* पन्ना पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद परेड का किया आयोजन
* कलेक्टर, एसपी एवं डीएफओ ने शहीद पुलिस जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि
पन्ना। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर शहीद होने वाले जवान अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान हमें सदैव वीरता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भावना की प्रेरणा देता रहेगा। आज मंगलवार 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन सभी वीर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नमन किया गया जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमति निवेदिता नायडू द्वारा शहीद हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का वाचन किया। इसके पूर्व उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर पुलिस जवानों की शहादत को सलामी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति में मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद दिवस परेड नेतृत्व रक्षित निरीक्षक खिलावन सिंह कंवर एवं सूबेदार संजय सिंह जादौन ने किया। परेड के दौरान पुलिस बल की टुकड़ियों द्वारा वीर शहीदों को सलामी दी गई और उनके अमर बलिदान को स्मरण किया गया।
पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
देश में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है। यह दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों को समर्पित है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए राष्ट्र सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ी है जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय पुलिस बल पर हमला किया गया था। इस संघर्ष में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनके साहस और बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि








श्री यादव के निर्विरोध निर्वाचन पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों और संभागों के अपाक्स पदाधिकारियों ने हर्षोल्लास के साथ उन्हें बधाई दी। संगठन के प्रांतीय संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल के प्रति भी सभी ने आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में अपाक्स निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। बधाई देने वालों में संगठन के तमाम गणमान्य सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने श्री यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय और समानता के लिए संगठन के संकल्प को और मजबूत होने की आशा जताई।






‘संबंधित कर्मचारी का अवकाश पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। मैं कभी किसी से किसी भी काम के एवज कोई डिमांड नहीं करता हूं, यदि लिपिक मेरा नाम लेकर रिश्वत मांग रहा था तो यह सरासर गलत है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पन्ना में मेरी पदस्थापना के पूर्व से ही लिपिक विमल खरे सीएमएचओ ऑफिस में अटैच है। लोकायुक्त से ट्रैप कार्रवाई की लिखित जानकारी प्राप्त होने पर इस मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’









जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में अजयगढ़ एसडीएम को सौंपे गए सात सूत्रीय मांगों के ज्ञापन में अजयगढ़ अनुभाग की पुलिस पर क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया एवं अपराधियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अजयगढ़ क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के आपराधिक माफियाओं द्वारा बिना किसी वैध मंजूरी के बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध रेत खनन-परिवहन किया जा रहा है। रेत का अवैध कारोबार बंदूकधारी बदमाशों के आतंक के बल पर पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। इसके अलावा पूरे जिले का शराब ठेका एक ही व्यक्ति एक ही व्यक्ति का होने के कारण हर गली-मोहल्ले और गांव में अवैध शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। कांग्रेस ने दोहरे हत्याकांड में नशे की भूमिका से इनकार नहीं किया है। मृतकों के परिजन भी शारब की अवैध बिक्री तथा उनके घर के आसपास शराबियों के जमघट से काफी समय से परेशान बताए जा रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे , पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, श्रीमती रमा बुंदेला, दादूराम मिश्रा, आनंद शुक्ला, भन्नू राजा, शंकर द्विवेदी, जन्मेजय अरजरिया, मार्तंड सिंह बुंदेला, सत्यजीत सिंह परमार, अंकित शर्मा, आशीष यादव, हसीब खान, स्वतंत्र अवस्थी, जयराम यादव, कदीर खान, देवू गोंड, आकाश जाटव, रहीमा खातून, चांदनी जाटव, कपूर यादव, जगदीश यादव, अभिषेक चौरसिया, पेशवानी अहिरवार, राजा जी बुंदेला, मैकू नन्ना, रामदास जाटव, रामबहादुर द्विवेदी, केशरी अहिरवार, रावेंद्र मिश्रा, हिम्मत बागरी, श्रवण तिवारी, बालो सोंनकर, बुद्धू प्रजापति, पिंकू सिद्दीकी, रवि यादव, विकास तिवारी, जीतू यादव, जनक सिंह यादव, लखन, कोशलेंद्र सिंह, तोहीद आलम, यूनिश खान, अकरम खान, ऋषि यादव, मलखान सिंह अज्जू राजा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सोनू का छोटा बेटा (उम्र डेढ़ वर्ष) जीवित मिला है। माना जा रहा है कि अज्ञात दरिंदों को शायद यह डर था कि सोनू का बड़ा बेटा देवेन्द्र उनकी पहचान उजागर कर सकता है इसलिए मां के साथ उसे भी बेरहमी से मार डाला। महिला का पति रामनारायण कुशवाहा मजदूरी करने पंजाब गया था। सोनू अपने ससुराल में एक छोटे से कमरे में अलग रहती थी। अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह उसी कमरे में छोटी सी किराना दुकान चलाती थी। पुलिस की अब तक की जांच में मां-बेटे की जघन्य हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका।
