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दोहरा चरित्र! बाघ संरक्षण के लिए जन समर्थन की बात, जनता की पीड़ा से मुंह मोड़ता पीटीआर प्रबंधन

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पन्ना के जगात चौकी क्षेत्र में स्थित क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व के बाहर वन क्षेत्र से सटे ग्रामों के रहवासियों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई।

    वन क्षेत्र से सटे गांवों के वाशिंदों का ज्ञापन लेने चेंबर से बाहर नहीं आए पन्ना टाइगर रिजर्व के अफसर

  तेंदुए के हमले में बालक की मौत के बाद भी ग्रामीणों से मिलने का समय नहीं

*     उप संचालक की गरीब-विरोधी टिप्पणी और कुतर्कों से भड़के ग्रामीण प्रतिनिधि

   आधा घंटे तक बाहर इंतजार और नारेबाज़ी के बाद बिना ज्ञापन सौंपे लौटे ग्रामीण

पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रबंधन का एक ओर बाघ संरक्षण के लिए जन समर्थन का दावा और दूसरी ओर वन क्षेत्र से सटे गांवों के ग्रामीणों की पीड़ा के प्रति उदासीन रवैया गुरुवार को खुलकर सामने आ गया। तेंदुए के हमले में एक आदिवासी बालक की मौत से सहमे ग्रामीण जब अपनी समस्याएं लेकर क्षेत्र संचालक से मिलने पहुंचे, तो उन्हें न सिर्फ नजरअंदाज किया गया, बल्कि संवेदनहीन व्यवहार का भी सामना करना पड़ा।
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) की पन्ना कोर रेंज से सटे जरधोवा गांव में कुछ दिन पूर्व तेंदुए के हमले में एक 12 वर्षीय आदिवासी बालक की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे कोटा गुंजापुर, जरधोवा सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण गुरुवार 5 फरवरी को जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के जिलाध्यक्ष मुकेश गौंड और समाजसेवी रामविशाल गौंड के नेतृत्व में पन्ना पहुंचे थे। ग्रामीण पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) नरेश यादव से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा करना और ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

बुनियादी सुविधाओं से वंचित वन क्षेत्र के गांव

ग्रामीणों का कहना है कि पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) की आपत्तियों के चलते वन क्षेत्र से सटे कई गांवों में वर्षों से बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं। जंगल से घिरे इन गांवों में जंगली जानवरों का खतरा लगातार बना रहता है। बिजली न होने के कारण अंधेरे का फायदा उठाकर वन्यजीव गांव तक पहुंच रहे हैं। हाल ही में तेंदुए द्वारा एक लड़के को अपना शिकार बनाए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।

ग्रामीणों से मिलने बाहर नहीं आए क्षेत्र संचालक

क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व को ज्ञापन सौंपने और अपनी पीड़ा सुनाने के लिए उनके कक्ष के बाहर वन क्षेत्र से सटे ग्रामों के वाशिंदे काफी देर तक इंतजार करते रहे।
ग्रामीण और जयस (JAYS) संगठन के पदाधिकारी लंबे समय तक पन्ना टाइगर रिजर्व कार्यालय परिसर में क्षेत्र संचालक से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन आरोप है कि नरेश यादव अपने कक्ष से बाहर नहीं आए और न ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनने का समय निकाला। क्षेत्र संचालक के इस रवैये से ग्रामीण निराश और आक्रोशित हो गए। अंततः उन्होंने कार्यालय परिसर में नारेबाज़ी की और बिना ज्ञापन सौंपे वापस लौट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पीटीआर प्रबंधन एक ओर बाघ संरक्षण के लिए जन समर्थन की बात करता है, वहीं दूसरी ओर पार्क क्षेत्र से सटे गांवों के रहवासियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और जान-माल के खतरे को नजरअंदाज किया जा रहा है।

 डीडी के गरीब विरोधी बयान पर भड़के प्रतिनिधि

वन क्षेत्र के ग्रामीणों के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी रामविशाल गौंड ने बताया कि वे स्वयं क्षेत्र संचालक नरेश यादव के कक्ष में पहुंचे और बाहर कार्यालय परिसर में खड़े ग्रामीणों की जानकारी देते हुए उनसे बाहर आकर समस्याएं सुनने व ज्ञापन लेने का आग्रह किया। उस समय कक्ष में पन्ना टाइगर रिजर्व के नवागत उप संचालक वीरेन्द्र पटेल (Deputy Director) भी मौजूद थे। श्री पटेल ने रामविशाल को वन क्षेत्र से सटे गांवों में बिजली, सड़क और पानी की पाइप लाइन के लिए विभिन्न विभागों से लंबित अनुमतियों की स्थिति से अवगत कराया। इसी दौरान उप संचालक ने कथित रूप से असंवेदनशील और बेतुका सवाल करते हुए पूछा कि जिस गांव में बिजली की मांग की जा रही है, वहां आर्थिक रूप से सक्षम कितने लोग रहते हैं। रामविशाल द्वारा शत-प्रतिशत गरीब आदिवासी आबादी होने की जानकारी देने पर उप संचालक ने कहा कि “इसीलिए गांव को बिजली नहीं मिल पा रही है।”
इस कथन को गरीबों का अपमान बताते हुए रामविशाल ने कड़ा एतराज जताया और पूछा कि क्या गरीबों को बुनियादी सुविधाएं (Basic Amenities)पाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद उप संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि गरीब लोग बिजली का बिल जमा नहीं कर पाते। रामविशाल ने इस तर्क को गरीबों का मजाक उड़ाने वाला और तथ्यहीन बताते हुए खारिज किया और कहा कि देशभर में करोड़ों गरीब परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन हैं। इस बहस के बाद रामविशाल कक्ष से बाहर आ गए, लेकिन इसके बावजूद काफी देर तक इंतजार के बाद भी न तो क्षेत्र संचालक और न ही उप संचालक बाहर आए और न ही ग्रामीणों का ज्ञापन लेना जरूरी समझा। पीटीआर प्रबंधन के इस अप्रत्याशित रवैए से निराश और आक्रोशित आधा दर्जन गांवों- बाँधीकाला, इटवां, बराछ, डोभा, जरधोवा और कोटा गुंजापुर के ग्रामीण वापस लौट गए।

कई गंभीर सवाल छोड़ गया घटनाक्रम

क्षेत्र संचालक अथवा उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व के द्वारा बाहर आकर ज्ञापन ग्रहण न करने से निराश ग्रामीण ट्रेक्टर-ट्रॉली से वापस लौट गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और एक बालक की जान जा चुकी है, तब क्या क्षेत्र संचालक का ग्रामीणों से मिलने से बचना एक लोकसेवक के दायित्वों के अनुरूप है? यदि यही रवैया जारी रहा तो क्या भविष्य में पन्ना टाइगर रिजर्व को पार्क क्षेत्र से सटे गांवों का जन समर्थन मिल पाएगा? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया और सुरक्षा व बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

इनका कहना है-

“आप सभी लोग मेरे व्यवहार को बेहतर जानते हैं कि, व्यक्तिगत तौर पर मैं कभी किसी का अनादर नहीं करता। ज्ञापन सौंपने आए ग्रामीणों एक प्रतिनिधि मेरे कक्ष में आए थे, मैनें उनकी पूरी बात सुनीं और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। मुझे क्योंकि शासकीय कार्य के सिलसिले में जाना था इसलिए मैं निकल गया। बाद में ग्रामीणों द्वारा की गई नारेबाजी की मुझे जानकारी नहीं है।”

नरेश यादव, प्रभारी क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।

“ग्रामीणों के प्रतिनिधि पहले मुझसे एफडी सर के चैंबर में मिले फिर वे मेरे चैंबर आए थे। मैनें उन्हें पूरा सम्मान दिया और कोटा-गुंजापुर में विद्युत लाइन के लिए यूजर एजेंसी द्वारा 7-8 वर्ष पूर्व अनुमति हेतु परिवेश पोर्टल के जरिए मांगी गई स्वीकृति की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। यूजर एजेंसी से कुछ दस्तावेज चाहे गए थे जो कि उनके द्वारा आज तक प्रस्तुत नहीं किए गए, इसकी उन्हें जानकारी दी गई। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन किसी भी तरह से विकास में बाधक नहीं है। देखिए मैं ग्रामीण परिवेश और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से हूं, इसलिए ग्रामीण जन-जीवन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हूं और मेरी सहानुभूति रहती है। मेरे द्वारा ग्रामीण प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान किसी तरह की अनुचित अथवा अपमानजनक टिप्पणी नहीं की गई। मेरी बातों को शायद वे गलत समझ बैठे। ग्रामीण प्रतिनिधि ने ज्ञापन नहीं सौंपा, ज्ञापन लेने में मुझे कोई समस्या नहीं थी। दरअसल, हमारी चर्चा के बीच ग्रामीण वापस जा चुके थे इसलिए वे भी ज्ञापन दिए बगैर ही चले गए। लोकसेवक लोक की सेवा के लिए ही है, ग्रामीण जब भी आना चाहें उनका स्वागत है, हम सदैव उनकी सहायता के लिए तत्पर और प्रतिबद्ध हैं, यदि वे मुझे बुलाते हैं तो मैं स्वयं चलकर उनके पास जाऊंगा।”

वीरेन्द्र पटेल, उप संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।

हृदयविदारक हादसा: घर में भड़की आग से वृद्धा जिंदा जली, ठण्ड से बचाव के लिए जलाई आग बनी मौत का कारण

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*     पन्ना जिले के गुनौर थाना अंतर्गत पड़ेरी ग्राम की घटना

*     पति ने आग की लपटों से निकलकर बचाई जान, अस्पताल में भर्ती

*     अग्निकांड को लेकर ग्रामीणों में संदेह, सभी पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस

पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) जिले के गुनौर थाना के समीपी गांव पड़ेरी में बीती रात एक हृदयविदारक हादसा हो गया। खेत में बने कच्चे घर में अचानक आग लगने से 75 वर्षीय वृद्ध महिला श्याम बाई की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उनके पति गोरेलाल प्रजापति आग की लपटों से घिरे घर से बाहर निकलकर किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। हालांकि आग की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुनौर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के समय वृद्ध दंपती घर के अंदर सो रहे थे। थाना प्रभारी गुनौर माधवी अग्निहोत्री ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए कमरे के भीतर आग जलाई गई थी। देर रात दोनों की आंख लग गई और संभवतः उसी दौरान आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों में घिरी वृद्ध महिला बाहर नहीं निकल सकीं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
आग लगते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी। सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे आग पर काबू पाने में देर हुई और बड़ा दुखद हादसा हो गया। घटना की सूचना पर गुनौर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं गांव में कुछ लोग इस दर्दनाक हादसे को संदेहास्पद भी मान रहे हैं, जिसे लेकर पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव सहित अंचल में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फायर ब्रिगेड की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

रेलवे स्टेशन से हुई 15 लाख की चोरी का खुलासा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर निकला मास्टरमाइंड

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रेल लाइन ठेका कंपनी के चोरी गए सामान को जब्त करने के साथ देवेंद्रनगर थाना प्रभारी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।

*     नागौद-खजुराहो रेल खंड प्रोजेक्ट अंतर्गत देवेंद्रनगर के फुलवारी से हुई थी बड़ी चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन अंतर्गत नागौद-खजुराहो रेल खंड पर पन्ना जिले के देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र में फुलवारी ग्राम स्थित रेलवे स्टेशन भवन से लाखों रुपये के इलेक्ट्रिकल सामान की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज चोरी का हैरान करने वाला पहलू यह है कि, वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट में कार्यरत इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ही निकला। थाना प्रभारी देवेंद्रनगर उप निरीक्षक संतोष यादव के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गया पूरा सामान, घटना में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल फोन जब्त किया है। कुल जब्त सामान की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।

स्टोर रूम से उड़ाया था लाखों का सामान

पुलिस के अनुसार, के-3 कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नागौद से खजुराहो तक रेलवे लाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ग्राम फुलवारी स्थित रेलवे स्टेशन भवन के एक हाल में कंपनी का स्टोर रूम बनाया गया था, जहां लगभग 30 लाख रुपये का इलेक्ट्रिकल सामान रखा हुआ था। फरियादी रामप्रसाद शर्मा ने बताया कि 31 दिसंबर को वह अपने गृह ग्राम गया हुआ था। 21 जनवरी को वापस लौटने पर जब स्टोर रूम का निरीक्षण किया गया, तो वहां से केबल, वायर, पीवीसी पाइप व अन्य इलेक्ट्रिकल सामग्री गायब मिली। चोरी गए सामान की कीमत करीब 15,17,808 आंकी गई। मामले में देवेंद्रनगर थाना में अपराध क्रमांक 57/26 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

इंजीनियर ने ही रची थी चोरी की साजिश

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर प्रोजेक्ट में कार्यरत इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अंकित माथुर पर संदेह हुआ। पूछताछ में उसने चोरी की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपी अंकित माथुर, पिता दिनेश माथुर, उम्र 35 वर्ष, निवासी 32 लीलाधर कॉलोनी, भानपुर, थाना छोलामंदिर, जिला भोपाल (म.प्र.) ने पुलिस को बताया कि चोरी किया गया इलेक्ट्रिकल सामान उसने नागौद निवासी व्यापारी को बेच दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी राकेश गर्ग, पिता रामकरण गर्ग, उम्र 39 वर्ष, निवासी हरदुआ मोहल्ला, थाना नागौद, जिला सतना (म.प्र.) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके गोदाम से चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया।

20 लाख का मशरूका जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया इलेक्ट्रिकल सामान जिसकी कीमत करीब 15,17,808 है, बरामद किया है। इसमें 4 ड्रम केबल पीवीसी SQM, 25 एमएम पीवीसी पाइप, पीवीसी बेंड, जंक्शन बॉक्स और विभिन्न साइज के इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक छोटा हाथी पिकअप वाहन और एक मोबाइल फोन  भी जब्त किया गया है। कुल जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख बताई गई है।

मध्यप्रदेश: चार माह बाद भी नहीं सुलझा मां-बेटे का दोहरा अंधा कत्ल, इंसाफ की आस में भटकता पति पूछ रहा है- “साहब, कब पकड़े जाएंगे गुनहगार?”

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पत्नी और बेटे की हत्या की उच्च स्तरीय जांच कराने एवं आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पन्ना में पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन देने के बाद पीड़ित राकेश और उसके जीजा ने मीडिया से चर्चा की।

*    पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र का बहुचर्चित मामला

*    गला घोंटकर कत्ल करने से पूर्व मृतिका के साथ की गई थी दरिंदगी

*   आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से 5 साल के मासूम को भी बेरहमी से मार डाला था

*   संदेहियों पर सख्ती करने के बजाए पुलिस पर मृतकों के परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप

चेतावनी: इस खबर में दी गई कुछ जानकारी और चित्र आपको विचलित कर सकते हैं।

निर्मम हत्या से पूर्व महिला के साथ रेप होने की पुष्टि होने पर मृतिका, उसके मृत बच्चे, पति एवं परिवारजनों की पहचान गुप्त रखते हुए खबर में काल्पनिक नामों का उल्लेख किया गया है।

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत लगभग चार माह पूर्व सामने आई मां-बेटे के अंधे कत्ल की झकझोर देने वाली वारदात पुलिस के लिए आज भी अबूझ पहेली बनी हुई है। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा पाई है। इस मामले में मृतिका के पति राकेश (परिवर्तित नाम) का सब्र अब जवाब देने लगा है। पुलिस की नाकामी पर उसकी नाराजगी और सवाल उठाना स्वाभाविक है। पत्नी और बेटे को इंसाफ दिलाने दर-दर भटक रहे पीड़ित ने अजयगढ़ पुलिस की जांच एवं कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए संदेहियों को लेकर नरमी बरतने और उल्टा उसके ही निरपराध परिवारजनों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित राकेश (परिवर्तित नाम) ने पुलिस अधीक्षक पन्ना के नाम आवेदन पत्र देकर दोहरे अंधे हत्याकांड के खुलासे के लिए उच्च स्तरीय जांच कराने और दो व्यक्तियों के नामों का उल्लेख कर उन पर 4-5 अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस के रवैये से हताश-निराश हो चुके पीड़ित ने चेतावनी दी है, यदि 7 दिवस के अंदर हत्याकांड खुलासा नहीं हुआ तो वह मजबूर होकर अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ जाएगा।

रोंगटे खड़े करने वाला था घटनास्थल का मंजर

चार माह पूर्व घर के अंदर कमरे में इस स्थिति में मिले थे मां-बेटे के शव।
17 सितंबर 2025 की सुबह अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक तंग कमरे में मां-बेटे के शव जिस अवस्था में मिले, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। घटनास्थल के फोटो-वीडियो रोंगटे खड़े करने वाले थे। कमरे में बिखरा सामान, अस्त-व्यस्त कपड़े और फर्श पर पड़े शव किसी भयावह दरिंदगी की गवाही दे रहे थे। मृतिका मीरा (परिवर्तित नाम) 28 वर्ष का शव नग्न अवस्था में मिला था। उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसी से गला कसकर हत्या की गई थी। परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर हत्या से पूर्व उसके साथ बलात्कार किए जाने की आशंका जताई गई थी। जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य जांचों में हुई है। मीरा का पांच वर्षीय बेटा सौरभ (परिवर्तित नाम) भी उसी कमरे में मृत मिला। उसके मुंह में भी कपड़ा ठूंसा गया और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी। आशंका है कि अज्ञात आरोपियों ने बच्चे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वह उन्हें पहचान सकता था। जबकि आठ माह का छोटा बेटा उसी कमरे में सकुशल सिलाई मशीन के ऊपर बैठा मिला था। अंधे कत्ल की वारदात 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात की है। मां-बेटे को उनके ही घर पर अज्ञात आरोपियों द्वारा बड़ी ही बेरहमी से कत्ल किए जाने की खबर सोशल मीडिया पर आने के बाद समूचे पन्ना जिले में सनसनी और जबरदस्त आक्रोश फ़ैल गया था।

अवैध संबंध बनाने से इंकार पर ली जान

दरिंदों से अपनी आबरू और जान बचाने मीरा (परिवर्तित नाम) द्वारा किए गए संघर्ष की गवाही देते उसके टूटे हुए आभूषण।
मृतिका के पति राकेश के अनुसार, घटना से एक दिन पहले उसकी पत्नी मीरा ने उसे फोन कर बताया था कि पड़ोस में रहने वाला विजय (परिवर्तित नाम) उस पर अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रहा है और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। राकेश उस समय मजदूरी के सिलसिले में गुड़गांव में था। अगली सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी और बच्चे की हत्या कर दी गई है। राकेश का आरोप है कि इसी दबाव और धमकी की परिणति के रूप में वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए आवेदन पत्र उसने अपने पड़ोसी विजय (परिवर्तित नाम), एक पंचायत सचिव पर नामजद और 4-5 सहोगियों के साथ मिलकर पत्नी-बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
संदेहियों पर नरमी, पीड़ित पक्ष को कर रहे प्रताड़ित
फाइल फोटो।
पीड़ित का आरोप है उसने पुलिस को दोनों नामजद संदेहियों की हत्याकांड में संलिप्तता के संबंध में कई बार बताया, लेकिन सांठगांठ के चलते संदेहियों पर सख्ती न कर पुलिस उसके भाइयों, जीजा और भाभी को ही लगातार प्रताड़ित कर रही है। जबकि पुलिस ने मेरे दो भाइयों का डीएनए टेस्ट भी कराया, जिसका रिजल्ट मिसमैच रहा। इसके बाद भी परिजनों की प्रताड़ना का सिलसिला जारी है। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने संदेहियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय उसे और उसके भाइयों को थाने में बैठाकर घंटों पूछताछ की, हथकड़ी लगाई गई और मानसिक प्रताड़ना दी गई। इतना ही नहीं, राकेश के बहनोई (जीजा) के साथ भी थाने में कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया। पुलिस ने बर्बरता करते हुए जीजा के मुंह में डंडा डाला था, जिससे उनके दांतों को गंभीर क्षति पहुंची है। पीड़ित का कहना है कि वह पिछले चार महीनों से हर तरह की प्रताड़ना सहन कर लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। वहीं अजयगढ़ थाना प्रभारी ने बताया, आवेदक ने जिन व्यक्तियों पर संदेह जताया था उनके डीएनए सैम्पल भी जांच में मिसमैच पाए गए हैं। पूछताछ करने पर भी संलिप्तता के साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले हैं।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड की हो गहन जांच
पीड़ित राकेश ने मांग की है कि, उसकी पत्नी मीरा जिस मोबाइल नंबर का उपयोग करती थी अगर उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की जाए और प्रभावशाली नामजद संदेहियों से सख्ती से पूछताछ की जाए तो दोहरे हत्याकांड का खुलासा हो सकता है। आरोप है कि, अजयगढ़ थाना प्रभारी बखत सिंह जानबूझकर मामले का खुलासा नहीं कर रहे हैं। पीड़ित नेअजयगढ़ पुलिस की भूमिका पर अविश्वास जताते हुए पुलिस अधीक्षक से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। राकेश का कहना है कि यदि सात दिनों के भीतर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वह मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा।

इनका कहना है-

आवेदक के द्वारा बताए गए संदेही आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई थी, संलिप्तता का पता लगाने आवश्यक टेस्ट भी कराए गए लेकिन फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं मिला। मामला अत्यंत ही संवेदनशील है, इसलिए सिर्फ किसी के संदेह या आरोप के आधार पर किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निगरानी में प्रकरण की जांच चल रही है। पीड़ित पक्ष को कभी प्रताड़ित नहीं किया गया, वैधानिक प्रक्रिया के तहत उनसे पूछताछ की गई थी। हम हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं इसलिए पूछतांछ के लिए उन्हें बुलाया था। सीडीआर के आधार पर भी कई लोगों से पूछताछ की गई है। अंधे क़त्ल का यह मामला पूरी तरह से वैज्ञानिक साक्ष्यों पर निर्भर है, उम्मीद है जल्द ही ठोस साक्ष्य मिलने पर प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।

बखत सिंह, थाना प्रभारी, अजयगढ़, जिला पन्ना।

मनरेगा को समाप्त कर भाजपा सरकार ने गरीब मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीना: अनीस

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मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पन्ना जिले के अजयगढ़ ब्लॉक अंतर्गत सिंहपुर चौराहा पर आयोजित जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन को जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान ने संबोधित सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

*     मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत सिंहपुर चौराहा पर कांग्रेस का जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन संपन्न 

पन्ना।(www.radarnews.in)  मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत सिंहपुर ग्राम में रविवार 01 फरवरी 2026 को जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने मनरेगा को समाप्त कर देश के करोड़ों गरीब मजदूरों से रोजगार का संवैधानिक अधिकार छीनने पर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। कांग्रेसियों ने मनरेगा को समाप्त करने के निर्णय को मोदी सरकार का घोर मजदूर विरोधी कदम करार दिया। श्रमिकों-मजदूरों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए मनरेगा को बहाल कराने के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करने का शंखनाद किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीस खान के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या कांग्रेस कार्यकर्ता-पदाधिकारियों और मनरेगा श्रमिकों ने सहभागिता की।

मजदूर विरोधी है मोदी सरकार

जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना अनीस खान ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि,मोदी सरकार ने मजदूरों को रोजगार की गारंटी देने वाले ऐतिहासिक कानून मनरेगा को खत्म कर देश के गरीबों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसे मजबूत कानून को कमजोर करते-करते अब उसे समाप्त कर दिया गया है और उसके स्थान पर तथाकथित “व्हीबी-जी-रामजी” जैसी योजना लागू की गई है, जो न तो रोजगार की गारंटी देती है और न ही मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करती है। अनीस खान ने कहा, “एक तरफ मोदी सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है, वहीं दूसरी ओर जो गरीब मजदूर मनरेगा के तहत काम पाकर किसी तरह अपने परिवार का पेट पाल रहे थे, उनसे भी रोजगार की गारंटी छीन ली गई है। यह सरकार साफ तौर पर मजदूर-विरोधी और घोर जनविरोधी है।” उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि गरीबों के जीवन का सहारा और संविधान द्वारा प्रदत्त गरिमा का प्रतीक था, जिसे भाजपा सरकार ने अपने कॉरपोरेट-परस्त एजेंडे के तहत खत्म कर दिया।

पूंजीपतियों के लिए काम कर रही केंद्र सरकार

पन्ना विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह ने कहा कि “देश में महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी चरम पर है। ऐसे समय में रोजगार की गारंटी खत्म करना यह साबित करता है कि यह सरकार आम आदमी नहीं बल्कि चुनिंदा पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है।” विधानसभा प्रभारी पुष्पेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों, किसानों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की इस खुली लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी और सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने और हर जरूरतमंद को सम्मानजनक रोजगार दिलाने की लड़ाई जारी रखेगी।

इनकी रही उपस्थिति

धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से एडवोकेट राकेश गर्ग, संतोष मिश्रा संतु, उमेश तिवारी, हिम्मत बागरी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजयगढ़ जगदीश यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धरमपुर रामबहोरी लोधी सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इसके अलावा हसीब खान रिंकू, आकाश जाटव, उमाशंकर तिवारी, सुशील मिश्रा, राजबहादुर यादव, सचिन वर्मा, शाहरुख खान, उद्रेशी प्रसाद लोधी, ओंकार सिंह, विश्वनाथ यादव, कपूर सिंह यादव, सरदार सिंह यादव, इम्तियाज खान, सुरेंद्र सिंह आदिवासी, नदीम खान, दीपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन व आम नागरिक उपस्थित रहे।

संत शिरोमणि रविदास जी ने समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया: श्री खान

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*     कांग्रेसजनों ने गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई

पन्ना।(www.radarnews.in) संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के द्वारा अजयगढ़ ब्लॉक के सिंहपुर ग्राम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के वातावरण में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने संत रविदास जी के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पन्ना जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीस खान ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों और कर्मों से समाज को समानता, प्रेम, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाया। उन्होंने जाति-पाति, ऊँच-नीच और भेदभाव का विरोध कर एक समतामूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। श्री खान ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएँ आज भी समाज को जोड़ने और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं। विधानसभा प्रभारी पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि संत रविदास जी का संपूर्ण जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक चेतना का प्रतीक रहा है। उन्होंने गरीब, शोषित और वंचित वर्ग को सम्मान के साथ जीने की प्रेरणा दी। गुरु रविदास जी का संदेश था कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति या जन्म से।
पूर्व प्रत्याशी शिवाजीत सिंह भैया राजा ने अपने संबोधन में कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा” जैसा महान विचार गुरु रविदास जी की आध्यात्मिक गहराई और सामाजिक दृष्टि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सद्भाव के लिए संत रविदास जी के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और विकसित समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में सभी वर्गों के लोगों ने सहभागिता कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनीस खान अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, पुष्पेंद्र यादव विधानसभा प्रभारी, शिवाजीत सिंह भैया राजा, राकेश गर्ग, संतोष मिश्रा संतु, उमेश तिवारी, हिम्मत बागरी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जगदीश यादव, रामबहोरी लोधी, हसीब खान रिंकू, आकाश जाटव, उमाशंकर तिवारी, सुशील मिश्रा, राजबहादुर यादव, सचिन वर्मा, शाहरुख खान, उद्रेशी प्रसाद लोधी, ओमकार सिंह, मिजाजीलाल, कामता प्रसाद अहिरवार, रामचरण प्रजापति, विश्वनाथ यादव, चंद्रपाल, शीतल प्रसाद शुक्ला, आशीष यादव, रवि यादव, राजा मिश्रा, कपूर सिंह यादव, सरदार सिंह यादव, शेख मोहम्मद, अनीश पिंकु सिद्दीकी, इम्तियाज़ खान, रामदास जाटव, विकास तिवारी, सुरेंद्र सिंह आदिवासी, नदीम खान, दीपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

बुजुर्गों के हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी से भी अधिक मूल्यवान: ब्रह्माकुमारी

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प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविधायलय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना के द्वारा वृद्ध आश्रम पन्ना में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत बुजुर्गों के सम्मान में गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

*     वृद्धा आश्रम और ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना में हुए सम्मान समारोह

*     गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत आयोजन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनके हृदय से निकली दुआएं किसी भी भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान होती हैं। यह विचार ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में संस्था की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने व्यक्त किए। “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दो प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
पहला कार्यक्रम वृद्धा आश्रम (सीनियर सिटीजन होम) पन्ना में संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं प्रभु स्मृति के साथ की गई। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहन जी द्वारा सभी वृद्धजनों का तिलक एवं फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वृद्ध आश्रम की संचालिका श्रीमती डॉ. दुर्गा त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्य श्रीमती निशा जैन, बुद्ध सिंह (गायत्री परिवार), महेश जैन, कैलाश सोनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अनुभवों की अमूल्य पूंजी हैं बुजुर्ग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके सीता बहन ने कहा कि बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं और उनके आशीर्वाद दुआओं का अथाह सागर हैं। उनके हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी जैसी संपत्ति से कई गुना अधिक मूल्यवान होती हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग छायादार वृक्षों के समान होते हैं और ऐसे वृक्षों को क्षति पहुँचाना स्वयं को कमजोर करने जैसा है। सीता बहन ने कहा कि बुजुर्गों के साथ समय बिताना अत्यंत लाभकारी होता है, लेकिन आज समाज में उनके सम्मान में कमी और अभियानों की औपचारिकता बढ़ती जा रही है, जो हमारी सामाजिक कमजोरी का कारण बन रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृद्धावस्था कोई बोझ नहीं बल्कि अनुभवों की अमूल्य पूंजी है। ध्यान, मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से ही वरिष्ठ नागरिकों का जीवन सुखमय, स्वस्थ एवं गरिमामय बनाया जा सकता है। वृद्धा आश्रम की संचालिका डॉ. दुर्गा त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से वृद्धजनों में उमंग, उत्साह, खुशी और आत्मिक शांति का संचार होता है। वृद्धा आश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए।

नई पीढ़ी में संस्कार जागृत करने की जरुरत

दूसरा कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती डॉ. उमा त्रिपाठी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज की नई पीढ़ी में संस्कार और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे को समझकर चलने से ही परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती आशा गुप्ता, महेश जैन, रामेश्वर प्रसाद, प्रभु दयाल तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को ईश्वरीय प्रसाद एवं भेंट प्रदान की गई।

राजबहादुर पटेल बने जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के जिला संगठन महासचिव

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राजबहदुर पटेल, नवनियुक्त जिला संगठन महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना।
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार राजबहादुर पटेल को जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना का जिला संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पूर्व पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं प्रभारी जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उच्च शिक्षित, सक्रिय एवं जमीनी युवा नेता राजबहादुर को जिला कांग्रेस कमेटी में जिला संगठन महासचिव नियुक्त कर संगठन में नंबर 2 की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर जिले के कांग्रेसजनों ने हर्ष व्यक्त किया है। साथ ही उन्हें बधाई दी है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी जिला संगठन महासचिव की नियुक्ति संबंधी सूची।
कांग्रेस नेता राजबहादुर पटेल ग्राम धरमपुरा जिला पन्ना के मूल निवासी हैं और एक किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता रामपाल पटेल ने किसान होने के बावजूद उन्हें उच्च शिक्षा दिलाई। राजबहादुर पटेल ने पुणे यूनिवर्सिटी से एमसीए की शिक्षा प्राप्त की है। उच्च शिक्षित होने के बावजूद उन्होंने अपना संपूर्ण समय समाज सेवा और संगठन को समर्पित किया है। ऐसा माना जा रहा है कि, पार्टी में उनकी सक्रियता, अनुभव और समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति पर राजबहादुर पटेल ने राष्ट्रीय महासचिव मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रभारी संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, जिला संगठन प्रभारी राजभान सिंह एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि वे कांग्रेस पार्टी के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

मंदिरों व सूने घरों में चोरी करने वाले कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

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शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद करने की जानकारी पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू (मध्य में) द्वारा पत्रकारों को दी गई।

*    पन्ना पुलिस ने किया 19 चोरियों का खुलासा करने का दावा

*    मंदिरों से चुराए गए सोने-चांदी के आभूषण समेत 30 लाख का सामान बरामद

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले सहित आसपास के जिलों में मंदिरों और सूने घरों में हुई चोरी की घटनाओं का पन्ना पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इन वारदातों को अंजाम देने वाले एक कुख्यात चोर गिरोह के सात शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने पुलिस कांफ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीते कुछ समय से जिले के विभिन्न मंदिरों से सोने-चांदी के छत्र एवं बहुमूल्य आभूषणों की चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे आमजन की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर देवेन्द्रनगर क्षेत्र स्थित पटेल ढाबा के पास से सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में संदेह गहराने पर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने मंदिरों एवं सूने घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पन्ना जिले में 11 सहित कुल 19 चोरी की घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है। इन घटनाओं में पन्ना के अलावा सतना और कटनी जिले भी शामिल हैं।

नकदी समेत आभूषण हुए बरामद

मंदिरों व सुने घरों में चोरी करने वाले गिरोह के कब्जे जब्त सोने-चांदी की आभूषण, नकदी रुपए और अन्य सामान।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामग्री में मंदिरों से चोरी किए गए चांदी के छत्र, मुकुट, भगवान के गहने, चांदी के बर्तन शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 2.5 किलो बताया गया है। इसके अलावा चोरी किए गए आभूषणों को गलाकर तैयार की गई करीब 2.5 किलो कच्ची चांदी भी जब्त की गई है।पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों के पास से 2 लाख 58 हजार 200 रुपये नकद, चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त कुल चार मोटरसाइकिल, छह कटर तथा आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

जमानत पर रिहाई के बाद करने लगे थे चोरी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी चोरी और लूट की घटनाओं में जेल जा चुके हैं और जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से सक्रिय हो गए थे। पुलिस का कहना है कि थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर उपनिरीक्षक संतोष यादव एवं थाना प्रभारी सलेहा उपनिरीक्षक बलबीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस शातिर गिरोह को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का माल, वाहन, औजार और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस का दावा है कि गिरोह द्वारा अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की संभावना है, जिनके संबंध में पूछताछ जारी है।

पुलिस के हत्थे चढ़े ये आरोपी

पन्ना पुलिस द्वारा पकड़े गए शातिर चोर गिरोह में शैलेन्द्र चौबे, वीरेन्द्र चौबे उर्फ बीरू एवं धीरेन्द्र चौबे उर्फ धीरू तीनों निवासी ग्राम फुलदरी थाना देवेन्द्रनगर जिला पन्ना, ह्रदेश उर्फ हिरदेश लखेरा निवासी ग्राम बंधूर, विष्णुकांत सोनी निवासी ग्राम गंज, थाना सलेहा जिला पन्ना, कुन्जीलाल चौधरी निवासी बिरसिंहपुर और सुरेन्द्र सोनी निवासी इटांय थाना पवई, जिला पन्ना शामिल हैं।

इन चोरियों का हुआ खुलासा

पन्ना पुलिस टीम की अभिरक्षा में शातिर चोर गिरोह के सात सदस्य।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पन्ना जिले की जिन 11 चोरियों का खुलासा हुआ है उनमें- राजा दहार मंदिर (देवेन्द्रनगर), जगदीश स्वामी मंदिर (पवई), श्री हनुमान मंदिर ककरहा (देवेन्द्रनगर), चमरैया मंदिर (रैपुरा), ग्राम भितरी मुटमुरू (थाना सलेहा) का रहवासी घर, अमानगंज वार्ड क्रमांक 9 का रहवासी घर, इण्डेन गैस एजेंसी (देवेन्द्रनगर), ग्राम गंज (थाना सलेहा) का रहवासी घर, खेरे पेटेरे मंदिर (शाहनगर), ग्राम पटना तमोली (थाना सलेहा) का रहवासी घर तथा देवेन्द्रनगर कस्बे की एक अनाज दुकान में हुई चोरी शामिल है। कटनी जिले के ग्राम झर्रा टिकुरिया थाना रंगनाथनगर, हनुमान मंदिर थाना कुठला एवं हनुमान मंदिर बाबा घाट थाना कोतवाली कटनी में हुई चोरी का खुलासा हुआ है। इसके अलावा सतना जिले में आरोपियों ने खेरमाई माता मंदिर, जगतदेव तालाब स्थित शिव मंदिर, हनुमान मंदिर पतेरी, ग्राम इटमा थाना उचेहरा का रहवासी घर तथा रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है।

MP News: प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद के ‘औषधीय ज्ञान’ को सराहा

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दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार ने कई महीनों की मेहनत वन औषधियों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण किया।

*     वनरक्षक ने 130 वन औषधियों की खोज कर किया दस्तावेजीकरण

*     पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया जगदीश का वीडियो

*     एक अन्य वनरक्षक वीरेन्द्र भी संकलित कर चुके हैं पक्षियों की विविधता

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जंगलों की खामोशी में महीनों से सहेजी जा रही औषधीय विरासत सोमवार को देशभर में गूंज उठी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में पन्ना जिले के एक साधारण वनरक्षक के असाधारण कार्य का उल्लेख किया। मध्य प्रदेश के दक्षिण पन्ना वनमंडल में पदस्थ बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा महत्वपूर्ण मंच से सराहना के बाद वे देखते ही देखते चर्चा के केंद्र में आ गए। प्रधानमंत्री ने न सिर्फ रेडियो कार्यक्रम में उनका जिक्र किया, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर उनके कार्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों की जानकारी को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का जगदीश अहिरवार का प्रयास बेहद सराहनीय है। कई महीनों की मेहनत से संकलित इस जानकारी पर आधारित पुस्तक आज शोधकर्ताओं, छात्रों और वन अधिकारियों के लिए उपयोगी संदर्भ बन चुकी है।
किताब बनी मिसाल
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर दक्षिण वन मण्डल पन्ना द्वारा वन औषधियों पर आधारित पुस्तक प्रकाशित कराई गई।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना की मोहन्द्रा रेंज में बतौर बीट गार्ड पदस्थ जगदीश प्रसाद अहिरवार ने जंगलों में पाए जाने वाले 130 औषधीय पौधों की पहचान कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया। हर पौधे की तस्वीर, नाम, औषधीय उपयोग और मिलने के स्थान की जानकारी उन्होंने स्वयं संकलित की। वन विभाग ने इस सामग्री को “दक्षिण पन्ना के महत्वपूर्ण औषधीय पौधे” नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया, जिसमें विदारीकंद, सर्पगंधा, काली मूसली, शतावर जैसी बहुमूल्य प्रजातियों का विस्तृत विवरण शामिल है। यह पुस्तक आज वनकर्मियों के प्रशिक्षण और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता के लिए एक अहम साधन बन चुकी है।प्रधानमंत्री की सराहना के बाद पन्ना के वन विभाग में उत्साह का माहौल है और यह कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि जंगल की पगडंडी से शुरू हुई मेहनत भी देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच सकती है।
मेहनत से मिली पहचान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में उल्लेख किया कि गश्त के दौरान जगदीश अहिरवार ने महसूस किया कि जंगलों में मौजूद औषधीय पौधों की जानकारी कहीं भी व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है। इसी सोच ने उन्हें इसे सहेजने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। सवा सौ से अधिक पौधों की पहचान और उनका दस्तावेजीकरण कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर किया गया ईमानदार काम भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मन की बात में पन्ना जिले के अजयगढ़ किले का जिक्र कर चुके हैं।
जैव विविधता का खजाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में बीट गार्ड जगदीश प्रसाद के प्रयास की सराहना करने के बाद दक्षिण वन मण्डल कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना में जैव विविधता को सहेजने के प्रयास केवल औषधीय पौधों तक सीमित नहीं हैं। वनरक्षक वीरेंद्र पटेल ने वन परिक्षेत्र कल्दा में पाई जाने वाली लगभग 100 पक्षी प्रजातियों का फोटोग्राफिक प्रलेखन कर ‘कल्दा के पक्षी’ नामक पुस्तक तैयार की है, जिसमें कई दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता अजय चौरसिया ने क्षेत्र की रंग-बिरंगी तितलियों का दस्तावेजीकरण किया, जबकि सचिन मिश्रा द्वारा संकलित वनस्पतियों की जानकारी को ‘कल्दा क्षेत्र की वनस्पतियां’ नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया गया।
यह क्षण अकल्पनीय, अविस्मरणीय है: जगदीश
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार।
“मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी से अपना नाम और कार्य की सराहना सुनना मेरे लिए अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय क्षण है। इससे यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि ईमानदारी से किया गया जमीनी कार्य पहचाना जाता है। इसका श्रेय डीएफओ सर को जाता है, जिनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग से संकलित औषधीय पौधों की जानकारी पुस्तक के रूप में सामने आने पर स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ सकी। प्रधानमंत्री जी के द्वारा मेरे काम का उल्लेख करना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान अकेले मेरा नहीं बल्कि पूरे वन विभाग का है। यह हमें और बेहतर तरीके से जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करेगा।”
जिले के साथ प्रदेश के लिए गर्व का विषय : डीएफओ
दक्षिण पन्ना वनमंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने कहा कि- “औषधीय पौधों, पक्षियों, तितलियों और वनस्पतियों पर आधारित ये सभी पुस्तकें क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रामाणिक दस्तावेज हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में दक्षिण वन मंडल पन्ना के एक वनरक्षक के कार्यों की सराहना करना वन मंडल के साथ समूचे पन्ना जिले और प्रदेश के वन विभाग के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री जी से मिली प्रशंसा हमारे प्रयासों को मिला सबसे बड़ा पुरुष्कार है। इसके बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इससे मैदानी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने बताया कि इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले वनकर्मियों की पहल भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती है। आगामी समय में वनमंडल में कीट प्रजातियों के दस्तावेजीकरण का कार्य भी शुरू किया जाएगा।”