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अच्छी ख़बर | पन्ना से प्रसिद्ध तीर्थ स्थल चित्रकूट, प्रयागराज एवं वाराणसी के लिए आवागमन होगा सुगम

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*       पन्ना-पहाड़ीखेरा सड़क का अब मझगवां तक निर्माण होने से कनेक्टिविटी होगी बेहतर

*       सीएम शिवराज ने क्षेत्रवासियों की मांग पर दी थी पहाड़ीखेरा-मझगवां सड़क की सौगात

*       खजुराहो-पन्ना-वाराणसी के बीच टूरिस्ट सर्किट विकसित होने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

*       जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से आधा दर्जन से अधिक पहुँच मार्गों को मिली स्वीकृति

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला मुख्यालय पन्ना से चित्रकूट, प्रयागराज एवं वाराणसी की यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही इन प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक आवागमन सुगम और सीधा हो जाएगा। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पन्ना से पहाड़ीखेरा तक निर्माणाधीन सड़क का विस्तार करते हुए दूसरे चरण में इसे पहाड़ीखेरा से मझगवां जिला सतना तक बनाया जाएगा। इसके निर्माण से पन्ना से प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल चित्रकूट, प्रयागराज एवं वाराणसी जाने वाले यात्रियों को अनावश्यक कई किलोमीटर लम्बा चक्कर लगाने से जहां निजात मिलेगी वहीं आवागमन भी काफी सुगम हो जायेगा। अर्थात पन्ना से पहाड़ीखेरा-मझगवां होकर चित्रकूट, प्रयागराज (इलाहाबाद) एवं वाराणसी जाने वाले यात्रियों के समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही उनकी यात्रा भी काफी आसान हो जाएगी। यात्रियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के लोक निर्माण ने पहाड़ीखेरा-मझगवां मार्ग निर्माण को जल्द से जल्द मंजूरी दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज़ी से शुरू कर दी है। इस सड़क के बनने से मध्य प्रदेश के खजुराहो-पन्ना-चित्रकूट से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज एवं वाराणसी के बीच स्वतः ही एक मजबूत टूरिस्ट सर्किट विकसित होगा। फलस्वरूप क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

7 मीटर होगी सड़क की चौड़ाई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
पिछले माह पन्ना के प्रवास पर आये सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्रवासियों की मांग पर एक कार्यक्रम के दौरान पहाड़ीखेरा-मझगवां सड़क निर्माण की मंच से घोषणा की थी। जिले को यह महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित सौगात पन्ना विधायक एवं प्रदेश के खनिज प्रदेश के खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के विशेष प्रयास से मिली है। वर्तमान में पन्ना से पहाड़ीखेरा तक करीब 38 किलोमीटर लम्बाई वाली सड़क का निर्माण कार्य जारी है। इधर, मुख्यमंत्री की घोषणा को तत्परता से अमल में लाने के लिए जरुरी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री एबी साहू और उनकी टीम ने प्रचण्ड गर्मी के दौरान कड़ी मेहनत करके पहाड़ीखेरा से मझगवां जिला सतना तक करीब 36 किलोमीटर लम्बाई वाली सड़क का सर्वेक्षण कार्य पूरा करके प्राक्कलन तैयार कर लिया है। इसके निर्माण में करीब 84 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। तैयार किये गए स्टीमेट में सड़क की चौड़ाई पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग की ही तरह 7 मीटर प्रस्तावित की गई है। सड़क के प्राक्कलन (स्टीमेट) का अधीक्षण यंत्री मण्डल नौगांव एवं मुख्य अभियंता लोनिवि सागर का परीक्षण करने के पश्चात अब इसे प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित किया जा रहा है। यदि आगे भी कार्रवाई इसी गति से चली तो संभवतः पहाड़ीखेरा-मझगवां सड़क निर्माण 4-5 माह के अंदर शुरू हो जाएगा।

DMF से 8 पहुँच मार्गों का निर्माण

फाइल फोटो।
पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) से आठ पहुँच मार्गों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। जिनमें खोरा से सुहावा लागत 5.10 करोड़, नयागांव से पंचमपुर लागत 3.60 करोड़, बांधीकला से रामनगर 3.59 करोड़, मठली से पाठा मार्ग 3.10 करोड़, टिकरिहा से सिद्धपुर 2.29 करोड़, रमखिरिया से गहरा 2.10 करोड़, भमका से धरमपुर चैन सिंह 1.60 करोड़ एवं अजयपाल किला पहुंच मार्ग से रिटेनिंग वॉल एवं नाली निर्माण लागत 30 लाख रुपए शामिल हैं। इसके आलावा बृजपुर से छतैनी को जोड़ने वाली 21 किलोमीटर लंबाई वाली सड़क का निर्माण दो-तीन चरणों में किया जाएगा। बृजपुर क्षेत्र को धरमपुर-अजयगढ़ क्षेत्र से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के प्रथम चरण को मंजूरी मिल चुकी है। प्रथम चरण में बृजपुर से छतैनी तक 6 किलोमीटर लम्बाई की सड़क का निर्माण किया जाएगा। वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति/अनापत्ति मिलते ही शेष भाग का निर्माण कराने की बात कही जा रही है। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी अनुसार सिंहपुर-कालिंजर मार्ग पर 6वें किलोमीटर से मधपुरवा पहुंच मार्ग लम्बाई 6 किलोमीटर के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में है। वहीं बीरा-चंदला मार्ग पर लम्बे समय से अधूरी पड़ी 3-4 किलोमीटर लम्बी सड़क के निर्माण हेतु प्राक्कलन तैयार कर प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

अमृतकाल में भ्रष्टाचार | 75 साल बाद मिली सौगात, ठेकेदार के कारनामे ने ग्रामीणों से ख़ुशी छीन ली !

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पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत कुड़रा-धरमपुर पहुँच मार्ग के घटिया कार्य की पोल खोलती निर्माणाधीन पुलियों की तस्वीरें।

     पन्ना जिले के सीमावर्ती दुर्गम वन ग्राम कुड़रा की सड़क घटिया निर्माण भेंट चढ़ी

*       रपटा-पुलिया के बेस में नहीं बिछाया कंक्रीट, ह्यूम पाइप रो के बीच मिट्टी की फिलिंग

*       गुणवत्ताविहीन सड़क के पहली बारिश में बहने की आशंका जता रहे ग्रामीण

*       खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के निर्वाचन क्षेत्र पन्ना विधानसभा का मामला

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के सीमावर्ती पहुंच विहीन दुर्गम ग्राम कुड़रा के वाशिंदे बीते कई दशकों से एक अदद पहुंच मार्ग के आभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहे। इस गांव में हर साल कोई न कोई गंभीर बीमार व्यक्ति सिर्फ इसलिए असमय काल कवलित हो जाता है क्योंकि, सड़क के आभाव में उसे स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने में देर हो जाती है। कुड़रा की इस त्रासदी को स्थानीय मीडिया द्वारा अनेकों बार प्रमुखता से उठाते हुए जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया। फलस्वरूप हाल ही में इस गांव को क्षेत्रीय विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के प्रयासों से बारहमासी सुगम आवागमन सुविधा वाली पक्की सड़क की सौग़ात मिली है। बहुप्रतीक्षित पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होने पर गांव के लोग कल तक ख़ुशी से फूले नहीं समा रहे थे लेकिन आज वे काफ़ी गुस्से में है। इनकी नाराज़गी का कारण सड़क निर्माण कार्य में हो रहा भारी भ्रष्टाचार है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग करते हुए अत्यंत ही घटिया सड़क निर्माण कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

मानसून सीजन में टापू में हो जाता है तब्दील

लोक निर्माण विभाग के द्वारा 6 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन कुड़रा पहुँच मार्ग।
जिला मुख्यालय पन्ना से लगभग 80 की दूरी पर स्थित कुड़रा ग्राम अजयगढ़ तहसील की ग्राम ग्राम पंचायत धरमपुर के अंतर्गत आता है। मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश की अंतरराज्जीय सीमा से सटे इस गांव में पहुँचने के लिए धरमपुर से होकर जाना पड़ता है। चम्बल के बीहड़ सरीखी भौगोलिक संरचना वाले इस दुर्गम गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। धरमपुर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुड़रा का रास्ता घने जंगल से होकर जाता है। रास्ते में कई बड़े बरसाती नाले पड़ते हैं। बारिश के सीजन में नालों में पानी अधिक होने के कारण हर साल 4-5 माह के लिए कुड़रा ग्राम टापू में तब्दील हो जाता है। जिससे गांव का सम्पर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कट जाता है। इस छोटे से गांव में ऐसे अनेक परिवार हैं जिनके किसी सदस्य को कभी न कभी आपातकालीन स्थिति में होने पर सड़क के आभाव के कारण समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र न पहुंच पाने से अपनी जान गवांनीं पड़ी है। यही वजह है कि, इस गांव के लोगों लिए पहुंच मार्ग (सड़क) सिर्फ बुनियादी सुविधा तक सीमित नहीं बल्कि जीवन-मरण से जुड़ा ज्वलंत मुद्दा है। कुड़रा के ग्रामीण कई दशकों से पहुँच मार्ग निर्माण की एकमात्र मांग को पुरजोर तरीके से उठाते रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के समय गांव के अधिकांश मतदाताओं ने मतदान वाले दिन सड़क को लेकर प्रदर्शन भी किया था। एक अदद सड़क के आभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय ग्रामीणों की बदहाली को मीडिया द्वारा अनेकों बार प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से प्रकाशित व प्रसारित किया गया।

घटिया निर्माण से ग्रामीण हुए नाराज़

सड़क निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही हाथ से तोड़ी हुई गिट्टी।
क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने इस साल की शुरुआत में अपने चुनावी वादे को निभाते हुए कुड़रा पहुंच मार्ग निर्माण को स्वीकृति दिलाकर खूब वाहवाही बटोरी। मुद्दतों बाद जब बारहमासी सुगम आवागमन सुविधा प्रदान करने वाली सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो कुड़रा सहित पूरे इलाके के लोगों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। बहुप्रतीक्षित सौगात मिलने से उत्साहित ग्रामीण मंत्री जी की शान में कसीदे पढ़ते नहीं थकते थे। लेकिन अब हाल कुछ दूसरा है। 6 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन सड़क में भारी भ्रष्टाचार के चलते ग्रामीणों की ख़ुशी अब गहरी नाराज़गी में तब्दील हो चुकी है। अफसोस-नाक़ बात यह है कि सड़क के घटिया निर्माण कार्य का मामला मंत्री के संज्ञान में लाने के बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सका।

पुलियां खोल रहीं 50% कमीशन की पोल

कुड़रा से धरमपुर मार्ग का निर्माण कार्य ठेका पर आस्था कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा गुणवत्ता के मापदंड की धज्जियां उड़ाते हुए कराया जा रहा है। सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर चल रही लीपपोती से प्रदेश की शिवराज सरकार पर लगने वाले 50 प्रतिशत कमीशन के आरोपों को बल मिल रहा है। तकरीबन साढ़े छह किलोमीटर लंबी सड़क पर दर्जन भर रपटा एवं पुलिया (सबमर्सिबल पाइप कल्वर्ट) का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें 10 रो ह्यूम पाइप वाले दो बड़े रपटा, शेष 2 से लेकर 5 रो ह्यूम पाइप वाली छोटी पुलिया शामिल है। ग्रामीण रामकेश राजपूत का आरोप है कि, ठेकेदार के द्वारा निर्माणाधीन रपटा-पुलिया में बिछाए गए ह्यूम पाइप के नीचे यानी बेस में मजबूती के लिए कंक्रीट मटेरियल नहीं डाला गया। कम खर्च में रपटा-पुलिया तैयार कर सरकारी राशि का बंदरबांट करने के लिए ठेका कम्पनी ने जुगाड़ तकनीक को अमल में लाते हुए ह्यूम पाइप-रो के बीच फिलिंग मटेरियल में कंक्रीट की जगह स्थानीय रेतीली मिट्टी का पुराव करा दिया। रपटा-पुलिया निर्माण में रेत की जगह स्थानीय नालों की भूरे-लाल रंग की रेतीली मिट्टी का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इसी तरह सीमेंट की गुणवत्ता से भी समझौता किया जा रहा है।
ग्रामीण वीरेन्द्र कुमार लोधी का आरोप है ठेकदार के द्वारा राखड़ युक्त सीमेंट पुलिया में लगाया है। युवा बब्लू पण्डित की मानें तो पहाड़ से निकलने वाले नालों पर भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़े किए गए रपटा तथा पुलिया के ह्यूम पाइप पहली बारिश में ही बह जाएंगे। दरअसल पहाड़ी नाले हल्की बारिश में ही भयंकर उफान पर आ जाते हैं, इनके तेज़ प्रवाह में घटिया रपटा-पुलिया कितनी देर तक टिक पाएंगे कहना मुश्किल पर समझना आसान है। निर्माण कार्य से जुड़े जानकारों मानें तो बारिश के मौसम में नालों में तेज़ प्रवाह के साथ आने वाले पानी की अत्याधिक मात्रा को देखते हुए बड़े रपटों के स्थान पर माइनर एवं मीडियम ब्रिज का निर्माण कराया जाना चाहिए था।

CRM और WMM में गड़बड़ी

धरमपुर-कुड़रा सड़क पर सब ग्रेड कार्य के बाद वर्तमान में रपटा-पुलिया निर्माण के साथ-साथ कहीं पर CRM Base ग्रेडिंग-प्रथम 53 MMऔर कहीं CRM Base ग्रेडिंग- द्वितीय- 37.5 MM मटेरियल की परत बिछाई जा रही है। कुछ जगह पर WMM की लेयर बिछाने का कार्य प्रगति पर है। गौरतलब है कि CRM और WMM मटेरियल लेयिंग पेवर मशीन के स्थान पर श्रमिकों से कराई जा रही है। सीआरएम लेयर में क्रेशर मटेरियल के स्थान पर मजदूरों से तुड़वाई गई गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं CRM और WMM लेयर में पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ अच्छी तरह से रोलर भी नहीं चलाया गया। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि ठेकेदार के द्वारा निर्माणाधीन सड़क की हाइट (थिकनेस) को मेंटेन रखने के मकसद से जानबूझकर पर्याप्त वॉटरिंग और रोलिंग से परहेज किया जा रहा है। वहीं WMM लेयर में गिट्टी एवं डस्ट के सही अनुपात में न होने से मटेरियल की बॉन्डिंग अर्थात बंधन या पकड़ सीधे तौर पर प्रभावित होती है। परिणामस्वरूप सड़क के जल्दी उखड़ने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। प्राप्त जानकारी अनुसार धरमपुर-कुड़रा सड़क के अधिकांश हिस्से में डामरीकरण होना है, सिर्फ रपटा एवं पुलियों के आसपास के सीसी सड़क का प्रावधान किया गया है।

PWD के तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

घटिया सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों की नाराज़गी के फलस्वररूप सड़क निर्माण के भ्रष्टाचार की पोल खोलती सचित्र ख़बरें और वीडियो मीडिया में आने के बाद कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग पन्ना में थोड़ा हड़कंप तो मचा लेकिन दो-चार दिन बाद मामला शांत होने पर निर्माण कार्य फिर से पुराने ढर्रे पर चलने लगा है। घटिया कार्य को लेकर सवाल पूंछने पर लोक निर्माण संभाग पन्ना के तकनीकी अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते हुए ठेकदार के सिर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इनके द्वारा घटिया कार्य को तुड़वाकर नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की बात कही जा रही है। ग़ौरतलब है कि पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण में खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था, इसलिए सहज ही यह सवाल उठता है कि, सड़क निर्माण में इतने बड़े पैमाने पर लीपापोती का खेल संबंधित तकनीकी अधिकारियों की सहमति के बगैर क्या संभव है ? सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मानकों के साथ समझौता कर घटिया कार्य कराए जाने की बोलती तस्वीरें एवं वीडियो मीडिया में आने के पूर्व तकनीकी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास क्यों नहीं हुआ? ऐसे अनेक सवाल है जिनके जवाब निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के पास नहीं है।

इनका कहना है-

“धरमपुर-कुड़रा मार्ग का कुछ दिन पूर्व मैनें अधीक्षण यंत्री मण्डल नौगांव के साथ निरीक्षण किया था, ठेकेदार के द्वारा रेतीली मिट्टी का उपयोग सड़क के सब ग्रेड में किया जा रहा क्योंकि उसका सीबीआर अच्छा रहता है। कंक्रीट मटेरियल में रेतीली मिट्टी का कहीं भी उपयोग नहीं किया गया है। रपटा-पुलिया के निर्माण में ठेकेदार ने शटरिंग को सहारा देने के बल्ली की जगह बगल में मिट्टी चढ़ा दी थी। जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि मिट्टी का पुराव किया गया। ठेकेदार को सम्पूर्ण मिट्टी हटाकर कंक्रीट मटेरियल डालने के निर्देश दिये हैं। सड़क के निर्माण में कोई गड़बड़ी नहीं है, कार्य गुणवत्तापूर्ण है।”

–  पीके चतुर्वेदी, अनुविभागीय अधिकारी, लोनिवि उप संभाग पन्ना-प्रथम।

“धरमपुर-कुड़रा मार्ग निर्माण कार्य पेटी ठेका पर कराया जा रहा है जिसमें बड़े पैमाने पर चल रही गड़बड़ी पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाते हुए यदि निर्धारित मानक-मापदंड अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित नहीं कराया गया तो लोक निर्माण विभाग कार्यपालन यंत्री के कार्यालय परिसर में कुड़रा के ग्रामीणों के साथ धरना दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारियों तथा मुख्य तकनीकी परीक्षक सतर्कता से लिखित शिकायत की जाएगी।”

–  शंकर प्रसाद द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरमपुर जिला पन्ना।

MP News : भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का नेता निकला नशे का सौदागर, शराब की तस्करी करते पकड़ा गया

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शराब तस्करी का आरोपी भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष मोहन्द्रा महेन्द्र सिंह परिहार (लाल घेरे में) पन्ना जिला पंचायत अध्यक्ष पति एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष का स्वागत करते हुए। (फाइल फोटो)

*      शराब की पेटियां अपनी कार में छिपाकर कर रहा था अवैध परिवहन

*      पन्ना जिले के भाजयुमो मोहन्द्रा मण्डल का अध्यक्ष है आरोपी युवक

*      युवा नेता के कब्जे से अवैध कट्टा-कारतूस बरामद, वाहन चालाक हुआ फरार

*      पुलिस कर रही थी पीछा चकमा देने के लिए गांव में घुसने पर ग्रामीणों ने दबोंचा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में नशे के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोनी ग्राम से एक शराब तस्कर को शराब की खेफ के साथ पकड़ा है। ये कार्रवाई कोनी के ग्रामीणों के सहयोग से अमानगंज थाना पुलिस ने की है। खास बात यह है कि, शराब की तस्करी करते पकड़ा गया आरोपी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का मण्डल अध्यक्ष बताया जा रहा है। आरोपी युवक अपनी कार में शराब की पेटियों को छिपाकर तस्करी कर रहा था। संदेह होने पर ग्रामीणों ने जब युवा नेता को पकड़ा तो कार का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने भाजयुमो नेता की कार से बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। और आरोपी के कब्जे से अवैध कट्टा-कारतूस बरामद किया है। फिलहाल, पुलिस प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।

शराब को कार से बाहर फेंकते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा

पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने कार में रखी शराब की पेटियों से शराब की बोतलें निकालकर उन्हें सड़क पर फेंक दिया।
आपको बता दें कि, सोमवार 20 जून की देर रात भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा मण्डल मोहन्द्रा के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह परिहार पिता मिथलेश सिंह (30) अपनी सफ़ेद रंग की कार से सुनवानी से सिमरिया की तरफ जा रहे थे। एक बोलेरो जीप में सिविल ड्रेस में सवार पुलिसकर्मी इस कार का पीछा कर रहे थे। इसकी भनक लगने पर कार के अज्ञात चालक ने पुलिस को चकमा देने के लिए रास्ते में कोनी ग्राम की सकरी गली में बेहद तेज रफ़्तार के साथ अंदर की तरफ घुस गया। गांव में चबूतरे पर बैठकर बातें कर रहे पवई जनपद पंचायत सदस्य रोहित द्विवेदी एवं अन्य ग्रामीणों को यह सब देखकर संहेद हुआ। ग्रामीण जब कार के पास पहुंचे तो भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष मोहन्द्रा महेन्द्र सिंह और अज्ञात चालक कार के अंदर पेटियों में रखी शराब को जल्दी-जल्दी बाहर फेंकने लगे। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर जनपद सदस्य रोहित व ग्रामीणों ने जैसे ही महेन्द्र को दबोंचा इस बीच कार चालक मौके से भाग निकला। कार का पीछा करते हुए चंद मिनिट बाद बोलेरो में सवार 3-4 लोग वहां पहुंचे। ग्रामीणों के पूंछने पर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। तभी एक अन्य वाहन से अमानगंज थाना प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुजूर हमराही बल के साथ मौके पर आ गए।

कार्रवाई के आश्वासन पर आरोपी को किया पुलिस के हवाले

भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता को अपनी जीप में बैठाकर अमानगंज थाना ले जाते हुए पुलिसकर्मी।
जनपद सदस्य रोहित द्विवेदी ने मोबाइल पर चर्चा के दौरान रडार न्यूज़ को बताया कि, रात्रि करीब 12 बजे आधा सैंकड़ा ग्रामीणों की मौजूदगी में भाजयुमो नेता महेन्द्र सिंह को अमानगंज थाना प्रभारी के सुपुर्द किया था। इस दौरान ग्रामीणों की मांग पर थाना प्रभारी श्री कुजूर ने आश्वासन दिया कि, शराब तस्करी के मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया जाएगा। मौके पर महेन्द्र के कब्जे से पुलिस ने अवैध कट्टा-कारतूस बरामद किया था। जनपद सदस्य रोहित ने बताया, भाजयुमो नेता ने अपनी कार के बीच में और डिग्गी के अंदर शराब की लगभग 15-20 पेटी छिपा रखी थीं। उल्लेखनीय है कि शराब तस्कर की धरपकड़ की कार्रवाई से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सुबह से ही वायरल है। एक वीडियो में शराब की पेटी गाड़ी की अंदर रखी नजर आ रहीं है जबकि बड़ी संख्या में शराब की बोतलें जमीन पर बिखरी पड़ीं है जिन्हें लोग उठाकर अंदर रख रहे है। इस कार्रवाई से संबंधित बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे एक फोटोग्राफ में अमानगंज थाना प्रभारी जब्तशुदा अवैध कट्टा को हाथ में पकड़े ले जाते हुए दिख रहे हैं। रडार न्यूज़ तथ्यात्मक रूप से वायरल फोटो एवं वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

गांजा की तस्करी करते पकड़ा गया था बजरंग दल का नेता

कार के अंदर छिपाकर रखी गईं शराब की पेटी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शराब तस्करी के इस चर्चित मामले में अमानगंज थाना पुलिस ने भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष मोहन्द्रा महेन्द्र सिंह परिहार के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34 एवं आर्म्स एक्ट धारा 25/27 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में आरोपी भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी किशनगढ़ टोल नाका के समीप से दर्शाई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस कार्रवाई में 7 पेटी शराब, अवैध कट्टा और आरोपी की कार क्रमांक- एमपी 35- 4398 को जब्त किया है। जनचर्चा है कि आरोपी युवा नेता अपने पद की आड़ लेकर काफ़ी समय से शराब की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी काम पूरे रौब के साथ कर रहा था। फिलहाल इस बात पता नहीं चल सका है कि, महेन्द्र सिंह ने इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से, किससे प्राप्त की और वह इसकी डिलेवरी किसे देने जा रहा था। या फिर वह खुद शराब की अवैध रूप से फुटकर बिक्री करता था। विदित हो कि, पिछले माह हिंदूवादी संगठन बजरंग दल के पन्ना जिले के सह संयोजक सुंदरम तिवारी और उनके एक साथी को गांजा की तस्करी करते हुए सतना आरपीएफ और जबलपुर रेलवे क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने उचेहरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। बजरंग दल नेता सुंदरम तिवारी निवासी देवरीगढ़ी थाना देवेन्द्रनगर जिला पन्ना और उसके साथी के कब्जे से 21 किलो गांजा बरामद हुआ था।

सत्तधारी दल की बदनामी के डर से साधी चुप्पी

भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष मोहन्द्रा से बरामद अवैध कट्टे को ले जाते हुए अमानगंज थाना टीआई अरविन्द कुजूर।
शराब तस्करी का मामला सत्ताधारी दल भाजपा की यूथ विंग के नेता से जुड़ा होने की वजह से पन्ना जिले के पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। शायद उन्हें डर है कि इस मामले में वे मीडिया से जितनी बात करेंगे चुनावी साल में सत्ताधारी दल बीजेपी की उतनी ही अधिक बदनामी होगी। इससे सत्तासीनों की गुडबुक में माइनस मार्किंग (नेगेटिव मार्किंग) हो सकती है। बता दें कि पिछले दिनों अमानगंज थाना प्रभारी अरविन्द कुजूर के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की बिक्री के करने वालों के विरुद्ध कई बड़ी कार्रवाई को सफलता पूर्वक अंजाम देकर खूब वाहवाही बटोरी थी। लेकिन ताज़ा कार्रवाई को लेकर वह भी कोई जानकारी देने को भी तैयार नहीं है। जबकि अमानगंज थाना की पिछली सभी कार्रवाई की पुलिस के द्वारा मनमाफ़िक स्क्रिप्ट राइटिंग पश्चात बक़ायदा सोशल मीडिया पर अपने तयशुदा फॉर्मेट में मीडिया के लिए प्रेसनोट, फोटो और वीडियो जारी किए थे। प्रेसनोट में विस्तार के साथ सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी देते हुए अपराध की सूचना मिलने से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने, अधिकारियों के निर्देशन-मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित होने, कार्रवाई को अंजाम देने का विवरण, जब्तशुदा सामग्री का कुल मशरूका, कार्रवाई में सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारियों-पुलिस जवानों के नाम-पदनाम और पुलिस अधीक्षक के द्वारा कार्रवाई करने वाली टीम को पुरुष्कृत करने की घोषणा तक का उल्लेख किया था।

पन्ना को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों में कौन बन रहा है बाधक ?

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*    टीबी मरीजों के सर्वे एवं उपचार के लिए कार्यरत संस्था के कर्मचारी परेशान

*    दीपक फाउंडेशन में नई डीपीएम के रवैये से मचा घमासान

पन्ना। (www.radarnews.in) गंभीर संक्रामक क्षय रोग (टीबी) की अधिकता वाला पन्ना जिला केन्द्र सरकार की मंशानुरूप 2025 में क्या टीबी मुक्त हो पायेगा? यह सवाल बीते कुछ महीनों से जिले के स्वास्थ्य महकमें के जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार बैचेन कर रहा है। दरअसल, बात ही कुछ ऐसी है। जिले में टीबी संक्रमण के नये रोगियों की खोज करने, निक्षय घोषित होने तक उन्हें नियमित रूप से उपचार मुहैया कराने के लिए कार्यरत स्वयंसेवी संस्था दीपक फाउण्डेशन में घमासान मचा है। जिसकी वजह पन्ना जिले के लिए नियुक्त की गई संस्था की नई जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) के रवैये को बताया जा रहा है। मैडम के रवैये से परेशान होेकर संस्था के अनुभवी कर्मचारी अपनी नौकरी से त्याग पत्र दे चुके हैं, जबकि कुछ को बाहर का रास्ता दिखा दिखाया जा चुका है। संस्था में मची इस उठापटक का दुष्प्रभाव प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से जिले में टीबी उन्मूलन के प्रयासों पर पड़ रहा है।
विदित हो कि, पन्ना जिले में टीबी के साथ-साथ सिलीकोसिस के मरीजों की अच्छी खासी तादाद है। बुन्देलखण्ड के पन्ना जिले में तपेदिक यानि टीबी की भयावह स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण अंचल में जन्म लेने वाले अनेक मासूम बच्चे टीबी से ग्रसित होते है। वहीं जिले के गरीब अशिक्षित आदिवासी समाज को टीबी का संक्रमण तेजी से निगल रहा है। इन हालात में पन्ना जिले को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धरातल पर ठोस समन्वित प्रयास प्रयास करने की जरूरत है। तभी पन्ना के साथ-साथ प्रदेश और देश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। लेकिन, विडंबना यह है कि इस काम के लिए नियुक्त की गई संस्था दीपक फाउण्डेशन इस खतरनाक टीबी की बीमारी से लड़ने के बजाय अपने ही कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रताड़ित करने के आरोपों में उलझी है।

टेंशन में आए सीएमएचओ

संस्था की ओर से टीबी के नये मरीजों की जांच आदि की जिम्मेदारी संभाल रहे लैब टैक्नीशियन ध्रुव कुशवाहा एवं टीबी मरीजों के रिकार्ड का संधारण करने वाले राजेन्द्र कुमार लोध अपने पद से इस्तीफा दे चुके है। वहीं फील्ड में नये टीबी मरीजों को खोजने तथा उनकी जांच कराने ब्लॉकों में तैनात रहे कई स्पुटम कलेक्शन एजेन्ट नौकरी छोड़ चुके है। इसके अलावा सलेहा-गुनौर डीएमसी में कार्यरत स्पुटम एजेन्ट का कार्य संतोषजनक होने के बावजूद हाल ही में उन्हें हटा दिया गया है। पन्ना में दीपक फाउण्डेशन की नई डीपीएम आयुषी सैनी जब से आईं है तब से संस्था में भारी उथल-पुथल मची है। इसका मुख्य कारण सुश्री सैनी का अव्यवहारिक और तानाशाहीपूर्ण रवैया बताया जा रहा है। अपने मातहत कर्मचारियों के साथ उनका व्यवहार ऐसा है कि अनुभवी कर्मचारी मजबूर होकर या तो नौकरी छोड़ रहे है या फिर उन्हें निकाला जा रहा है। दीपक फाउण्डेशन में मची इस उठापटक ने जिले के प्रभारी क्षय अधिकारी सहित प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टेंशन बढ़ा दी है।
मालूम हो कि, पन्ना जिले में टीबी के नये रोगियों के प्राईवेट नोटिफिकेशन पहले से भी बहुत कम है, जिसका सीधा असर जिले के सूचकांक पर पड़ता है और इससे जिले में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम प्रभावित होता है। स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता का सबब यह है कि दीपक फाउण्डेशन से अनुभवी कर्मचारी जिस तरह से एक-एककर काम छोड़ते जा रहे है उसके मदद्देनज़र कहीं निर्धारित समयावधि में क्षय उन्मूलन लक्ष्य हांसिल करने की उम्मीद का दीपक ही न बुझ जाए। इससे चिंतित और नाखुश प्रभारी सीएमएचओ पन्ना डॉ. व्हीएस उपाध्याय ने दीपक फाउण्डेशन के कर्मचारियों के लगातार त्याग पत्र देने तथा उन्हें नौकरी से निकाले जाने के मामले को गंभीरता से लिया है।

डीपीएम को तलब कर मांगा था जवाब

फाइल फोटो।
प्रभारी सीएमएचओ ने इस सम्बंध में संस्था की जिला कार्यक्रम प्रबंधक को तलब कर समक्ष में जवाब मांगा था। डीपीएम को भेजे गये पत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर लेख किया था कि संस्था से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों ने आपके रवैये पर सवाल उठाए है। ऐसी स्थिति मे उक्त प्रकरणों में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को क्यों न लेख किया जाए। इस पत्राचार से मचे हड़कम्प के बाद डीपीएम ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए त्याग पत्र दे चुके एक जरूरतमंद कर्मचारी से क्षमा पत्र लिखवाकर वापिस नौकरी पर रख लिया है। जबकि आधा दर्जन कर्मचारी अभी भी बाहर है। क्षमा पत्र लिखवाकर एकमात्र कर्मचारी को वापिस नौकरी पर रख कर डीपीएम यह साबित करना चाहती है कि गलत वह नहीं बल्कि कर्मचारी हैं। इस तरह डीपीएम अपनी कारगुजारियों पर पर्दा डालने के साथ ही संस्था में कर्मचारियों के साथ होने वाले अनुचित व्यवहार को लेकर उच्चाधिकारियों के उदासीन रवैये का भी बचाव कर रही है। हालांकि नौकरी छोड़ चुके कर्मचारी तथ्यों-तर्कों के साथ जो कुछ बता रहे है वह डीपीएम की कवायद पर पानी फेरने वाला है। उल्लेखनीय है कि पूर्व कर्मचारियों के आरोपों के सम्बंध में दीपक फाउण्डेशन पन्ना की डीपीएम आयुषी सैनी से उनका पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने व्हाट्सएप सन्देश और टेक्स्ट मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना है-

“कर्मचारियों को नौकरी पर रखना या निकालना यह संबंधित संस्था के क्षेत्राधिकार का मामला है। इसमें हमारा किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह बात सही है, यदि अनुभवी कर्मचारियों को निकाला जाता है तो उससे चल रहे कार्यक्रम की प्रगति बाधित होती है। पन्ना का मामला संज्ञान में आया था जिसके संबंध में आवश्यक पत्राचार किया गया है। अधिक जानकारी के लिए इस सबंध में आप दीपक फाउण्डेशन के उच्चाधिकारियों से बात कर सकते है।”

–  डॉ. प्रितेष ठाकुर, जिला क्षय अधिकारी, पन्ना, मध्यप्रदेश।

रेलवे के रिटायर्ड इंजीनियर से 30 हजार की रिश्वत लेते आरआई गिरफ़्तार

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पन्ना में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम और लाल घेरे में घूस लेने का आरोपी आरआई।

*      लोकायुक्त पुलिस टीम ने पन्ना में की ट्रैप कार्रवाई

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना में रेलवे के रिटायर्ड इंजीनियर से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्व विभाग के आरआई को लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इंजीनियर की जमीन से अतिक्रमण हटवाने के एवज में आरआई के द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। गुरुवार 15 जून की शाम लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई ट्रैप कार्रवाई की खबर आते ही प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मच गया। घूसखोर आरआई की धरपकड़ की कार्रवाई को जिला पंचायत कार्यालय परिसर के सामने स्थित सरकारी आवास में अंजाम दिया गया।
अतिक्रमण हटवाने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार आरआई केके शर्मा।
आवेदक जिया लाल यादव ने बताया कि उनके भाई चंद्र भूषण यादव ने ग्राम भसूंड़ा में एक जमीन खरीदी थी। जिससे अतिक्रमण हटाए जाने के आवेदन देने के बाद कई बार चक्कर काटते रहे। उन्हें बार-बार बुलाकर अपमानित भी किया गया। काफी समय बाद आरआई बृजपुर केके शर्मा ने एक कागज में लिखकर 30 हजार रुपए की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान रिटायर्ड इंजीनियर जिया लाल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के कार्यालय में लिखित शिकायती आवेदन पत्र दिया गया। लोकायुक्त पुलिस सागर के अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आवेदक जिया लाल यादव के द्वारा बताया गया था कि 30 हजार की रिश्वत केके शर्मा राजस्व निरीक्षक के द्वारा मांगी जा रही है। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्यवाही की गई। गुरुवार शाम आरआई केके शर्मा को आवेदक जिया लाल ने जैसे ही 30 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर कैमिकल युक्त नोट दिए, तभी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरआई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले में स्थित सरकारी कार्यालयों में रिश्वत दिए बगैर आमआदमी का कोई काम नहीं होता। अति पिछड़ा यह जिला प्रशासनिक अमले, सत्तासीन जनप्रतिनिधियों-नेताओं और माफियाओं के भ्रष्ट गठबंधन का चारागाह बना हुआ है। यहां हर तरफ़ बेइंतहा भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और संगठित लूट मची है। इस अराजकता पूर्ण स्थिति के कारण आमआदमी बहुत परेशान है।

जेके सीमेंट कंपनी से भूमि अधिग्रहण के एवज में मांगा बाजार मूल्य का 4 गुना मुआवजा

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पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा में जेके सीमेंट कंपनी के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी किसान-बेरोजगार युवा।

*      सीमेंट प्लांट प्रभावित किसानों ने नौकरी एवं मुआवजा राशि को लेकर किया प्रदर्शन

*       निवारी ग्राम से सिमरिया तक ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

शादिक खान, पन्ना/सिमरिया। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थापित जेके सीमेंट प्लांट प्रभावित किसानों ने अपनी भूमि अधिग्रहण के एवज में बाज़ार मुल्य का चार गुना मुआवज़ा एवं रोजगार देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अपना हक़ पाने के लिए कई वर्षों से संघर्षरत किसानों ने कड़ी घूप में निवारी ग्राम से सिमरिया तक ट्रैक्टर रैली निकालकर धरना दिया। जेके सेम (सेण्ट्रल) लिमिटेड पर मुआवजा और नौकरी के मुद्दे पर वादाखिलाफ़ी करने आरोप लगाते हुए प्रभावित किसानों-बेरोजगार युवाओं द्वारा पन्ना कलेक्टर के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं पन्ना जिला प्रभारी जीवन पटेल, किसान नेता सेवालाल पटेल, मुन्ना राजा, महिला नेत्री जीराबाई पटेल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान, बेरोजगार युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण शामिल रहे।
मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर सिमरिया क़स्बा में जेके सीमेंट कंपनी के खिलाफ एकदिवसीय धरना पर बैठे किसान।
पन्ना जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआकेन ग्राम में पिछले साल स्थापित जेके सीमेन्ट प्लांट से प्रभावित किसानों-ग्रामीणों को कुछ समय पूर्व तक उचित मुआवजा, रोजगार, हितों के संरक्षण तथा विकास के अनेक सब्जबाग दिखाए गए। भूमि-अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सीमेंट कम्पनी के अफसर तथा जिला प्रशासन ने किसानों से बड़े-बड़े वादे किए। लेकिन काम निकलते ही बेईमान व्यवस्था ने अन्नदाता किसानों से किए गए वादों को भुला दिया। अपने हक़ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर किसानों की सुध लेने वाला अब कोई नहीं है। सीमेंट कंपनी के कथित दलालों, प्रशासन के अनुचित दबाव के चक्कर में फंसकर अपनी बेशक़ीमती कृषि भूमि को कौड़ियों के दाम पर बेंचने वाले किसान परिवार वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे है। जीविकोपार्जन के एकमात्र साधन बहु-फसलीय कृषि भूमि हाथ से निकलने के बाद सीमेंट प्लांट में नौकरी न मिलने से कृषक परिवारों का गुज़ारा लगातार मुश्किल होता जा रहा है। इन परिस्थितियों में जेके सीमेंट प्लांट एवं खनन लीज़ प्रभावित किसान परिवारों ने अपने हक़ के लिए नए सिरे संघर्ष का शंखनाद कर दिया है। शनिवार 10 जून को सिमरिया तहसील मुख्यालय में जिले के जानेमाने किसान नेता सेवालाल पटेल के नेतृत्व में सीमेंट प्लांट प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।

वादाखिलाफ़ी से उपजा आक्रोश

सीमेंट प्लांट पिछले साल जब निर्माणाधीन था तब क्षेत्रीय किसानों ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुसार बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने तथा अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के क्षेत्रफल अनुसार प्रभावित परिवार के सदस्यों को सीमेंट फैक्ट्री में नौकरी देने की मांग को लेकर करीब महीने भर तक धरना-प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन को समाप्त कराने जिला प्रशासन की मध्यस्थता में जेके सीमेंट कम्पनी ने कथित तौर पर किसानों से समझौता किया था। लेकिन समझौते की शर्तों का सीमेंट कंपनी द्वारा अब तक पालन नहीं किया गया। बदली हुई परिस्थितियों में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे किसान जेके सीमेंट प्रबंधन पर वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसके विरोध स्वरूप किसानों ने शनिवार को निवारी ग्राम से सिमरिया तक ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने इस दौरान जेके सीमेंट कंपनी, पन्ना जिला प्रशासन और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।

स्वार्थपूर्ति के चक्कर में मौन है माननीय

पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा में जेके सीमेंट कंपनी के खिलाफ किसानों के धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जीवन पटेल।
जेके सीमेंट के खिलाफ उमस भरी प्रचण्ड गर्मी-तेज धूप में एक दिवसीय धरना देने वाले किसानों ने आपबीती सुनाते हुए सीमेंट कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अनेक किसानों ने बताया कि, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का संरक्षण प्राप्त जेके सीमेंट कंपनी ने उनका बेइंतहा शोषण किया है। कंपनी प्रबंधन पूर्व में किए अपने वादों से मुकरते हुए खुलकर मनमानी करने पर आमादा है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर क्षेत्रीय विधायक, सांसद एवं मंत्री तमशबीन बने हुए हैं। प्रभावित किसानों की मानें तो, जेके सीमेंट की कारगुजारियों पर मौन रहने के एवज में जिले के माननीय और उनके करीबी नेतागण प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं पन्ना जिला प्रभारी जीवन पटेल ने धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में किसानों से आव्हान किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में क्रोनी कैपिटलिज़्म की नीति पर चलने वाली प्रदेश की जनविरोधी भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस पार्टी को अपना पूर्ण समर्थन दें। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर आपकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण कराया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण क्षेत्रफल अनुसार दी जाए नौकरी

जेके सीमेंट कंपनी की वादखिलाफ़ी से आक्रोशित किसानों-युवाओं के द्वारा सिमरिया क़स्बा में ट्रैक्टर रैली निकाली गई।
ट्रैक्टर रैली एवं धरना-प्रदर्शन के बाद सिमरिया तहसीलदार को पन्ना कलेक्टर के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से पूर्व में हुए समझौते का अविलंब पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख है कि, जिन किसानों की एक आरे भूमि से लेकर एक हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है उनके परिवार किसी एक सदस्य को सीमेंट कम्पनी में नौकरी दी जाए। एक हैक्टेयर से लेकर दो हैक्टेयर भूमि अधिग्रहण के प्रकरण में प्रभावित कृषक परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दी जाए और दो हैक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहण पर संबंधित किसान के परिवार से तीन सदस्यों को जीविकोपार्जन हेतु उनकी योग्यता अनुसार नौकरी दी जाए। भूमि अधिग्रहण के लिये बाज़ार मूल्य का चार गुना मुआवजा सभी किसानों को दिया जाए। सीमेंट प्लांट की नौकरियों में पन्ना जिले के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सीमेंट प्लांट की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए उनकी पूर्ति हेतु स्थानीय युवाओं को स्वरोजग़ार की स्थापना में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

रेत चोरी कर अवैध परिवहन करने के आरोप में 5 ट्रैक्टर चालकों के ख़िलाफ़ प्रकरण दर्ज़, पुलिस ने जब्त किए रेत से लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली

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पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना परिसर सुरक्षार्थ खड़े कराए गए चोरी की रेत से लोड जब्तशुदा ट्रैक्टर-ट्रॉली।

*     अजयगढ़ थाना टीआई ने बताया प्रकरण की विस्तृत जांच कर ट्रैक्टर मालिकों को बनाया जाएगा आरोपी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में चल रहे रेत के अवैध उत्खनन-परिवहन सहित अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर उप पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर ललित शाक्यवार एवं पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना द्वारा जिले के समस्त थाना व चौकी प्रभारियों दिए गए सख्त निर्देश का असर धरातल पर दिखने लगा है। शुक्रवार 9 जून को जिले के अजयगढ़ थाना एवं कोतवाली थाना पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए क्रमशः 4 व 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर उनके चालकों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 379 के तहत चोरी का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस की इस वैधानिक कार्रवाई के बाद से रेत का अवैध परिवहन करने वालों में जबरदस्त हड़कंप मचा है।
रेत चोरी मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी देने पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रेसनोट जारी किया है। जिसमें में बताया गया है कि, पुलिस अधीक्षक पन्ना के आदेशनुसार रेत के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों के द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में तंत्र को सक्रिय गया। फलस्वरूप शुक्रवार 9 जून को थाना प्रभारी अजयगढ़ निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर एवं थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरुण कुमार सोनी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोगों द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली में अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी अजयगढ़ एवं थाना प्रभारी कोतवाली के नेतृत्व में कार्रवाई हेतु तत्काल पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा तत्परता से मुखबिर के बताए हुए स्थान पर पहुंचकर रेत से भरे ट्रैक्टरों की घेराबंदी कर उन्हें जांच हेतु रोका गया। ट्रैक्टर-ट्राली से रेत परिवहन करने के संबंध में ट्रैक्टर चालकों से वैध परमिट मांगा। मौके पर ट्रैक्टर चालकों ने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किये। प्रारंभिक जांच में रेत चोरी कर ट्रैक्टर-ट्राली से अवैध परिवहन करते पाये जाने अजयगढ़ थाना पुलिस ने 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं कोतवाली थाना पुलिस ने 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। दोनों ही पुलिस थानों में सम्बंधित ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ रेत चोरी का प्रकरण कायम किया गया है।
अजयगढ़ थाना अंतर्गत चोरी की रेत का अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे ये पुलिस जवान।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अजयगढ़ थाना में जिन चार ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ रेत चोरी का मामला दर्ज हुआ है, उनमें सुरेन्द्र यादव पिता रामस्वरूप यादव 19 वर्ष ग्राम बहादुरगंज, हीरालाल यादव पिता स्वर्गीय टिड़ी यादव 50 वर्ष ग्राम नयापुरवा बड़ीरूंध, नत्थू कुशवाहा पिता छोटेलाल कुशवाहा 19 वर्ष ग्राम बहादुरगंज एवं जयप्रकाश यादव पिता पजन यादव 22 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 13 माधौगंज, अजयगढ़ सभी निवासी थाना अजयगढ़ जिला पन्ना शामिल हैं। पुलिस के द्वारा जब्त किए गए रेत से लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को सुरक्षार्थ थाना परिसर रखा गया है। अजयगढ़ थाना टीआई हरी सिंह ठाकुर ने बताया कि दर्ज़ किये गए रेत चोरी के प्रकरणों की विस्तृत जांच उपरांत ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों को आरोपी बनाया जाएगा।

MP : जेके सीमेंट कंपनी की वादाखिलाफ़ी से नाराज़ जवान और किसान भरेंगे हुंकार

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सांकेतिक फोटो।

*     पन्ना जिले की सिमरिया तहसील मुख्यालय में 10 जून को होगा विशाल प्रदर्शन

*      तहसील कार्यालय से सिमरिया ग्राम तक निकाली जाएगी विशाल ट्रेक्टर रैली

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले साल स्थापित जेके सीमेंट प्लांट का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्लांट से प्रभावित किसानों एवं युवाओं ने सीमेंट कंपनी की वादाखिलाफ़ी के विरोध स्वरूप पुनः सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। फलस्वरूप जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड के खिलाफ जिले की सिमरिया तहसील मुख्यालय में शनिवार 10 जून 2023 को एकदिवसीय विशाल प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया है। विधानसभा चुनाव के पहले जेके सीमेंट कम्पनी के खिलाफ किसानों-नौजवानों के पुनः लामबंद होने जिले में सियासी हलचल तेज़ हो गई है। किसानों से किए गए वादों पर समय रहते ईमानदारी से अमल न करने के कारण उपजे आक्रोश-असंतोष के मद्देनजर सीमेंट प्लांट का स्थानीय प्रबंधन और इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका अदा करने वाला जिला प्रशासन फ़िलहाल बैकफुट पर खड़ा हुआ नज़र आ रहा है।

ट्रैक्टर रैली निकालकर सौंपा जाएगा ज्ञापन

फाइल फोटो।
धरना-प्रदर्शन के संयोजक एवं जिले के प्रतिष्ठित किसान नेता सेवालाल पटेल ने रडार न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया जेके सीमेंट कंपनी द्वारा भू-अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजा, सीमेंट प्लांट प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार देने सहित अन्य मुद्दे पर वादखिलाफ़ी किए जाने से सिमरिया-अमानगंज तहसील क्षेत्र के नौजवान और किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। डबल इंजन की सरकार में फलफूल रही क्रोनी कैपिटलिज्म की व्यवस्था में आमआदमी के हक़-अधिकार को कुचला जा रहा है। जिसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से प्रभावित किसानों व युवाओं की आवाज़ को बुलंद करने के लिए सिमरिया में शनिवार 10 जून 2023 को एकदिवसीय विशाल प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया है। श्री पटेल ने बताया कि कल शनिवार को दोपहर 11 बजे क्षेत्र के सैंकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर लेकर सिमरिया तहसील कार्यालय के समीप प्राथमिक विद्यालय प्रांगण निवारी में एकत्र होंगे। तत्पश्चात विद्यालय प्रांगण से सिमरिया क़स्बा तक ट्रैक्टरों की कतारबद्ध रैली निकाली जाएगी। वादाखिलाफ़ी के विरोध स्वरूप जवानों-किसानों के प्रदर्शन के बाद सिमरिया तहसीलदार को पन्ना कलेक्टर के नाम पर एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

समझौते पर अमल न करके दिया धोखा

सेवालाल पटेल वरिष्ठ किसान नेता।
किसान नेता सेवालाल पटेल का आरोप है कि, अमानगंज तहसील के हरदुआकेन ग्राम में जेके सीमेंट कम्पनी के प्लांट की स्थापना हेतु जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया। इसी तरह प्रभावित कृषक परिवारों के युवाओं को सीमेंट प्लांट में जीवकोपार्जन के लिए उनकी योग्यता अनुसार नौकरी नहीं दी गई। जबकि भू-अर्जन मुआवजा एवं रोजगार सहित अन्य मुद्दों पर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र की मौजूदगी में पिछले वर्ष बकायदा समझौता हुआ था। लेकिन इस समझौते पर अब तक अमल न करके सीमेंट कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को धोखा देने का काम किया है। सत्ताधारी दल के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी प्रभावित किसानों को न्याय दिलाकर अपना फर्ज निभाने के बजाए निहित स्वार्थपूर्ति के चक्कर में जेके सीमेंट कम्पनी प्रबंधन की खुलकर चाटुकारिता कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब सीमेंट प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे तब उनके संज्ञान में भी इन ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता लाया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ कोरे आश्वासन देकर चले गए।
सीमेंट कम्पनी के पाले में खड़े सत्ताधारी दल के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के रवैये से नाउम्मीद हो चुके प्रभावित किसानों-नौजवानों ने अब इंसाफ मिलने तक सड़क पर उतरकर अनवरत संघर्ष करने का मन बना लिया है। उल्लेखनीय है कि किसानों के प्रदर्शन को लेकर जेके सीमेंट प्लांट हरदुआकेन के स्थानीय प्रबंधन से उनका पक्ष जनने के लिए सम्पर्क किया गया लेकिन सीमेंट कम्पनी के अधिकारी का फोन रिसीव न होने के कारण बात नहीं हो सकी।

पर्यावरण और आध्यात्म के बीच बहुत गहरा संबंध : ब्रह्माकुमारी बहनजी

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पन्ना के माधव पैरामेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

*      विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की ली प्रतिज्ञा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा पन्ना नगर के माधव पैरामेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को पर्यावरण का महत्व समझाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पर्यारवण संरक्षण की प्रतिज्ञा ली।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्था पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, जल है तो हमारा कल यानी भविष्य है। जल प्रकृति द्वारा मनुष्य को दी गई महत्वपूर्ण सम्पत्तियों में से एक है। बिना जल के जीवन की कल्पना संभव नहीं है। जल की कमी धीरे-धीरे बढ़कर एक गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही है। प्रदूषित पानी के उपयोग से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। वर्तमान समय में भारत तथा विश्व भर में गहराए जल संकट के प्रति जन-जागरूकता लाने की अत्याधिक आवश्यकता है। इसलिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था ने जल-जन अभियान के माध्यम से करोड़ों लोगों को जागरूक करने तथा देश के हर नागरिक को अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी का एहसास कराने का संकल्प लिया है।
ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी ने बताया कि,  का बहुत गहरा संबंध है। भारतीय संस्कृति पर्यावरण के साथ बहुत नजदीकी से जुड़ी हुई है। हमारी जीवनशैली सदा ही पर्यावरण मित्र शैली रही है, जोकि पर्यावरण संरक्षण का कार्य स्वतः करती है। लेकिन वर्तमान समय में हम प्रकृति से बहुत दूर चले गए हैं और प्रकृति तथा आध्यात्म का समन्वय भी बिगड़ गया है। जिसके फलस्वरूप प्रकृति के पांचों तत्वों का विध्वसंक रूप हमें देखने को मिल रहा है। प्रकृति यह सन्देश दे रही है कि, अब यह जागने का समय है। प्रकृति के साथ संबंध जोड़कर उसे देवतुल्य मानने की परम्परा को आधुनिक युग में भी जीवित रखने की नितांत आवश्यकता है। इसलिए अब हम सभी आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण मानव जीवन, मूल्यनिष्ठ समाज और सुखदाई पर्यावरण का संकल्प लें।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा लेते कॉलेज स्टूडेंट्स, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक।
कार्यक्रम के अंत में बहनजी ने सभी को पानी बचाएंगे, बिजली बचाएंगे, पेड़ बचाएंगे, पेड़ लगाएंगे, पेट्रोल बचाएंगे, गैस बचाएंगे, हम अपनी आदतों में सुधार लाएंगे, स्वच्छ भारत बनाएंगे, भारतीय संस्कृति को बचाएंगे आदि प्रतिज्ञाएं दिलाई। कार्यक्रम में पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक अभिषेक श्रीवास्तव, कॉलेज स्टॉफ सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सेवानिवृत्त होने पर निरीक्षक कनारे एवं एएसआई रमाकांत को दी गई भावभीनी विदाई

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सेवानिवृत्त निरीक्षक अमरदास कनारे व एएसआई रमाकांत शुक्ला को पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना ने शॉल-श्रीफल से सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किया।

*     पुलिस कप्तान ने शॉल-श्रीफल से सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) यातयात पुलिस थाना पन्ना के प्रभारी निरीक्षक अमरदास कनारे एवं जिले गुनौर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक रमाकांत शुक्ला के बुधवार 31 मई 2023 को सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना ने दोनों कर्मचारियों की कार्यकुशलता, निष्ठा और व्यवहार की सराहना की। साथ ही उन्हें शॉल-श्रीफल से सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सेवानिवृत निरीक्षक अमरदास कनारे एवं सहायक उप निरीक्षक रमाकांत शुक्ला के सम्मान में विदाई समारोह गुरुवार 1 जून की शाम आयोजित किया गया।
इस अवसर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के कुछ यादगार अनुभव साझा किए। अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त निरीक्षक कनारे एवं एएसआई शुक्ला ने पन्ना जिले में तथा सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। दोनों ने अपने उद्बोधन में बताया कि, पुलिस महकमे में सेवा की शुरुआत आरक्षक के पद से की। पुलिस के कठोर अनुशासन में रहते हुए विषम परिस्थियों के बीच नित नई चुनौतियां का सामना करने से बहुत कुछ सीखने-समझने को मिला जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने सेवानिवृत्त निरीक्षक अमरदास कनारे व सहायक उप निरीक्षक रमाकांत शुक्ला की सराहना करते हुए सेवाकाल के दौरान प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उनके भावी सुखद, स्वस्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की। विदाई समारोह में समारोह में एसडीओपी पन्ना, रक्षित निरीक्षक पन्ना खिलावन सिंह कंवर, यातायात प्रभारी ज्योति दुबे, सूबेदार संजय सिंह जादौन ट्राफिक थाना तथा पुलिस स्टॉफ मौजूद रहा।