नदियों को जोड़कर “अटल” के सपनों को साकार कर रहा मध्यप्रदेश : सुमित्रा महाजन

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देपालपुर (इंदौर) में नर्मदा मालवा गंभीर लिंक परियोजना के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज बोले, मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा गरीबी मुक्त प्रदेश

सोयाबीन 3,400 रुपये प्रति क्विंटल से कम भाव पर नहीं बिकेगा

देपालपुर में नर्मदा-मालवा-गंभीर लिंक परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण

इंदौर। रडार न्यूज   लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर जिले के देपालपुर में मालवांचल की महत्वाकांक्षी नर्मदा-मालवा-गंभीर लिंक परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इस परियोजना से इंदौर तथा उज्जैन जिलों में 50 हजार 775 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने लोकार्पण समारोह के अवसर पर आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम में कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान अटल जी के सपनों का ही हिस्सा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अटल जी के सपने को साकार कर मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाने की ओर कदम बढ़ाये हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को गरीबी मुक्त प्रदेश बनाया जायेगा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना का युद्ध-स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना बगैर किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली लायेगी। श्री चौहान ने बताया कि मालवांचल को हरा-भरा बनाने के लिये अब नर्मदा-पार्वती और नर्मदा-कालीसिंध परियोजना का काम भी शुरू किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को बताया कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन किसी भी हालत में 3,400 रुपये प्रति क्विंटल से कम भाव पर नहीं बिकने दिया जायेगा।

लिंक परियोजना से 50 हजार हेक्टेयर सिंचाई

मध्यप्रदेश में मालवांचल के गंभीर जलसंकट के स्थाई समाधान के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2012 में मालवा की क्षिप्रा, गंभीर कालीसिंध और पार्वती नदी कछारों तक नर्मदा जल पहुँचाने के संकल्प को आज साकार रूप दिया। इस संकल्प को नर्मदा मालवा लिंक महाभियान के रूप में क्रियान्वित किया जा रहा है। नर्मदा क्षिप्रा सिंहस्थ लिंक योजना के बाद नर्मदा मालवा गंभीर लिंक दूसरी महत्वपूर्ण योजना है। नर्मदा मालवा लिंक अभियान के आगामी लक्ष्यों में नर्मदा पार्वती और नर्मदा कालीसिंध पर भी कार्य आरंभ किया जा रहा है।नर्मदा मालवा गंभीर लिंक परियोजना से इंदौर तथा उज्जैन जिलों में 50 हजार 775 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित हो रही है। अंचल को पेयजल और औद्योगिक जल का लाभ भी मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत 15 क्यूमेक (15 घन मीटर प्रति सेकण्ड क्षमता) नर्मदा जल ओंकारेश्वर परियोजना की दाँयी तट मुख्य नहर से लिया जायेगा।

नर्मदा-मालवा-गंभीर लिंक में खर्च होंगे 2187 करोड़

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने नर्मदा मालवा गंभीर लिंक परियोजना का लोकार्पण किया।

जल का उद्वहन दांयी तट मुख्य नहर के किलोमीटर 9.775 से 3 मीटर व्यास की पाईप लाईन द्वारा 427 मीटर ऊँचाई तक होगा। उद्वहन पाईप लाईन की लंबाई लगभग 68.142 किलोमीटर है।सिंचाई जल वितरण के लिये गंभीर नदी के दोनो किनारों पर पाईप लाईन डाली गई है। दाँयी तट पाईप लाईन की लंबाई लगभग 70.105 किलोमीटर तथा बाँयी तट पाईप लाईन की लंबाई लगभग 57.5 किलोमीटर है। दाँयी तथा बाँयी तट पाईप लाईन प्रणाली से इंदौर तथा उज्जैन जिलों की 7 तहसीलों के 164 गाँवों का 50 हजार 775 हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। परियोजना निर्माण की लागत रुपये 2187 करोड़ है।