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कर्तव्य पथ पर शहीद हुए पुलिस जवानों को किया नमन

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पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू ने पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्प चक्र अर्पित कर सेल्यूट किया।

*     पन्ना पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद परेड का किया आयोजन

*     कलेक्टर, एसपी एवं डीएफओ ने शहीद पुलिस जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि

पन्ना। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर शहीद होने वाले जवान अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान हमें सदैव वीरता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भावना की प्रेरणा देता रहेगा। आज मंगलवार 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन सभी वीर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नमन किया गया जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमति निवेदिता नायडू द्वारा शहीद हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का वाचन किया। इसके पूर्व उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर पुलिस जवानों की शहादत को सलामी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति में मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद दिवस परेड नेतृत्व रक्षित निरीक्षक खिलावन सिंह कंवर एवं सूबेदार संजय सिंह जादौन ने किया। परेड के दौरान पुलिस बल की टुकड़ियों द्वारा वीर शहीदों को सलामी दी गई और उनके अमर बलिदान को स्मरण किया गया।

पुलिस स्मृति दिवस का महत्व

देश में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है। यह दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों को समर्पित है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए राष्ट्र सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ी है जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय पुलिस बल पर हमला किया गया था। इस संघर्ष में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनके साहस और बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है।

अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन पन्ना स्थित शहीद स्मारक की आकर्षक पुष्प सज्जा की गई।
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में पन्ना कलेक्टर श्रीमति उषा परमार, पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू, डीएफओ दक्षिण वनमंडल अनुपम शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमराव सिंह मरावी, एडीएम मधुवंतराव धुर्वे, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद पन्ना श्रीमति मीना पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति वन्दना चौहान, पार्षद वार्ड क्रमांक 12 श्रीमति कीर्ती त्रिवेदी एम जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सभी थाना प्रभारी, पुलिस बल के सदस्यगण एवं नगर के प्रतिष्ठित नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को नमन किया।

वीरता और कर्तव्यनिष्ठा से चिरकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे शहीद पुलिस जवान : मुख्‍यमंत्री

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्प चक्र अर्पित कर सेल्यूट किया।

 मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिस जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि यह दिवस प्रत्येक वर्दीधारी के लिए प्रेरणा का पुंज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1959 की वह ठंडी सुबह आज भी हमारे मन में गहराई से अंकित है। लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हमारे 10 वीर पुलिस जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान के उपरांत ही भारत में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई। “हमारे लिए यह दिवस एक पर्व की तरह है, क्योंकि अपने कर्तव्य की बेदी पर प्राणों का उत्सर्ग, हमारे जवानों का सौभाग्य और हमारे लिए प्रेरणा है।” जो अपने कर्तव्य की वेदी पर प्राणों की आहुति देता है, वह वास्तव में अमर है।” यह शहादत हमें समर्पित भाव से ड्यूटी की प्रेरणा देती है और सरकार के दृष्टिकोण से यह गर्व का विषय है कि हमारे जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से सदैव अपने साथियों को प्रेरणा देते रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड 2025 के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्य पथ पर समपर्ण और निष्ठा के भाव से निरंतर अग्रसर रहने का आहवान किया।

शहीद परिवारों के साथ खड़ी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों के शौर्य और पराक्रम प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है। इसका श्रेय प्रदेश पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और समर्पण को जाता है। हमारे पुलिस कर्मी प्रदेश में नक्सलवाद, माफिया, साइबर अपराध के नियंत्रण और महिला सुरक्षा, तकनीकी नवाचार तथा जन-जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्ष डेढ़ करोड़ के इनामी 10 नक्सलवादियों का खातमा, जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पुलिस के पराक्रम के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सदैव पुलिसकर्मियों के साथ है। यदि हमारे बीच कोई शहीद होता है, तो सरकार उसके परिवार के साथ खड़ी दिखाई देती है, इस परंपरा को निभाते हुए शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को 1 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता देने की नीति लागू की गई है। यह राशि केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारे जवानों के मनोबल को बढ़ाने का प्रतीक है।

3 वर्ष में 21,000 पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस जवान ठंड, गर्मी, बरसात और त्यौहार सब भूलकर अपनी ड्यूटी करती हैं, ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उनके कल्याण और आधुनिकरण पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पुलिस कर्मियों के लिए 5700 करोड़ रुपये की लागत से 25 हजार से अधिक मकान बनाए जा रहे हैं। पुलिस के कल्याण, आधुनिकीकरण और मनोबल वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लगभग 7500 पदों की भर्ती हर वर्ष करते हुए 21 हजार पदों की भर्ती अगले तीन वर्ष में पूरी की जाएगी।

अमर शहीदों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा : श्री मकवाणा

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस स्‍मृति दिवस श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का दिन है। यह हमारे उन वीर साथियों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने ‘निष्ठा से सेवा’ के अपने संकल्प को अपने रक्त से लिखा और देश व प्रदेश की शांति और सुरक्षा की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी। आज का दिन हमें उनकी याद दिलाता है। उनका खालीपन हमें हमेशा महसूस होगा, लेकिन उनका साहस, उनकी निष्ठा और उनका बलिदान हमारे लिए एक ऐसी मशाल है जो हमारे पुलिस बल को हमेशा रास्ता दिखाती रहेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्‍यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीदकर्मियों में निरीक्षक स्‍व. संजय पाठक, निरीक्षक स्‍व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्‍व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्‍व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्‍व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्‍व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्‍व. अनुज सिंह, आरक्षक स्‍व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्‍व. अनिल यादव शामिल हैं। डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि 21 अक्‍टूबर 1959 से 31 अगस्‍त 2025 तक मध्‍यप्रदेश के 1,009 जवान कर्तव्‍य की वेदी पर शहीद हो गए। सभी शहीदों के परिवार की रक्षा एवं कल्‍याण हमारा दायित्‍व है।

पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारजन से भेंट की।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड द्वारा देशभक्ति की धुन पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेवानिवृत्‍त पुलिस अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आरंभ में पाल-बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची को स्मारक कोष में स्थापित किया गया और शहीद स्मारक को सलामी दी गई। आयोजित परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एसडीओपी सर्वप्रिय सिन्‍हा ने किया। परेड के टू-आई-सी राज्‍य पुलिस सेवा के प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक हेमंत पाण्‍डेय रहे। परेड में परेड में जिला बल एवं विशेष सशस्‍त्र बल की महिला प्‍लाटून, विशेष सशस्‍त्र बल की पुरूष प्‍लाटून, जिला पुलिस बल की पुरूष प्‍लाटून, होमगार्ड प्‍लाटून, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, रीथ पार्टी, पुलिस बैंड प्‍लाटून, अश्‍वरोही दल और श्वान दल की टुकड़ियाँ शामिल थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरगति को प्राप्त पुलिस कर्मियों के परिजन से भेंट कर संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने सभी परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट कर परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

कृष्णपाल सिंह यादव: अपाक्स के नए युग के प्रेरक नेतृत्व

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मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक) अधिकारी कर्मचारी संगठन (अपाक्स) के नव निर्वाचित प्रांतीय अध्यक्षकृष्ण पाल सिंह यादव को पुष्पहार पहनाते हुए संगठन के पदाधिकारी।

*     पन्ना के कृष्णपाल सिंह सर्वसम्मति से अपाक्स के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए

*     प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों का वृहद एवं महत्वपूर्ण संगठन है अपाक्स

भोपाल/पन्ना। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार 12 अक्टूबर को एक नया इतिहास रचा गया, जब मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक) अधिकारी कर्मचारी संगठन (अपाक्स) के प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में कृष्ण पाल सिंह यादव को सर्वसम्मति से चुना गया। यह क्षण न केवल संगठन के लिए, बल्कि समस्त मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि श्री यादव जैसे समर्पित, दूरदर्शी और कर्मठ व्यक्तित्व का नेतृत्व अपाक्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है।
उल्लेखनीय है कि, कृष्ण पाल सिंह यादव का नाम नेतृत्व, निष्ठा और सामाजिक समावेशन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का पर्याय है। पन्ना जिले में 25 वर्षों तक अपाक्स के जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन की नींव को मजबूत करने में अभूतपूर्व योगदान दिया। प्रांतीय महामंत्री के रूप में भी उनकी संगठनात्मक कुशलता और सहज नेतृत्व ने सभी को प्रभावित किया है। उनकी सौम्यता, सहृदयता और कर्मठता ने उन्हें न केवल संगठन के सदस्यों, बल्कि समाज के हर वर्ग के बीच सम्मान का पात्र बनाया है। श्री यादव की कार्यशैली में समन्वय, सहयोग और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो उन्हें एक आदर्श कर्मचारी नेता बनाता है।
अपाक्स की स्थापना 1994 में मध्यप्रदेश के दिग्गज प्रशासनिक अधिकारियों जैसे वरिष्ठ आईएएस स्वर्गीय सरदार सिंह डंगस, इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल और इंजीनियर सी.एस. यादव द्वारा की गई थी। इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री यादव तीसरे प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में चुने गए हैं। इससे पूर्व, इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल ने लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व किया, और उनके सेवानिवृत्त होने के बाद कैलाश सूर्यवंशी ने यह दायित्व संभाला। अब श्री यादव के कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि वे संगठन के उद्देश्यों को और सशक्त बनाएं।
श्री यादव के निर्विरोध निर्वाचन पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों और संभागों के अपाक्स पदाधिकारियों ने हर्षोल्लास के साथ उन्हें बधाई दी। संगठन के प्रांतीय संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल के प्रति भी सभी ने आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में अपाक्स निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। बधाई देने वालों में संगठन के तमाम गणमान्य सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने श्री यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय और समानता के लिए संगठन के संकल्प को और मजबूत होने की आशा जताई।
श्री यादव का यह निर्वाचन केवल एक पद का दायित्व नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है- एक ऐसे भविष्य की, जहां अपाक्स सामाजिक समावेशन और अधिकारों की रक्षा के लिए और भी सशक्त होकर उभरेगा। उनके नेतृत्व में संगठन निश्चित ही नई ऊंचाइयों को छुएगा यह भरोसा संगठन के प्रत्येक सदस्य को है।

भाजपा राज में क़ानून-व्यवस्था ध्वस्त होने से अराजकता चरम पर : इंजीनियर पिप्पल

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पन्ना जिले की ज्वलंत समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बसपा प्रदेश अध्यक्ष इंजी. रमाकांत पिप्पल, पूर्व प्रत्याशी बसपा खजुराहो लोकसभा कमलेश भाई पटेल एवं अन्य बसपा नेतागण।

 कमजोर तबकों को न्याय दिलाने बसपा ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

 आपराधिक घटनाओं पर कार्रवाई न होने पर जताया आक्रोश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) महिलाओं-बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को संवेदनशीलता से लेकर उन पर तत्परता से प्रभावी कार्रवाई करने संबंधी तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद पन्ना जिले की पुलिस का असंवेदनशील रवैया बरक़रार है। आरक्षित वर्गों के विरुद्ध घटित कई सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं का खुलासा न होने अथवा पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति पुलिस द्वारा घोर उदासीनता बरतने पर बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने गहरा असंतोष-आक्रोश जताया है। बसपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार 10 अक्टूबर 2025 को जिले की ज्वलंत समस्याओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर पन्ना जिला मुख्यालय में इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा है। बहुजन समाज पार्टी प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल रहे।

चेतावनी! … तो होगा वृहद आंदोलन

भाजपा शासित मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों एवं पिछड़े वर्गों पर बढ़ते अत्याचार पर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल ने तीव्र आक्रोश जताया है। उन्होंने पन्ना में पत्रकारों से कहा कि, मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने से अराजकता चरम सीमा पर पहुंच चुकी है, हर तरफ गुंडागर्दी का माहौल है। लोगों को फांसी पर लटकाया जा रहा है। सरेआम बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की जा रही है। हमारी बेटियों-बहनों की आबरू लूटी जा रही है। दबाव बनाकर इन मामलों को दबाया जा रहा है। कृषि सीजन के समय अन्नदाता किसानों को खाद नहीं मिल रही है। दबंगों द्वारा जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं और कई सरपंचों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसके विरोध में बसपा ने प्रदर्शन करके स्पष्ट कर दिया है कि, हम इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इंजीनियर पिप्पल ने भाजपा एवं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों की मिलीभगत के चलते कमजोर तबकों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। जमीनों के सीमांकन एवं आवंटन की प्रक्रिया बाधित की जा रही है। हमने प्रशासन को आगाह कर दिया है अगर शीघ्र ही न्यायोचित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो बसपा के द्वारा जिले में वृहद अंदोलन किया जाएगा।

दोहरे हत्याकांड का जल्द हो खुलासा

राज्यपाल के नाम पर सौंपे गए ज्ञापन में बहुजन समाज पार्टी ने पिछले माह जिले के अजयगढ़ क़स्बा में हुए मां-बेटे के अंधे कत्ल की जघन्य वारदात का अब तक खुलासा न होने पर गुस्सा जाहिर करते हुए पन्ना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बसपा ने इसे पुलिस की नाकामी करार दिया है। साथ ही अंधेक़त्ल का जल्द से जल्द खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। गड़ोखर ग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में दलित लड़के का शव मिलने एवं सुनवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत मनपुरा ग्राम में कथित तौर पर एक युवक की आंखें निकालकर शव पेड़ पर टांगने के मामले का अब तक खलासा न होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। ग्राम बछरवारा में सुखलाल चौधरी की हत्या किए जाने पर उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। अनुसूचित जाति की 70 वर्ष पुरानी बस्तियों में दबंगों का अवैध तरीके से पट्टे जारी करने से उनके द्वारा दलितों को बस्ती खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। इस कारण तिघरा बुजुर्ग, बेली हिनौती, सिंघौरा, विष्णु मानिकपुर आदि ग्रामों में टकराव की स्थिति निर्मित हो रही है। ज्ञापन में सुपात्र आदिवासियों को वन भूमि के पट्टे वितरित एवं किसानों को मांग अनुरूप खाद समय पर उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

ये रहे शामिल

बहुजन समाज पार्टी द्वारा कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या एवं कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पन्ना में राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
पन्ना जिले की जन समस्याओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पन्ना के नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इस दौरान मुख्य रूप से भागवत प्रसाद वर्मा जिलाध्यक्ष बसपा पन्ना, कमलेश भाई पटेल पूर्व प्रत्याशी बसपा खजुराहो लोकसभा क्षेत्र, देवीदीन आशू पूर्व प्रत्याशी गुनौर विधानसभा क्षेत्र, विमला अहिरवार पूर्व प्रत्याशी पन्ना विधानसभा क्षेत्र, महेन्द्र वर्मा पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा, रामरतन वर्मा, नंदकिशोर पटेल, रामपत सेन, रमेश प्रसाद, संतकुमार, रामकुमारी, दिनेश वर्मा, मोहन वर्मा सहित बहुजन समाज पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पन्ना के सीएमएचओ ऑफिस में लोकायुक्त की कार्रवाई, लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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लोकायुक्त टीम की के साथ लाल घेरे में रिश्वत लेने वाला आरोपी लिपिक विमल खरे।

 अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में सीएमएचओ के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

 क्षय केन्द्र के टेक्नीशियन की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने की ट्रैप कार्रवाई

  पिता की मृत्यु के बाद मिली अनुकंपा नियुक्ति को रिश्वत के लालच में दांव पर लगाया

  पन्ना जिले में महज पखवाड़े भर के अंदर लोकायुक्त की दूसरी कार्रवाई से मचा हड़कंप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बेइंतहा भ्रष्टाचार और घूसखोरी के लिए बदनाम मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा महज पखवाड़े भर के अंदर आज दूसरी ट्रैप कार्रवाई करने के बाद से प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मचा है। लोकायुक्त टीम ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना के स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को जिला क्षय केन्द्र में पदस्थ लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर से 2500/- (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लिपिक द्वारा अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में कथित तौर पर सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय समेत परिसर में स्थित अन्य विभागीय कार्यालयों में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। इस कार्रवाई से भयभीत स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी देखते ही देखते कार्यालय से गायब हो गए। सीएमएचओ ऑफिस की पहली मंजिल जहां पर यह कार्रवाई की गई वहां पर बैठने वाले कर्मचारी तो 3-4 घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे थे।

बीमार मां का इलाज कराने मांगा था अवकाश

शिकायतकर्ता लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार, जिला क्षय केंद्र पन्ना में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत दिलीप डामोर पिता देवचंद डामोर 28 वर्ष निवासी ग्राम नवापाड़ा तहसील थांदला जिला झाबुआ की मां कई दिनों से बीमार चल रहीं थी। अपनी बीमार मां का इलाज करवाने लिए दिलीप ने 25 दिन के अर्जित अवकाश स्वीकृति हेतु सीएमएचओ कार्यालय में दिनांक 10 सितंबर 2025 को आवेदन पत्र था। अवकाश स्वीकृत न होने पर उसने स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे से सम्पर्क किया। लिपिक विमल ने उसे बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अवकाश स्वीकृत नहीं कर रहे हैं, कथित तौर पर साहब द्वारा अवकाश स्वीकृत करने के एवज़ एक दिन के अवकाश के 100 रुपए के मान से 25 दिन के कुल 2500/- रुपए की डिमांड की जा रही है।
फाइल फोटो।
लिपिक द्वारा सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत की मांग करने के कारण परेशान होकर लैब टेक्नीशियन दिलीप ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर योगेश्वर शर्मा से शिकायत की। दिनांक 03 अक्टूबर 2025 को शिकायत का सत्यापन कराने पर लिपिक ने 25 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में 2500 (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत की स्पष्ट मांग की गई। शिकायत सही पाए जाने पर घूसखोर बाबू को रंगे हाथ दबोंचने फुलप्रूफ प्लान तैयार किया गया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोंचा गया आरोपी

रिश्वत लेने वाले आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।
आज बुधवार 8 अक्टूबर दोपहर में लगभग 1 बजे लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर पहली मंजिल पर बैठे स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को पूर्व चर्चानुसार रिश्वत के रूप में 2500/- रुपए देते हुए जल्दी अवकाश स्वीकृत करवाने आग्रह किया। इसके अगले ही पल वहां लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व वाली टीम ने दबिश देकर घूसखोर लिपिक विमल खरे को रंगे हाथ दबोंच लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि जब्त करके उसके हाथ धुलवाए गए। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम आरोपी लिपिक के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि, रिश्वत लेने के मामले गिरफ्तार आरोपी लिपिक विमल खरे का मूल पद डाटा एंट्री ऑपरेटर है। उसकी पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में है लेकिन वह पिछले कई माह से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना में अटैच है और यहां स्थापना शाखा में सहायक लिपिक के रूप में कार्यरत है। विदित हो कि विमल को उसके पिता की मृत्यु के बाद लगभग 3 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, जिसे उसने कथित तौर पर अपने अधिकारी के लिए धन उगाही करने अथवा अधिकारी के नाम पर स्वयं रिश्वत डाकरने के लालच में दांव पर लगा दिया।

10 दिन पूर्व अमानगंज में हुई थी बड़ी कार्रवाई

निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करने वाली लोकायुक्त सागर की टीम।
लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई के बाद भी पन्ना जिले के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का बोलबाला है। हाल यह है कि, सरकारी कार्यालयों में रिश्वत दिए बगैर आम आदमी का कोई काम ही नहीं होता। योजनाओं का लाभ लेने से लेकर अन्य जायज काम कराने के लिए लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। जो लोग रिश्वत नहीं देते उन्हें भ्रष्ट सरकारी अमले के द्वारा भटकाया और परेशान किया जाता है। जिले के अमानगंज में महज 10 दिन पूर्व लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई कार्रवाई इस बात का प्रमाण है। बाल विवाह से संबंधित एक मामले में समझाइश के बाद लड़का-लड़की पक्ष द्वारा विवाह टालने के बावजूद लड़के पक्ष को अमानगंज थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक रिश्वत के लिए लगातार परेशान कर रहा था। थकहार कर पीड़ित पक्ष ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इस मामले में लोकायुक्त सागर की टीम ने 29 सितंबर 2025 की रात ट्रैप कार्रवाई करते हुए राममोल नामदेव नामक एक व्यक्ति को 30000/- (तीस हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। लोकायुक्त टीम ने इस बहुचर्चित प्रकरण में राममोल के साथ फरार आरोपी प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी, पुलिस आरक्षक सतीश श्रीवास एवं रामलाल सोनी के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। प्रधान आरक्षक ने रिश्वत लेने के चक्कर में तीन अन्य लोगों से मोबाइल से बात करके उन्हें इस मामले में शामिल कर लिया था।

इनका कहना है-

‘संबंधित कर्मचारी का अवकाश पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। मैं कभी किसी से किसी भी काम के एवज कोई डिमांड नहीं करता हूं, यदि लिपिक मेरा नाम लेकर रिश्वत मांग रहा था तो यह सरासर गलत है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पन्ना में मेरी पदस्थापना के पूर्व से ही लिपिक विमल खरे सीएमएचओ ऑफिस में अटैच है। लोकायुक्त से ट्रैप कार्रवाई की लिखित जानकारी प्राप्त होने पर इस मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’

राजेश प्रसाद तिवारी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।

पन्ना टाइगर रिजर्व में तेंदुए की संदिग्ध मौत, शरीर पर कई जगह थे घाव

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पन्ना टाइगर रिजर्व का मड़ला ग्राम में स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)

मौत के लगभग 2-3 दिन बाद शव मिलने से जंगल गश्ती पर उठ रहे सवाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत बीती शाम एक अर्धवयस्क नर तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मचा है। घटना गहरी घाट रेंज की है। मृत तेंदुए (Leopard) की गर्दन और पेट में चोट के निशान मिलने की चर्चाएं है। शव की स्थिति को देखते हुए तेंदुए की मौत लगभग 2-3 दिन पूर्व होने की संभवाना जताई जा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन तेंदुए की मौत को प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष (Mutual Conflict) मान रहा है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
रडार न्यूज़ को पन्ना टाइगर रिजर्व (पटारि) के मैदानी सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, शुक्रवार 3 अक्टूबर 2025 की देर शाम गहरी घाट रेंज अंतर्गत अर्धवयस्क नर तेंदुआ (2 वर्ष) मृत अवस्था में पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच और गर्दन एवं शरीर पर कई जगह घाव की वजह से पार्क के अधिकारी आपसी संघर्ष में मौत होना मान रहे हैं। एक मैदानी कर्मचारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि अर्धवयस्क तेंदुए की मौत अन्य किसी तेंदुए के साथ संघर्ष में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिस क्षेत्र में तेंदुए का शव बरामद हुआ है वहां बाघों का मूवमेंट भी बना रहता है। मौत के लगभग 2-3 दिन बाद तेंदुए का शव बरामद होने से पन्ना टाइगर रिजर्व की सतत निगरानी एवं गश्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
फाइल फोटो।
शुक्रवार देर रात तेंदुए के शव को जंगल से लाकर बड़ौर ग्राम स्थित वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल की मोर्चरी (Mortuary) में सुरक्षित रखवाया गया। जहां आज शनिवार सुबह पन्ना टाइगर टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं पशु चिकित्सक डॉ. प्रियंका बुंदेला की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान मौके पर पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) नरेश सिंह यादव, उप संचालक एवं पटारि के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। पोस्टमार्टम पश्चात तेंदुए के शव को जला दिया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुए की मौत के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने पदभार ग्रहण किया

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नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत करतीं पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू।

2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पहली बार मिली कलेक्टर पद की जिम्मेदारी

पन्ना। नवागत कलेक्टर ऊषा परमार ने शुक्रवार 3 अक्टूबर को सुबह कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पन्ना कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान कलेक्टर एवं चंबल संभागायुक्त बनाए गए सुरेश कुमार ने नवागत जिला कलेक्टर को पदभार ग्रहण कराया और कार्यभार सौंपा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, डीएफओ गर्वित गंगवार एवं अनुपम शर्मा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी, तहसीलदार अखिलेश प्रजापति सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। नवागत कलेक्टर श्रीमती परमार का अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया एवं कलेक्टर पद पर पहली पदस्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गईं।

ओएसडी सह कमिश्नर बनाए गए सुरेश कुमार

नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को कार्यभार सौंपते हुए निवर्तमान कलेक्टर सुरेश कुमार।
उल्लेखनीय है कि गत 30 सितम्बर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 24 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। आदेश अनुसार अपर आयुक्त भोपाल संभाग के पद पर पदस्थ रहीं एवं वर्ष 2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पन्ना कलेक्टर बनाया गया है, जबकि जिला कलेक्टर पद पर पदस्थ रहे वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार को पदोन्नत कर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह कमिश्नर चंबल संभाग मुरैना के पद पर पदस्थापना की गई थी। पदभार ग्रहण के दौरान नवागत कलेक्टर ने अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा की और आगामी कार्ययोजना के बारे में भी अवगत कराया।

डबल मर्डर केस: मां-बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने थाने में दिया धरना, पुलिस अफसरों के मुंह पर बोले अध्यक्ष- ‘दारु-बारू माफिया को संरक्षण दे रही पुलिस’

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अजयगढ़ में मां-बेटे की जघन्य हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय पुलिस थाना में धरना देते कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता।

*    अजयगढ़ के एसडीओपी समेत समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को हटाने की मांग

*    कांग्रेस पार्टी के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए मृतकों के परिजन

*    क्षेत्रीय सांसद, विधायक एवं भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

*    पुलिस महानिदेशक के नाम एसडीएम को सौंपा सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ में वार्ड क्रमांक-13 में रहने वाली 25 वर्षीय महिला और उसके 5 वर्षीय मासूम बेटे की जघन्य हत्या की सनसनीखेज वारदात का 48 घंटे बाद भी खुलासा न होने से आक्रोशित कांग्रेस पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने आज अजयगढ़ में जमकर बवाल काटा। जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष अनीस खान की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन पैदल मार्च करते हुए अजयगढ़ थाना पहुंचे जहां थाने का घेराव कर धरने पर बैठ गए। थाना परिसर में लगभग आधा घण्टे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के मुंह पर ही उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। मौके पर एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी बखत सिंह, बृजपुर थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह, धरमपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह राजपूत मौजूद रहे।

माफिया के लिए काम कर रही पुलिस

अजयगढ़ थाना परिसर में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान नेताओं के आरोपों को सुनते हुए पुलिस अधिकारी।
धरना के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री खान ने आरोप लगाया कि, अजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस आमजनता के लिए नहीं बल्कि भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त दारु-बारू (शराब-रेत) माफिया के लिए काम कर रही है। माफियाओं की मौजूदगी के कारण इस इलाके की शांति भंग हो चुकी है और अपराध चिंताजनक तेजी से बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में मृतकों के परिजन भी शामिल हुए। शोक संतृप्त परिजनों ने जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। एसडीओपी ने कांग्रेसियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कांग्रेसी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। एसडीओपी ने उन्हें बताया कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ कार्यवाही कर रही है कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है। संभवतः जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। तदुपरांत जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के द्वारा पुलिस महानिदेशक के नाम पर अजयगढ़ एसडीएम को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें दोहरे अंधेकत्ल का अतिशीघ्र खुलासा करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है यदि शीघ्र ही कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें पुनः सड़कों पर उतरकर पन्ना से लेकर भोपाल तक प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

दरिंदों ने बड़ी बेरहमी से की हत्या

कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।
बुधवार 17 सितंबर की सुबह अजयगढ़ क़स्बा के वार्ड क्रमांक-13 रहुनियां निवासी सोनू पत्नी रामनारायण कुशवाहा 25 वर्ष और उसका बड़ा बेटा देवेन्द्र 5 वर्ष कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिले थे। अज्ञात दरिंदों ने 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात कथित तौर पर सोनू को जबरन अपनी हवश का शिकार बनाया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मां-बेटे का गला दबाकर दोनों की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। उनकी चींख-पुकार कोई सुन न सके इसलिए हत्यारोपियों ने गला दबाने के पूर्व दोनों के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात हत्यारोपी बड़ी आसानी से भाग निकले। मृतिका सोनू अपने दो बच्चों के साथ ससुराल में एक कमरे में रहती थी। उसका डेढ़ वर्षीय छोटा बेटा जीवित है। सोनू घर पर छोटी सी किराना दुकान चलाकर अपना और बच्चों का भरण-पोषण करती थी। उसका पति रामनारायण मजदूरी करने पंजाब गया था।

पूर्व में लोगों ने किया था चक्काजाम

मां-बेटे की जघन्य हत्या की वारदात की खबर आने के बाद अजयगढ़ के आक्रोशित लोगों ने बुधवार को माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम किया।
मां-बेटे की हत्या की दिल दहला देने वाली इस वारदात ने पूरे जिले झकझोर कर रख दिया है। नगरीय क्षेत्र में दोहरे अंधे क़त्ल की असहनीय वारदात से आक्रोशित अजयगढ़ के लोग घटना दिनांक 17 सितंबर को ही सड़कों पर उतर आए थे। स्थानीय माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम कर लोगों ने पुलिस के खिलाफ जबरदस्त तरीके से प्रदर्शन किया था। चक्काजाम के चलते कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर आधा घण्टे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान नाराज लोगों ने पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने प्रदेश की भाजपा सरकार व पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान ने इस घटना पर गहरा दुःख और रोष प्रकट करते हुए हत्यारोपियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन करने का ऐलान किया था।
दोहरे क़त्ल की दरिंदगी को छुपा रही पुलिस
डबल मर्डर केस के पीड़ितों से बात करतीं पूर्व रैगांव विधायक कल्पना बागरी एवं पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान।
पन्ना जिला कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री खान अपनी घोषणा के तहत आज शुक्रवार 19 सितंबर को अजयगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस नेताओं के साथ रहुनियां स्थित महिला सोनू कुशवाहा के घर पहुंचकर शोक संतृप्त परिजनों से मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कुशवाहा परिवार को भरोसा दिलाया कि दुःख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। तदुपरांत कांग्रेसजन करीब 1 किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए अजयगढ़ थाना पहुंचे। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेसियों ने अजयगढ़ पुलिस, भाजपा सरकार, विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अजयगढ़ थाना पहुंचकर कांग्रेस नेतागण थाना का घेराव करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। जिससे स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की धड़कनें तेज हो गईं।
अजयगढ़ थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पन्ना के पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे।
धरने पर बैठे जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे, पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, वरिष्ठ नेता भरत मिलन पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों को उनके मुंह पर ही जमकर सुनाया। साथ ही थाना परिसर में पुलिस और भाजपा सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। आधा घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने पीड़ित परिजनों के हवाले से पुलिस एवं प्रशासन पर दोहरे हत्याकांड की दरिंदगी के खौफनाक सच को दबाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है, यदि शीघ्र ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस की मिलीभगत से चल रहा अवैध कारोबार

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में अजयगढ़ एसडीएम को सौंपे गए सात सूत्रीय मांगों के ज्ञापन में अजयगढ़ अनुभाग की पुलिस पर क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया एवं अपराधियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अजयगढ़ क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के आपराधिक माफियाओं द्वारा बिना किसी वैध मंजूरी के बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध रेत खनन-परिवहन किया जा रहा है। रेत का अवैध कारोबार बंदूकधारी बदमाशों के आतंक के बल पर पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। इसके अलावा पूरे जिले का शराब ठेका एक ही व्यक्ति एक ही व्यक्ति का होने के कारण हर गली-मोहल्ले और गांव में अवैध शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। कांग्रेस ने दोहरे हत्याकांड में नशे की भूमिका से इनकार नहीं किया है। मृतकों के परिजन भी शारब की अवैध बिक्री तथा उनके घर के आसपास शराबियों के जमघट से काफी समय से परेशान बताए जा रहे हैं।

पीड़ित परिवार को दी जाए 1 करोड़ की सहायता 

डबल मर्डर केस के आरोपियों की गिरफ़्तारी एवं पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर एसडीम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेतागण।
जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि, दोहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार को 1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जाए। मृतक महिला के डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे के भरण-पोषण और शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। पीड़ित परिवार को तत्काल आवास योजना का लाभ दिया जाए। अजयगढ़ में सक्रिय खनन और शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। क्षेत्र में कार्यरत बड़ी कंपनियों जैसे एलएनटी, हर्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और अडानी ग्रुप में कार्यरत बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन तत्काल प्रभाव से करवाकर उनकी मुसाफिरी दर्ज की जाए। अजयगढ़ में पदस्थ एसडीओपी, समेत समस्त थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और इनकी चल-अचल संपत्ति की जांच कराने एवं दोहरे हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई है।

ये रहे शामिल

जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे , पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, श्रीमती रमा बुंदेला, दादूराम मिश्रा, आनंद शुक्ला, भन्नू राजा, शंकर द्विवेदी, जन्मेजय अरजरिया, मार्तंड सिंह बुंदेला, सत्यजीत सिंह परमार, अंकित शर्मा, आशीष यादव, हसीब खान, स्वतंत्र अवस्थी, जयराम यादव, कदीर खान, देवू गोंड, आकाश जाटव, रहीमा खातून, चांदनी जाटव, कपूर यादव, जगदीश यादव, अभिषेक चौरसिया, पेशवानी अहिरवार, राजा जी बुंदेला, मैकू नन्ना, रामदास जाटव, रामबहादुर द्विवेदी, केशरी अहिरवार, रावेंद्र मिश्रा, हिम्मत बागरी, श्रवण तिवारी, बालो सोंनकर, बुद्धू प्रजापति, पिंकू सिद्दीकी, रवि यादव, विकास तिवारी, जीतू यादव, जनक सिंह यादव, लखन, कोशलेंद्र सिंह, तोहीद आलम, यूनिश खान, अकरम खान, ऋषि यादव, मलखान सिंह अज्जू राजा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

डबल मर्डर: एकसाथ उठी मां-बेटे की अर्थी, नगर में पसरा मातम, हर आंख में आए आंसू

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पन्ना जिले के अजयगढ़ क़स्बा में महिला सोनू कुशवाहा और उसके बेटे का गुरुवार को बेहद ही ग़मगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

*    पंजाब से लौटे रामनारायण ने दी पत्नी को मुखाग्नि

*    मासूम बेटे देवेन्द्र को मां की चिता के बगल में दफनाया

*    पुलिस बल की मौजूदगी में आज हुआ अंतिम संस्कार

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ क़स्बा में अज्ञात दरिंदों द्वारा बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किए गए मां-बेटे के शवों का अंतिम संस्कार आज गुरुवार को पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ। सुबह जब मां-बेटे की एक साथ अर्थी उठी तो वहां मौजूद महिलाएं अज्ञात हत्यारों को कोसते हुए छाती पीट-पीटकर रोने लगीं। मां-बेटे के शवों को देख लोगों की आंखें छलक उठीं और नगर में मातम पसर गया। पंजाब से लौटे रामनारायण कुशवाहा ने बेहद ही ग़मगीम माहौल में पत्नी सोनू के शव को मुखाग्नि दी और उसकी चिता के बगल में अपने छह वर्षीय बेटे देवेन्द्र को दफना दिया। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इधर, असहनीय वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस कातिलों को गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी। दोहरे अंधेक़त्ल की दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से ही लोगों में स्थानीय पुलिस के प्रति जबरदस्त गुस्सा व्याप्त है। तीव्र जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस पर जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने का भारी दवाब है। पुलिस द्वारा कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है।
कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।
बुधवार 17 सितम्बर की सुबह अजयगढ़ क़स्बा के वार्ड क्रमांक 13 में दो मासूम बच्चों के साथ रहने वाली महिला सोनू कुशवाहा 25 वर्ष और उसके बड़े बेटे देवेन्द्र कुशवाहा के संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिलने से सनसनी फ़ैल गई थी। थोड़ी देर बाद पुलिस की तहक़ीत और परिजनों से पता चला कि अज्ञात आरोपियों द्वारा 16-17 की दरम्यानी रात मां-बेटे की निर्ममतापूर्वक हत्या की गई है। अज्ञात आरोपियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए सोनू और उसके पुत्र को गला दबाकर मौत के घाट उतारा। दोनों की चींख-पुकार कोई सुनने न पाए इसलिए उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। सुबह परिजन एवं पुलिस जब सोनू के कमरे में पहुंचे तो वहां मृत पड़े मां-बेटे के मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ मिला। अज्ञात हत्यारोपियों द्वारा महिला को अपनी हवश का शिकार बनाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।
सोनू का छोटा बेटा (उम्र डेढ़ वर्ष) जीवित मिला है। माना जा रहा है कि अज्ञात दरिंदों को शायद यह डर था कि सोनू का बड़ा बेटा देवेन्द्र उनकी पहचान उजागर कर सकता है इसलिए मां के साथ उसे भी बेरहमी से मार डाला। महिला का पति रामनारायण कुशवाहा मजदूरी करने पंजाब गया था। सोनू अपने ससुराल में एक छोटे से कमरे में अलग रहती थी। अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह उसी कमरे में छोटी सी किराना दुकान चलाती थी। पुलिस की अब तक की जांच में मां-बेटे की जघन्य हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका।

चक्काजाम कर किया था प्रदर्शन

मां-बेटे की जघन्य हत्या की वारदात की खबर आने के बाद अजयगढ़ के आक्रोशित लोगों ने बुधवार को माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम किया।
अजयगढ़ क़स्बा में मां-बेटे के अंधे कत्ल की खौफनाक वारदात की खबर आते ही पूरे बुधवार सुबह पूरा नगर दहल उठा। सुरक्षित माने-जाने वाले क़स्बा क्षेत्र में दिल दहला देने वाली खौफनाक वारदात सामने आने से लोगों में स्थानीय पुलिस के निकम्मेपन को लेकर गुस्सा स्वाभाविक था। कुछ देर बाद जब यह खबर फैली कि कथित तौर पर अज्ञात कातिलों द्वारा महिला के साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) किया गया तो लोगों का गुस्सा देखते ही देखते आक्रोश में तब्दील हो गया। फलस्वरूप असहनीय घटना के विरोधस्वरूप सैंकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अजयगढ़ के माधौगंज में चक्काजाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों द्वारा पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने प्रदेश की भाजपा सरकार, स्थानीय पुलिस और अजयगढ़ थाना टीआई की मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। आधा घंटे बाद चक्काजाम समाप्त होने पर कटनी-कानपुर मार्ग पर वाहनों आवागमन बहाल हो पाया था। बता दें कि, दोहरे अंधे हत्याकांड की जानकारी मिलने पर बुधवार को पन्ना की नवागत एसपी निवेदिता नायडू, डीआईजी छतरपुर रेंज विजय खत्री एवं पुलिस महानिरीक्षक सागर हिमानी खन्ना ने घटनास्थल का मुआयना कर जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की बात कही थी।

डबल मर्डर :  मां-बेटे की निर्मम हत्या से दहल उठा शांति का टापू

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कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।

*   पन्ना जिले के अजयगढ़ में दोहरे हत्याकांड से उपजा जबरदस्त जनाक्रोश

*    पुलिस महानिरीक्षक सागर एवं डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

*   सनसनीखेज हत्याकांड से आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर विधायक के सामने की नारेबाजी

पन्ना।(www.radarnews.in) शान्ति का टापू कहलाने वाला मध्य प्रदेश का पन्ना जिला बुधवार 17 सितंबर 2025 को सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की जघन्य वारदात से दहल उठा। पन्ना के अजयगढ़ क़स्बा में 25 वर्षीय एक महिला और उसके 5 वर्षीय मासूम बच्चे की अज्ञात आरोपी ने गला दबाकर हत्या कर दी। महिला का शव जिस हालत में मिला उसे देखते हुए उसके साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) किए जाने की आशंका जताई जा रही है। दिल दहला देने वाली इस घटना के सामने आने के बाद अजयगढ़ समेत समूचे तराई अंचल में जबरदस्त आक्रोश की लहर दौड़ गई। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने पर अजयगढ़ थाना प्रभारी, एसडीओपी हमराही बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचें। इसके बाद पन्ना की नवागत पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, छतरपुर रेंज के डीआईजी विजय खत्री और पुलिस महानिरीक्षक सागर हिमानी खन्ना ने क्रमशः अजयगढ़ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
मां-बेटे की जघन्य हत्या के मामले में घटनस्थल की बारीकी से जांच करते हुए पन्ना जिले की अजयगढ़ थाना पुलिस टीम।
शहरी क्षेत्र डबल मर्डर की दुस्साहसिक और असहनीय वारदात से आक्रोशित स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने अजयगढ़ के प्रमुख माधौगंज चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मौके प्रदर्शनकारियों ने पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने अपने गुस्से का इजहार करते हुए भाजपा सरकार मुर्दाबाद, अजयगढ़ पुलिस मुर्दाबाद और टीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक चले चक्क्जाम के कारण कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही ठप्प रही। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने डबल ब्लाइंड मर्डर को चुनौती के रूप में लेते हुए जल्द से जल्द खुलासा कर अज्ञात हत्यारोपी को गिरफ्तार करने बात कही है। मृतिका सोनू कुशवाहा का दूसरा बेटा (डेढ़ वर्षीय बालक) जीवित है। अजयगढ़ में वह अपने दो बच्चों के साथ एक तंग कमरे में रहती थी। महिला का पति मजदूरी करने के लिए पंजाब गया है। समाचार लिखे जाने तक दोहरे अंधेकत्ल के कारणों का पता नहीं चल सका।