* नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं
* शिक्षकों को सरल एवं रोचक तरीके से शिक्षा देने के निर्देश
पन्ना।(www.radarnews.in) शासन के निर्देशानुसार आयोजित चार दिवसीय प्रवेशोत्सव एवं स्कूल चलें हम अभियान के अंतर्गत शनिवार 4 अप्रैल को जिले के शासकीय विद्यालयों में “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ऊषा परमार ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी के साथ विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों को पढ़ाई का महत्व बताया और प्रेरणास्पद बातों का जिक्र भी किया।
मनकी एवं बिलखुरा की शाला का किया निरीक्षण

अधिकारीद्वय द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला मनकी एवं प्राथमिक शाला बिलखुरा पहुंचकर विद्यालय के शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने एवं नियमित रूप से समय पर स्कूल खोलने व संचालन के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं जिपं सीईओ ने बच्चों के साथ सामूहिक मध्यान्ह भोजन भी किया और बच्चों को बिस्किट वितरित किए। स्कूली विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ पढ़ाई से संबंधित जानकारी साझा की तथा गिनती, पहाड़ा, कहानी और कविताएं भी सुनाईं। इस दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। बच्चों से शिक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त कर एवं शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रदान कर सभी विद्यार्थियों से इसका लाभ उठाने के लिए कहा गया।
अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील

भविष्य से भेंट कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने पर जोर दिया गया तथा अभिभावकों से भी अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने एवं पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की गई। स्कूल के शिक्षकों द्वारा भी शाला में नामांकन सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में अवगत कराया गया। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि सरल एवं रोचक तरीके से बच्चों को शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनकी पढ़ाई में रूचि बढ़े। निरीक्षण के दौरान शाला में नामांकित विद्यार्थियों के जन्म एवं जाति प्रमाण पत्र सहित आधार व अपार आईडी विषयक एवं गत कक्षा के परीक्षा परिणाम व परिवार के सदस्यों संबंधी सामान्य जानकारी भी ली गई। जिला कलेक्टर ने ग्राम के आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
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जानकारी के अनुसार, नागौद से फुलवारी के बीच करीब 15 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर यह ट्रायल रन किया गया। इस दौरान कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) गुरु प्रकाश ने पमरे मंडल जबलपुर के अधिकारियों के साथ ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया। विशेष ट्रेन के माध्यम से अधिकारियों ने ट्रैक की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। ट्रायल रन के मौके पर पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एएमएस हाशमी, डीआरएम केके तलरेजा, चीफ इंजीनियर जेएस मीणा, प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत सतना-पन्ना रेल खण्ड के बीच नागौद-फुलवारी आता है। सतना-पन्ना रेल खण्ड की कुल लंबाई लगभग 75 किलोमीटर है। अब तक 45 किलोमीटर ट्रैक पूरी तरह से तैयार हो चुका है। फुलवारी से देवेन्द्रनगर तक 7 किलोमीटर ट्रैक अंतिम चरण में है और इसे अप्रैल माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पन्ना तक शेष 23 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को मार्च 2027 तक पूरा करने का टारगेट है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद पन्ना जिले को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आवागमन, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सुविधा शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खजुराहो जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के नजदीक होने के कारण हीरों की नगरी पन्ना में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नागौद से फुलवारी तक ट्रेन का यह सफल ट्रायल रन पन्ना जिले के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। यह केवल रेल का संचालन नहीं, बल्कि पन्ना के उज्जवल भविष्य, नई संभावनाओं और विकास की पटरी पर दौड़ते सपनों की शुरुआत है।
सर्किट हाउस पन्ना में आयोजित में हरीश चौधरी ने पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी सदस्यों के सुझाव गंभीरता से सुने और संगठन को अधिक सशक्त, सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने यह भी संकेत दिए कि पार्टी में पुरानी परंपराओं को समाप्त कर नई कार्यप्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है और इसके लिए गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। हर कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी से ही एक मजबूत संगठन का निर्माण संभव है।
बैठक को जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीस खान ने भी संबोधित किया। उन्होंने नेतृत्व के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए एकजुटता और निष्ठा के साथ जिले में कांग्रेस पार्टी को गांव -गांव तक अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जिला प्रभारी राजभान सिंह ने अपने उद्बोधन में आपसी समन्वय, एकजुटता के साथ विपक्ष की प्रभावी भूमिका अदा करने की बात कही।
पन्ना आगमन पर मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी व सह प्रभारी सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव का जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में आंबेडकर चौक पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों की गूंज, गगनभेदी नारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अपार उत्साह ने ऐसा माहौल बनाया कि कुछ देर के लिए पूरा वातावरण ही कांग्रेसमय हो गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात जिला कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश प्रभारी का यह दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और विश्वास भी भर गया। उनके स्पष्ट संदेश ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और अधिक निर्णायक होने जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायकद्वय श्रीकांत दुबे, महेन्द्र बागरी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सर्वश्री भास्कर देव बुंदेला, शिवजीत सिंह भैया राजा, श्रीमती दिव्या रानी सिंह, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी श्रीमती कविता राजे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती मीना यादव, भरत मिलन पाण्डेय, जीवनलाल सिद्धार्थ, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र दीक्षित, रामलाल आदिवासी सहित जिले के समस्त ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, समस्त नगर कांग्रेस अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बुंदेलखंड की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े नेता कांग्रेस नेताओं को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थकों को कम आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को अधिक लाभ मिलता है। अजय सिंह राहुल ने संगठन में एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि टिकट किसी को भी मिले, लेकिन लक्ष्य पार्टी की जीत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मजबूत नहीं होगी, तो व्यक्तिगत जीत का कोई महत्व नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक भाजपा सरकार को 25 साल पूरे हो जाएंगे और नई पीढ़ी कांग्रेस के शासन को भूलती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि कांग्रेस कार्यकर्ता मजबूती के साथ जनता के बीच जाकर भाजपा के कुशासन के खिलाफ संघर्ष करें।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज पन्ना में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पार्टी नेताओं के घर पहुंचकर उनसे एवं परिवारजनों से भेंट की। इस दौरान श्री सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता महेंद्र दीक्षित, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाजीत सिंह भैया राजा, वरिष्ठ नेता राजेश तिवारी, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, पूर्व सदर मरहूम जनाब जमील मोहम्मद जल्ला भाई, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा, मार्तंड देव बुंदेला, पार्षद रेहान मोहम्मद, रामदास जाटव, पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्या रानी सिंह के निज निवास पहुंचे।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मैस्कॉट हॉस्पिटल पहुंचकर डॉ. केपी सिंह राजपूत से सौजन्य भेंट की। वहीं उन्होंने युवा नेता अंकित शर्मा की माता जी व स्वर्गीय पंडित दिनेश गंगेले के निधन होने पर उनके निवास पर पहुंचकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की।


विडंबना यह है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाकर जल स्रोतों के संरक्षण की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हीं जल स्रोतों-नदियों को अवैध खनन से खत्म होने दिया जा रहा है। यह सवाल अब आम जनता के बीच गूंज रहा है कि आखिर जल संरक्षण के नाम पर अभियान और जमीनी स्तर पर नदियों का विनाश-दोनों साथ कैसे चल रहे हैं? आवेदनों में यह भी उल्लेख है कि माफिया प्रतिबंधित मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, नदी के भीतर तक खुदाई कर रहे हैं और पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। इसका असर सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं है-भूजल स्तर गिर रहा है, खेती बर्बाद हो रही है और ग्रामीणों की आजीविका छिन रही है।
