2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पहली बार मिली कलेक्टर पद की जिम्मेदारी
पन्ना। नवागत कलेक्टर ऊषा परमार ने शुक्रवार 3 अक्टूबर को सुबह कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पन्ना कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान कलेक्टर एवं चंबल संभागायुक्त बनाए गए सुरेश कुमार ने नवागत जिला कलेक्टर को पदभार ग्रहण कराया और कार्यभार सौंपा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, डीएफओ गर्वित गंगवार एवं अनुपम शर्मा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी, तहसीलदार अखिलेश प्रजापति सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। नवागत कलेक्टर श्रीमती परमार का अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया एवं कलेक्टर पद पर पहली पदस्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गईं।
ओएसडी सह कमिश्नर बनाए गए सुरेश कुमार

उल्लेखनीय है कि गत 30 सितम्बर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 24 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। आदेश अनुसार अपर आयुक्त भोपाल संभाग के पद पर पदस्थ रहीं एवं वर्ष 2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पन्ना कलेक्टर बनाया गया है, जबकि जिला कलेक्टर पद पर पदस्थ रहे वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार को पदोन्नत कर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह कमिश्नर चंबल संभाग मुरैना के पद पर पदस्थापना की गई थी। पदभार ग्रहण के दौरान नवागत कलेक्टर ने अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा की और आगामी कार्ययोजना के बारे में भी अवगत कराया।
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में अजयगढ़ एसडीएम को सौंपे गए सात सूत्रीय मांगों के ज्ञापन में अजयगढ़ अनुभाग की पुलिस पर क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया एवं अपराधियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अजयगढ़ क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के आपराधिक माफियाओं द्वारा बिना किसी वैध मंजूरी के बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध रेत खनन-परिवहन किया जा रहा है। रेत का अवैध कारोबार बंदूकधारी बदमाशों के आतंक के बल पर पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। इसके अलावा पूरे जिले का शराब ठेका एक ही व्यक्ति एक ही व्यक्ति का होने के कारण हर गली-मोहल्ले और गांव में अवैध शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। कांग्रेस ने दोहरे हत्याकांड में नशे की भूमिका से इनकार नहीं किया है। मृतकों के परिजन भी शारब की अवैध बिक्री तथा उनके घर के आसपास शराबियों के जमघट से काफी समय से परेशान बताए जा रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे , पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, श्रीमती रमा बुंदेला, दादूराम मिश्रा, आनंद शुक्ला, भन्नू राजा, शंकर द्विवेदी, जन्मेजय अरजरिया, मार्तंड सिंह बुंदेला, सत्यजीत सिंह परमार, अंकित शर्मा, आशीष यादव, हसीब खान, स्वतंत्र अवस्थी, जयराम यादव, कदीर खान, देवू गोंड, आकाश जाटव, रहीमा खातून, चांदनी जाटव, कपूर यादव, जगदीश यादव, अभिषेक चौरसिया, पेशवानी अहिरवार, राजा जी बुंदेला, मैकू नन्ना, रामदास जाटव, रामबहादुर द्विवेदी, केशरी अहिरवार, रावेंद्र मिश्रा, हिम्मत बागरी, श्रवण तिवारी, बालो सोंनकर, बुद्धू प्रजापति, पिंकू सिद्दीकी, रवि यादव, विकास तिवारी, जीतू यादव, जनक सिंह यादव, लखन, कोशलेंद्र सिंह, तोहीद आलम, यूनिश खान, अकरम खान, ऋषि यादव, मलखान सिंह अज्जू राजा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सोनू का छोटा बेटा (उम्र डेढ़ वर्ष) जीवित मिला है। माना जा रहा है कि अज्ञात दरिंदों को शायद यह डर था कि सोनू का बड़ा बेटा देवेन्द्र उनकी पहचान उजागर कर सकता है इसलिए मां के साथ उसे भी बेरहमी से मार डाला। महिला का पति रामनारायण कुशवाहा मजदूरी करने पंजाब गया था। सोनू अपने ससुराल में एक छोटे से कमरे में अलग रहती थी। अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह उसी कमरे में छोटी सी किराना दुकान चलाती थी। पुलिस की अब तक की जांच में मां-बेटे की जघन्य हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका।







अतिथियों ने अपने उद्बोधन आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर गहरा रोष प्रकट किया है। जयस नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वनाधिकार के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों को मान्यता न मिलने के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन नहीं कर पा रहे हैं। वन विभाग के अफसर जंगल का कानून चलाते हुए उनके हक़-अधिकार को कुचल रहे हैं। परिणामस्वरूप वन क्षेत्र में जनजाति समुदाय के लोग न तो चैन से रह पा रहे और ना ही वे वनोपज संग्रहण तथा वन भूमि का उपयोग और प्रबंधन कर पा रहे हैं। जिससे जनजातीय समुदाय का पारम्परिक जीवन और संस्कृति पर संकट में है। जयस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्परता से वंचित परिवारों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इस संबंध में शीघ्रता से कार्रवाई न होने पर जयस ने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। कार्यक्रम में प्रकाश गौंड़ जनपद सदस्य, मनसुख गौंड़ समाना सरपंच, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर, रामू गौंड़ पूर्व सरपंच डोभा, एडवोकेट सोनेलाल प्रजापति, सुरेश कुमार गौंड़, रामशरण गौंड़, बीरन सिंह गौंड़, दुर्गेश अरविंद, जोगेंदर, रिंकू, बबलू गौंड़ सहित बड़ी संख्या जनजाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफल संचालन समाजसेवी रामविशाल गौंड़ एवं उपस्थितों का आभार प्रकट अरविंद कुमार गौंड़ ने किया।










