हमें समस्याओं के उत्पन्न होने के कारण को मिटाना होगा- आयुक्त श्री शर्मा

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* आयुक्त सागर संभाग ने की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा

पन्ना। (www.radarnews.in) आयुक्त सागर संभाग आनन्द कुमार शर्मा द्वारा स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि हमें समस्याओं के उत्पन्न होने के कारणों को मिटाना होगा। जिससे समस्याएं पैदा ही न हों। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग के अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। पलायन पंजी में जाने और आने वाले माताओं का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने जिले में बच्चों का कुपोषण मिटाने के लिए चलाए जा रहे संजीवनी अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पन्ना कलेक्टर द्वारा पहले से ही विभिन्न विभागोें के अधिकारियों/कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाने की योजना के तहत अभ्युदय योजना प्रारंभ की गयी। इससे दोनों विभाग को कार्य करने में सुविधा उपलब्ध हो रही है। अब आगे आपसी तालमेल बनाकर दोनों विभाग कार्य करें जिससे आंकड़ों में अन्तर नहीं आए।

बीमारी वाले क्षेत्रों को करें चिन्हित

आयुक्त सागर संभाग श्री शर्मा ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं में शासन से जो राशि भुगतान की जाती है वह संबंधित हितग्राही को समय पर उपलब्ध हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग की योजनाओं में चिन्हित हितग्राही के बैंक खाते, आधार कार्ड आदि की जानकारी चिन्हांकन के समय ही प्राप्त कर ली जाए। जिससे भुगतान में किसी तरह की देरी न हो। उन्होंने मलेरिया, फाइलेरिया, क्षय रोग की अधिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उन क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए।
आयुक्त सागर संभाग आनन्द कुमार शर्मा ने शिशु एवं मातृ मृत्युदर को रोकने एवं कुपोषण को मिटाने के लिए कहा कि दोनों विभागों को किशोरी बालिकाओं एवं माताओं के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन किशोरियों एवं माताओं में रक्त की कमी अथवा अन्य किसी तरह का कुपोषण है उनकी जांच कराकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु एवं गर्भवती माताओं को शत प्रतिशत टीकाकरण कराया जाना आवश्यक है। श्री शर्मा ने कहा कि समाज में लड़का-लड़की के अन्तर को मिटाने के लिए जागरूकता लाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं पर दोनों विभाग के मैदानी कर्मचारी को सतत निगरानी रखनी चाहिए कि गर्भवती का प्रसव कब होने वाला है प्रसव से तीन दिन पहले ही प्रसव के लिए निर्धारित संस्था, परिवहन की व्यवस्था आदि कर लेनी चाहिए। जिससे शिशु एवं मातृ मृत्युदर में कमी आ सके।

कुपोषण से मुक्ति दिला रहा संजीवनी अभियान

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले में चलाए जा रहे पोषण संजीवनी अभियान के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 2800 बच्चों को चिन्हित किया गया था जो अतिकुपोषित थे। इन अतिकुपोषित बच्चों को जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं अन्य लोगों के माध्यम से गोद दिलाकर कुपोषण मुक्ति का कार्य किया गया। कुपोषित बच्चे के परिवार को आर्थिक रूप से स्वाबलम्बी बनाने के लिए विभिन्न विभागोें की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे अतिकुपोषण से बाहर होकर मध्यम श्रेणी में आ गए है। वही 880 बच्चे सामान्य श्रेणी में पहुंच चुके हैं। जिले में इस अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ कर दिया गया है। गोद लेने वाले संजीवनी अभिभावकों में निरंतर उत्साह बना रहे इसके लिए ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक संजीवनी अभिभावक सम्मेलन आयोजित किए गए। जिले में किशोरी बालिकाओं और गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य पर परीक्षण एवं उपचार उपलब्ध कराने का भी कार्यक्रम जारी है। उन्होंने कहा कि जिले में शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में जिले को मिशन इन्द्रधनुष के तहत टीकाकरण में सफलता मिली है।

इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती शशिश्याम उइके ने बैठक में उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए शिशु एवं मातृ मृत्युदर कम करने, कुपोषण मिटाने आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि दोनों विभागों मैदानी कर्मचारी आपसी समन्वय बनाकर काम करें। जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा सके एवं दोनों विभागों के आंकड़ों में अन्तर न आए। सम्पन्न हुई बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उदल सिंह, समस्त एसडीएम, दोनों विभागों के जिला, खण्ड एवं ग्रामीण स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।