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भविष्य से भेंट कार्यक्रम: कलेक्टर पहुंचीं स्कूल, बच्चों से सवांद कर जगाई पढ़ाई की अलख

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कलेक्टर ऊषा परमार ने स्कूली बच्चों से संवाद कर पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली।

*    नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

*    शिक्षकों को सरल एवं रोचक तरीके से शिक्षा देने के निर्देश

पन्ना।(www.radarnews.in) शासन के निर्देशानुसार आयोजित चार दिवसीय प्रवेशोत्सव एवं स्कूल चलें हम अभियान के अंतर्गत शनिवार 4 अप्रैल को जिले के शासकीय विद्यालयों मेंभविष्य से भेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ऊषा परमार ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी के साथ विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों को पढ़ाई का महत्व बताया और प्रेरणास्पद बातों का जिक्र भी किया।

मनकी एवं बिलखुरा की शाला का किया निरीक्षण

कलेक्टर ऊषा परमार एवं जिला पंचायत सीईओ ने स्कूली बच्चों संग बैठकर माध्यन्ह भोजन का स्वाद चखा।
अधिकारीद्वय द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला मनकी एवं प्राथमिक शाला बिलखुरा पहुंचकर विद्यालय के शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने एवं नियमित रूप से समय पर स्कूल खोलने व संचालन के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं जिपं सीईओ ने बच्चों के साथ सामूहिक मध्यान्ह भोजन भी किया और बच्चों को बिस्किट वितरित किए। स्कूली विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ पढ़ाई से संबंधित जानकारी साझा की तथा गिनती, पहाड़ा, कहानी और कविताएं भी सुनाईं। इस दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। बच्चों से शिक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त कर एवं शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रदान कर सभी विद्यार्थियों से इसका लाभ उठाने के लिए कहा गया।

अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील

कलेक्टर ऊषा परमार ने स्कूली बच्चों को बिस्किट के पैकेट वितरित किए।
भविष्य से भेंट कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने पर जोर दिया गया तथा अभिभावकों से भी अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने एवं पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की गई। स्कूल के शिक्षकों द्वारा भी शाला में नामांकन सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में अवगत कराया गया। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि सरल एवं रोचक तरीके से बच्चों को शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनकी पढ़ाई में रूचि बढ़े। निरीक्षण के दौरान शाला में नामांकित विद्यार्थियों के जन्म एवं जाति प्रमाण पत्र सहित आधार व अपार आईडी विषयक एवं गत कक्षा के परीक्षा परिणाम व परिवार के सदस्यों संबंधी सामान्य जानकारी भी ली गई। जिला कलेक्टर ने ग्राम के आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
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एकता और समरसता का संदेश लेकर सोमवार को पन्ना पहुंचेगी सरदार पटेल रथयात्रा

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सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता एवं समरसता रथ यात्रा। (फाइल फोटो)

*    लौह पुरुष की आदमकद प्रतिमा, सोने के स्तूप के साथ ऐतिहासिक धरोहरों के होंगे दर्शन

*    नगर में भव्य स्वागत की तैयारी, मोहन राज विलास में आयोजित होगा मंचीय कार्यक्रम

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता एवं समरसता रथयात्रा सोमवार 30 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे पन्ना नगर में पहुंचेगी। गुजरात से प्रारंभ हुई यह यात्रा मध्य प्रदेश में कई जिलों से होते हुए पन्ना आ रही है, जिसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, भाईचारा और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। रथ में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की आदमकद प्रतिमा स्थापित है, जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके साथ ही रथ में सरदार पटेल से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरें जैसे उनके कारावास काल की टिफिन पेटी, राजाओं द्वारा दिए गए रियासतों के विलीनीकरण पत्र, चरण पादुका तथा तीन किलोग्राम सोने का स्तूप भी आम लोगों के दर्शनार्थ रखे गए हैं।
नगर के मुख्य मार्गों से निकलेगी रथयात्रा
कुर्मी क्षत्रिय समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम भगत पटेल एवं पन्ना जिलाध्यक्ष रंजोर सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना में सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता-समरसता रथयात्रा के स्वागत की भव्य तैयारियां की गई हैं। नगर के प्रमुख चौराहों पर पुष्प वर्षा, फूल-मालाओं और आतिशबाजी से जोरदार स्वागत किया जाएगा। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं तथा फ्लैक्स और बैनर भी लगाए गए हैं। सोमवार को दोपहर 12 बजे रथ यात्रा के पन्ना नगर में प्रवेश करने पर सतना नाका तिराहा पर सत्यम पैलेस के सामने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया जाएगा। तदुपरांत रथ यात्रा डायमंड चौक, बीटीआई तिराहा, कोतवाली चौराहा, छत्रसाल पार्क, बलदेव मंदिर चौक, बड़ा बाजार, अजयगढ़ चौराहा, गांधी चौक और बाबा बादशाह साईं चौराहा से होते हुए होटल मोहन राज विलास पहुंचेगी, जहां विशाल मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में सर्व समाज के अध्यक्षों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। मंचीय कार्यक्रम में खेल, कला, साहित्य, विज्ञान और शौर्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
सर्व समाज से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
कुर्मी क्षत्रिय समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम भगत पटेल।
उल्लेखनीय है कि सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता एवं समरसता रथ यात्रा के महारथी गुजरात के सर्वश्री मनु भाई पटेल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुर्मी पाटीदार महासभा, अनिता बेन पटेल महिला उपाध्यक्ष, जीबी पटेल महामंत्री गुजरात, राम भाई पटेल सचिव गुजरात, ए.के.पटेल एवं आशीष पटेल के संयुक्त संयोजकत्व में संचालन किया जा रहा है। कुर्मी क्षत्रिय समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम भगत पटेल, पन्ना जिलाध्यक्ष रंजोर सिंह पटेल सहित सभी आयोजकों ने पन्ना जिलेवासियों, युवाओं, मातृशक्ति एवं विद्यार्थियों से रथ यात्रा और मंचीय कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सरदार पटेल के जीवन, विचारों और योगदान को जानने-समझने की अपील की है। आम जनमानस रथयात्रा में शामिल होकर नगर भ्रमण के दौरान भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से जुड़ी हुई स्मृतियों का अवलोकन कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकते हैं। आयोजकों ने आमजन से आव्हान किया है कि वे इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल होकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और समरसता को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र वितरित कर विद्यालय में प्रवेश के लिए किया प्रेरित

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पन्ना शहरी परियोजना के आंगनवाड़ी केन्द्र 36 व 57 का विद्यारंभ प्रमाण-पत्र वितरण और प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद एवं भाजपा नेत्री श्रीमती संगीता राय ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

*      पन्ना शहरी परियोजना के आंगनवाड़ी केन्द्र 36 व 57 का संयुक्त कार्यक्रम आयोजित

पन्ना।(www.radarnews.in) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को पहली बार पन्ना जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत 5 से 6 वर्ष के सभी बच्चों को प्राथमिक शाला में सहज रूप से स्थानांतरण करने व आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से विद्यारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अवधेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में मंगलवार 24 मार्च को पन्ना शहरी परियोजना परियोजना अंतर्गत बल्देव वार्ड क्रमांक-15 के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 36 व 57 का विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण एवं प्रवेश उत्सव समारोह का संयुक्त रूप से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद एवं भाजपा जिला मंत्री श्रीमती संगीता राय ने इस अवसर पर दोनों केन्द्रों के लगभग दर्जन भर से अधिक शाला प्रवेशी बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्रों का वितरण किया। साथ ही उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। ये सभी बच्चे आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्राथमिक शालाओं में प्रवेश कर रहे हैं। आंगनवाड़ी में संयुक्त रूप से आयोजित विद्यारंभ एवं प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना पन्ना की परियोजना अधिकारी श्रीमती किरण खरे, सेक्टर पर्यवेक्षक अंजली गुप्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहनाज बेगम, सितारा बेगम आंगनबाड़ी सहायिका सुधा शिवहरे, जूही खातून सहित स्कूल शिक्षक एवं बच्चों के अभिभावकगण भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाडी केंद्र में बाल चौपाल का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहनाज बेगम और सितारा बेगम ने बताया कि जिन बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित किए उन्हें स्कूल शिक्षा में प्रवेश के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताकर अपने नौनिहालों के भविष्य को संवारने में किसी तरह की लापरवाही न कर अनिवार्य रूप से विद्यालय में प्रवेश दिलाने के संबंध में जागरूक किया। बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने में अभिभावकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया।
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अटल भूजल योजना में भ्रष्टाचार: गुणवत्ताहीन निर्माण की भेंट चढ़े लाखों के तालाब, जमीन पर सूखे गड्ढे!

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वन परिक्षेत्र अजयगढ़ अंतर्गत बीट देवरा भापतपुर में अटल भूजल योजना से नवनिर्मित तालाब पूरी तरह सूख गया। (11 फरवरी 2026 का फोटो।

*      उत्तर वन मण्डल पन्ना के अजयगढ़ एवं धरमपुर परिक्षेत्र का मामला

  घटिया निर्माण छुपाने मरम्मत की लीपापोती, फंसने के डर में भुगतान से पहले अफसरों की चाल

  मशीनों से कराया निर्माण, मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान की तैयारी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी अटल भूजल योजना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। उत्तर वन मण्डल अंतर्गत अजयगढ़ और धरमपुर वन परिक्षेत्र में लाखों रुपए की लागत से बनाए गए लगभग दो दर्जन नवीन तालाब आज अपनी बदहाली से खुद ही “घटिया निर्माण” की कहानी बयां कर रहे हैं। हालात यह हैं कि जिन तालाबों का उद्देश्य जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारना था, वे गर्मी शुरू होते ही सूखे मैदान में तब्दील हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 70 फीसदी तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं। गर्मी के मौसम में जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब इनमें एक बूंद पानी तक नहीं होना करोड़ों की योजना की उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों और वन्यप्राणियों की प्यास बुझाने के लिए बनाए गए ये तालाब अब सिर्फ कागजी उपलब्धि बनकर रह गए हैं।

मशीनों से काम कराया, मजदूरों के नाम प्रमाणक बनाए

वन परिक्षेत्र अजयगढ़ अंतर्गत बीट धवारी में अटल भूजल योजना से नवनिर्मित तालाब लगभग सूख गया सिर्फ छोटे से गड्ढे में थोड़ा सा पानी बचा। (11 फरवरी 2026 का फोटो)
सूत्रों के मुताबिक, अटल भूजल तालाब निर्माण का लगभग शत-प्रतिशत कार्य ठेके पर मशीनों से कराया गया, लेकिन कागजों में मजदूरों के नाम पर फर्जी बिल-बाउचर तैयार किए गए। स्वीकृत राशि का बड़ा हिस्सा निर्माण पर खर्च ही नहीं किया गया, जिससे तालाबों की गुणवत्ता बेहद खराब रही। वनरक्षक से लेकर तत्कालीन डीएफओ तक की मिलीभगत के आरोप चर्चा में हैं। इनकी गुणवत्ता का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि 3 तालाब कुछ माह पूर्व पहली ही बारिश में फूट गए। उस समय तत्कालीन डीएफओ गर्वित गंगवार ने इन्हें “निर्माणाधीन” बताकर मामला दबाने की कोशिश की, जबकि हकीकत में काम पूरा हो चुका था और भुगतान के लिए प्रमाणक भेजे जा चुके थे। हर तालाब पर 14 लाख से 25 लाख रुपए तक खर्च दिखाया गया, लेकिन धरातल पर इनका निर्माण ठेके पर महज 5 से 8 लाख में कराया गया। अधिकांश जलाशय जनवरी महीने में ही सूख गए। गुणवत्ताहीन निर्माण, तकनीकी खामियां, गलत स्थल चयन और भारी लीकेज-सीपेज के कारण पानी ठहर ही नहीं पाया।

भुगतान से पहले मरम्मत की लीपापोती

वन परिक्षेत्र अजयगढ़ अंतर्गत बीट देवरा भापतपुर में रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए मिट्टी की अवैध खुदाई से बने गड्ढे पर अटल भूजल योजना के तालाब का निर्माण कराया गया। (11 फरवरी 2026 का फोटो।)
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि तालाब इतने घटिया बने हैं कि उनका भुगतान करने से पहले ही विभाग को फंसने का डर सताने लगा है। इसी डर के चलते महीने भर से नव निर्मित तालाबों की मरम्मत के नाम पर लीपापोती कराई जा रही है, ताकि ऊपर से देखने पर काम ठीक-ठाक नजर आए और भुगतान में कोई बाधा न हो। उत्तर वन मण्डल कार्यालय में पिछले चार माह से करोड़ों रुपए के प्रमाणक लंबित हैं। अब चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने से पहले यानी अगले चार दिनों में इनका भुगतान करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

जांच टीम बनी, लेकिन मंशा पर सवाल

वन परिक्षेत्र अजयगढ़ अंतर्गत बीट देवरा भापतपुर में रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए मिट्टी की अवैध खुदाई से बने गड्ढे पर निर्मित अटल भूजल तालाब की हाल ही में मरम्मत कराई गई। (10 मार्च 2026 का फोटो।)
अत्यंत ही घटिया निर्माण का मुद्दा गर्माने पर डीएफओ धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने संयुक्त जांच टीम गठित की है, जिसमें उप वनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज अंशुल तिवारी (IFS) के साथ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम निरीक्षण भी कर चुकी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जांच निष्पक्ष होगी या सिर्फ लाखों के भुगतान को “सुरक्षित” बनाने का जरिया है? सूत्र बताते हैं कि कुछ लोगों द्वारा आरटीआई के जरिए जानकारी निकाली गई और स्थानीय स्तर पर अटल भूजल तालाबों की शिकायतें भी हुईं। यही कारण है कि अधिकारियों ने बैचेनी और डर के चलते सीधे भुगतान करने के बजाय पहले कागजी सुरक्षा कवच तैयार किया, ताकि भविष्य में कार्रवाई से बचा जा सके।
वन परिक्षेत्र धरमपुर की बीट मैहावा में अटल भूजल योजना के तहत निर्मित तालाब के सूखने के कारण बेजुबान वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकने को हैं मजबूर। (21 फरवरी 2026 का फोटो)
जैसी कि संभावना है, भुगतान के बाद उच्च स्तरीय शिकायत हो सकती है। उस स्थित में अपनी गर्दन सुरक्षित रखने के लिए ही वन विभाग के अफसरों ने संयुक्त जांच टीम गठित करने की तरकीब निकाली है। ताकि सवाल उठने पर इसे ढाल के रूप में उपयोग कर बताया जा सके कि, तकनीकी विशेषज्ञों वाली टीम की रिपोर्ट के आधार पर तालाब निर्माण कार्यों के प्रमाणकों का भुगतान किया गया।

योजना का उद्देश्य ध्वस्त, जवाबदेही तय होना बाकी

उत्तर वन मण्डल कार्यालय पन्ना। (फाइल फोटो)
अटल भूजल योजना (अटल जल) का मकसद जहां भूजल स्तर में सुधार लाना, जल संरक्षण और जल सुरक्षा सुनिश्चित कर राहत देना था, वहीं पन्ना में यह योजना भ्रष्टाचार की मिसाल बनती दिख रही है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद जमीन पर परिणाम शून्य हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के नाम पर चल रही कवायद सच उजागर करती है या फिर संयुक्त जांच लंबित प्रमाणकों का भुगतान सुनिश्चित करने का माध्यम बनकर रह जाएगी। और यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

इनका कहना है-

अटल भूजल तालाबों की जांच के लिए गठित दल में एसडीओ (फॉरेस्ट) विश्रामगंज के अलावा दो विभागों के तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। जांच के दौरान तालाबों की मरम्मत कराए जाने का मुझे पता नहीं है। दरअसल, इनका बजट आ चुका है, इस बीच शिकवा-शिकायतों के चलते भुगतान से पूर्व जांच कराना उचित समझा। तालाबों के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

धीरेन्द्र प्रताप सिंह, डीएफओ, उत्तर सामान्य वन मण्डल, पन्ना।

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रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए खोदा गड्ढा बना ‘काल’, तालाब में डूबकर दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत

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तालाब में बने गड्ढे में डूबने से मृत बच्चियों के शव के पास बैठी नानी को रोते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

*    नहाते समय हुआ हादसा, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

*    मिट्टी खनन के बाद खुले छोड़े गए विशालकाय गड्ढे बने जानलेवा

*    ‘विकास’ के नाम पर 3 तहसीलों में वृहद स्तर पर चल रहा मिट्टी का अवैध खनन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनहरा गांव में आज एक हृदय विदारक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। ननिहाल आई दो मासूम सगी बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह तालाब रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के लिए मिट्टी निकालने के दौरान ठेकेदार द्वारा खोदा गया था, जो अब मौत का गड्ढा बन चुका है। मृत बच्चियों की पहचान 8 वर्षीय रागिनी और 6 वर्षीय आशिकी के रूप में हुई है, जो अमानगंज क्षेत्र के रामपुर गांव से अपनी नानी के घर आई थीं। दुखद हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्दनाक हादसे में दोनों नातिनों की मौत होने की जानकारी नाना काली आदिवासी ने पत्रकारों को दी।
प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार 25 मार्च दोपहर के समय सुनहरा में रागिनी और आशिकी आदिवासी गांव के तालाब में के लिए नहाने गई थीं। वहां अन्य बच्चियों के साथ नहाते समय खेल-खेल में अचानक छोटी बहन आशिकी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। उसको बचाने के लिए बड़ी बहन रागिनी ने भी बिना कुछ सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों ही गहराई में समा गईं। काली आदिवासी ने बताया काफी देर तक दोनों नातिनें जब वापस घर नहीं लौटीं तो उसने अपने पुत्र यानी बच्चियों के मामा को तालाब भेजा। करीब घंटे भर तक चली खोजबीन के बाद दोनों बच्चियां तालाब के गड्ढे में अचेत स्थिति में मिलीं। आसपास मौजूद लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता कृष्णे आदिवासी सहित पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि यह हृदयविदारक घटना न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गई, बल्कि क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर गई है। ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत आने वाले सतना-खजुराहो रेल खंड का निर्माण प्रगति पर है। इस खण्ड पर वर्तमान में पन्ना जिले में रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसके लिए ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है।

अवैध मिट्टी खनन पर जिम्मेदार खामोश

पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत डुंगरहो ग्राम के समीप रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार ने अपने कैम्प के पीछे सड़क किनारे ही अवैध खनन कर डाला।
पन्ना जिले की देवेन्द्रनगर, पन्ना और अजयगढ़ तहसील क्षेत्र में रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए ठेकेदारों द्वारा जगह-जगह अवैध रूप से मिट्टी खनन किया जा रहा है। कई स्थानों पर तालाब गहरीकरण की आड़ में ज्यादा से ज्यादा मिट्टी हांसिल करने के लिए जमीन को खतरनाक गहराई तक खोद दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। खुलेआम संगठित तरीके से चल रहे इस अवैध खनन से शासन को न सिर्फ करोड़ों रुपए की क्षति पहुंच रही है बल्कि मिट्टी की लूट से बने गहरे और विशालकाय गड्ढे आम लोगों, खासकर छोटे बच्चों और बेजुबान जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल रेलवे ठेकेदारों और राजस्व व खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है। परिणामस्वरूप तीनों तहसील क्षेत्रों में वैधानिक स्वीकृति के बगैर अब तक लाखों घनमीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन खतरनाक गड्ढों के लिए जिम्मेदार कौन है? क्यों अब तक किसी भी स्तर पर सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए? और क्या हर बार किसी मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विकास कार्यों की आड़ में हो रही लापरवाही आखिर कब तक आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेगी।

इनका कहना है-

“तालाब में खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत के मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। घटनास्थल से रेलवे ट्रैक निर्माण हेतु मिट्टी की खुदाई और फिर गड्ढे को असुरक्षित छोड़ने के पहलू की भी पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
रोहित मिश्रा, टीआई, कोतवाली थाना पन्ना।
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शराब तस्करी मामले में फरार कांग्रेस से निष्कासित नेता अजयपाल गिरफ्तार, भेजा गया जेल

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*   पुलिस का दावा: महंगे शौक और पैसों के लालच में किया अवैध शराब परिवहन

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी एवं पूर्व कांग्रेस नेता अजयपाल लोधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार शराब तस्करी के मामले में अजयपाल मुख्य आरोपी है। सिमरिया थाना में उसके और अन्य के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 8 मार्च 2026 को मोहन्द्रा क्षेत्र के ग्राम रीछी के पास एक बलेनो कार एमपी 35-ZA-5906 से 8 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी। इस दौरान वाहन को भी जब्त किया गया था और मामले में आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना के बाद से कार का मालिक मुख्य आरोपी अजयपाल लोधी पुत्र हरवंश लोधी 36 वर्ष निवासी ग्राम बड़खेरा थाना सिमरिया फरार चल रहा था।
पुलिस ने बताया कि लगातार तलाश और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी अजयपाल को सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है, पूछताछ के दौरान आरोपी ने ऐशो-आराम भरी जिंदगी जीने की चाहत और पैसों के लालच में शराब तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपी की गिरफ्तारी में मोहन्द्रा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दीपक भदौरिया के नेतृत्व वाली पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि अजयपाल लोधी के विरुद्ध आबकारी एक्ट का मामला पंजीबद्ध होने की खबर आने के बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सिमरिया मुकेश चौरसिया ने उसे पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था।
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ऐतिहासिक पल: पन्ना की उम्मीदें पटरी पर, नागौद से फुलवारी तक पहली बार दौड़ी ट्रेन

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*    सीआरएस की मौजूदगी में 15 किमी ट्रैक पर सफल ट्रायल रन

*    फुलवारी स्टेशन पर पहली बार ट्रेन पहुंचने पर जिले में उत्साह की लहर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के लिए बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक क्षण मंगलवार को साकार हो गया, जब सतना-पन्ना सेक्शन में नागौद से फुलवारी (देवेंद्रनगर) के बीच तैयार रेल ट्रैक पर पहली बार ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया। जैसे ही ट्रेन फुलवारी रेलवे स्टेशन पहुंची, पूरा क्षेत्र उत्साह और गर्व से भर उठा। ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों ने इस पल का स्वागत तालियों-खुशियों के साथ किया। फुलवारी स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने का यह दृश्य पन्ना जिले के इतिहास में एक सुनहरा और यादगार पल बन गया। यह केवल ट्रेन का आगमन नहीं, बल्कि पन्ना के विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।

15 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर हुआ ट्रायल रन

जानकारी के अनुसार, नागौद से फुलवारी के बीच करीब 15 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर यह ट्रायल रन किया गया। इस दौरान कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) गुरु प्रकाश ने पमरे मंडल जबलपुर के अधिकारियों के साथ ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया। विशेष ट्रेन के माध्यम से अधिकारियों ने ट्रैक की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। ट्रायल रन के मौके पर पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एएमएस हाशमी, डीआरएम केके तलरेजा, चीफ इंजीनियर जेएस मीणा, प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

ट्रैक व सुरक्षा का निरीक्षण

मंगलवार 24 मार्च 2026 की सुबह सतना से विशेष ट्रेन के जरिए अधिकारियों का दल नागौद पहुंचा, जहां से सुबह करीब 9 बजे ट्रायल रन की शुरुआत की गई। निरीक्षण के दौरान रेल पटरियों, पुल-पुलियों, सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन व्यवस्थाओं को परखा गया। नागौद स्टेशन पर अधिकारियों ने संकेत दिए कि निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस रेल खंड पर जल्द ही नियमित ट्रेन संचालन शुरू किया जा सकता है। सीआरएस गुरु प्रकाश की देखरेख में हुए ट्रायल रन के तहत नागौद से फुलवारी तक 15 किलोमीटर के नवनिर्मित ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार डीजल इंजन से संचालित ट्रेन दौड़ाई गई। ट्रायल रन तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह सफल रहा। फुलवारी रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची, वहां मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पहुंचे। कई लोगों ने इसे “पीढ़ियों के इंतजार का अंत” बताया। इस ऐतिहासिक पल को कई लोगों ने अपने कैमरों में कैद किया।

अगले वर्ष पन्ना तक ट्रैक तैयार होने की संभावना

उल्लेखनीय है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत सतना-पन्ना रेल खण्ड के बीच नागौद-फुलवारी आता है। सतना-पन्ना रेल खण्ड की कुल लंबाई लगभग 75 किलोमीटर है। अब तक 45 किलोमीटर ट्रैक पूरी तरह से तैयार हो चुका है। फुलवारी से देवेन्द्रनगर तक 7 किलोमीटर ट्रैक अंतिम चरण में है और इसे अप्रैल माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पन्ना तक शेष 23 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को मार्च 2027 तक पूरा करने का टारगेट है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद पन्ना जिले को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आवागमन, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सुविधा शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खजुराहो जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के नजदीक होने के कारण हीरों की नगरी पन्ना में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नागौद से फुलवारी तक ट्रेन का यह सफल ट्रायल रन पन्ना जिले के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। यह केवल रेल का संचालन नहीं, बल्कि पन्ना के उज्जवल भविष्य, नई संभावनाओं और विकास की पटरी पर दौड़ते सपनों की शुरुआत है।
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विधानसभा-लोकसभा प्रत्याशी चयन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की होगी अहम भूमिका: हरीश चौधरी

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मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी एवं सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव ने रविवार 22 मार्च 2026 को पन्ना में पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

*      पन्ना दौरे पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर

*      आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित, पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण

*      जिला समन्वय समिति की बैठक में कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी एवं राजस्थान के विधायक हरीश चौधरी ने रविवार को अपने पन्ना प्रवास के दौरान संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की केंद्रीय भूमिका को लेकर स्पष्ट और प्रभावी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकजुट होकर निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करें, तो दुनिया की कोई ताकत पार्टी को पराजित नहीं कर सकती। श्री चौधरी ने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय बदल रहा है और कांग्रेस संगठन भी अपनी कार्यशैली में परिवर्तन कर रहा है। प्रत्याशी चयन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जमीनी हकीकत के आधार पर मजबूत नेतृत्व सामने आ सके। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े पदाधिकारी तक सभी को समान सम्मान मिलता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर

सर्किट हाउस पन्ना में आयोजित  में हरीश चौधरी ने पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी सदस्यों के सुझाव गंभीरता से सुने और संगठन को अधिक सशक्त, सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने यह भी संकेत दिए कि पार्टी में पुरानी परंपराओं को समाप्त कर नई कार्यप्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है और इसके लिए गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। हर कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी से ही एक मजबूत संगठन का निर्माण संभव है। बैठक को जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीस खान ने भी संबोधित किया। उन्होंने नेतृत्व के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए एकजुटता और निष्ठा के साथ जिले में कांग्रेस पार्टी को गांव -गांव तक अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जिला प्रभारी राजभान सिंह ने अपने उद्बोधन में आपसी समन्वय, एकजुटता के साथ विपक्ष की प्रभावी भूमिका अदा करने की बात कही।

गर्मजोशी के साथ किया स्वागत

पन्ना आगमन पर मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी व सह प्रभारी सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव का जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में आंबेडकर चौक पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों की गूंज, गगनभेदी नारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अपार उत्साह ने ऐसा माहौल बनाया कि कुछ देर के लिए पूरा वातावरण ही कांग्रेसमय हो गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात जिला कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश प्रभारी का यह दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और विश्वास भी भर गया। उनके स्पष्ट संदेश ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और अधिक निर्णायक होने जा रही है।

इनकी रही उपस्थिति

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायकद्वय श्रीकांत दुबे, महेन्द्र बागरी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सर्वश्री भास्कर देव बुंदेला, शिवजीत सिंह भैया राजा, श्रीमती दिव्या रानी सिंह, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी श्रीमती कविता राजे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती मीना यादव, भरत मिलन पाण्डेय, जीवनलाल सिद्धार्थ, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र दीक्षित, रामलाल आदिवासी सहित जिले के समस्त ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, समस्त नगर कांग्रेस अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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“भाजपा शोषण की राजनीति करती है, कांग्रेस सेवा की”- अजय सिंह राहुल

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मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पन्ना में पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकरियों को संबोधित किया।

*    बुंदेलखंड दौरे पर पन्ना पहुंचे पूर्व नेता प्रतिपक्ष, कार्यकर्ताओं में भरा जोश

*    सत्तारूढ़ बीजेपी के कुशासन, नाकामियों और भेदभावपूर्ण नीतियों पर बोला हमला

  वीरांगना अवंती बाई लोधी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अर्जुन सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल भैया ने अपने बुंदेलखंड दौरे के दौरान शुक्रवार को पन्ना पहुंचकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय सिंह राहुल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा शोषण की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस हमेशा सेवा की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सेवा भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से बुंदेलखंड के दौरे पर हैं और इस यात्रा का उद्देश्य पार्टी के उन पुराने कार्यकर्ताओं से मिलना है, जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से संगठन को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान और संवाद जरूरी है।

भाजपा के कुशासन के खिलाफ संघर्ष का आव्हान

बुंदेलखंड की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े नेता कांग्रेस नेताओं को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थकों को कम आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को अधिक लाभ मिलता है। अजय सिंह राहुल ने संगठन में एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि टिकट किसी को भी मिले, लेकिन लक्ष्य पार्टी की जीत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मजबूत नहीं होगी, तो व्यक्तिगत जीत का कोई महत्व नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक भाजपा सरकार को 25 साल पूरे हो जाएंगे और नई पीढ़ी कांग्रेस के शासन को भूलती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि कांग्रेस कार्यकर्ता मजबूती के साथ जनता के बीच जाकर भाजपा के कुशासन के खिलाफ संघर्ष करें।

जिला अध्यक्ष ने किया स्वागत

मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज अपने पन्ना जिले के भ्रमण के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीश खान ने अजय सिंह राहुल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सदन और सड़क दोनों जगह दलित, शोषित और कमजोर वर्ग की आवाज उठाई है। उनके पन्ना आगमन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। मौसम खराब होने के बाद भी पन्ना में बड़ी संख्या पार्टी कार्यकर्ताओं का जुटना इस बात का प्रमाण है। श्री खान ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा, आगामी चुनाव में हमसब मिलकर पूरी एकजुटता के साथ जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को प्रचंड बहुमत से जिताने का काम करेंगे। इसके पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश यादव अजयगढ़, रामबहोरी लोधी धरमपुर, रमा बुंदेला पन्ना, मिलन कुशवाहा देवेन्द्रनगर, अरुण गौतम गुनौर, सौरभ दुबे अमानगंज, सुरेन्द्र नामदेव पवई, छविलाल चौधरी शाहनगर, मुकेश चौरसिया सिमरिया, प्रेम सिंह परस्ते रैपुरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेसियों के निवास पर पहुंचकर की मुलाकात

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज पन्ना में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पार्टी नेताओं के घर पहुंचकर उनसे एवं परिवारजनों से भेंट की। इस दौरान श्री सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता महेंद्र दीक्षित, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाजीत सिंह भैया राजा, वरिष्ठ नेता राजेश तिवारी, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, पूर्व सदर मरहूम जनाब जमील मोहम्मद जल्ला भाई, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा, मार्तंड देव बुंदेला, पार्षद रेहान मोहम्मद, रामदास जाटव, पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्या रानी सिंह के निज निवास पहुंचे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मैस्कॉट हॉस्पिटल पहुंचकर डॉ. केपी सिंह राजपूत से सौजन्य भेंट की। वहीं उन्होंने युवा नेता अंकित शर्मा की माता जी व स्वर्गीय पंडित दिनेश गंगेले के निधन होने पर उनके निवास पर पहुंचकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की।
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“सुनहरी रेत का काला कारोबार: नदियां उजड़ रहीं, गरीबों की रोजी छिन रही… और सिस्टम मौन!”

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पन्ना जिले में केन नदी पर बीरा ग्राम समीप स्थित अजयगढ़-चंदला पुल के नीचे नदी की जलधारा को बाधित करके खुलेआम प्रतिबंधित मशीनों से पानी के अंदर से निकलवाते खनन माफिया।

*    जल गंगा अभियान आगाज़ के बीच पन्ना की नदियों में विनाशलीला जारी

*    रेत माफिया के कहर से केन, बाघिन और रुंज नदी का अस्तित्व संकट में

  अवैध खनन पर रोक लगाने सरपंच और महिला कृषक ने राजस्व अधिकारियों से लगाई गुहार

शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला की अजयगढ़ तहसील एक बार फिर अवैध रेत खनन के गंभीर संकट को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में ग्राम पंचायत कटर्रा की सरपंच श्रीमती कमला यादव और एक पीड़ित महिला द्वारा दिए गए दो अलग-अलग आवेदन पत्रों ने न केवल स्थानीय स्तर पर मचे हाहाकार को उजागर किया है, बल्कि शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटर्रा की सरपंच ने रेत माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने खिलाफ एसडीएम से की लिखित शिकायत।
सरपंच कमला यादव द्वारा दिए गए आवेदन में ग्राम कटर्रा के मजरा केवटपुर से गुजरने वाली बाघिन नदी का जिक्र है, जो वर्षों से गरीब केवट समाज के परिवारों की जीवनरेखा रही है। नदी किनारे सब्जी की खेती कर ये परिवार अपना भरण-पोषण करते हैं। लेकिन अब यही जीवनरेखा, अवैध रेत उत्खनन के कारण विनाश के कगार पर पहुंच गई है। आवेदन में स्पष्ट आरोप है कि बालू माफिया दिन-रात मशीनों से नदी का सीना चीर रहे हैं और ग्रामीणों के सब्जी बाग उखाड़कर फेंक रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों तक को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। सरपंच ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह विवाद कभी भी हिंसक रूप ले सकता है।

विधवा महिला के खेत को किया खोखला

रेत माफियाओं द्वारा बाघिन नदी में मशीनों से खनन करके खेत को क्षति पहुंचाने से प्रभावित बेवा केशर बाई केवट ने नायब तहसीलदार अजयगढ़ को आवेदन पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
इसी मामले से जुड़ा एक अन्य आवेदन गरीब विधवा महिला केशर बाई पत्नी स्व. राजू केवट निवासी ग्राम कटर्रा द्वारा कुछ दिन पूर्व अजयगढ़ के नायब तहसीलदार को दिया गया है। इसमें रेत माफियाओं (अवैध उत्खनकर्ता) के रूप में सूरज पटेल, निवासी गढ़ा बागेश्वर धाम, जिला छतरपुर तथा नरेश पटेल निवासी अजयगढ़, जिला पन्ना (म.प्र.) का उल्लेख किया गया है। अनियंत्रित रेत खनन से प्रभावित बेवा महिला आरोप है कि उक्त अनावेदकों द्वारा उसकी जमीन (खेत) के पास 10–15 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं, जिससे खेत धंसने लगे हैं और खेती पूरी तरह चौपट होने की कगार पर है। महिला ने यह भी बताया कि शिकायत करने पर उसे डराया-धमकाया जाता है और खुलेआम कहा जाता है कि “जहां शिकायत करनी है कर लो, खनन बंद नहीं होगा।” अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत केवल बाघिन ही नहीं, बल्कि केन नदी और रूंज नदी में भी वर्षों से बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से रेत का अवैध खनन जारी है। क्षेत्र में आमचर्चा है कि इस पूरे खेल में सत्ताधारी दल भाजपा के जनप्रतिनिधियों, राजस्व, खनिज विभाग और पुलिस अधिकारियों तक की मिलीभगत है, जिससे माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।

जल संरक्षण बनाम रेत माफिया: दोहरी नीति?

विडंबना यह है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाकर जल स्रोतों के संरक्षण की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हीं जल स्रोतों-नदियों को अवैध खनन से खत्म होने दिया जा रहा है। यह सवाल अब आम जनता के बीच गूंज रहा है कि आखिर जल संरक्षण के नाम पर अभियान और जमीनी स्तर पर नदियों का विनाश-दोनों साथ कैसे चल रहे हैं? आवेदनों में यह भी उल्लेख है कि माफिया प्रतिबंधित मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, नदी के भीतर तक खुदाई कर रहे हैं और पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। इसका असर सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं है-भूजल स्तर गिर रहा है, खेती बर्बाद हो रही है और ग्रामीणों की आजीविका छिन रही है।

प्रशासन कटघरे में

अजयगढ़ में स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कार्यालय। (फाइल फोटो)
दोनों आवेदनों में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने वर्षों से चल रहे इस खुले खेल पर अब तक प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है? क्या यह महज लापरवाही है या फिर संरक्षण का संगठित खेल? लोगों का मानना है, वृहद पैमाने पर करीब एक दशक से खुलेआम जारी रेत की लूट शासन-प्रशासन के संरक्षण के बगैर संभव ही नहीं है। खनन माफिया नदियों को तबाह-बर्बाद करने के साथ नदी किनारे स्थित निजी भूमियों (खेतों) तथा शासकीय भूमि पर बिना किसी लीज स्वीकृति के गहरी खदानें खोदकर रेत निकाल रहा है। बीरा, भानपुर, जिगनी एवं रामनई ग्राम में धड़ल्ले से निजी एवं शासकीय भूमि पर संचालित करीब दजर्न भर अवैध रेत खदानों से प्रतिदिन सैंकड़ों घनमीटर रेत निकाली जा रही है। पन्ना में रेत का यह काला कारोबार अब सिर्फ अवैध खनन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्यावरण विनाश, गरीबों की आजीविका छिनने और कानून-व्यवस्था के चरमराने का गंभीर मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इन आवेदनों को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर “रेत का यह खेल” यूं ही चलता रहेगा।
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