रयास किए जाएंगे। यह बात पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) के नवागत क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव ने कही।
भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं वन संरक्षक, छतरपुर वृत्त (Conservator Forest) नरेश सिंह यादव ने सोमवार सुबह 10 बजे पन्ना पहुंचकर पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक का अतिरिक्त पदभार ग्रहण कर लिया। श्री यादव कुछ वर्ष पूर्व पन्ना में उत्तर वन मंडल डीएफओ के पद पर कार्यरत थे, इसलिए वे जिले की भौगौलिक स्थिति, वन्यजीव एवं वन संरक्षण से जुड़ी स्थानीय चुनौतियों से भलीभांति परिचित हैं। उम्मीद की जा रही पन्ना के संबंध में आपकी जानकारी और अनुभव का लाभ वन एवं वन्यजीव संरक्षण-संवर्धन पन्ना टाइगर रिजर्व को मिलेगा।
पदभार ग्रहण करने के बाद नवागत क्षेत्र संचालक (Field Director) नरेश सिंह यादव ने ‘रडार न्यूज़’ से विशेष चर्चा में कहा कि, बाघ संरक्षण में पन्ना के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखते हुए उनका सक्रिय सहयोग लिया जाएगा। पार्क की गतिविधियों में और अधिक पारदर्शिता लाई जाएगी। पार्क से जुड़ीं आवश्यक सूचनाएं अथवा जानकारी अब नियमित रूप से मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचेंगी। पार्क क्षेत्र के नजदीक स्थित गांवों के रहवासियों से नियमित रूप से सम्पर्क-संवाद स्थापित किया जाएगा। आपने बताया कि, मैंने पन्ना टाइगर रिजर्व की गश्ती के सबंध जानकारी प्राप्त की है। वर्तमान में मानसून सीजन सहित अन्य दिनों में भी पैदल गश्ती को बढ़ाया जाएगा ताकि चप्पे-चप्पे की सही जानकारी तुरंत मिल सके।
फाइल फोटो।
क्षेत्र संचालक श्री यादव ने कहा कि, मैं स्वयं भी पार्क का पैदल निरीक्षण और रात्रि में वनरक्षक आवास अथवा जांच नाकों में प्रवास करके धरातल पर पार्क की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करूंगा। आपने बताया कि उत्तर वन मण्डल पन्ना का डीएफओ रहते हुए पहले भी मैं इसी तरह कार्य करता रहा हूं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि, आप मैदानी हालात से अवगत होते हैं। वहीं जंगल की सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों सुरक्षा श्रमिक, वनकर्मी, वनपाल, उप वनक्षेत्रपाल से सीधा संवाद होने से आपसी समन्वय और टीम भावना का विकास होता है।

ग्रामीणों ने शराब तस्करों को पकड़ा, कार्रवाई को लेकर 6 घंटे तक हुए परेशान; आबकारी और पुलिस की टालमटोल में भाग निकले आरोपी

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पन्ना जिले अजयगढ़ थाना अंतर्गत देवरा भापतपुर गांव में ग्रामीणों द्वारा दबोंचे गए शराब तस्कर और उनसे जब्त अवैध देशी शराब।

पन्ना जिले में शराब ठेका की आड़ में खुलेआम चल रहा माफियाराज

अजयगढ़ सहित अन्य शराब दुकानों से शराब तस्करी के वीडियो आए दिन हो रहे वायरल 

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के अति पिछड़े एवं गरीब जिलों में शामिल पन्ना में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब ठेका की आड़ में संगठित माफ़ियाराज धड़ल्ले से चल रहा है। जिले में देशी एवं अंग्रेजी शराब की उपलब्धता 24X7 सुनिश्चित करके नोट छापने के मकसद से ठेकेदार ने गांव-गांव और गली-गली शराब की अवैध दुकानें खुलवा दी हैं। शराब की लाइसेंसी दुकानों से ठेकेदार के गुर्गे आसपास के गावों में खुलेआम शराब की डिलेवरी कर रहे हैं। शराब की अवैध बिक्री-तस्करी को कथित तौर पर स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की मूक सहमति प्राप्त होने से हालात तेज़ी से बद से बद्तर हो चुके हैं। जिसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि, वर्तमान में शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखने और अपने बच्चों को नशे से बचाने की चुनौती से जूझ रहे आमलोग अपना काम-धंधा छोड़कर अवैध शराब की धरपकड़ करने को मजबूर हैं। जिले के रैपुरा क़स्बा के बाद शनिवार को अजयगढ़ थाना अंतर्गत ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है।
अजयगढ़ के देवरा भापतपुर गांव में बिना नंबर की बाइक से शराब की तस्करी करते युवकों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद शराब तस्करों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही कराने के लिए लगभग छह घंटे तक परेशान रहे ग्रामीणों का जो अनुभव रहा उससे जिले के आबकारी और पुलिस महकमे की मौजूदा कार्यप्रणाली की खबर मिलती है।
जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत शनिवार 9 अगस्त को दोपहर लगभग 12 बजे शराब ठेकेदार के कथित दो कर्मचारी बिना नम्बर की मोटर साइकिल लेकर देवरा भापतपुर ग्राम पहुंचे तो ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उन्हें दबोंच लिया। दोनों युवक चार पेटी देशी प्लेन शराब लिए थे। लेकिन उनके पास शराब की खरीदी और परिवहन से सम्बंधित आवश्यक वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों द्वारा पूंछतांछ करने पर युवकों ने बताया कि वे शराब ठेकेदार के कर्मचारी हैं और क्षेत्र के गांवों में शराब पहुंचाने का काम करते हैं। रक्षाबंधन पर्व के पावन दिन गांवों में शराब की डिलेवरी से माहौल ख़राब होने की आशंका से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा शराब तस्करों के फोटो-वीडियो बनाए गए ताकि बाद में कार्यवाही में किसी तरह की कोई लीपापोती न हो सके।

पुलिस को पहुंचने 3 घंटे लगे

फाइल फोटो।
ग्रामीणों द्वारा शराब तस्करों को पकड़ने की सूचना तुरंत थाना पुलिस को दी गई। बता दें कि, हनमतपुर पुलिस चौकी से देवरा भापतपुर ग्राम पहुंचने में बमुश्किल 10-15 मिनिट लगते हैं। लेकिन सूचना देने के 3 घंटे बाद पुलिस जवान मौके पर पहुंचे। इस बीच पुलिस की इस सुस्ती का पूरा फायदा उठाते हुए दोनों तस्कर ग्रामीणों की पकड़ से भाग निकले। मौके पर पहुंचें पुलिसकर्मियों द्वारा ग्रामीणों से शराब की पेटियां और फरार आरोपियों की बाइक की मांग की गई। जिस पर ग्रामीणों ने पुलिस जवानों को आरोपियों के फोटो-वीडियो दिखाते हुए ठेकेदार से संपर्क करके आरोपियों को मौके पर लाकर उन्हीं से अवैध शराब और बाइक की जब्ती करने की बात कही। पुलिस जवान ग्रामीणों की इस मांग पर राजी नहीं हुए। दरअसल, ग्रामीण आशंकित थे कि शराब ठेकेदार से सांठगांठ के चलते पुलिस कहीं उल्टा उन्हें ही आरोपी न बना दे। कार्यवाही के तरीके और प्रक्रिया को लेकर बने गतिरोध के चलते पुलिसकर्मी खाली हाथ वापस लौट गए। शाम लगभग छह बजे जब पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारी अजयगढ़ के संज्ञान में मामला लाया गया तब कहीं जाकर शराब को जब्त करके प्रकरण पंजीबद्ध करने एवं फरार आरोपियों की धरपकड़ की कार्रवाई शुरू हो सकी। बता दें कि अजयगढ़ समेत जिले की अन्य शराब दुकानों से शराब की तस्करी के वीडियो आय दिन वायरल हो रहे हैं। जिससे आबकारी एवं पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आबकारी अधिकारी बोले निरीक्षक से बात करो

आबकारी ठेकेदार के लिए शराब की तस्करी करने वाले आरोपियों से जब्त अवैध शराब और मोटर साइकिल।
पुलिस जब काफी देर तक देवरा भापतपुर नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने क्षेत्रीय पत्रकार के जरिए आबकारी विभाग के अफसरों को कार्रवाई के लिए सूचित किया। पत्रकार आशीष यादव द्वारा दोपहर में करीब 1 बजे जिला आबकारी अधिकारी मुकेश मौर्य से सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा, पन्ना से कार्रवाई के लिए स्टॉफ को भेजने में काफी समय लगेगा, अजयगढ़ क्षेत्र आबकारी निरीक्षक मुकेश पाण्डेय के कार्यक्षेत्र में आता है इसलिए आप उनसे बात कर लें। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, आबकारी अधिकारी ने स्वयं अपने सहयोगी को सूचित कर कार्यवाही के लिए निर्देशित करने के बजाए पत्रकार को ही आबकारी निरीक्षक से सम्पर्क करने का सुझाव देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
आबकारी अधिकारी के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये समझा जा सकता है कि ठेकेदार की अवैध शराब पकड़ने को लेकर वे कितने संजीदा हैं। बात यहीं समाप्त नहीं होती! अगले ही पल आशीष ने आबकारी निरीक्षक से बात की तो उन्होंने जो कुछ बताया उससे आबकारी अधिकारी के सुझाव को लेकर और भी हैरानी हुई। पत्रकार आशीष यादव से आबकारी निरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने कहा कि आज त्यौहार है इसलिए मैं पन्ना से बाहर हूँ, सतना आ गया था। आप ऐसा करें पुलिस से सम्पर्क कर उन्हें अवैध शराब की जानकारी दे दें।
विदित हो कि, नियमानुसार शासकीय कर्मचारी अगर अपना मुख्यालय छोड़कर बाहर जाता है तो उसे अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर अनुमति लेनी होती है। यहां सवाल उठता है आबकारी निरीक्षक पाण्डेय जिला आबकारी अधिकारी से अनुमति लेकर मुख्यालय से बाहर गए थे या फिर उन्होंने बगैर अनुमति के मुख्यालय छोड़ा था। क्योंकि आबकारी अधिकारी सूचनाकर्ता को जब अपने निरीक्षक से सम्पर्क करने के लिए कहते हैं तो बहुत संभव है उन्हें पाण्डेय के पन्ना से बाहर होने की जानकारी नहीं रही होगी।

निरीक्षक बोला ठेकेदार के ऑफिस आ जाओ

उधर, मुख्यालय छोड़ने के बाद आबकारी निरीक्षक ने भी अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह आजाद होने वाले अंदाज में सूचनाकर्ता को पुलिस से संपर्क करने के लिए कह दिया। मजेदार बात यह है कि शाम के समय जब जिले के शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में मामले को लाया गया तो अपने ठेकेदार पर मेहरबान आबकारी विभाग के अफसरों में अंदरखाने हलचल शुरू हो गई। मामले के तूल पकड़ने पर बदनामी के डर से आबकारी निरीक्षक ने देर शाम पत्रकार से सम्पर्क कर कार्यवाही के संबंध में पूंछतांछ की। साथ ही अपनी तरफ से सफाई देते हुए बताया कि, मैं वापस लौट आया हूँ। मजेदार बात यह है आबकारी निरीक्षक पत्रकार से कहते हैं, आप आबकारी ठेकेदार के ऑफिस आ जाएं वहीं बैठकर बात करते हैं। पत्रकार ने आबकारी ठेकेदार के ऑफिस में आने से साफ़ इंकार करते हुए निरीक्षक मुकेश पाण्डेय को बताया शायद अजयगढ़ पुलिस ने प्रकरण पर कार्यवाही शुरू कर कर दी है आप चाहें तो थाना प्रभारी से बात कर लें। यहाँ घटनाक्रम के विस्तृत ब्योरे का उल्लेख आपको सिर्फ यह बताने के लिए किया गया है कि पन्ना जिले में वर्तमान में आबकारी ठेकेदार की अवैध शराब बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम को लेकर जिम्मेदार कितने सजग, संवेदनशील और ईमानदार हैं। जिस ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करनी है सूचनाकर्ता को उसी के ऑफिस में चर्चा के लिए बुलाने से निरीक्षक की मंशा का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

महोबा से एक साल बाद झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार: पन्ना में गलत इलाज के कारण महिला की हुई थी मौत

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झोलाछाप (फर्जी) डॉक्टर को प्रशांत विश्वास को न्यायालय में पेश करने के लिए ले जाते हुए पुलिस जवान।

  बिना किसी चिकित्सीय योग्यता के कर रहा था ग्रामीणों का इलाज

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के रैपुरा थाना अंतर्गत गलत इलाज के कारण आदिवासी महिला की असमय मौत होने के मामले में साल भर से फरार चल रहे झोलाछाप (फर्जी) डॉक्टर को पन्ना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के महोबा से गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रशांत विश्वास 28 वर्ष के विरुद्ध थाना रैपुरा में अपराध क्रमांक 134/24 धारा 304 ए भारतीय दंड विधान एवं धारा 24 मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1987 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। आरोपी झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी चिकित्सीय योग्यता के थाना रैपुरा थाना अंतर्गत बघवारकला ग्राम में अवैध क्लीनिक संचालित कर ग्रामीणों का इलाज करता था।
सोशल मीडिया पर पुलिस के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार फरियादी सुरेन्द्र सिंह आदिवासी निवासी ग्राम लखनचौरी दिनांक 13 जून 2024 थाना रैपुरा आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मां प्रकाश रानी आदिवासी का इलाज बघवारकला में स्थित एक कथित बंगाली डॉक्टर प्रशांत विश्वास द्वारा किया गया। इलाज के दौरान प्रशांत विश्वास द्वारा प्रकाश रानी को इंजेक्शन, बोतल एवं दवाएं दी गईं। इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद सुरेन्द्र की मां की अचानक तेजी से तबियत बिगड़ी और कुछ ही देर में मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा मर्ग क्रमांक 16/2024 पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। मृतिका का पोस्टमार्टम रैपुरा में कराया गया। मर्ग जांच के दौरान मृतिका की पोस्टमार्टम क्यूरी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया, कि दी गई दवाएं मरीज की स्थिति के अनुरूप नहीं थीं। इंजेक्शन गलत रूट से दिया गया। साथ ही दवाओं के ओवरडोज तथा संभावित ड्रग टॉक्सिसिटी एवं हाइपरसेंसिटिविटी के कारण मरीज की मृत्यु होना संभव है।
विवेचना दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी प्रशांत विश्वास न तो किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान से प्रशिक्षित है, न ही उसके पास कोई चिकित्सकीय पंजीयन अथवा प्रमाण पत्र है। उसने सिर्फ 12वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त की है। इसके बावजूद वह लंबे समय से अवैध रूप से चिकित्सकीय गतिविधियों में संलिप्त था। पीएम रिपोर्ट एवं अन्य तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी प्रशांत विश्वास द्वारा यह जानते हुए कि उसके पास चिकित्सा का विधिक ज्ञान एवं आवश्यक योग्यता नहीं है, फिर भी उसने गंभीर चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई थी। जिससे मरीज की मृत्यु हो गई थी। आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। रैपुरा थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र के सहयोग से आरोपी प्रशांत विश्वास पिता प्रभात विश्वास 28 वर्ष निवासी ग्राम ढाका पाड़ा थाना गाई पाड़ा जिला उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद अंतर्गत सौनकपुर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर न्यायालय पवई में पेश किया गया है।

लोक निर्माण से लोक कल्याण में भ्रष्टाचार का पलीता!

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कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना। (फाइल फोटो)

 पहली बारिश में ही बह गया 10 करोड़ की लागत वाली छतैनी सड़क पर बना रपटा

 बारिश के सीजन में आवागमन अवरुद्ध होने क्षेत्रवासियों की बढ़ी मुश्किलें

 जान जोखिम में डालकर ख़तरनाक़ नाला पार करने को मजबूर हैं ग्रामीण

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में वृहद पैमाने पर चल रहे भ्रष्टाचार के खेल की बारिश ने पोल खोलकर रख दी है। केन्द्रीय सड़क निधि योजना (CRF) से लगभग 40 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सकरिया-गुनौर-डिघौरा सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों को छिपाने के लिए बारिश के रुकने का इंतज़ार न करके आनन-फानन में पेंच रिपेयरिंग करा दी। सीआरएफ सड़क पर पैबंद लगवाकर पीडब्ल्यूडी के तकनीकी अधिकारियों ने अभी राहत की सांस ली ही थी कि तभी पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से 10 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन भैरहा-श्रीशोभन-पिपरहाई-छतैनी मार्ग का रपटा बहने की खबर आ गई।
पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत भैरहा-श्रीशोभन-पिपरहाई-छतैनी मार्ग पर निर्मित छतैनी का रपटा पहली बारिश में ही बह गया।
छतैनी के खड़ारा नाला पर बने रपटा की फेसवॉल पहली ही बारिश में पूरी तरह ढह गई और नाले के तेज बहाव में ह्यूम पाइप बहने से आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है। कथित घटिया निर्माण कार्य का दंश झेल रहे क्षेत्रवासी बारिश के सीजन में पूर्व की तरह जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर हैं। लोक निर्माण से लोक कल्याण के बड़े-बड़े दावे करने वाली सूबे की मोहन सरकार और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से मौन हैं।
                    जिले के अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत आने वाले श्रीशोभन-पिपरहाई-छतैनी ग्राम हर साल बारिश के सीजन में टापू में तब्दील हो जाते थे। दरअसल इन गावों के पहुंच मार्ग पर पड़ने वाले नदी-नालों पर कोई पुल-पुलिया या रपटा नहीं बना था। साथ ही रास्ता कच्चा होने से मानसून सीजन में कीचड़-दलदल से सराबोर हो जाता था। बारिश के सीजन में क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली भारी परेशानी को देखते हुए उन्हें इससे निजात दिलाने के लिए साल लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों द्वारा करीब 3 वर्ष पूर्व सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। फलस्वरूप दिनांक 4 अक्टूबर 2023 को छतैनी सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड से 9 करोड़ 35 लाख रुपए की स्वीकृति मिल गई। लगभग 7 किलोमीटर की लंबाई वाली इस सड़क में 7 पुलियों एवं 1 रपटा का निर्माण शामिल है।
बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ रपटा।
बारहमासी आवागमन सुविधा प्रदान करने वाली सड़क की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने से क्षेत्रीय ग्रामीण कल तक काफी प्रसन्न नजर आ रहे थे लेकिन निर्माण कार्य शुरू होते ही उसमें कथित लीपापोती का खेल शुरू होने से ग्रामीणों की ख़ुशी देखते ही देखते नाराजगी में तब्दील होती चली गई। सड़क का अर्थवर्क गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप न होने एवं पुलियों तथा रपटा निर्माण में बगैर किसी अनुमति के स्थानीय नालों की मिट्टीयुक्त रेत का धड़ल्ले से उपयोग किए जाने पर युवा समाजसेवी संजय सिंह राजपूत एवं क्षेत्रवासियों ने कई बार कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही घटिया निर्माण की लिखित शिकायत शासन-प्रशासन समेत भ्रष्टाचार की रोकथाम करने वाली एजेंसियों से भी की गई। लेकिन लोनिवि अधिकारियों से सांठगांठ के चलते ठेकेदार की मनमानी बदस्तूर जारी रही। युवा समाजसेवी संजय सिंह राजपूत का आरोप है कि सड़क ठेकेदार अशोक गुप्ता सत्तारूढ़ दल भाजपा के बड़े नेता हैं इसलिए क्षेत्रवासियों की शिकायत पर जांच के नाम पर पत्राचार का खेल करते हुए महज़ औपचारिकता निभाई जा रही है।

घटिया निर्माण के चलते बह गया रपटा

भैरहा-श्रीशोभन-पिपरहाई-छतैनी मार्ग पर छतैनी नाला पर बना रपटा गत दिनों पानी के तेज बह गया था। पहली बारिश में ही रपटा के बहने से प्रभावित क्षेत्रवासियों की नाराज़गी स्वाभाविक है। समाजवादी पार्टी के नेता देवेन्द्र सिंह लोधी पप्पू का कहना है शासन-प्रशासन के शीर्ष पदों पर आसीन महानुभाव अगर समय रहते हम क्षेत्रवासियों की घटिया निर्माण कार्य की शिकायत का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराते तो आज शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति निर्मित न होती। लेकिन ठेकेदार का सत्तारूढ़ दल से सीधा कनेक्शन होने और कथित कमीशन के चक्कर में जिम्मेदार घटिया निर्माण को जानबूझकर नजरअंदाज करते रहे। परिणामस्वरूप विगत दिनों हुई बारिश के चलते छतैनी नाला में पानी का दवाब बढ़ने पर रपटा की फेसवॉल और ह्यूम पाइप बह गए।
समाजवादी पार्टी नेता देवेन्द्र सिंह लोधी।
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है, लाखों रुपये की लागत से निर्मित रपटा के बहने के लिए गुणवत्ताविहीन कार्य कराने वाला ठेकेदार एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जिम्मेदार हैं। ग्रामीणों ने उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है। सपा नेता देवेन्द्र ने भैरहा और छतैनी में रपटा के स्थान पर मीडियम ब्रिज का निर्माण कराने की मांग उठाई है। क्योंकि तेज बारिश होने पर दोनों ही रपटा कई फिट तक पानी में डूब जाते हैं।

निर्माण अधूरा था तभी अतिवृष्टि हो गई

लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री जेपी सोनकर छतैनी रपटा का निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन होने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहते हैं यह सब बातें पूर्णतः निराधार है। उनके अनुसार रपटा का निर्माण कार्य अपूर्ण था और इसी दौरान पिछले माह जिले में अतिवृष्टि होने से छतैनी नाला का जलस्तर 15-20 फिट तक बढ़ गया। जाहिर सी बात है, विपुल जलराशि का दवाब एवं तेज प्रवाह अधूरा रपटा नहीं झेल पाया और क्षतिग्रस्त हो गया। कार्यपालन यंत्री श्री सोनकर बुधवार 6 अगस्त को अजयगढ़ क्षेत्र के भ्रमण पर थे, इस दौरान उन्होंने छतैनी पहुंचकर क्षतिग्रस्त रपटा का निरीक्षण किया। श्री सोनकर ने बताया कि इसी मार्ग पर भैरहा में ठेकेदार ने 38 रो ह्यूम पाइप का बड़ा रपटा बनाया है। अतिवृष्टि के दौरान उसके ऊपर से भी पहली बार में ही 12-15 फिट तक पानी निकल गया लेकिन रपटा का कुछ नहीं बिगड़ा। अपने दावे के समर्थन में उनके द्वारा रडार न्यूज़ को भैरहा रपटा के जियो टैग फोटो भेजे गए।
भैरहा-श्रीशोभन-पिपरहाई-छतैनी मार्ग पर भैरहा ग्राम में निर्मित रपटे का लोनिवि कार्यपालन यंत्री द्वारा उपलब्ध कराया गया चित्र।
एक सवाल के जवाब में श्री सोनकर ने बताया, छतैनी रपटा की फेसवॉल की ऊंचाई अधिक नहीं थी, वहां तक हमें निर्माण करना था लेकिन बारिश जल्दी होने से कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। छतैनी के 7 रो ह्यूम पाइप रपटा का निर्माण भी भैरहा की ही तर्ज पर होना था। आपने कहा कि, जिन लोगों को ऐसा लगता है कि छतैनी रपटा घटिया निर्माण की वजह से क्षतिग्रस्त हुआ है तो वह मौके पर डैमेज स्ट्रक्चर की कोर कटिंग करके किसी भी लैब में जांच करवा सकते हैं। जहां तक ग्रामीणों की असुविधा का सवाल है तो नाला पर पहले कभी रपटा नहीं बना था, लोगों को अब तक नाला में उतरकर ही आवागमन करना पड़ता था। ग्रामीणों को पहली बार बारहमासी आवागमन सुविधा प्रदान करने की दिशा में काम जारी है, बारिश की वजह से इसमें थोड़ा विलंब हुआ जिसका हमें खेद है।