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रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए खोदा गड्ढा बना ‘काल’, तालाब में डूबकर दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत

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तालाब में बने गड्ढे में डूबने से मृत बच्चियों के शव के पास बैठी नानी को रोते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

*    नहाते समय हुआ हादसा, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

*    मिट्टी खनन के बाद खुले छोड़े गए विशालकाय गड्ढे बने जानलेवा

*    ‘विकास’ के नाम पर 3 तहसीलों में वृहद स्तर पर चल रहा मिट्टी का अवैध खनन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनहरा गांव में आज एक हृदय विदारक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। ननिहाल आई दो मासूम सगी बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह तालाब रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के लिए मिट्टी निकालने के दौरान ठेकेदार द्वारा खोदा गया था, जो अब मौत का गड्ढा बन चुका है। मृत बच्चियों की पहचान 8 वर्षीय रागिनी और 6 वर्षीय आशिकी के रूप में हुई है, जो अमानगंज क्षेत्र के रामपुर गांव से अपनी नानी के घर आई थीं। दुखद हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्दनाक हादसे में दोनों नातिनों की मौत होने की जानकारी नाना काली आदिवासी ने पत्रकारों को दी।
प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार 25 मार्च दोपहर के समय सुनहरा में रागिनी और आशिकी आदिवासी गांव के तालाब में के लिए नहाने गई थीं। वहां अन्य बच्चियों के साथ नहाते समय खेल-खेल में अचानक छोटी बहन आशिकी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। उसको बचाने के लिए बड़ी बहन रागिनी ने भी बिना कुछ सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों ही गहराई में समा गईं। काली आदिवासी ने बताया काफी देर तक दोनों नातिनें जब वापस घर नहीं लौटीं तो उसने अपने पुत्र यानी बच्चियों के मामा को तालाब भेजा। करीब घंटे भर तक चली खोजबीन के बाद दोनों बच्चियां तालाब के गड्ढे में अचेत स्थिति में मिलीं। आसपास मौजूद लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता कृष्णे आदिवासी सहित पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि यह हृदयविदारक घटना न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गई, बल्कि क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर गई है। ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत आने वाले सतना-खजुराहो रेल खंड का निर्माण प्रगति पर है। इस खण्ड पर वर्तमान में पन्ना जिले में रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसके लिए ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है।

अवैध मिट्टी खनन पर जिम्मेदार खामोश

पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत डुंगरहो ग्राम के समीप रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार ने अपने कैम्प के पीछे सड़क किनारे ही अवैध खनन कर डाला।
पन्ना जिले की देवेन्द्रनगर, पन्ना और अजयगढ़ तहसील क्षेत्र में रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए ठेकेदारों द्वारा जगह-जगह अवैध रूप से मिट्टी खनन किया जा रहा है। कई स्थानों पर तालाब गहरीकरण की आड़ में ज्यादा से ज्यादा मिट्टी हांसिल करने के लिए जमीन को खतरनाक गहराई तक खोद दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। खुलेआम संगठित तरीके से चल रहे इस अवैध खनन से शासन को न सिर्फ करोड़ों रुपए की क्षति पहुंच रही है बल्कि मिट्टी की लूट से बने गहरे और विशालकाय गड्ढे आम लोगों, खासकर छोटे बच्चों और बेजुबान जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल रेलवे ठेकेदारों और राजस्व व खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है। परिणामस्वरूप तीनों तहसील क्षेत्रों में वैधानिक स्वीकृति के बगैर अब तक लाखों घनमीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन खतरनाक गड्ढों के लिए जिम्मेदार कौन है? क्यों अब तक किसी भी स्तर पर सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए? और क्या हर बार किसी मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विकास कार्यों की आड़ में हो रही लापरवाही आखिर कब तक आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेगी।

इनका कहना है-

“तालाब में खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत के मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। घटनास्थल से रेलवे ट्रैक निर्माण हेतु मिट्टी की खुदाई और फिर गड्ढे को असुरक्षित छोड़ने के पहलू की भी पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
रोहित मिश्रा, टीआई, कोतवाली थाना पन्ना।

शराब तस्करी मामले में फरार कांग्रेस से निष्कासित नेता अजयपाल गिरफ्तार, भेजा गया जेल

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*   पुलिस का दावा: महंगे शौक और पैसों के लालच में किया अवैध शराब परिवहन

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी एवं पूर्व कांग्रेस नेता अजयपाल लोधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार शराब तस्करी के मामले में अजयपाल मुख्य आरोपी है। सिमरिया थाना में उसके और अन्य के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 8 मार्च 2026 को मोहन्द्रा क्षेत्र के ग्राम रीछी के पास एक बलेनो कार एमपी 35-ZA-5906 से 8 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी। इस दौरान वाहन को भी जब्त किया गया था और मामले में आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना के बाद से कार का मालिक मुख्य आरोपी अजयपाल लोधी पुत्र हरवंश लोधी 36 वर्ष निवासी ग्राम बड़खेरा थाना सिमरिया फरार चल रहा था।
पुलिस ने बताया कि लगातार तलाश और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी अजयपाल को सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है, पूछताछ के दौरान आरोपी ने ऐशो-आराम भरी जिंदगी जीने की चाहत और पैसों के लालच में शराब तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपी की गिरफ्तारी में मोहन्द्रा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दीपक भदौरिया के नेतृत्व वाली पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि अजयपाल लोधी के विरुद्ध आबकारी एक्ट का मामला पंजीबद्ध होने की खबर आने के बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सिमरिया मुकेश चौरसिया ने उसे पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था।

ऐतिहासिक पल: पन्ना की उम्मीदें पटरी पर, नागौद से फुलवारी तक पहली बार दौड़ी ट्रेन

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*    सीआरएस की मौजूदगी में 15 किमी ट्रैक पर सफल ट्रायल रन

*    फुलवारी स्टेशन पर पहली बार ट्रेन पहुंचने पर जिले में उत्साह की लहर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के लिए बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक क्षण मंगलवार को साकार हो गया, जब सतना-पन्ना सेक्शन में नागौद से फुलवारी (देवेंद्रनगर) के बीच तैयार रेल ट्रैक पर पहली बार ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया। जैसे ही ट्रेन फुलवारी रेलवे स्टेशन पहुंची, पूरा क्षेत्र उत्साह और गर्व से भर उठा। ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों ने इस पल का स्वागत तालियों-खुशियों के साथ किया। फुलवारी स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने का यह दृश्य पन्ना जिले के इतिहास में एक सुनहरा और यादगार पल बन गया। यह केवल ट्रेन का आगमन नहीं, बल्कि पन्ना के विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।

15 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर हुआ ट्रायल रन

जानकारी के अनुसार, नागौद से फुलवारी के बीच करीब 15 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर यह ट्रायल रन किया गया। इस दौरान कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) गुरु प्रकाश ने पमरे मंडल जबलपुर के अधिकारियों के साथ ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया। विशेष ट्रेन के माध्यम से अधिकारियों ने ट्रैक की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। ट्रायल रन के मौके पर पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एएमएस हाशमी, डीआरएम केके तलरेजा, चीफ इंजीनियर जेएस मीणा, प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

ट्रैक व सुरक्षा का निरीक्षण

मंगलवार 24 मार्च 2026 की सुबह सतना से विशेष ट्रेन के जरिए अधिकारियों का दल नागौद पहुंचा, जहां से सुबह करीब 9 बजे ट्रायल रन की शुरुआत की गई। निरीक्षण के दौरान रेल पटरियों, पुल-पुलियों, सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन व्यवस्थाओं को परखा गया। नागौद स्टेशन पर अधिकारियों ने संकेत दिए कि निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस रेल खंड पर जल्द ही नियमित ट्रेन संचालन शुरू किया जा सकता है। सीआरएस गुरु प्रकाश की देखरेख में हुए ट्रायल रन के तहत नागौद से फुलवारी तक 15 किलोमीटर के नवनिर्मित ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार डीजल इंजन से संचालित ट्रेन दौड़ाई गई। ट्रायल रन तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह सफल रहा। फुलवारी रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन पहुंची, वहां मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पहुंचे। कई लोगों ने इसे “पीढ़ियों के इंतजार का अंत” बताया। इस ऐतिहासिक पल को कई लोगों ने अपने कैमरों में कैद किया।

अगले वर्ष पन्ना तक ट्रैक तैयार होने की संभावना

उल्लेखनीय है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत सतना-पन्ना रेल खण्ड के बीच नागौद-फुलवारी आता है। सतना-पन्ना रेल खण्ड की कुल लंबाई लगभग 75 किलोमीटर है। अब तक 45 किलोमीटर ट्रैक पूरी तरह से तैयार हो चुका है। फुलवारी से देवेन्द्रनगर तक 7 किलोमीटर ट्रैक अंतिम चरण में है और इसे अप्रैल माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पन्ना तक शेष 23 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को मार्च 2027 तक पूरा करने का टारगेट है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद पन्ना जिले को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आवागमन, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सुविधा शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खजुराहो जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के नजदीक होने के कारण हीरों की नगरी पन्ना में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नागौद से फुलवारी तक ट्रेन का यह सफल ट्रायल रन पन्ना जिले के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। यह केवल रेल का संचालन नहीं, बल्कि पन्ना के उज्जवल भविष्य, नई संभावनाओं और विकास की पटरी पर दौड़ते सपनों की शुरुआत है।

विधानसभा-लोकसभा प्रत्याशी चयन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की होगी अहम भूमिका: हरीश चौधरी

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मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी एवं सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव ने रविवार 22 मार्च 2026 को पन्ना में पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

*      पन्ना दौरे पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर

*      आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित, पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण

*      जिला समन्वय समिति की बैठक में कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी एवं राजस्थान के विधायक हरीश चौधरी ने रविवार को अपने पन्ना प्रवास के दौरान संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की केंद्रीय भूमिका को लेकर स्पष्ट और प्रभावी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकजुट होकर निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करें, तो दुनिया की कोई ताकत पार्टी को पराजित नहीं कर सकती। श्री चौधरी ने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय बदल रहा है और कांग्रेस संगठन भी अपनी कार्यशैली में परिवर्तन कर रहा है। प्रत्याशी चयन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जमीनी हकीकत के आधार पर मजबूत नेतृत्व सामने आ सके। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जहां छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े पदाधिकारी तक सभी को समान सम्मान मिलता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर

सर्किट हाउस पन्ना में आयोजित  में हरीश चौधरी ने पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी सदस्यों के सुझाव गंभीरता से सुने और संगठन को अधिक सशक्त, सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने यह भी संकेत दिए कि पार्टी में पुरानी परंपराओं को समाप्त कर नई कार्यप्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है और इसके लिए गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। हर कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी से ही एक मजबूत संगठन का निर्माण संभव है। बैठक को जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीस खान ने भी संबोधित किया। उन्होंने नेतृत्व के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए एकजुटता और निष्ठा के साथ जिले में कांग्रेस पार्टी को गांव -गांव तक अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जिला प्रभारी राजभान सिंह ने अपने उद्बोधन में आपसी समन्वय, एकजुटता के साथ विपक्ष की प्रभावी भूमिका अदा करने की बात कही।

गर्मजोशी के साथ किया स्वागत

पन्ना आगमन पर मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी व सह प्रभारी सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव का जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में आंबेडकर चौक पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों की गूंज, गगनभेदी नारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अपार उत्साह ने ऐसा माहौल बनाया कि कुछ देर के लिए पूरा वातावरण ही कांग्रेसमय हो गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात जिला कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश प्रभारी का यह दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और विश्वास भी भर गया। उनके स्पष्ट संदेश ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और अधिक निर्णायक होने जा रही है।

इनकी रही उपस्थिति

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायकद्वय श्रीकांत दुबे, महेन्द्र बागरी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सर्वश्री भास्कर देव बुंदेला, शिवजीत सिंह भैया राजा, श्रीमती दिव्या रानी सिंह, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी श्रीमती कविता राजे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती मीना यादव, भरत मिलन पाण्डेय, जीवनलाल सिद्धार्थ, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र दीक्षित, रामलाल आदिवासी सहित जिले के समस्त ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, समस्त नगर कांग्रेस अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

“भाजपा शोषण की राजनीति करती है, कांग्रेस सेवा की”- अजय सिंह राहुल

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मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पन्ना में पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकरियों को संबोधित किया।

*    बुंदेलखंड दौरे पर पन्ना पहुंचे पूर्व नेता प्रतिपक्ष, कार्यकर्ताओं में भरा जोश

*    सत्तारूढ़ बीजेपी के कुशासन, नाकामियों और भेदभावपूर्ण नीतियों पर बोला हमला

  वीरांगना अवंती बाई लोधी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अर्जुन सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल भैया ने अपने बुंदेलखंड दौरे के दौरान शुक्रवार को पन्ना पहुंचकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय सिंह राहुल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा शोषण की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस हमेशा सेवा की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सेवा भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से बुंदेलखंड के दौरे पर हैं और इस यात्रा का उद्देश्य पार्टी के उन पुराने कार्यकर्ताओं से मिलना है, जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से संगठन को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान और संवाद जरूरी है।

भाजपा के कुशासन के खिलाफ संघर्ष का आव्हान

बुंदेलखंड की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े नेता कांग्रेस नेताओं को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थकों को कम आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को अधिक लाभ मिलता है। अजय सिंह राहुल ने संगठन में एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि टिकट किसी को भी मिले, लेकिन लक्ष्य पार्टी की जीत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मजबूत नहीं होगी, तो व्यक्तिगत जीत का कोई महत्व नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक भाजपा सरकार को 25 साल पूरे हो जाएंगे और नई पीढ़ी कांग्रेस के शासन को भूलती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि कांग्रेस कार्यकर्ता मजबूती के साथ जनता के बीच जाकर भाजपा के कुशासन के खिलाफ संघर्ष करें।

जिला अध्यक्ष ने किया स्वागत

मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज अपने पन्ना जिले के भ्रमण के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीश खान ने अजय सिंह राहुल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सदन और सड़क दोनों जगह दलित, शोषित और कमजोर वर्ग की आवाज उठाई है। उनके पन्ना आगमन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। मौसम खराब होने के बाद भी पन्ना में बड़ी संख्या पार्टी कार्यकर्ताओं का जुटना इस बात का प्रमाण है। श्री खान ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा, आगामी चुनाव में हमसब मिलकर पूरी एकजुटता के साथ जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को प्रचंड बहुमत से जिताने का काम करेंगे। इसके पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश यादव अजयगढ़, रामबहोरी लोधी धरमपुर, रमा बुंदेला पन्ना, मिलन कुशवाहा देवेन्द्रनगर, अरुण गौतम गुनौर, सौरभ दुबे अमानगंज, सुरेन्द्र नामदेव पवई, छविलाल चौधरी शाहनगर, मुकेश चौरसिया सिमरिया, प्रेम सिंह परस्ते रैपुरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेसियों के निवास पर पहुंचकर की मुलाकात

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने आज पन्ना में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पार्टी नेताओं के घर पहुंचकर उनसे एवं परिवारजनों से भेंट की। इस दौरान श्री सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता महेंद्र दीक्षित, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाजीत सिंह भैया राजा, वरिष्ठ नेता राजेश तिवारी, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, पूर्व सदर मरहूम जनाब जमील मोहम्मद जल्ला भाई, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा, मार्तंड देव बुंदेला, पार्षद रेहान मोहम्मद, रामदास जाटव, पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्या रानी सिंह के निज निवास पहुंचे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मैस्कॉट हॉस्पिटल पहुंचकर डॉ. केपी सिंह राजपूत से सौजन्य भेंट की। वहीं उन्होंने युवा नेता अंकित शर्मा की माता जी व स्वर्गीय पंडित दिनेश गंगेले के निधन होने पर उनके निवास पर पहुंचकर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की।

“सुनहरी रेत का काला कारोबार: नदियां उजड़ रहीं, गरीबों की रोजी छिन रही… और सिस्टम मौन!”

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पन्ना जिले में केन नदी पर बीरा ग्राम समीप स्थित अजयगढ़-चंदला पुल के नीचे नदी की जलधारा को बाधित करके खुलेआम प्रतिबंधित मशीनों से पानी के अंदर से निकलवाते खनन माफिया।

*    जल गंगा अभियान आगाज़ के बीच पन्ना की नदियों में विनाशलीला जारी

*    रेत माफिया के कहर से केन, बाघिन और रुंज नदी का अस्तित्व संकट में

  अवैध खनन पर रोक लगाने सरपंच और महिला कृषक ने राजस्व अधिकारियों से लगाई गुहार

शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला की अजयगढ़ तहसील एक बार फिर अवैध रेत खनन के गंभीर संकट को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में ग्राम पंचायत कटर्रा की सरपंच श्रीमती कमला यादव और एक पीड़ित महिला द्वारा दिए गए दो अलग-अलग आवेदन पत्रों ने न केवल स्थानीय स्तर पर मचे हाहाकार को उजागर किया है, बल्कि शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटर्रा की सरपंच ने रेत माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने खिलाफ एसडीएम से की लिखित शिकायत।
सरपंच कमला यादव द्वारा दिए गए आवेदन में ग्राम कटर्रा के मजरा केवटपुर से गुजरने वाली बाघिन नदी का जिक्र है, जो वर्षों से गरीब केवट समाज के परिवारों की जीवनरेखा रही है। नदी किनारे सब्जी की खेती कर ये परिवार अपना भरण-पोषण करते हैं। लेकिन अब यही जीवनरेखा, अवैध रेत उत्खनन के कारण विनाश के कगार पर पहुंच गई है। आवेदन में स्पष्ट आरोप है कि बालू माफिया दिन-रात मशीनों से नदी का सीना चीर रहे हैं और ग्रामीणों के सब्जी बाग उखाड़कर फेंक रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों तक को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। सरपंच ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह विवाद कभी भी हिंसक रूप ले सकता है।

विधवा महिला के खेत को किया खोखला

रेत माफियाओं द्वारा बाघिन नदी में मशीनों से खनन करके खेत को क्षति पहुंचाने से प्रभावित बेवा केशर बाई केवट ने नायब तहसीलदार अजयगढ़ को आवेदन पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
इसी मामले से जुड़ा एक अन्य आवेदन गरीब विधवा महिला केशर बाई पत्नी स्व. राजू केवट निवासी ग्राम कटर्रा द्वारा कुछ दिन पूर्व अजयगढ़ के नायब तहसीलदार को दिया गया है। इसमें रेत माफियाओं (अवैध उत्खनकर्ता) के रूप में सूरज पटेल, निवासी गढ़ा बागेश्वर धाम, जिला छतरपुर तथा नरेश पटेल निवासी अजयगढ़, जिला पन्ना (म.प्र.) का उल्लेख किया गया है। अनियंत्रित रेत खनन से प्रभावित बेवा महिला आरोप है कि उक्त अनावेदकों द्वारा उसकी जमीन (खेत) के पास 10–15 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं, जिससे खेत धंसने लगे हैं और खेती पूरी तरह चौपट होने की कगार पर है। महिला ने यह भी बताया कि शिकायत करने पर उसे डराया-धमकाया जाता है और खुलेआम कहा जाता है कि “जहां शिकायत करनी है कर लो, खनन बंद नहीं होगा।” अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत केवल बाघिन ही नहीं, बल्कि केन नदी और रूंज नदी में भी वर्षों से बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से रेत का अवैध खनन जारी है। क्षेत्र में आमचर्चा है कि इस पूरे खेल में सत्ताधारी दल भाजपा के जनप्रतिनिधियों, राजस्व, खनिज विभाग और पुलिस अधिकारियों तक की मिलीभगत है, जिससे माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।

जल संरक्षण बनाम रेत माफिया: दोहरी नीति?

विडंबना यह है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाकर जल स्रोतों के संरक्षण की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हीं जल स्रोतों-नदियों को अवैध खनन से खत्म होने दिया जा रहा है। यह सवाल अब आम जनता के बीच गूंज रहा है कि आखिर जल संरक्षण के नाम पर अभियान और जमीनी स्तर पर नदियों का विनाश-दोनों साथ कैसे चल रहे हैं? आवेदनों में यह भी उल्लेख है कि माफिया प्रतिबंधित मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, नदी के भीतर तक खुदाई कर रहे हैं और पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। इसका असर सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं है-भूजल स्तर गिर रहा है, खेती बर्बाद हो रही है और ग्रामीणों की आजीविका छिन रही है।

प्रशासन कटघरे में

अजयगढ़ में स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कार्यालय। (फाइल फोटो)
दोनों आवेदनों में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने वर्षों से चल रहे इस खुले खेल पर अब तक प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है? क्या यह महज लापरवाही है या फिर संरक्षण का संगठित खेल? लोगों का मानना है, वृहद पैमाने पर करीब एक दशक से खुलेआम जारी रेत की लूट शासन-प्रशासन के संरक्षण के बगैर संभव ही नहीं है। खनन माफिया नदियों को तबाह-बर्बाद करने के साथ नदी किनारे स्थित निजी भूमियों (खेतों) तथा शासकीय भूमि पर बिना किसी लीज स्वीकृति के गहरी खदानें खोदकर रेत निकाल रहा है। बीरा, भानपुर, जिगनी एवं रामनई ग्राम में धड़ल्ले से निजी एवं शासकीय भूमि पर संचालित करीब दजर्न भर अवैध रेत खदानों से प्रतिदिन सैंकड़ों घनमीटर रेत निकाली जा रही है। पन्ना में रेत का यह काला कारोबार अब सिर्फ अवैध खनन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्यावरण विनाश, गरीबों की आजीविका छिनने और कानून-व्यवस्था के चरमराने का गंभीर मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इन आवेदनों को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर “रेत का यह खेल” यूं ही चलता रहेगा।

कलेक्टर ने कचरा प्रसंस्करण केन्द्र का किया लोकार्पण

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*      कचरा पृथक्करण व निस्तारण प्रक्रिया की ली जानकारी

पन्ना। कलेक्टर ऊषा परमार ने बुधवार को बायपास रोड स्थित गौशाला के निकट नगर पालिका परिषद पन्ना के कचरा प्रसंस्करण केन्द्र (Waste Processing Center) का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रसंस्करण केन्द्र में कचरा पृथक्करण व निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी लेकर इसे पर्यावरण सुरक्षा (Environmental Protection) व कचरा प्रबंधन (Waste Management) की दिशा में कारगर कदम बताया। साथ ही कहा कि यह प्रयास नगर की स्वच्छता के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिला कलेक्टर ने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (Material Recovery Facility) की अवधारणा पर केन्द्रित कचरा प्रसंस्करण केन्द्र परिसर का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीना पाण्डेय, नपा उपाध्यक्ष आशा गुप्ता, पार्षदगण, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, सीएमओ उमाशंकर मिश्रा सहित एसबीआई फाउंडेशन टीम तथा एनजीओ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

‘आपदा की स्थिति में जीवन रक्षा के उपाय और सावधानियों की जानकारी होना जरुरी’

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*     आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम को कलेक्टर ने किया संबोधित

*     तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को वितरित किए प्रमाण पत्र

पन्ना। जिला आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण (Disaster Management Training) का बुधवार को समापन हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण का कलेक्टर ऊषा परमार ने जायजा लिया और किसी भी प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षण और पूर्व तैयारी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न केवल भूकंप आपदा, बल्कि सर्पदंश और आकाशीय बिजली गिरने जैसी आपदाओं से भी बचाव के लिए सही मार्गदर्शन आवश्यक है। इस तरह के प्रशिक्षण से आवश्यक जानकारी एवं बारीकियां सीखकर आपदा से बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों द्वारा मैदानी स्तर तक जानकारियां साझा की जाएं। ग्राम पंचायतों तक भी प्रचार सामग्री के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करें। वर्तमान में भवन निर्माण सहित सभी पक्के निर्माण कार्यों में आपदा से बचाव के उपाय आवश्यक हैं।
कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का गंभीरता के साथ निर्वहन करें। किसी भी आपात स्थिति (Emergency) में जीवन रक्षा के लिए विभिन्न उपायों व सावधानियों की जानकारी होना चाहिए। जिला कलेक्टर ने उम्मीद व्यक्त की कि आपदा प्रबंधन का यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण निश्चित तौर पर किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जान बचाने के लिए अहम साबित होगा। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों (Trainees) से प्रशिक्षण के दौरान सीखी बारीकियों के संबंध में चर्चा कर प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।

विशेषज्ञों ने किया प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन

जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने कहा कि एसओपी का पालन कर छोटी-छोटी समस्याओं से बचाव संभव है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण की सराहना कर सीईओ द्वारा आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली गई। संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और जागरूकता गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। गृह विभाग के आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के तकनीकी विशेषज्ञों तथा होमगार्ड पन्ना के अधिकारियों द्वारा भी प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।`

रिश्तों का खून: सास ने बहू की ली जान, अंधे हत्याकांड का खुलासा करने का पुलिस का दावा

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मोहन्द्रा चौकी पुलिस ने नीता साहू के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए हत्या के आरोप में उसकी सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

*    आपसी विवाद में वारदात, आरोपी सास गिरफ्तार; कुदाली और खून से सनी साड़ी जब्त

*    पुलिस के खुलासे को संदेह की नजर से देख रहे क्षेत्रवासी

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत मोहन्द्रा चौकी क्षेत्र में हुए गर्भवती महिला के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में मृतका की सास को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, शनिवार 14 मार्च 2026 को ग्राम पड़वार निवासी शिक्षक दयाराम साहू ने सूचना दी थी कि उसकी पत्नी नीता साहू घर के कमरे में अचेत अवस्था में पड़ी है, जिसके सिर, माथे और होंठ पर गंभीर चोट के निशान थे। मृतका नीता सात माह की गर्भवती थी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां महिला मृत पाई गई। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए गए तथा एफएसएल टीम व डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि चौकी प्रभारी मोहन्द्रा उनि दीपक सिंह भदौरिया के नेतृत्व में गठित टीम ने संदेह के आधार पर मृतका की सास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने आपसी कहासुनी के दौरान विवाद बढ़ने पर कुदाली से हमला कर हत्या करना स्वीकार किया, ऐसा पुलिस का दावा है। नीता की नृशंस हत्या से उसके गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित कुदाली और घटना के समय पहनी गई साड़ी जब्त की है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की आगे की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
बता दें कि क्षेत्र में कई ऐसे लोग हैं जो पुलिस की कहानी (खुलासे) पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल लोगों का मानना है, बहू के हत्याकांड को इतनी बेरहमी से वृद्ध सास अकेले अंजाम नहीं दे सकती है। इसलिए सनसनीखेज अंधे कत्ल के खुलासे को लेकर ग्राम पड़वार सहित क्षेत्र में कई तरह चर्चाओं का बाजार गर्म है। इन चर्चाओं में कितनी सत्यता है यह तो फिलहाल मृतका के ससुराल पक्ष के लोग और पुलिस ही बेहतर बता सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस जांच में और कौन से नए तथ्य निकलकर सामने आते हैं।

पन्ना को बजट में बड़ी सौगात: 321 करोड़ से संवरेंगी जिले की सड़कें

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कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना। (फाइल फोटो)

*    13 मार्गों पर 143.70 किमी. सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण व मजबूतीकरण

*    बेहतर होगी कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी रफ्तार

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के बजट वर्ष 2026-27 में पन्ना जिले को सड़क विकास के लिए बड़ी सौगात मिली है। जिले में 13 प्रमुख मार्गों की कुल 143.70 किलोमीटर लंबाई में निर्माण, चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के कार्य लगभग 321.48 करोड़ रुपये की लागत से कराए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा और विकास गतिविधियों को नई गति मिलेगी। लोक निर्माण विभाग, संभाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री जे.पी. सोनकर ने बताया कि तकनीकी अमले की मेहनत और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से इन कार्यों को स्वीकृति मिली है। सागर संभाग में सड़क निर्माण के लिए पन्ना को सर्वाधिक बजट मिलना जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण: घटेगा दबाव, बढ़ेगी रफ्तार

बजट में शामिल प्रमुख मार्गों में टिकरिया-रीठी-व्याहा-रैगवां-बोरी-खमरिया मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। इस मार्ग की लंबाई 45 किलोमीटर है और इस पर 114 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह शाहनगर-बोरी-चमरईया मार्ग, जिसकी लंबाई 40 किलोमीटर है, के चौड़ीकरण पर 110 करोड़ रुपये की लागत आएगी। देवेंद्रनगर-सेलहा मार्ग की लंबाई 23 किलोमीटर है और इसके उन्नयन के लिए 57.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। करीब 108 किलोमीटर लंबाई के इन मार्गों के चौड़ीकरण से यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

ग्रामीण संपर्क को मजबूती: गांव-गांव पहुंचेगी सड़क

ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सुरदहा से बिल्हा मार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लंबाई 4.50 किलोमीटर है और इस पर 6.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेढ़ी से नयापुरा मार्ग 2.50 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर 3.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। तिलगवां में रामप्रसाद के पुरवा से जमुनहाई खुर्द मार्ग 2 किलोमीटर लंबाई का होगा और इस पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह डोभा से लुधगवां मार्ग 2 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी लागत 2 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। ग्राम गहलोदपुरवा से तरौनी मार्ग 1 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर 1 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मड़वा से बंधा मार्ग की लंबाई 8.60 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर 8.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

इन सड़कों का होगा मजबूतीकरण

कुछ महत्वपूर्ण मार्गों पर मजबूतीकरण कार्य भी किया जाएगा। इसके तहत सप्तैया-झरकुआ-पगरा-बम्होरी मार्ग की लंबाई 8.30 किलोमीटर है, जिस पर 8.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शाहनगर टाउन मार्ग 2 किलोमीटर लंबा है और इसके सुधार पर 2.75 करोड़ रुपये की लागत आएगी। टाईं पहुंच मार्ग 3.60 किलोमीटर लंबा है और इसके लिए 3.90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मकरंदगंज-हरद्वाही-गुनौर मार्ग के चयनित 1.20 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण पर 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम बनेगा।

विकास को मिलेगा नया आधार

जानकारों के अनुसार, सड़क अधोसंरचना में यह निवेश पन्ना जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देगा। बेहतर सड़कों से किसानों और व्यापारियों को बाजार तक पहुंच आसान होगी, वहीं पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, यह बजट पन्ना के लिए विकास का नया द्वार खोलने वाला साबित होगा।