खौफनाक वारदात: आशा कार्यकर्ता की निर्मम हत्या के बाद देवर ने भी दे दी जान

0
289
फाइल फोटो

*  हत्या के कारणों पर बना रहस्य, पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच में जुटी

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई कस्बा में स्थित वार्ड क्रमांक 14 में सोमवार को सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी ही भाभी, जो आशा कार्यकर्ता के रूप में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थीं, पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने भी जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पवई से लेकर सुनवानी क्षेत्र तक तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

कमरे में बंद कर वारदात को दिया अंजाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनवानी क्षेत्र में पदस्थ 37 वर्षीय आशा कार्यकर्ता रजनी शुक्ला पवई में किराये के मकान में रहकर अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की देखरेख कर रही थीं। उनके पति अलग रहते बताए जाते हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी सुरेंद्र उर्फ सीताराम तिवारी ने वारदात से पहले मृतका की 17 वर्षीय बेटी को कमरे से बाहर कर दिया और इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर रजनी शुक्ला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने उठाया आत्मघाती कदम

बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। जब परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी मिली तथा दरवाजा खोला गया, तब कमरे के भीतर दोनों मृत अवस्था में पाए गए। पुलिस का मानना है कि आरोपी की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
सबसे बड़ा सवाल: आखिर हत्या की वजह क्या थी?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके चलते आरोपी ने अपनी ही भाभी की इतनी निर्ममता से हत्या कर दी? क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद था, पुरानी रंजिश थी, मानसिक तनाव था या फिर कोई अन्य कारण? फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट और आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। घटना के बाद क्षेत्र में अनेक तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावित कारण की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पुलिस जुटी हर पहलू की पड़ताल में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी भावना सिंह दांगी और थाना प्रभारी सुशील अहिरवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एक ही परिवार से जुड़े दो लोगों की मौत और वह भी इस तरह की परिस्थितियों में होने से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। लोगों के बीच सबसे अधिक चर्चा इसी बात को लेकर है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या और फिर आरोपी की मौत तक पहुंच गया। समाचार लिखे जाने तक यह प्रश्न का अनुत्तरित था और पुलिस की जांच जारी थी।