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आहट सुनकर जागा दुकानदार, बिस्तर के नजदीक खड़े थे नकाबपोश बदमाश
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विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
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सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा के दौरान चोरी की घटनाओं के बीच पन्ना में एक और बड़ी वारदात
शादिक खान, पन्ना/रैपुरा ।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के दूरस्थ सीमावर्ती रैपुरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पूरी तरह बुलंद नजर आ रहे हैं। रैपुरा-पन्ना मुख्य मार्ग पर मनकौरा और ताखौरी गांव के बीच स्थित एक किराना दुकान में सोमवार तड़के बदमाशों ने दुस्साहस की हदें पार करते हुए लूटपाट की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। काले रंग की बोलेरो जैसी गाड़ी से पहुंचे 4 से 5 अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने न केवल दुकान को निशाना बनाया, बल्कि जागने पर दुकानदार को गोली मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
आहट पर जागा दुकानदार, बिस्तर के पास खड़ा था बदमाश

पीड़ित दुकान संचालक रामस्वरूप लोधी (48) ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच वह दुकान के पास ही सो रहे थे। दुकान के भीतर से आ रही आहट से उनकी नींद खुल गई। जब उन्होंने उठकर देखा तो बाउंड्री के पास और बिस्तर के नजदीक एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा था, जबकि अन्य बदमाश दुकान के अंदर मौजूद थे और बाहर काले रंग की बोलेरो जैसी गाड़ी खड़ी थी। रामस्वरूप ने जब हिम्मत जुटाकर विरोध किया और वहां आने का कारण पूछा, तो बदमाशों ने उन्हें तुरंत गोली मारने की धमकी दी और चुप रहने को कहा। अंधेरा होने के कारण पीड़ित उनके हाथ में मौजूद हथियार को ठीक से नहीं पहचान सका। कुछ ही देर में बदमाश दुकान से सारा सामान समेटकर मोहन्द्रा रोड की ओर फरार हो गए।
नकदी, पेट्रोल और किराना सामग्री ले गए बदमाश

अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने इस वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी दुकान से लगभग 10 हजार रुपये नकद, 30 से 40 लीटर पेट्रोल, बीड़ी के 10 बंडल, राजश्री गुटखा के 15 पैकेट और नमकीन सहित अन्य जरूरी किराना सामग्री समेत करीब 30 हजार रुपए का सामान लूटकर ले गए। घटना के बाद दहशत में आए दुकानदार ने अपने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी बात बताई। सुबह करीब 7 बजे पीड़ित के बेटे ने रैपुरा थाने पहुंचकर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सीमावर्ती क्षेत्र में लचर पुलिसिंग पर सवाल

तीन जिलों की सीमाओं से सटे होने के कारण रैपुरा थाना क्षेत्र आपराधिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील है। यहाँ वारदातों को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से पड़ोसी जिलों में स्थित सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग निकलते हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए आसान नहीं होती। क्षेत्र की इस भौगोलिक संवेदनशीलता के बावजूद यहाँ पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने के बजाय बेहद लचर बनी हुई है, जिसका सीधा फायदा ये बेखौफ बदमाश उठा रहे हैं।
एक तरफ जहाँ पन्ना जिले में बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के दौरान अजयगढ़ और अमानगंज में श्रद्धालुओं (विशेषकर महिलाओं व पुरुषों) के गहने और नकदी चोरी होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह सीमावर्ती क्षेत्र की मुख्य सड़क पर तड़के लूटपाट होना पुलिस की कार्यप्रणाली और सक्रियता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी भारी रोष है कि क्षेत्र में पूर्व में हुई चोरी की वारदातों का पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पाई है। ऐसे में, इस सनसनीखेज वारदात के बाद पन्ना पुलिस के लिए संदिग्ध काली बोलेरो गाड़ी का सुराग लगाना और अंतरजिला गिरोह के बदमाशों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।





