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सब गंदा है, पर धंधा है ये…! MP के इस शहर में तेजी से पैर पसार रहा है जिस्मफरोशी का धंधा

* अय्याशी का अड्डा बना जिला चिकित्सालय पन्ना का परिसर

* जानकारी के बाद भी रोकथाम को लेकर कार्यवाही नहीं करते जिम्मेदार

पन्ना। (www.radarnews.in) जिस्मफरोशी का धंधा सभ्य समाज के माथे पर बेशक एक बदनुमा दाग है लेकिन इस स्याह पहलू का निर्माण करने वाला भी स्वयं हमारा समाज ही है। इस पर आप बात करें या न करें या फिर घृणावश आप इसे अनदेखा करें लेकिन इससे न तो सच्चाई बदलेगी और ना ही समस्या का समाधान संभव होगा। यह अनैतिक धंधा जिस तेजी से फल-फूल रहा है उससे पवित्र नगर पन्ना की फिजा दूषित हो रही है। इस गंदे धंधे में कमसिन युवतियों से लेकर अधेड़ उम्र की महिलायें तक सक्रिय है। कतिपय युवतियां और महिलायें गरीबी, मजबूरी और लालच के चलते अपने जिस्म को बेंच रही है तो वहीं कुछ ऐसी भी है जिनके लिये अब यह धंधा बन चुका है। पन्ना शहर में बकायदा कई सेक्स रैकेट चल रहे है, जिन्हें कतिपय व्हाईट काॅलर वाले लोग और कुछ महिलायें ही ऑपरेट कर रहीं है।
सांकेतिक चित्र।
पन्ना का जिला चिकित्सालय परिसर अघोषित तौर पर देह व्यापार का अड्डा बन चुका है। आप यकीन करें या न करें लेकिन सच्चाई यही है। सुबह 10 बजे के बाद से लेकर देर रात तक आपको वहां कुछ संदिग्ध महिलायें और युवतियां मेकअप किए घूमतीं हुई और मोबाइल फोन पर बात करते हुए मिल जायेंगी। ग्राहकों से ऑनलाइन सेटिंग होते ही संबधित व्यक्ति जिला चिकित्यालय परिसर पहुंच कर उन्हें वहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाता है। दिन के उजाले में तो ये अन्यत्र जाते है पर शाम ढ़लते ही जिला चिकित्सालय की छत, प्राईवेट वार्ड, शौंचालय और परिसर के ऐसे स्थान जहां पर किसी की नजर न पड़े वहां अनैतिक गतिविधियां चलती है।
फाइल फोटो।
हैरान करने वाली बात है कि वेश्यावृत्ति के इस धंधे में स्वास्थ्य विभाग की ही कुछ मैदानी कर्मचारी कथित तौर पर लिप्त है। इनके दलाल भी जिला चिकित्सालय के आस-पास के होटलों और चाय की गुमटियों में बैठ कर ग्राहक तलाशते रहते है। ये 200-500 और 1000 हजार रुपए तक लेकर युवतियों-महिलाओं से सीधा संपर्क करा देते हैं। विचारणीय प्रश्न है कि, जिला चिकित्सालय में सुरक्षा गार्ड 24 घण्टे तैनात रहते है और पुलिस चौकी भी यहां स्थापित है बाबजूद इसके अनैतिक गतिविधियां बेरोकटोक कैसे चल रहीं है। सूत्र बताते हैं कि सबकुछ जानने के बाद भी वेश्यावृत्ति की रोकथाम के लिये इनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। जिला चिकित्सालय के कर्मचारियों और आसपास के होटल वालों से आप ऑफ रिकार्ड बात करें तो पता चल जायेगा की कई बार रंगे हांथ लोगों को अपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया लेकिन किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई।
सांकेतिक चित्र।
पन्ना के बादशाह साईं चौराहे पर बुधवार 28 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे एक महिला को जब दूसरी महिला की सरेराह बेदम पिटाई करते हुए लोगों ने देखा तो कुछ देर के लिए सब दंग रह गए। मारपीट का यह मामला भी कथित तौर पर वेश्यावृत्ति से ही जुड़ा है। पन्ना जिला चिकित्सालय परिसर से देह व्यापार संचालित होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भलीभांति है लेकिन वे लगातार इसे अनदेखा कर रहे है। जबकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को चाहिये कि वेश्यावृत्ति की रोकथाम के लिये तत्परता से आवश्यक कदम उठाए जाएं। ताकि जिला चिकित्सालय परिसर सहित शहर की आबोहवा बेहतर हो सके। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महिला सशक्तिकरण विभाग को भी आगे आकर इस दलदल से महिलाओं और युवतियों को बाहर निकालने की पहल करते हुए उन्हे सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने के लिये शासन की योजनाओं का लाभ दिलाकर मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
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