आधुनिक भारत में महिला शिक्षा की अलख जगाने वालीं महिलावादी और शिक्षिका फातिमा शेख की जयंती मनाई

हल्ला बोल प्रदर्शन से कांग्रेस नेता श्रीकांत ने किया शक्ति प्रदर्शन

* विशाल रैली निकालकर राज्यपाल के नाम सौंपा 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
* खनिज मंत्री का नाम लिए बगैर हमला बोलते हुए कहा- “केन नदी की रेत किसके इशारे पर लूट रही है यह सबको पता है “
पन्ना। (www.radarnews.in) जिला मुख्यालय में गुरुवार 12 जनवरी कांग्रेस का विधानसभा स्तरीय हल्ला बोल कार्यक्रम पीसीसी मेम्बर श्रीकान्त पप्पू दीक्षित के संयोजन में आयोजित हुआ। आगामी विधानसभा चुनाव में पन्ना विधानसभा सीट से टिकिट की चाहत रखने वाले श्रीकान्त पप्पू द्वारा हल्ला बोल प्रदर्शन के जरिए अपना शक्ति प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में पन्ना विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों से आये सैंकड़ों लोगों ने स्थानीय राजेन्द्र उद्यान से रैली निकाली तथा कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को सम्बोधित 21 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। आयोजित हल्ला बोल रैली में पन्ना जिला प्रभारी सम्मति सैनी व सह प्रभारी प्रवीण खरे विशेष रूप से मौजूद रहे। कांग्रेस की विशाल हल्ला बोल रैली में जुटे कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्त्ताओं ने जहां एक साथ विधानसभा फतह का संकल्प लिया, वहीं जनसैलाब इस तरह से उमड़ा कि शहर के चप्पे-चप्पे पर कांग्रेसी नेतागण नजर आ रहे थे। दोपहर लगभग साढ़़े 12 बजे राजेन्द्र उद्यान से निकली रैली में जहां आगे-आगे युवा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं की बाईक रैली थी, वहीं सैंकड़ों की संख्या में पैदल मार्च करते हुए इन्द्रपुरी कॉलोनी पहुंचे। जहां कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने रैली को सम्बोधित किया।
पन्ना में बारी ही खेत को खा रही है – पप्पू

श्रीकान्त पप्पू दीक्षित ने जहां पन्ना विधानसभा के गांव-गांव से आये कांग्रेस पदाधिकारियों-कार्यकर्त्ताओं एवं आमजन का स्वागत करते हुए आभार जताया, वहीं अपने उद्बोधन में कैबिनेट मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पन्ना विधानसभा से दो-दो नेता सत्ता व संगठन में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बावजूद पन्ना जिला विकास की बाट जोह रहा है, इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा। श्री दीक्षित ने कहा कि केन नदी से रेत का अवैध उत्खनन जारी है और सभी जानते हैं कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है, इसे रोकने वाला कोई नहीं है। जब खेत को बारी ही खाने लगे तो फिर खेत को कौन बचाये, जैसे हालात नजर आ रहे हैं। रैली का समापन राज्यपाल को सम्बोधित 21 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम पन्ना को सौंपने के साथ ही हुआ।
इनकी रही उपस्थिति
हल्ला बोल रैली में शामिल प्रमुख लोगों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक, पूर्व अध्यक्ष भास्कर देव बुन्देला, विधायक शिवदयाल बागरी, डॉ. घनश्याम शर्मा, रवीन्द्र शुक्ला, वीरेन्द्र द्विवेदी, पवन जैन, शिवजीत सिंह, कार्यवाहक जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीष खान, संजय पटेल, दीपक दास, दीपक तिवारी, ब्लाक अध्यक्ष राकेश गर्ग, शंकर प्रसाद द्विवेदी, अक्षय तिवारी, युवक कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र अवस्थी, शशिकान्त दीक्षित, मुरारी लाल थापक, मनीष मिश्रा, सुखदेव मिश्रा, राजेश तिवारी, कमलेश रावत, राम बहादुर द्विवेदी, डी.के. दुबे, रामगोपाल तिवारी, अनिल सक्सेना, सुभाष जैन, कम्मू गुप्ता, मनोज सेन पार्षद रेहान मोहम्मद, नत्थू सेन, वैभव थापक, रितुराज दीक्षित, सौरभ पटैरिया, रवि तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन के प्रमुख मुद्दे

ज्ञापन में जिन बिन्दुओं को उठाया गया उनमें प्रमुख रूप से बिजली की समस्या, बंगाली समाज की समस्याओं का निराकरण, रूंझ डेम के प्रभावितों को मुआवजा मिले पुलिस में फर्जी आपराधिक प्रकरण में रोक लग, स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल, उथली हीरा खदानें चालू हों, जंगली जानवरों से बचाई जाएं फसलें, वन्य जीवों से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति, राजस्व-वन भूमि विवाद का निराकरण, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं कृषि महाविद्यालय संचालित हों, जुगल किशोर मंदिर कॉरीडोर का निर्माण, पेयजल समस्या का स्थाई समाधान, डायमंड पार्क का निर्माण, लोकपाल सागर से किसानों को मिले सिंचाई का पानी, 132 केवी लाइन के खम्भे अनाधिकृत रूप से लगाये जाने के संबंध में, वन व्यवस्थापन के अंतर्गत दिये गये पट्टों को कम्प्यूटर में कराया जाये दर्ज, मतदाता सूची में बीएलओ द्वारा नाम न जोड़ने के संबंध में, नहरों के निर्माण की मांग, किसानों को सुलभ हो खाद-बीज, जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की जांच हो। रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगे जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हैं।
पन्ना की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 12 जनवरी को हल्ला बोल प्रदर्शन
* लंबे समय से खामोश रहे कांग्रेसी कड़ाके की सर्दी में सड़कों पर उतरकर भरेंगे हुंकार
* पीसीसी मेम्बर श्रीकान्त पप्पू दीक्षित की अगुवाई में होगा प्रदर्शन
पन्ना। (www.radarnews.in) कड़ाके की इस सर्दी में कांग्रेस पार्टी में लंबे समय बाद सियासी गर्मी का संचार होने जा रहा है। अब तक पन्ना में जन समस्यायों, सत्ता पक्ष की मनमानी और प्रशासनिक अराजकता जैसे ज्वलंत मुद्दों पर संगठन के स्तर पर खामोश रही अथवा विपक्ष की भूमिका से लगभग गायब रही कांग्रेस पार्टी 12 जनवरी को हल्ला बोल प्रदर्शन करते हुए नजर आएगी। एकजुट कांग्रेसी सड़कों पर उतरकर अब जन मुद्दों पर जबरदस्त हुंकार भरेंगे। विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व कांग्रेस को धरातल सक्रिय करने की ठोस पहल पीसीसी मेम्बर एवं कांग्रेस नेता श्रीकान्त पप्पू दीक्षित के संयोजन में 12 जनवरी को पन्ना जिला मुख्यालय में आयोजित हल्ला बोल प्रदर्शन के रूप में होने जा रही है। पन्ना विधानसभा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं एवं आराजकता को लेकर आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए वृहद स्तर पर आवश्यक तैयारियां की गई हैं। हल्ला बोल प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश के सह प्रभारी संजय कपूर, जिला प्रभारी सम्मति सैनी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक, सह प्रभारी प्रवीण खरे विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक श्रीकान्त पप्पू दीक्षित ने बताया कि प्रातः 11 बजे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों व विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं तथा स्थानीय लोगों के साथ पैदल मार्च शुरू किया जायेगा। कदमताल करते हुए कांग्रेस जन कोतवाली चौराहा, कटरा मोहल्ला, बल्देव चौक, बड़ा बाजार, अजयगढ़ चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जायेगा। श्री दीक्षित ने बताया कि बिजली, पानी, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई, झूठे आपराधिक प्रकरण दर्ज करने जैसे प्रमुख मुद्दे ज्ञापन में शामिल किये गये हैं। उन्होने कार्यकर्त्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजित हो रहे हल्ला बोल प्रदर्शन को सफल बनाये जाने के लिए अपील की है।
गुड न्यूज़ | चुनावी साल में कृषि महाविद्यालय की बहुप्रतीक्षित सौगात मिली
* 23 जनवरी से 60 सीट पर प्रवेश के लिए शुरू होगी प्रक्रिया
* पिछले दो दशक से लगातार पन्ना के लोग उठ उठा रहे थे मांग
* खनिज साधन मंत्री ने महाविद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि पन्ना में कृषि महाविद्यालय खुलने से क्षेत्र के विकास के साथ ही यहां नई गतिविधियां भी शुरू होंगी। नववर्ष पर महाविद्यालय का शुभारंभ जिले के लिए उपलब्धि है। कृषि महाविद्यालय की बहुप्रतीक्षित मांग के पूरा होने से कृषि क्षेत्र में बेहतर भविष्य के लिए कैरियर निर्माण के इच्छुक होनहर छात्रों को स्थानीय स्तर पर अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही प्रदेश के छात्र-छात्राएं भी बीएससी कृषि की पढ़ाई के लिए पन्ना आएंगे। मंत्री श्री सिंह ने यह बात रविवार को लक्ष्मीपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर और भवन के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने अधिकारियों से काॅलेज परिसर में विकसित की जा रही सुविधाओं और मूलभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली और तय समयावधि में लंबित कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
लक्ष्मीपुर पैलेस का काॅलेज संचालन में होगा उपयोग

मंत्री बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि 23 जनवरी से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रथम सेमेस्टर में 60 विद्यार्थियों का प्रवेश होगा। कृषि विज्ञान केन्द्र के पुराने भवन में मरम्मत कार्य उपरांत प्रथम सेमेस्टर की शुरूआत के साथ महाविद्यालय के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लक्ष्मीपुर पैलेस को भी संवारा जाएगा। जीर्णोद्धार के जरिए लक्ष्मीपुर पैलेस को पुराना वैभव भी वापस मिलेगा। इससे काॅलेज की अलग पहचान भी बनेगी। पैलेस के जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने और शासन स्तर से आवश्यक बजट स्वीकृत कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि भविष्य में लक्ष्मीपुर पैलेस का उपयोग भी काॅलेज संचालन की गतिविधियों के लिए किया जाएगा। मंत्री ने प्रस्तावित महाविद्यालय भवन के पुनरूद्धार कार्य में संलग्न श्रमिकों सहित जनपद पंचायत व अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अल्प समय में संपादित कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के संचालन से क्षेत्र के हरदुआ और लक्ष्मीपुर गांव का विकास भी होगा।
मुख्यमंत्री ने कॉलेज प्रारंभ करने दिए थे निर्देश
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि पूर्व में पन्ना में स्वीकृत कृषि महाविद्यालय की स्वीकृति निरस्त नहीं की गई थी, बल्कि स्वीकृत बजट राशि छिंदवाड़ा स्थानांतरित हुई थी। विगत 2 नवम्बर को जेके सीमेंट प्लांट आगमन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसी सत्र से कृषि महाविद्यालय शुरू करने के निर्देश दिए थे। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति द्वारा भी महाविद्यालय संचालन के संबंध में गत दिनों भ्रमण किया गया था। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के पुराने भवन में महाविद्यालय का संचालन होगा। माह मार्च 2022 में ही महाविद्यालय संचालन के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र भवन को आवंटित करने की कार्यवाही की गई है। यहां प्रवेशित छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जिला मुख्यालय पर छात्रावास सुविधा और स्टाॅफ क्वाटर की व्यवस्था भी की जाएगी।
MP | “शिव-राज” में सिर चढ़कर बोल रहा रेत माफिया का आतंक !
* खनिज मंत्री के भाई पर किसान से हुए विवाद में फायर करने का लगा गंभीर आरोप
* रेत के ओवर लोड ट्रकों की भाग दौड़ से विद्युत लाइन टूटने के कारण हुआ था विवाद
* नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह बोले, खनन माफिया को सीएम शिवराज का खुला सरंक्षण
* खनिज मंत्री बृजेन्द्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूर्णतः निराधार बताया
खरौनी और बरौली ग्राम से लौटकर, शादिक खान- पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में प्रवाहित जीवनदायिनी केन नदी के दोनों किनारों (पन्ना एवं छतरपुर जिले) में सक्रिय रेत माफिया ने सत्ता के संरक्षण में बहुमूल्य खनिज सम्पदा की खुलेआम जबरदस्त लूट मचा रखी है। केन नदी पट्टी क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया का आतंक इतना अधिक बढ़ चुका है कि इलाके रहवासी भय और दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। गुरुवार की रात सीमावर्ती बरौली ग्राम में ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है।

प्रदेश के खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र सिंह के ममेरे भाई एवं रेत खदान संचालक सत्येन्द्र प्रताप सिंह पर किसान से हुए मामूली विवाद में कथित तौर पर दबंगई दिखाते हुए रिवाल्वर से फायर करने का गंभीर आरोप लगा है। अगले दिन घटना का पता चलने पर उपजे तनाव और आक्रोश के चलते बरौली नहर पुल के नजदीक ग्रामीणों ने चक्काजाम कर रेत के ट्रकों का ट्रैफिक रोक दिया। बरौली में में बवाल की आशंका के मद्देनजर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सत्येन्द्र प्रताप ने आनन-फानन मौके पर पहुंचकर पीड़ित किसान व ग्रामीणों से सार्वजानिक तौर पर हाथ जोड़कर अपनी कथित गुंडई के लिए माफ़ी मांगी गई। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। हैरान करने वाली इस घटना पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह ने शिवराज सरकार पर निशाना साधते खनन माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप ने गोली चलने की घटना को पूर्णतः असत्य एवं निराधार बताकर नेता प्रतिपक्ष पर गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया है। घटना खनिज मंत्री बृजेन्द्र सिंह के निर्वाचन क्षेत्र की है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी और सत्ताधारी दल भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते फायरिंग की कथित घटना को लेकर पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक तहलका मचा है। घटना से संबंधित कुछ वीडियो भी वायरल हैं, जिन्हें देखकर लोग स्वतः ही अपने विवेक से यह तय कर रहे हैं कि इतने गंभीर और सनसनीखेज़ मामले में झूठ कौन बोल रहा है ?
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी अनुसार, पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के सीमावर्ती ग्राम बरौली के कुछ किसान गुरुवार 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे थे। तभी केन नदी के दूसरे छोर छतरपुर जिले की नेहरा खदान से रेत की लोडिंग कर दर्जनों ट्रक नदी के रास्ते खरौनी होते हुए बरौली के नजदीक पहुंचे। रेत के ओवरलोड ट्रकों की रेलमपेल के कारण किसानों की विधुत लाइन की बांस-बल्ली टूट गई। इससे प्रभावित किसान शफीकुद्दीन 50 वर्ष निवासी बरौली ने मौके पर मौजूद नेहरा रेत खदान संचालक सत्येन्द्र प्रताप सिंह के समक्ष नाराजगी जाहिर करते ट्रक चालकों को कड़ी हिदायत देने की बात कही। किसान के द्वारा विरोध दर्ज कराना खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के ममेरे भाई सत्येन्द्र प्रताप को इतना नागवार गुजरा कि उसने उल्टा शफीकुद्दीन को ही धमकाते हुए कथित तौर पर उनके ऊपर रिवाल्वर तान दी। मौके पर सत्येन्द्र के आधा दर्जन सहयोगी मौजूद थे, जिसमें एक व्यक्ति राइफल लिए था। विवाद को बढ़ते देख नजदीक मौजूद एक अन्य किसान सुभाष उपाध्याय तुरंत वहां पहुंचा और मामले को शांत कराने लगा। इस बीच सत्येन्द्र ने कथित तौर पर किसान शफीकुद्दीन के ऊपर फायर करने की कोशिश की तभी सुभाष ने उसका हाथ पकड़कर ऊपर की तरफ कर दिया। फलस्वरूप हवाई फायर होने से किसान की जान बाल-बाल बच गई। सत्येन्द्र किसान को जान से मारने की धमकी देते हुए अपने साथियों सहित दो गाड़ियों से वापस चले गए।
आक्रोशित किसानों ने लगाया चक्काजाम

खनिज मंत्री के भाई की गुंडागर्दी का अगले दिन शुक्रवार की सुबह जब लोगों को पता चला तो क्षेत्र में जबरदस्त तनाव फ़ैल गया। कुछ ही देर में घटना के पीड़ित एवं प्रत्यक्षदर्शी किसानों के बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने लगे। इस बीच आक्रोशित किसानों ने बरौली नहर पुल चौराहा के नजदीक कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम करते हुए रेत के ट्रकों का ट्रैफिक रोक दिया। इससे जिला प्रशासन, पुलिस और सत्ता पक्ष के खेमे में जबरदस्त हड़कंप मच गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बरौली में 4 से 5 थानों के पुलिस बल को तैनात किया गया। देखते ही देखते घटना से जुड़ीं ख़बरें मीडिया में आने लगीं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खेमे में बरौली काण्ड को लेकर शिवराज सरकार तथा खनिज मंत्री को घेरने की हलचल तेज हो गई। जिसकी भनक लगते ही सियासी बवाल मचने की आशंका के मद्देनजर मंत्री के ममेरे भाई सत्येन्द्र प्रताप सिंह घुटनों पर आ गए। तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच बढ़ते राजनीतिक दबाव के चलते दोपहर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सत्येन्द्र प्रताप द्वारा विवाद का पटाक्षेप करने के इरादे से बरौली पहुंचकर पीड़ित किसान व ग्रामीणों से बिना किसी लाग-लपेट के हाथ जोड़कर सार्वजानिक तौर पर माफ़ी मांगी गई। इस दौरान उन्होंने किसान शफीकुद्दीन को गले भी लगाया। सौहार्दपूर्ण माहौल में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने से मौके पर तैनात रहे पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली और अपने वरिष्ठ अधिकारियों एवं राजनैतिक आकाओं को इस अपडेट की रिपोर्टिंग कर वापस लौट गए।
शिवराज लुटवा रहे खनिज संपदा : नेता प्रतिपक्ष

शुक्रवार 6 जनवरी को दोपहर के समय जब मंत्री के भाई और ग्रामीणों के बीच सुलह-सफाई चल रही थी तब मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह संयोग से पन्ना जिले के भ्रमण पर थे। बरौली की घटना की जानकारी मिलने पर नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले पर बयान देते हुए शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खनिज मंत्री के भाई के द्वारा ग्रामीणों के ऊपर गोली चलाने की घटना की जानकारी मिली है। पन्ना जिले में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इशारे पर पूरे प्रदेश में खनिज सम्पदा को लूटा जा रहा है। आपने कहा कि आठ माह बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर भाजपा के गुण्डों, आताताईयों तथा भाजपा की कठपुतली बनकर जुल्म करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को सबक सिखाते हुए जेल पहुंचाने का काम किया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष का बयान आने के बाद शुक्रवार देर शाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना शारदा पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने बरौली ग्राम पहुंचकर गोलीकांड के पीड़ितों से मुलाकत कर घटना की सिलसिलेवार जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, संगठन मंत्री पवन जैन, श्रीकांत दीक्षित पप्पू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजयगढ़ राकेश गर्ग एवं मनोज सेन शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं के द्वारा घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपने की बात कही गई।
गोली नहीं चली, निराधार बयान पर करेंगे कार्रवाई

अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर ने बरौली की घटना के संबंध सफाई देते हुए बताया कि वहां विधुत तार टूटने पर दो लोगों के बीच सिर्फ मामूली वाद-विवाद हुआ था। अगले दिन इस बात को लेकर गांव वाले इकठ्ठे हो गए और दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। गोली चलने की बात पूर्णतः निराधार है। समझौते के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी। थाना प्रभारी अजयगढ़ ने बताया, गांव वालों और फरियादी ने गोली चलने के संबंध कोई बयान नहीं दिया है। अन्य जिस व्यक्ति ने गोली चलने के संबंध में निराधार बयान दिया है उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष के आरोप सरासर झूठे

बरौली मामले में अपना नाम आने पर मध्यप्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का बयान आया है। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि, गोविन्द सिंह सरासर झूठे और निराधार आरोप लगा रहे हैं। जबकि कथित घटना की न कोई एफआईआर हुई और ना ही किसी ने एफआईआर दर्ज कराई है। अजयगढ़ थाना टीआई ने भी इस संबंध में अपना बयान दिया है। जिस व्यक्ति पर आरोप है वे कांग्रेस पृष्ठभूमि के लोग हैं, कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके हैं, उनका नाम मुझसे जोड़ा जा रहा है जोकि गलत और निराधार है। मंत्री ने कहा, मैं नेता प्रतिपक्ष से कहना चाहता हूं मीडिया में बयान देने से पहले सत्यता पर जाएं उसके बाद ही कोई बात कहें। इस तरह के झूठे बयान देने से आपकी छवि धूमिल होती है। उल्लेखनीय है कि पूरे मामले में सत्येन्द्र प्रताप सिंह पर लगे आरोपों के संबंध में समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया था। आम चर्चा है कि बरौली में समझौते के दौरान सत्येन्द्र ने गोली चलाने के आरोप को पूर्णतः नकारते हुए असत्य एवं निराधार बताकर किसी भी देव स्थान पर चलकर कसम खाने की बात कही थी।
पुलिस की सफाई पर क्यों उठ रहे सवाल

अब सवाल यह उठता है कि बरौली में अगर सिर्फ वाकई मामूली विवाद हुआ था तो फिर वहां 4 से 5 थानों के पुलिस बल को तैनात करने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? पीड़ित किसान और घटना के प्रत्यक्षदर्शी के कई वीडियो वायरल हैं जिसमें वे स्वयं आपबीती बयां करते हुए खनिज मंत्री के भाई द्वारा गोली चलाने की बात चींख-चींखकर कह रहे हैं। अब यह देखना महत्पूर्ण होगा कि कथित तौर पर असत्य एवं निराधार बयान देने के मामले पुलिस किस-किसके खिलाफ कार्रवाई करती है ? समझौता होने के बाद भी ग्रामीण गोली चलने की बात कह रहे हैं जबकि घटना घटित होने के अगले दिन चक्काजाम से निर्मित तनाव पूर्ण स्थिति को संभालने गांव पहुंची पुलिस ने महज 4-5 घण्टे के अंदर ही यह घोषित कर दिया था कि गोली नहीं चली। इस जल्दबाजी के मद्देनजर सहज ही यह सवाल उठता है कि, कानून व्यवस्था की ड्यूटी तैनात रही पुलिस को गोली नहीं चलने के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जांच-पड़ताल का समय कब मिला ? पूरे मामले में कोई तो ऐसा है जो सरासर झूठ बोल रहा है ? सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं के लिए न्याय आपके द्वार योजना चलाने और आम आदमी से रिश्वत लेकर उसे न्याय देने के लिए बदनाम पन्ना जिले की पुलिस ने बरौली मामले की जांच को जेट विमान की रफ़्तार जैसी तेज़ी निपटाकर दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पुलिस स्कॉटलैंड यार्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
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PTR में टाइगर और हाइना की करंट से मौत, शिकार के लिए बिछाया था बिजली का तार

* महीने भर में दो बाघों की मौत से पन्ना के पुनः बाघ विहीन होने की आशंका गहराने लगी
* पूर्व में पन्ना के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत क्लिच वायर के फंदे में लटका मिला था टाइगर
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में अब टाइगर सुरक्षित नहीं है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में हुई बाघों की मौत से जुड़े आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं। बाघों को लेकर सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति पन्ना जिले में निर्मित है। बुधवार को पन्ना में एक और बाघ की मौत होने की खबर मिली है। पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत एक नर बाघ और मादा हाइना (लकड़बग्घा) की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है। जंगल में शिकारियों के द्वारा बिछाए गए बिजली के तार इनकी अकाल मौत की वजह बने हैं। हैरान करने वाली इस घटना के सामने आने के बाद पन्ना टाइगर प्रबंधन सवालों के घेरे में है। सुरक्षित माने जाने वाले वन क्षेत्र के अंदर शिकारियों की सक्रियता ने पार्क की कथित चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था एवं निगरानी तंत्र की निष्क्रियता की पोल खोलकर रख दी है।
महीने भर के अंदर पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ की मौत यह दूसरी घटना। इसके पूर्व माह दिसंबर 2022 के प्रथम सप्ताह में पार्क के बफर क्षेत्र से सटे उत्तर वन मण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पन्ना अंतर्गत क्लिच वायर के फंदे पर लटका हुआ मिला था। फंदे की खूंटी पेड़ में फंसने से लटके बाघ की मौत विचलित करने वाली तस्वीरों पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अत्यंत ही हैरान और परेशान करने वाली इस घटना को प्रदेश जे मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए शीर्ष अफसरों की आपात बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री ने घटना को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। करंट से बाघ की मौत की हालिया घटना से एक इतना तो स्पष्ट हो चुका है कि, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद भी पन्ना के हालात सुधरने के बजाए लगातार बिगड़ रहे हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में किशनगढ़ रेन्ज अन्तर्गत बीट वसुधा कक्ष क्रमांक- 521 में एक नर बाघ एवं एक मादा हायना की करेंट लगने से मौत हो गई है। पार्क प्रबंधन को घटना की सूचना 3-4 जनवरी की रात्रि में मिली। करंट की चपेट में आने से मृत नर बाघ उम्र लगभग 2 वर्ष बताई जा रही है। पीटीआर (पन्ना टाइगर रिजर्व) के अधिकारियों ने संभावना जताई है कि शिकारियों के द्वारा जंगली सुअर को मारने के लिए बिजली के तार बिछाकर करंट प्रवाहित किया गया था। जिसकी चपेट में आने से बाघ एवं हायना असमय काल कवलित हो गए। इस घटना की सूचना मिलने पर बुधवार 4 जनवरी की सुबह पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक बृजेन्द्र झा, उप संचालक रिपुदमन सिंह भदौरिया एवं वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता मौके पर पहुंचे।
पार्क के अधिकारियों ने मृत वन्यजीवों के शव और घटनास्थल का मुआयना किया। मृत बाघ एवं हायना के सभी अंग सुरक्षित पाये गए। अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों शव बरामद कर मौके पर पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार किया गया। मृत बाघ के सैम्पल को नियमानुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। शिकार की घटना पर पार्क प्रबंधन ने फ़िलहाल अज्ञात शिकारियों के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया है। जंगल में करंट के तार बिछाने वाले अज्ञात शातिर शिकारियों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वाड से इलाके की सघन सर्चिंग कराई जा रही है। साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है।
शीतलहर का असर | स्कूलों के समय में कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से किया परिवर्तन, गलन भरी सर्दी को देखते हुए जारी किए आदेश
* नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव व्यवस्था के दिए निर्देश
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले चार दिनों से तापमान में गिरावट और शीतलहर के चलते पड़ रही गलन भरी सर्दी ने ठिठुरन बढ़ा दी है। कड़ाके की सर्दी से जनजीवन खासा प्रभावित है। हड्डियों को कपां देने वाली इस ठण्ड में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने छात्र-छात्राओं को होने वाली परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संचालित सभी विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन का आदेश जारी किया है। बुधवार 4 जनवरी 2023 से आगामी आदेश तक सुबह 9:30 बजे के पहले विद्यालयों का संचालन नहीं होगा। उक्तादेश जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त स्कूल में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लागू होगा। इनमें सीबीएससी बोर्ड से संबद्ध स्कूल भी शामिल हैं। परीक्षाएं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार यथावत संपन्न होंगी।
गर्म कपड़ों और कम्बल की व्यवस्था करें
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने वर्तमान शीतलहर के दृष्टिगत सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद पंचायत सीईओ को नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में अलाव व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और बेसहारा व्यक्तियों की परेशानी और शीतलहर से बचाव के लिए बस स्टैण्ड, चैराहों, मंदिरों के आस-पास तथा अधिक जनसमुदाय एकत्रित होने वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सहित जरूरमंद लोगों को गर्म कपड़ों और कम्बल की व्यवस्था करें। इसके अलावा रात्रि में खुले स्थानों पर सोये व्यक्तियों को शीतलहर से बचाव की व्यवस्था भी की जाए।
शीतलहर से बचाव करें और सतर्क रहें

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्हीएस उपाध्याय ने शीतलहर से बचाव के लिए सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि अनावश्यक यात्रा न करें एवं घरों के अंदर रहें। छोटे बच्चों, वृद्धजनों एवं दिव्यांगों को शीतलहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। बहुत लंबे समय तक बंद कमरों में आग जलाकर या रूम हीटर से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलने के कारण मृत्यु तक होने का खतरा हो सकता है, इससे सतर्क रहें। शारीरिक तापमान को नियंत्रित रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करते रहें एवं विटामिन सी का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो सके। मदिरापान से शारीरिक तापमान घटता है, अतः इससे बचें। गर्म कपड़ों की परतों द्वारा शरीर को ढंक कर रखें। अल्पताप की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार करें, स्थिति गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें।
दो अपराधियों को जिला बदर किया
* मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई
पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय कुमार मिश्र ने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 के तहत दो अपराधियों को जिला बदर घोषित किया है। ग्राम रमजूपुर थाना धरमपुर निवासी पेशकार उर्फ शिवगोपाल अहिरवार पिता रामकुमार अहिरवार और ग्राम बमुरहा थाना अमानगंज निवासी बिहारी लाल पिता जवाहर लाल पटेल को 6 माह की अवधि के लिए जिले से बाहर रहने का निष्कासन आदेश पारित किया गया है। दोनों अपराधी को आदेश तामीली से 5 घंटे के भीतर जिले की राजस्व सीमाओं तथा समीपवर्ती दमोह, छतरपुर, सतना, कटनी एवं उत्तर प्रदेश के बांदा तथा चित्रकूट जिले की सीमाओं से बाहर जाना होगा। साथ ही जिला बदर की अवधि में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय की लिखित अनुमति के बगैर उल्लेखित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने के लिए निर्देशित किया गया है। पन्ना जिले के किसी कोर्ट अथवा दाण्डिक न्यायालय में प्रकरण के संबंध में न्यायालय में उपस्थित होने के लिए थाना प्रभारी को लिखित सूचना देनी होगी। आदेश के उल्लंघन पर म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 एवं 15 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
50 हजार की रिश्वत लेते थाना प्रभारी और आरक्षक ट्रैप, लोकायुक्त पुलिस को चकमा देकर दोनों भाग निकले

* महिला टीआई के शासकीय आवास पर की गई कार्रवाई
* लोकायुक्त पुलिस सागर और देवेंद्रनगर थाना पुलिस के बीच हुई तीखी बहस
* जानलेवा हमले के मामले में एक पक्ष को रियायत व दूसरे पक्ष के विरुद्ध धारा बढ़ाने मांगी थी रिश्वत
शादिक खान, पन्ना/रमेश अग्रवाल, देवेन्द्रनगर । (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में नए साल के पहले दिन लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देवेंद्रनगर थाना प्रभारी और एक पुलिस आरक्षक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। थाना क्षेत्र के ग्राम दऊअन टोला में सप्ताह भर पूर्व दो पक्षों के बीच हुए झगड़े में गोली चलने की घटना सामने आई थी। प्रणघातक हमले से संबंधित इस प्रकरण में रियायत देने और विरोधी पक्ष के खिलाफ धारा बढ़ाने एवज में थाना प्रभारी ने दबाव बनाकर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी एवं निरीक्षक ज्योति सिंह सिकरवार के शासकीय आवास पर रिश्वत का लेनदेन होने के फलस्वरूप लोकायुक्त पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही दबिश दी गई। ट्रैप कार्रवाई के दौरान उस समय जबरदस्त हड़कंप व अफरा-तफरी की स्थिति बन गई जब पहले घूसखोर आरक्षक अमर सिंह बागरी और उसके बाद टीआई ज्योति सिंह सिकरवार लोकायुक्त पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। इसके पूर्व ट्रैप कार्रवाई को लेकर लोकायुक्त पुलिस टीम और देवेंद्रनगर थाना पुलिस स्टॉफ के बीच तीखी बहस भी हुई। देवेंद्रनगर थाना पुलिस पर कार्रवाई में असहयोग करने तथा थाना से टीआई को भगाने में मदद करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के लिए बदनाम पन्ना जिले में महीने भर के अंदर पुलिस महकमे में लोकायुक्त ट्रैप की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व लोकायुक्त पुलिस ने सिमरिया थाना अंतर्गत आने वाली हरदुआ चौकी प्रभारी को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के कार्यालय में विगत दिवस पन्ना जिले के ग्राम खम्हरिया निवासी विनोद यादव 40 वर्ष ने थाना प्रभारी द्वारा रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत की थी। जिसमें बताया कि थाना प्रभारी ज्योति सिंह सिकरवार द्वारा उनकी बुआ के परिजनों के विवाद से जुड़े जानलेवा हमले के प्रकरण में रियायत देने और विरोधी पक्ष के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण में धाराएं बढ़ाने के एवज में दबाव बनाकर एक लाख रुपए मांग रहीं है। पूर्व में विनोद के द्वारा आरक्षक अमर सिंह बागरी के माध्यम से थाना प्रभारी को 18 हजार रुपए प्रथम किश्त के तौर पर दिए थे। साथ ही विषम परिस्थितियों का हवाला देते हुए रिश्वत की राशि कुछ कम करने का आग्रह किया था। शिकायत की तस्दीक करने के उपरांत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर रामेश्वर सिंह यादव के निर्देशन में घूसखोर थाना प्रभारी व आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ने का फुल प्रूफ प्लान तैयार किया गया। योजना अनुसार नव वर्ष 2023 के पहले दिन रविवार 1 जनवरी को ट्रैप कार्रवाई के लिए निरीक्षक मंजू सिंह पटेल के नेतृत्व में टीम को देवेन्द्रनगर भेजा गया। शाम करीब 7 बजे विनोद यादव ने आरक्षक अमर सिंह बागरी से बात की और रिश्वत की राशि देने थाना से चंद क़दम की दूरी पर स्थित टीआई ज्योति सिंह सिकरवार के सरकारी आवास पहुंच गया। वहां थाना प्रभारी और आरक्षक से बात कर उन्हें रिश्वत में मांगी गई राशि के रूप में 50 हजार रुपए सौंप दिए। अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ कर रिश्वत में ली गई राशि को जप्त लिया।
दीवार फांदकर भाग निकला आरक्षक

थाना प्रभारी के शासकीय आवास पर लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई से मचे हड़कंप के बीच आरक्षक अमर सिंह बागरी लोकायुक्त पुलिस टीम को चकमा देकर मौके से भाग निकला। जनचर्चा है कि, थाना प्रभारी के आवास की दीवार फांदकर आरक्षक गायब हुआ। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से हैरान लोकायुक्त पुलिस टीम सतर्कता बरतते हुए थाना प्रभारी ज्योति सिंह को अपने साथ देवेन्द्रनगर थाना ले गई। जहां लोकायुक्त पुलिस टीम और थाना पुलिस स्टॉफ के बीच जमकर तीखी नोंक-झोंक हुई। उधर, टीआई के ट्रैप होने की खबर आने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पन्ना से आनन-फानन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और एडीओपी बीएस बरीबा देवेन्द्रनगर थाना पहुंच गए। इस बीच कार्रवाई के दौरान बाथरूम जाने का बहाना बनाते हुए थाना के दरवाजे और चैनल गेट बंद करवाकर थाना प्रभारी ज्योति सिंह सिकरवार अपने स्टॉफ के सहयोग से बड़ी ही चालाकी से गायब हो गईं। कथित तौर पर बरती गई लापरवाही के कारण महज एक घण्टे के ही अंतराल में लगे इस दूसरे बड़े झटके से लोकायुक्त पुलिस टीम को कड़ाके की सर्दी में पसीना मार गया। हैरान-परेशान लोकायुक्त पुलिस के द्वारा तत्परता से आसपास तलाश शुरू की गई लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। तलाश करने के चक्कर में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई देर रात करीब 1 बजे पूरी हो सकी।
देवेन्द्रनगर पुलिस स्टॉफ ने नहीं किया सहयोग

दरअसल, ट्रैप कार्रवाई चूंकि थाना प्रभारी के ही खिलाफ थी इसलिए लोकायुक्त टीम को स्थानीय पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिला। उल्टा कार्रवाई के विरोध में लोकायुक्त पुलिस टीम पर दबाव बनाए जाने की भी अपुष्ट चर्चाएं हैं। मजेदार बात यह है कि, भ्रष्टाचारियों को कार्रवाई से बचाने की यह निर्लज्ज कोशिश ऐसे समय पर सामने आई है जब सूबे के मुख्यमंत्री आए दिन अपनी सभाओं में भ्रष्टाचारियों को किसी भी सूरत ना बख्शने की बात कह रहे हैं। लोकायुक्त पुलिस की इस ट्रैप कार्रवाई को प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित किया है। जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश सरकार के दावों से इतर धरातल पर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे है। पूरे प्रकरण में पन्ना के पुलिस के अधिकारियों की चुप्पी को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच के नाम पर चल रहा रिश्वत का खेल

भ्रष्टाचारियों और घूसखोरों का चारागाह बने मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में महीने भर के अंदर पुलिस महकमे में लोकायुक्त पुलिस संगठन की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व दिनांक 5 दिसंबर को सिमरिया थाना अंतर्गत आने वाली दूरस्थ पुलिस चौकी हरदुआ के प्रभारी एवं उप निरीक्षक हरिराम उपाध्याय को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। मारपीट के मामले में धाराएं बढ़ाने और आरोपीगणों को गिरफ्तार करने के एवज में पीड़ित भज्जू अहिरवार पिता ख़िलइयाँ अहिरवार 60 वर्ष निवासी हरदुआ से चौकी प्रभारी के द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। इसी तरह देवेन्द्रनगर के मामले में भी प्राणघातक हमले जैसे गंभीर प्रकरण की जांच में एक पक्ष को रियायत तथा दूसरे पक्ष के विरुद्ध दर्ज अपराध में धारा बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। इन दो प्रकरणों के आलोक में पन्ना पुलिस की कार्यशैली को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। देश भक्ति-जन सेवा दम भरने वाली पुलिस के आरक्षक से लेकर अधिकारी तक रिश्वत और अवैध वसूली की राशि से अपनी जेबें भरने में जुटे हैं। प्रकरणों की जांच के नाम पर खुलेआम निर्दोष व्यक्तियों को फंसाने तथा अपराधियों को बचाने का खेल चल रहा है।
लोकायुक्त एसपी बोले गलत रिपोर्टिंग से दुखी हूं

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर रामेश्वर सिंह यादव ने देवेन्द्रनगर की ट्रैप कार्रवाई से जुड़ीं मीडिया में आईं कुछ ख़बरों को लेकर गहरा दुःख और हैरानी जाहिर की है। रडार न्यूज़ से मोबाइल पर हुई अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जल्दी से जल्दी खबर देने की होड़ में कुछ कुछ लोगों ने घटनाक्रम की सच्चाई और तथ्यों की जांच-पड़ताल करना भी उचित नहीं समझा। कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया में जो आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी उसी से मिलती-जुलती ख़बरें प्रकाशित/प्रसारित की गईं। पुलिस अधीक्षक श्री यादव ने बताया, घूस लेने के मामले में देवेंद्रनगर थाना प्रभारी टीआई ज्योति सिकरवार और आरक्षक अमर सिंह बागरी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 13 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। केस दर्ज करते समय हम किसी को गिरफ्तार नहीं करते हैं इसलिए आरोपियों के फरार होने जैसी कोई बात नहीं है। ट्रैप कार्रवाई के मामलों में आरोपी की गिरफ़्तारी प्रकरण का चालान पेश करते समय की जाती है। देवेंद्रनगर में कार्रवाई के दौरान वे दोनों गायब हो गए इस कारण थोड़ी दस्तावेजी कार्रवाई प्रभावित जरूर हुई लेकिन प्रकरण के साक्ष्य पर इसका कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। आरोपीगण कैमिकल युक्त नोट लेकर नहीं भागे बल्कि लोकायुक्त पुलिस टीम को देखकर उन्होंने नोट थाना प्रभारी के आवास में ही फेंक दिए थे। देवेंद्रनगर थाना पुलिस स्टॉफ के द्वारा कार्रवाई में असहयोग किया गया जिसे लेकर थोड़ी-बहुत बहस हुई थी लेकिन मारपीट या हांथापाई होने की ख़बर पूर्णतः असत्य और निराधार हैं। पुलिस स्टॉफ के द्वारा असहयोग करने संबंधी पंचनाम बनाया गया है जिसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
मिट्टी की सेहत को सुधारने प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान : डाॅ. शर्मा
* कृषि विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना में शनिवार 31 दिसंबर 2022 को वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक का आयोजन डाॅ. दिनकर प्रसाद शर्मा, संचालक विस्तार सेवाऐं, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय जबलपुर की अध्यक्षता में किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ. एचएस राय द्वारा संचालक विस्तार सेवाऐं का स्वागत किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के प्रभारी डाॅ. पीएन त्रिपाठी द्वारा खरीफ 2022 की प्रगति प्रतिवेदन एवं रबी वर्ष 2022-23 की कार्ययोजना का पावर पाॅइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया गया।
जैव उर्वरक का करें उपयोग
डाॅ. दिनकर प्रसाद शर्मा, संचालक विस्तार सेवाऐं ने जिले में पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं मछली पालन को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही मृदा स्वास्थ्य सुधारने हेतु कृषकों को प्राकृतिक खेती को अपनाने की सलाह दी गई । उन्होंने कहा कि मृदा में कार्बनिक कार्बन एवं सूक्ष्मजीवों की संख्या कम होती जा रही है। अतः प्राकृतिक खेती अंतर्गत घनजीवामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, फसल अवशेष अच्छादन एवं फसल विविधता अपनाकर मृदा में कार्बनिक कार्बन एवं सूक्ष्मजीवों की संख्या को बढ़ाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारने पर विशेष बल दिया। डॉ. शर्मा ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए जैव उर्वरक को बढ़ावा देने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने कृषकों को मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों की खेती करने का भी सुझाव दिया।
कृषक सखी को दिया जाए 4 हजार रुपए मानदेय
रिलायंस फाउण्डेशन पन्ना से संतोष सिंह ने मृदा परीक्षण कराने सलाह दिया। मध्यप्रदेश राज्य डे आजीविका मिशन से सुशील शर्मा ने जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु महिला कृषकों को कृषक सखी के रूप में चयनित महिलाओं को राशि रूपये 4000/- मात्र प्रति माह की दर से मानदेय देने की बात कही। साथ ही उन्होंने पन्ना जिले के कल्दा पठार क्षेत्र में महिलाओं को मशरूम उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाने हेतु केन्द्र के वैज्ञानिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कृषि अभियांत्रिकी से नवीन ने हैप्पी सीडर एवं सुपर सीडर यंत्र का इस्तेमाल कर फसल अवशेष न जलाते हुए खाद के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी। पीएसआई से निरंजन द्वारा प्राकृतिक खेती एवं मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। विस्तार संस्था से कपूर सिंह ने जिले में अलसी एवं ज्वार की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देशपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में माता फातिमा शेख और सावित्रीबाई फूले के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए क्रांतिकारी क़दमों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के पहले देश में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा गया था। परंपरावादी रूढ़िवादी लोगों के द्वारा महिलाओं को घर के अंदर ही रहने के लिए विवश किया गया ताकि उनकी हुकूमत (पितृ सत्ता वर्चस्व) कायम रहे। समाज सुधारक माता फातिमा शेख और सावित्री बाई फुले ने संयुक्त रूप से इसका जबरदस्त विरोध करते हुए देश की बालिकाओं-महिलाओं को शिक्षा दिलाने का बीड़ा उठाते हुए देश में पहला बालिका विद्यालय महाराष्ट्र के पुणे शहर में 1848 को खोला गया। क्योंकि इनका मानना था कि शिक्षा से ही महिलाओं का सशक्तिकरण सम्भव हो सकता है।
श्री पटेल ने कहा कि, आज भारत की प्रत्येक वर्ग की महिलाएं इनके द्वारा किए गए शैक्षिक कार्य व समाज सुधार कार्यों के प्रति आभारी हैं। समाज सुधारक और शिक्षिका फातिमा शेख के प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए महात्मा फूले परिषद के सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में देश के सभी समाज के महापुरुष, समाज सुधारकों की जयंती धूमधाम से मनाएंगे। कार्यक्रम के अंत सुधीर कुशवाहा, अध्यक्ष महात्मा क्षमता फुले परिषद द्वारा सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया गया। जयंती कार्यक्रम में बड़ी संख्या उपस्थित लोगों द्वारा माता सावित्री बाई फुले अमर रहे, माता फातिमा शेख अमर रहे के नारे लगाए गए।



