पुलिस थाना अजयगढ़ आयोजित विदाई समारोह में निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर को भावभीनी विदाई देते हुए पुलिस स्टॉफ।
* निरीक्षक हरि सिंह बोले- “अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों से मिले प्रेम-स्नेह को कभी भुला नहीं पाऊंगा”
* विदाई समारोह में पत्रकार और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर का स्थानांतरण शासन ने विगत दिनों सतना जिले के कर दिया था। जिसके चलते गुरुवार 03 अगस्त को अजयगढ़ थाना भवन में एक समारोह आयोजित कर निरीक्षक हरि सिंह को भावभीनी विदाई दी गई। इस गरिमामयी सादे समारोह के प्रारंभ में श्री ठाकुर को पुष्पहार पहनाकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात थाना पुलिस स्टॉफ़ की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह स्वरूप राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
विदाई समारोह के मौके पर हरि सिंह ठाकुर ने कहा कि, अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों से मुझे जो प्रेम-स्नेह, सहयोग और सम्मान मिला है मैं उसे कभी भूल नहीं पाऊंगा। अजयगढ़ में सेवाकाल के दौरान हमेशा यह महसूस करता रहा कि मैं अपने गृहनगर में परिवार के सदस्यों के साथ हूँ। यहां मिले अपार स्नेह और सहयोग के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा। विदाई की बेला पर भावुक होते श्री ठाकुर ने विनम्रतापूर्वक कहा, मेरी सेवा में कहीं कोई कमी रह गई हो, भूलवश मैंने कोई गलती कर दी हो या फिर दायित्व के निर्वाहन के दौरान मेरे कारण आपको परेशानी हुई हो तो उसके लिए कृपया मुझे क्षमा कर दें। इस अवसर पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए थाना स्टॉफ को पूरी कर्मठता के साथ बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। आपने कहा कि शासकीय सेवा में तबादला होना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं जहां भी रहूंगा आप लोगों से सदैव जीवंत सम्पर्क बनाए रखूंगा।
आमजन के साथ संवाद और संबंध को बनाए रखा
विदाई समारोह में निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए अजयगढ़ एसडीओपी कल्याणी बरकड़े।
कार्यक्रम में उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) अजयगढ़ कल्याणी बरकड़े ने अपने उद्बोधन में स्थानांतरित निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर की कार्यप्रणाली और व्यक्तित्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। श्रीमती बरकड़े ने कहा कि, थाना प्रभारी के तौर पर ठाकुर का कार्यकाल बेहतर रहा। और इस सफलता का श्रेय आमजन के साथ उनके सतत संवाद एवं मधुर संबंधों को जाता है। पुलिस अधिकारी के रुप में अपराधों की प्रभावी रोकथाम, कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए जहां आपने आवश्यक सख़्ती बरतने में कोई समझौता नहीं किया तो वहीं परेशानी से जूझ रहे आमजन की हर संभव मदद को लेकर वे हमेशा तत्पर और संवेदनशील नज़र आए। एसडीओपी ने बताया, थाना स्टॉफ के साथ भी श्री ठाकुर का व्यवहार परिवार के मुखिया की तरह रहा है।
जनसेवा के प्रति रहे समर्पित
विदाई समारोह में स्थानीय पत्रकार रिजवान खान व हरकिशोर वाजपेई ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए टीआई हरि सिंह ठाकुर को जनसेवा के प्रति समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा सहृदयी एवं धार्मिक स्वाभाव वाला नेकदिल इंसान बताते हुए उनकी सराहना की। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ थाना के प्रधान आरक्षक आइमत सेन का स्थानांतरण अजयगढ़ से देवेन्द्रनगर थाना होने पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भी भावभीनी विदाई दी गई। विदाई समारोह में स्थानीय लोग व अजयगढ़ पुलिस थाना का स्टॉफ उपस्थित रहा।
पन्ना जिले में स्थित बृहस्पति कुण्ड का विहंगम दृश्य। (फ़ाइल फोटो)
* तापमान में गिरावट आने से उमस भरी गर्मी से मिली राहत, सूखती फसलों को मिला नया जीवन
* पन्ना जिले में जून माह से अब तक 512.9 मिलीमीटर औसत बारिश हुई
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से मानसून की बेरुखी के चलते भीषण उमस और गर्मी से बेहाल मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के लोगों के लिए अगस्त महीने का आगाज़ राहत लेकर आया है। पिछले तीन दिनों से लगी सावन की झड़ी के चलते समूचे जिले रुकरुक लगातार कर बारिश का दौर जारी है। फ़लस्वरुप अच्छी बारिश होने से एक ओर जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल गई है वहीं दूसरी तरफ अन्नदाता किसानों की उम्मीदों की फसल को नया जीवन मिल गया है। पानी के आभाव में खेतों में तेज़ी से सूखतीं फसलें बादलों की मेहरबानीं लहलहा उठी हैं। तीन दिनों से जारी बारिश को कृषि के जानकार खरीफ फसलों के लिए खासकर धान के लिए अमृत वर्षा बता रहे है। मानसून ने अन्नदाता किसानों के चिंता में डूबे-मुरझाए हुए चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है।
फ़ाइल फोटो।
लगातार बारिश के चलते पन्ना जिले के नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कई नालों के उफान पर होने से कुछ आंचलिक मार्गों में थोड़े समय के लिए आवागमन बाधित होने की ख़बरें भी मिल रहीं है। निचले स्थानों पर जल भराव होने की जानकारी मिली है। बहरहाल थोड़ी-बहुत असुविधा के बावजूद जिले के लोग मानसून के सक्रिय होने से काफी खुश नजर आ रहे हैं। लोगों की ख़ुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, अनेक युवा तथा परिवार सहित लोग मानसून का आनंद लेने बारिश में भीगते-मस्ती करते नदी-नालों के उफान एवं जलप्रपात के सम्मोहित करने वाले नज़ारे देखने के लिए पहुँच रहे हैं। हालांकि कुछ लोग परफ़ेक्ट सेल्फी या रील बनाने के चक्कर में खुद को खतरनाक जोखिम में भी डाल रहे है।
आज रैपुरा में सर्वाधिक बारिश दर्ज़
पन्ना जिले में आज वर्षामापी केन्द्र रैपुरा में सर्वाधिक वर्षा 202.3 मिलीमीटर दर्ज की गई है। पन्ना में 67.4 मिलीमीटर, देवेन्द्रनगर में 126, गुनौर में 89.3, अमानगंज में 72.3, पवई में 150, सिमरिया में 185.1, शाहनगर में 104.2 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा अजयगढ़ में 27 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसी प्रकार 1 जून से 3 अगस्त तक की अवधि में जिले में 512.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। उक्त अवधि में पन्ना में 587 मिमी, देवेन्द्रनगर में 651.4, गुनौर में 485.2, अमानगंज में 462.6, पवई में 576, सिमरिया में 535.2, शाहनगर में 417.1, रैपुरा में 503.5 तथा अजयगढ़ में 398.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है।
मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचों-बीच से प्रवाहित केन नदी का मनोरम दृश्य। (फाइल फोटो)
* मुख्यमंत्री ने की परियोजना के भूमिपूजन संबंधी तैयारियों की समीक्षा
* बुंदेलखंड में चुनावी लाभ की मंशा से भूमिपूजन को लेकर जल्दबाज़ी में डबल इंजन सरकार !
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में तीन माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन के लिए आवश्यक तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंगलवार 01 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन के संबंध में तैयारियों की समीक्षा की। भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने राजस्व, वन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से परियोजना अंतर्गत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही कहा कि वर्तमान अगस्त माह के अंत तक शेष भू-अर्जन का कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने फॉरेस्ट क्लीयरेंस, प्रभावित वन भूमि, पुर्नवासन व पुर्नव्यवस्थापन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। इस दौरान स्थानीय एनआईसी कक्ष में नवागत कलेक्टर हरजिंदर सिंह, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व रिपुदमन सिंह भदौरिया, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र, एसडीएम अशोक अवस्थी, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सतीश शर्मा मौजूद रहे।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमिपूजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में उपस्थित पन्ना कलेक्टर हरजिंदर सिंह, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व रिपुदमन सिंह भदौरिया एवं अन्य अधिकारी।
बता दें, कई दशकों से सूखा की भीषण त्रासदी झेल रहे मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के वाशिंदों और बंजर होते खेतों की प्यास बुझाने वाली जीवनदायिनी बहुउद्देश्यीय परियोजना के तौर पर केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को प्रचारित किया जा रहा है। अरबों रुपये की लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण से भविष्य में होने वाले लाभ को लेकर जितनी चर्चा है उससे कहीं अधिक चिंता इसके निर्माण से जुड़े व्यापक पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को लेकर भी की जा रही है। हालांकि डबल इंजन वाली (केन्द्र एवं राज्य) सरकार केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से संबंधित तमाम तथ्यात्मक, तार्किक और बाज़िव चिंताओं को दरकिनार करते हुए पूरी दृढ़ता के साथ इस पर आगे बढ़ रही है।
प्रभावितों ने मुआवजा राशि को बताया मज़ाक
(फाइल फोटो)
केन-बेतवा लिंक परियोजना वरदान या अभिशाप की बहस से अलग एक अन्य पहलू, परियोजना प्रभावित व्यक्तियों की भूमि अधिग्रहण के एवज़ में दी जाने वाली मुआवजा राशि का भी है। पन्ना एवं छतरपुर जिले के प्रभावितों में भू-अर्जन मुआवजा राशि को लेकर जबरदस्त आक्रोश-असंतोष देखा जा रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे का समय रहते सर्वमान्य समाधान निकालने को लेकर शासन-प्रशासन के स्तर पर अज़ीब सी उदासीनता देखी जा रही है। नतीज़तन नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित होने वाले परिवार उचित मुआवजा राशि की जायज़ मांग को लेकर पिछले कई माह से लगातार आंदोलित है। केन-बेतवा लिंक प्रभावित ग्रामीणों के अनुसार, मौजूदा बेतहाशा महंगाई के दौर में उनकी एक हैक्टेयर कृषि भूमि अधिग्रहण के एवज़ सिर्फ़ 3,20,000/- (तीन लाख बीस हजार) रुपए की मुआवजा राशि दी जा रही है। उक्त राशि को मज़ाक बताते हुए ग्रामीण सवाल पूंछते है क्या इससे, छतरपुर या पन्ना में 2,000 वर्गफीट का एक आवासीय प्लाट खरीदा जा सकता है? प्रभावितों का साफ़ कहना है, जब तक उचित मुआवजा राशि घोषित नहीं की जाती तब तक वे अपनी एक इंच जमीन नहीं देंगे। और पूरी क्षमता के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना का पुरजोर विरोध जारी रखेंगे।
विस और लोस चुनाव में लाभ को लेकर जल्दबाज़ी !
भू-अर्जन पर बने गतिरोध के बीच परियोजना के भूमिपूजन को लेकर की जाने वाली जल्दबाज़ी से केन्द्र सरकार और राज्य की शिवराज सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे है। जानकार मानते हैं, भूमिपूजन को लेकर जल्दबाज़ी के पीछे असल मकसद मध्यप्रदेश के आसन्न विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड अंचल में सत्ताधारी दल भाजपा की स्थिति को अधिक मजबूत बनाना है साथ ही अगले वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनाव मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में चुनावी लाभ प्राप्त करना है। केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करके सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की सरकार मतदाताओं को यह सन्देश देना चाहती है कि वह अपना चुनावी वादा निभाने, बुंदेलखंड की ज्वलंत समस्या के समाधान एवं क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर सजग और संवेदनशील है। भाजपा के रणनीतिकारों को पक्का भरोसा है, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का मात्र भूमिपूजन करके अति पिछड़े इस इलाके में वोटों की लहलहाती फसल को आसानी से काटा जा सकता है। हालांकि, इस महत्वकांक्षी सिंचाई परियोजना का निर्माण प्रभावितों के भू-अर्जन से जुड़ी मांग के निराकरण के बाद ही सम्भव हो सकेगा।
नवागत पन्ना कलेक्टर हरजिंदर सिंह कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत निवर्तमान कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से हाथ मिलाते हुए।
* आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ समयसीमा में प्रदान करने अधिकारियों को दिए निर्देश
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के नवागत कलेक्टर एवं 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हरजिंदर सिंह ने आज सुबह संयुक्त कार्यालय भवन पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। निवर्तमान कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने उन्हें कार्यभार सौंपा। नवागत कलेक्टर श्री सिंह गत चार वर्ष से मध्यप्रदेश कौशल विकास परियोजना भोपाल में संचालक पद पर पदस्थ थे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र, कोषालय अधिकारी गौरव गुप्ता भी उपस्थित थे।
राष्ट्रगीत का हुआ सामूहिक गायन
अगस्त माह के प्रथम कार्यदिवस पर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ शासकीय कार्य की शुरूआत हुई। कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारियों सहित उपस्थित सभी शासकीय सेवकों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गान किया। इस मौके पर नवागत कलेक्टर हरजिंदर सिंह सहित विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने की योजनाओं की समीक्षा
नवागत कलेक्टर हरजिंदर सिंह ने मंगलवार 01 अगस्त 2023 को पूर्वान्ह में कलेक्टर पद का पदभार ग्रहण करने के उपरांत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक व महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों से आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि आम जनता को समय सीमा में योजनाओं का लाभ मिल सके, यह सुनिश्चित करें। लोक सेवा गारण्टी योजना सहित तीन दिवसीय समरसता यात्रा के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री संघ प्रिय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के गेट पर पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए वनकर्मी।
* मध्य प्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना ने सौंपा ज्ञापन
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के मैदानी वन अमले की संशोधित वेतनमान/ग्रेड-पे सहित 5 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ लगातार प्रयासरत है। मैदानी वन अमले के हितों से जुड़ीं मांगों पर पूर्व में सरकार की ओर से अनेकों बार आश्वासन पर आश्वासन दिए गए लेकिन निराकरण आज तक नहीं हो सका। सरकार के इस उदासीनतपूर्ण रवैये से नाराज वनकर्मियों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी जायज़ मांगों पर अमल सुनिश्चित कराने के लिए आवाज़ बुलंद की है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पन्ना में बुधवार 26 जुलाई 2023 को मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ पन्ना के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष रामनरेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में वनकर्मियों द्वारा महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। वनकर्मियों ने ज्ञापन के माध्यम से “शिवराज सरकार” को वादा याद दिलाते हुए उसे निभाने की मांग की है। वनकर्मियों का कहना है, पूर्व में दिए गए आश्वासन के मद्देनजर हमारी न्यायोचित मांगों का निराकरण कर अविलंब आदेश जारी किए जाएं।
अत्यंत ही कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वन सम्पदा एवं वन्यजीवों के संरक्षण के दायित्व का निर्वहन करने वाले मैदानी वन अमले में प्रदेश सरकार के प्रति असंतोष और नाराजगी व्याप्त है। इसका कारण मैदानी वन अमले के हितों से जुड़ीं पांच सूत्रीय मांगों का कई वर्षों से लंबित होना है। मांगों के निराकरण को लेकर प्रदेश सरकार ने आश्वासन तो कई बार दिए लेकिन कार्रवाई करने की सुध अब तक नहीं ली। इस स्थिति में प्रदेश के वनकर्मी खुद को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे है। वनकर्मियों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी मांगों के निराकरण को लेकर राज्य सरकार पर दवाब बंनाने की रणनीति के तहत नए सिरे से एकजुटता के साथ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है।
इसी के तहत बुधवार को पन्ना में मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना के अध्यक्ष रामनरेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम पांच सूत्रीय मांगों के ज्ञापन सौंपे गए। पन्ना कलेक्टर के द्वारा प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से वनकर्मियों ने वेतनमान/ग्रेड-पे सहित 5 सूत्रीय लंबित मांगों का अविलंब निराकरण कर आदेश जारी करने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। पन्ना में नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे वनकर्मियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाज़ी की गई।
ये हैं मुख्य मांगें-
मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ ने अपने ज्ञापन में लंबित मांगों को लेकर भोपाल में दिनांक 4 मई 2023 को वन कर्मचारी संघों के साथ प्रदेश के वन मंत्री, अपर मुख्य सचिव वन तथा वन बल प्रमुख के साथ हुई चर्चा का उल्लेख किया है। ताज़ा ज्ञापन में उन्हीं 5 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया है। जिसमें समस्त मैदानी वन अमले को संशोधित वेतनमान/ग्रेड-पे देने की मांग सबसे ऊपर है। मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ की मांग है कि, वनरक्षक को 5200-20200 (2400), वनपाल 5200-20200 (2800), उप वन क्षेत्रपाल 9300-34800 (3600) एवं वन क्षेत्रपाल को 9300-34800 (4200) ग्रेड-पे दिया जाये। समयमान-वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश में संशोधन करते हुए दिनांक 01 अप्रैल 2006 के बाद नियुक्त वनरक्षकों नियुक्ति दिनांक से ही समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए। स्थाईकर्मियों को वनरक्षक एवं विभाग में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटरों को पात्रतानुसार सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पदों पर नियमित किया जाए तथा शेष बचने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटरों को सूचीबद्ध किया जाए। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ पन्ना के जिला अध्यक्ष रामनरेश सिंह राजपूत, वन कर्मचारी संघ पन्ना के जिलाध्यक्ष महीप रावत सहित जिले के उत्तर-दक्षिण वन मण्डल तथा पन्ना टाइगर रिजर्व में पदस्थ वनकर्मी उपस्थित रहे।
हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर वापस लौटने के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता को सूचना पत्र सौंपती नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन पन्ना की पदाधिकारी।
* चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा में मांगों के निराकरण का मिला आश्वासन
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी नर्सेस की कामबंद हड़ताल रविवार 16 जुलाई को समाप्त हो गई है। नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश जाट की चिकित्सा शिक्षा मंत्री विशवास सारंग और स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के साथ वार्तालाप हुई। जिसके बाद नर्सेस की मांगों को लेकर राज्य सरकार और संघ के बीच सहमति बनने पर हड़ताल को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन जिला इकाई पन्ना की अध्यक्ष अध्यक्ष मीना ओमरे ने बताया कि, रविवार 16 जुलाई को जिला चिकित्सालय पन्ना की समस्त स्टॉफ नर्स के साथ सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता को पत्र सौंपकर ड्यूटी पर वापस लौटने की स्वीकृति दी है। जिला अध्यक्ष मीना ओमरे ने बताया कि प्रांतीय पदाधिकारियों को प्रदेश सरकार द्वारा हमारी मांगें शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद प्रांतीय आव्हान पर कामबंद हड़ताल को समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि, अपनी लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर चले जाने से मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। बता दें पिछले 7 दिन से हड़ताल के जारी रहने के कारण अनेक मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। अब नर्सेस के काम पर वापस लौटने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पुनः बहाल हो चुकी है। पन्ना में नर्सेस के ड्यूटी पर लौटने की घोषणा के दौरान ज्योति शर्मा, सलीम खान, समन्वयक विनोद मिश्रा, जगदीश जड़िया, महेंद्र तिवारी, भारतीय मजदूर संघ पन्ना की उज्जवला करमकर, शिवानी, निधि गुप्ता, शीला धुर्वे, मीरा पाण्डेय, शिवानी सिंह, रजनी महदेले, जयदीप, विक्रम, अजय और नर्सिंग ऑफिसर के समस्त सदस्य उपस्थित थे।
खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत मझगांय ग्राम में केन नदी पर बनने वाले पुल का भूमिपूजन किया।
* खनिज मंत्री ने अजयगढ़ के मझगांय ग्राम में किया निर्माण कार्य का भूमिपूजन
* 60 फुट ऊंचाई वाले पुल निर्माण के पूर्ण होने में लगेगा डेढ़ वर्ष का समय
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने आज पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के मझगांय ग्राम में केन नदी के बिलहरी घाट पर बनने वाले पुल का भूमिपूजन किया। अजयगढ़-बरियापुर क्षेत्र को छतरपुर जिले से जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण से खजुराहो, छतरपुर एवं महोबा की दूरी कम होने के साथ ही लोगों का आवागमन आसान होगा। यह बात खनिज मंत्री ने भूमिपूजन के अवसर पर कही। इस कार्यक्रम में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र सहित पुल निर्माण एजेंसी सेतु निगम के मुख्य अभियंता, नगर परिषद अजयगढ़ की अध्यक्ष सीता गुप्ता एवं अन्य जनप्रतिनिधि, संबंधित विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
बाढ़ के दौरान बाधित नहीं होगा आवागमन
पुल निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री बृजेन्द्र प्रताप ने कहा कि क्षेत्रवासियों को पुल की सौगात मिलने से क्षेत्र के लोगों की पुरानी एवं बहुप्रतीक्षित मांग पूर्ण हो गई है। यह पुल 29 करोड़ रूपए की लागत से 18 माह में बनकर तैयार होगा। उन्होंने कहा कि 60 फुट ऊंचाई का पुल बनाया जाएगा। इससे वर्षाकाल में बाढ़ के बावजूद आवागमन बाधित नहीं होगा। नहरा-नहरी पुल के लिए भी 40 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत हो गई है। अन्य दो बड़े पुल का भूमिपूजन भी शीघ्र किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क बनने से गांव का विकास प्रशस्त होगा। इसलिए गांव में सड़क सहित छोटे-छोटे विभिन्न निर्माण कार्य भी करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि, मझगांय बांध के निर्माण में वन विभाग की जमीन संबंधी अवरोध को दूर करवाया गया है। 400 एकड़ वन भूमि के बदले वन विभाग को मुआवजा दिया गया। मझगांय एवं रूंझ बांध के निर्माण के दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण के लिए 1200 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री सिंह ने ग्राम मोहारी में सुदूर सड़क निर्माण कार्य तथा महुआ टोला में भी निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।
विकास पर्व में लोकार्पण-शिलान्यास किया जाएगा
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार 16 जुलाई से 14 अगस्त तक मनाए जाने वाले विकास पर्व में वृहद स्तर पर कई विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल बनने से लोगों का आवागमन आसान होगा। इस दौरान उपस्थित ग्रामवासियों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्कूल चलें हम अभियान के बारे में भी अवगत कराया।
रामनरेश सिंह राजपूत, नव नियुक्त जिलाध्यक्ष, वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ, जिला पन्ना।
* वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने दी बधाई
पन्ना। (www.radarnews.in) उत्तर वन मण्डल पन्ना के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ युवा वनरक्षक रामनेरश सिंह राजपूत को मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति संघ के संरक्षक बुधराज भागवत की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष रामयश मौर्या ने की है। श्री राजपूत से यह अपेक्षा की गई है कि, वे पन्ना जिले के वनकर्मियों की समस्याओँ के निराकरण एवं उनके विभागीय अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करेंगे।
नियुक्ति पत्र।
उल्लेखनीय है, वनरक्षक रामनेरश सिंह राजपूत पूर्व से ही साथी वनकर्मियों की समस्याओं एवं उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि, राजपूत की इसी सक्रियता को देखते हुए उन्हें मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ पन्ना के जिलाध्यक्ष का महत्पूर्ण दायित्व सौंपा गया है। जिसके बाद यह उम्मीद की जा रही है कि रामनरेश अब पहले से कहीं अधिक सक्रियता के साथ वन कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाएंगे। वनरक्षक रामनेरश सिंह राजपूत को मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने पर जिले के उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मण्डल एवं पन्ना टाइगर रिजर्व के वन अधिकारी-कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम रोजगार सहायकों के सम्मेलन को संबोधित किया।
* अवकाश सहित सेवा संबंधी कार्यों में भी मिलेंगी अनेक सुविधाएँ
* प्रांतीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज ने की अनेक घोषणाएँ
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कार्य कर रहे रोजगार सहायकों के हित में आज महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) को मानदेय में वृद्धि सहित विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आज शाम रोजगार सहायकों के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायकों की विशेष भूमिका है। कोरोना काल में भी आम जनता और अन्य प्रदेशों के श्रमिकों को राहत देने में रोजगार सहायकों ने महत्वपूर्ण कार्य किया। एक समय मनरेगा से संबंधित कार्य के लिए दायित्व निभाने वाले रोजगार सहायकों ने मनरेगा के क्रियान्वयन को व्यवस्थित करने के बाद राशन कार्ड बनवाने, संबल योजना, आयुष्मान कार्ड बनवाने, राष्ट्रीय परिवार सहायता कार्यक्रम और लाड़ली बहना योजना से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक किया है। रोजगार सहायकों ने कम्प्यूटर सीखा और उसे चलाने में भी दक्ष बने। अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में कम्प्यूटर, लेपटॉप की सहायता लेनी होती है, फिजिकल का डिजिटल से मेल करवाने का कार्य रोजगार सहायकों ने किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिंदगी से अनिश्चितता खत्म करना आवश्यक है। रोजगार सहायक मेरे लिए विशेष हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणाएँ
1. वर्तमान में रोजगार सहायकों को मिल रहे मानदेय में वृद्धि की जाएगी। इसे दोगुना किया जाएगा। वर्तमान में 9,000 मासिक मानदेय के स्थान पर 18,000 मानदेय देने की व्यवस्था की जाएगी ।
2. अब रोजगार सहायकों की सेवा आसानी से समाप्त नहीं की जा सकेगी। विभागीय जाँच/ अन्य जाँच आदि के पश्चात, आवश्यक प्रक्रिया अपनाने के बाद ही कार्यवाही होगी।
3. सामान्य अवकाश सहित प्रसूति अवकाश आदि की सुविधा भी मिलेगी।
4. मातृत्व अवकाश के साथ ही पितृत्व अवकाश भी प्रदान किया जाएगा ।
5. पंचायत सचिव की नियुक्ति में 50 प्रतिशत स्थान रोजगार सहायकों के लिए सुरक्षित रहेंगे।
6. रोजगार सहायकों को भविष्य में स्थानांतरण और नियुक्ति से संबंधित कार्यों में पंचायत सचिवों के समान ही माना जाएगा। इसके लिए आवश्यक नियम बनाए जाएंगे।
विकास में सहयोगी बनने का संकल्प लिया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रोजगार सहायकों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएँ किये जाने पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद समस्त रोजगार सहायकों ने एक साथ प्रसन्न स्वर से मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया और प्रदेश के विकास में समर्पित भाव से सहयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री राम खेलावन पटेल, सामान्य वर्ग आयोग के अध्यक्ष शिव चौबे, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचन्द्र शर्मा, मध्यप्रदेश रोजगार सहायक संगठन के अध्यक्ष रोशन सिंह परमार, श्री संजय सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मलय श्रीवास्तव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक समत्व भवन में वंदे-मातरम् गान के साथ प्रारंभ हुई।
* 33 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1335 करोड़ रूपये की स्वीकृति
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज समत्व भवन में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के खरगोन, धार, भिण्ड, बालाघाट, टीकमगढ़ तथा सीधी जिलों में 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) स्थापित किये जाने के लिये सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध होने के साथ-साथ प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 600 एमबीबीएस सीट की वृद्धि होगी।
मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में 33 सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के लिये अनुमानित लागत 1335 करोड़ 20 लाख रूपये में निर्माण किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सी.एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 विद्यालय विकसित किये जा रहे हैं। इनमें से 33 विद्यालयों के निर्माण के लिये डी.पी.आर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 20 मार्च 2023 को प्रस्तुत किये गये।
विद्युत कंपनियों के लिये 24 हजार करोड़ की सब्सिडी
मंत्रिपरिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिये निर्धारित दरों में प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिये अटल गृह ज्योति योजना में स्वीकृत सब्सिडी एवं विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों को सब्सिडी देते हुए इसके एवज में विदयुत वितरण कंपनियों को सब्सिडी दी जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनियों को विभिन्न श्रेणियों में 24 हजार 196 करोड़ 47 लाख रूपये की सब्सिडी स्वीकृति दी गई।
शहरी अधोसंरचना के लिये 1700 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधो-संरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना” चतुर्थ चरण को दो वर्षों (वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25) के लिए राशि रू. 1700 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। योजना में सड़क निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, शहरी यातायात सुधार, नगरीय सौन्दर्यीकरण, सामाजिक एवं खेल अधोसंरचनाएँ, उद्यान विकास सम्बन्धी कार्यों के साथ ही निकाय के कार्यालय भवन निर्माण/ उन्नयन के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन विभागीय मार्गदर्शन में नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू किये जाने से, विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं।
दीनदयाल रसोई में मिलेगा अब 5 रूपये थाली भोजन
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्यों के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों का आगमन होता है। शासन द्वारा प्रदेश के 55 नगरीय निकायों के 119 रैन बसेरा/ आश्रय-स्थलों में इनके लिये अस्थाई आश्रय तथा दीनदयाल रसोई योजना के प्रथम चरण 07 अप्रैल, 2017 से प्रदेश के 51 नगरीय निकायों के 56 रसोई केन्द्रों में किफायती दरों पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। कोविड-19 महामारी के समय रसोई केन्द्रों की महत्ता भी प्रदर्शित हुई। इसलिये 26 फरवरी, 2021 को रसोई योजना के द्वितीय चरण में 52 जिला मुख्यालयों तथा 06 धार्मिक नगरों मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, ओरछा एवं चित्रकूट में कुल 100 रसोई केंद्रों का संचालन आरंभ किया गया था। योजना में प्रत्येक जरूरतमंद को रूपये 10 प्रति व्यक्ति की दर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 01 करोड़ 62 लाख थालियों का वितरण किया जा चुका है।
“प्राइस सपोर्ट स्कीम” में शुल्क छूट की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद व्दारा केंद्र/राज्य शासन की संस्थाओं द्वारा भारत सरकार की “प्राइस सपोर्ट स्कीम” में प्रदेश के कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अधिसूचित कृषि उपज के उपार्जन पर मंडी शुल्क की छूट के साथ में निराश्रित शुल्क के भुगतान पर भी छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्राइस सपोर्ट स्कीम में वर्ष 2022 (विपणन मौसम 2022-23) में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित ग्रीष्मकालीन मूँग एवं ग्रीष्मकालीन उड़द पर भी निराश्रित शुल्क में छूट प्रदान की गई है। मंत्रि-परिषद की बैठक में और भी कई निर्णय लिए गए है।