युवाओं ने बदली गाँव की पाठशाला की रंगत, जनसहयोग से व्यवस्थाओं को बनाया बेहतर

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* शाला भवन का रंग-रोगन और विधुत की कराई व्यवस्था

* अभिभावकों ने लिया बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजने का संकल्प

पन्ना। (www.radarnews.in) सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही हमारे जेहन में जीर्ण-शीर्ण भवन, अस्त-व्यस्त क्लास रूम और बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था की तस्वीर उभरती है। नवीन प्राथमिक पाठशाला शंकरगढ़ का हाल कुछ ऐसा ही था। लेकिन, कुछ युवाओं की सकारात्मक पहल से पाठशाला की रंगत बदल गई है। अब यह प्राथमिक पाठशाला सरकारी होते हुए भी थोड़ा अलग है। युवाओं के जज्बे और ग्रामीणों के सहयोग से आए इस बदलाव की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
पन्ना जिले के गुनौर विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक शाला की स्थिति कुछ समय पूर्व तक अच्छी नहीं थी। स्थानीय युवाओं ने जब अव्यवस्थाओं के बीच छोटे बच्चों को पढ़ते हुए देखा तो मन में शाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का ख्याल आया। युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों ने इस दिशा में काम शुरू किया तो ग्रामीण ने भी इसमें आर्थिक सहयोग प्रदान किया। जन सहयोग से एकत्र हुए रुपए 10,000/- की राशि से शाला परिसर की साफ़-सफाई और भवन का रंग-रोगन कराया गया। शाला भवन की लाइट फिटिंग कराई गई। इसके अलावा शाला परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए सुगन्धित पुष्प वाले पौधों का रोपण किया गया।
युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों दिलीप, नीरज ,पुष्पेंद्र, अनिल, नरेश, रमेश, सनी, राम चरण, तुलसी, राजकुमार, रवि, मोनिका, वंदना, नीतू, आरती, सोनिका, रामकुमारी, काजल आदि कहना है कि गाँव की पाठशाला की व्यवस्थाएं जितनी बेहतर होंगी गाँव का भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। ये युवा शाला के शिक्षकों के साथ मिलकर शैक्षणिक व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। इनके द्वारा अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए अपने बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजने का संकल्प दिलाया गया। जनभागीदारी से शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक पाठशाला की रंगत बदलने से वहाँ पढ़ने वाले बच्चे काफी खुश हैं। अपने नौनिहालों के चेहरों पर खिली मुस्कान और पढ़ाई को लेकर उनकी लगन को देखकर अभिभावकों के आँखें बेहतर कल की उम्मीदों से रोशन हो रही हैं।