* पत्रकार कल्याण परिषद के प्रांतीय सम्मेलन में किया गया सम्मानित
* मासूम को दरिंदगी का शिकार बनने से बचाने वाली किशोरी को मिला वीरता सम्मान
* समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने वरिष्ठ पत्रकार संजय तिवारी ने शुरू की अनूठी पहल
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) रविवार को पन्ना में सम्पन्न हुए पत्रकार कल्याण परिषद के प्रांतीय कार्यसमिति सम्मेलन में समाजसेवा, चिकित्सा, जनसुरक्षा सहित अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधा दर्जन व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पन्ना स्थित शाखा प्रमुख ब्रह्माकुमारी सीता बहिनजी एवं जिला चिकित्सालय पन्ना में पदस्थ डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी को मानव सेवा के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर पत्रकार कल्याण परिषद के शीर्ष पदाधिकारी, पन्ना समेत मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के पत्रकार एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। जनसेवा के प्रति निःस्वार्थ भाव से समर्पित दोनों व्यक्तित्व को उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किए जाने पर उपस्थितजनों ने तालियों की करतल ध्वनि से स्वागत किया।

देश के पत्रकारों के वृहद संगठन पत्रकार कल्याण परिषद की मध्य प्रदेश इकाई का प्रांतीय कार्यसमिति सम्मेलन रविवार 14 सितंबर को जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित होटल कुमकुम छाया में आयोजित हुआ। जिसमें प्रदेश के अनेक जिलों के पत्रकारों ने सहभागिता की। सम्मेलन की अध्यक्षता पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महासचिव सैय्यद महमूद अली चिश्ती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीनिवास पाठक, राष्ट्रीय संयोजक नईम खान, प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा, संजय शर्मा, कमलेश घोष, हमीद खान उपस्थित रहे। सम्मलेन में पत्रकारिता का उद्देश्य, उसका स्वरूप, समाज में पत्रकारिता की उपयोगिता तथा पत्रकार संगठन की भूमिका आदि विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। विचार-मंथन पश्चात समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रांतीय सम्मेलन के आयोजक एवं पत्रकार कल्याण परिषद पन्ना के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी (मंटू भइया) द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान देने की अनूठी पहल को सभी ने खूब सराहा।
नया जीवन देने के लिए हुआ सम्मान

पत्रकार कल्याण परिषद द्वारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पन्ना स्थित शाखा प्रमुख ब्रह्माकुमारी सीता बहिनजी को पन्ना जिले के इतिहास में अब तक सबसे अधिक 91 यूनिट रक्तदान करवाने तथा जिले में सैंकड़ा भर से अधिक लोगों को राजयोग के नियमित अभ्यास द्वारा नशे की लत से मुक्ति दिलाने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से अलंकृत किया गया। बता दें पन्ना जिले में रक्तदान को लेकर ग्रामीण अंचल में जागरूकता के आभाव के कारण कई बार लोग जरुरत पड़ने पर अपने सगे-संबंधियों को भी ब्लड डोनेट नहीं करते। ऐसे माहौल में बीके सीता बहनजी की प्रेरणा से संस्था से जुड़े भाई-बहनों ने दादी प्रकाशमणि जी के 18 में पुण्य स्मृति दिवस पर रक्तदान रुपी महादान का रिकार्ड कायम करके कई जरूरतमंदों को नया जीवन देने का पुनीत कार्य किया है। जिला अस्पताल पन्ना के डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी को कोरोना की वैश्विक महामारी (आपदा) के दौरान पूर्ण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवाभाव से मरीजों का इलाज करने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से नवाज़ा गया। विदित हो कि, कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान डॉ. द्विवेदी स्वयं संक्रमित हो गए थे, लेकिन वे अपनी जान की परवाह न करते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों के साथ लगातार मरीजों की जान बचाने में जुटे रहे। पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी एवं अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा बीके सीता बहनजी और डॉ. प्रदीप द्विवेदी को शॉल-श्रीफल, शील्ड प्रदान कर उनके असाधारण योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की गई। अथितियों ने उन्हें रियल हीरो बताते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।
छात्रा पूनम को मिला वीरता सम्मान

प्रांतीय कार्यसमिति सम्मलेन में पन्ना पुलिस के आरक्षक अभिषेक यादव को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। आरक्षक अभिषेक यादव को चोरी समेत विभिन्न अपराधों खुलासे में सराहनीय योगदान देने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया। वहीं मासूम बच्ची को उसके पड़ोसी की हैवानियत से बचाने वाली किशोरी पूनम कुशवाहा को साहसिक कार्य के लिए वीरता सम्मान दिया गया। मालूम हो कि, जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत विगत दिनों सात वर्षीय एक मासूम बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी तभी पड़ोस में रहने वाला युवक बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के अंदर ले गया और फिर उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इस घटनाक्रम को देखने वाली दो छोटी बच्चियों ने पूनम उर्फ लल्लो कुशवाहा 16 वर्ष को तुरंत जानकारी दी। अनहोनी की आशंका के चलते तीनों बच्चियों ने आरोपी युवक का दरवाजा खटखटाया जो नहीं खुला। तीनों बेटियां घर के पिछले हिस्से की तरफ पहुंची जहां दीवाल गिरी होने से खण्डहर जैसा स्थल था। हिम्मत करके पूनम खण्डर को पार करते हुए अंदर दाखिल हुई जहां कामांध वहशी मासूम को अपनी हवश का शिकार बनाने ही वाला था। तभी पूनम के जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपी मासूम बच्ची को छोड़कर मौके से तुरंत भाग निकला था। इस तरह नाबालिग पूनम की तत्परता और साहस से मासूम बच्ची दरिंदगी का शिकार होने से बच गई थी। पूनम कक्षा 12वीं की छात्रा है। अतिथियों ने पूनम के साहसिक कार्य के लिए उसकी भूरि-भूरी प्रशंसा की है।





अतिथियों ने अपने उद्बोधन आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर गहरा रोष प्रकट किया है। जयस नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वनाधिकार के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों को मान्यता न मिलने के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन नहीं कर पा रहे हैं। वन विभाग के अफसर जंगल का कानून चलाते हुए उनके हक़-अधिकार को कुचल रहे हैं। परिणामस्वरूप वन क्षेत्र में जनजाति समुदाय के लोग न तो चैन से रह पा रहे और ना ही वे वनोपज संग्रहण तथा वन भूमि का उपयोग और प्रबंधन कर पा रहे हैं। जिससे जनजातीय समुदाय का पारम्परिक जीवन और संस्कृति पर संकट में है। जयस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्परता से वंचित परिवारों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इस संबंध में शीघ्रता से कार्रवाई न होने पर जयस ने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। कार्यक्रम में प्रकाश गौंड़ जनपद सदस्य, मनसुख गौंड़ समाना सरपंच, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर, रामू गौंड़ पूर्व सरपंच डोभा, एडवोकेट सोनेलाल प्रजापति, सुरेश कुमार गौंड़, रामशरण गौंड़, बीरन सिंह गौंड़, दुर्गेश अरविंद, जोगेंदर, रिंकू, बबलू गौंड़ सहित बड़ी संख्या जनजाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफल संचालन समाजसेवी रामविशाल गौंड़ एवं उपस्थितों का आभार प्रकट अरविंद कुमार गौंड़ ने किया।














जिला अस्पताल पन्ना की व्यवस्था सुधारने को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी तनिक भी संवेदनशील नहीं हैं। डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए जनप्रतिनिधि आजकल स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की बात आने पर मेडीकल कॉलेज का झुनझुना बजाने लगते हैं। पड़ोसी जिला छतरपुर समेत अन्य जिलों में जहां 7 से 10 वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुए थे वे आज किस स्थिति में हैं, क्या उनका लाभ मिल रहा है, लोगों को इस पर गौर करने की जरुरत है। दरअसल भोपाल, दिल्ली के नामी निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने वाले जनप्रतिनिधियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पन्ना में डॉक्टर है या नहीं हैं और जिला चिकित्सालय की व्यवस्था कैसी है। वहीं उपलब्ध संसाधनों में ही व्यवस्था को बेहतर बनाने और समय-समय पर जिला अस्पताल का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचने-परखने से प्रशासनिक अधिकारियों को भी कोई लेना-देना नहीं है। जानकर बताते हैं यदि डॉक्टर्स टाइम से ड्यूटी पर आएं, जिन विभागों में 2 या उससे अधिक विशेषज्ञ हैं उनमें एक डॉक्टर्स भर्ती मरीजों का चेकअप करें और एक डॉक्टर ओपीडी मरीजों का परीक्षण करें तथा शाम की ओपीडी में नियमित रूप से डॉक्टर्स उपस्थिति दर्ज कराएं तो काफी हद तक मरीजों को राहत मिल सकती है।
जिला अस्पताल पन्ना में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम पटेल पिछले कुछ समय से चाइल्ड केयर लीव पर हैं। हालांकि, वे अस्पताल परिसर में ही स्थित अपने शासकीय आवास पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाली महिला रोगियों को लगातार परामर्श दे रहीं थी। जिसकी शिकायत एक व्यक्ति द्वारा कलेक्टर से करने और बंगले में जुटी मरीजों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने से नाराज डॉ. नीलम पटेल ने गुरुवार दोपहर 3 बजे से मरीजों को देखना पूर्णतः बंद कर दिया। महिला चिकित्सक के इस निर्णय महिला मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों का कहना है जिले की आबादी लगभग 12 लाख है, इसमें आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए जिले में सिर्फ तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। डॉक्टरों के वर्षों से खाली पड़े पदों को की पूर्ती के लिए जनहित सार्थक पहल करने के बजाए अनावश्यक शिकवा-शिकायत करके महिला चिकित्सक को परेशान करना गलत है। वहीं डॉ. नीलम पटेल का कहना है, मैं अपने अवकाश का उपभोग कैसे करतीं हूं यह मेरा निजी निर्णय है, इसमें अन्य कोई व्यक्ति हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। उन्होंने शिकायतकर्ता पर उन्हें बदनाम करने का आरोप भी लगाया है। इस घटनाक्रम को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं डॉ. नेहा खटीक, डॉ. श्रद्धा दक्ष की तरह डॉ. नीलम पटेल को भी सुनियोजित तरीके से परेशान करके पन्ना से भगाने की साजिश की जा रही है।

