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बड़ी खबर : आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय व ईपीएफ के करोड़ों रुपए डकारने वाली ब्लैक लिस्टेड एजेंसी पर भ्रष्ट अफसर मेहरबान

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आउटसोर्स एजेंसी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस एवं इससे जुड़ीं अन्य ब्लैक लिस्टेड तथा गैर अनुभव वाली कंपनी की निविदा निरस्त करने की मांग को लेकर सीएमएचओ पन्ना को लिखित शिकायत दी गई।

*     पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2014 से लगातार कार्य कर रही कामथीन सिक्योरिटी सर्विस

*     निविदा और अनुबंध शर्तों के उल्लंघन की सैंकड़ों शिकायतों के बाद भी एजेंसी पर कोई कार्यवाही नहीं

*     नवीन निविदा प्रक्रिया से ब्लैक लिस्टेड एवं गैर अनुभवी एजेंसी स्काई ब्लू को बाहर करने की मांग

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) घपलों-घोटालों के लिए बदनाम मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी व्यवस्था में दूर-दूर तक कहीं कोई परिवर्तन नज़र नहीं आ रहा है। सत्ता का संरक्षण प्राप्त भ्रष्टाचारी और माफिया डबल इंजन की सरकार में कल भी मजे में थे और आज भी वे खुलेआम नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए लूट मचा रहे हैं। पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले दस साल से सपोर्ट स्टॉफ, सिक्योरिटी गार्ड्स एवं सफाईकर्मी उपलब्ध कराने वाली आउटसोर्स एजेंसी मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस का मामला, इसका एक उदाहरण मात्र है। यह ब्लैक लिस्टेड एजेंसी स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी उपलब्ध कराने की निविदा शर्तों, अनुबंध शर्तों व कार्यादेश में उल्लेखित निर्देशों को खुला उल्लंघन करते हुए सैंकड़ों कर्मचारियों के मानदेय, ईपीएफ, आईएसआईसी के करोड़ों रुपए डकार कर बैठी है। वर्ष 2014 से माह फरवरी 2024 तक मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर के विरुद्ध पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), खण्ड चिकित्सा अधिकारियों (BMO), राजस्व अधिकारियों एवं जिला कलेक्टर को शोषित-पीड़ित ठेका कर्मचारियों के द्वारा सैंकड़ों शिकायतें, ज्ञापन सौंपें गए। अनेकों बार धरना-प्रदर्शन तथा कामबंद हड़ताल की गई लेकिन न तो कामथीन का ठेका निरस्त हुआ और ना ही प्रभावित कर्मचारियों को इंसाफ मिल सका। वर्तमान में जिले में आउटसोर्स एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया प्रचलन में होने से कामथीन सिक्योरिटी सर्विस की कारगुजारियों का काला चिठ्ठा नए सिरे से सुर्ख़ियों में आ गया है।
आगामी वर्षों के लिए जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं/कार्यालयों में आवश्यक कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रेणी के श्रमिक (कर्मचारी) उपलब्ध कराने हेतु आउटसोर्स एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इसमें शामिल पन्ना जिले की आउटसोर्स एजेंसी कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी के द्वारा कलेक्टर व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्हीएस उपाध्याय को मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर तथा प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस को लेकर लिखित आपत्ती/शिकायत दी गई है। कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस ने अपनी शिकायत/आपत्ती में मेसर्स कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर तथा प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस को ब्लैक लिस्टेड एजेंसी बताते हुए इनकी निविदा को निरस्त करने की मांग की है। कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस के द्वारा अपनी शिकायत के साथ उक्त एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड करने वाले संस्थान एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर द्वारा जारी पत्र दिनांक 17 मई 2016 को संलग्न किया है। पत्र के अनुसार एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा कामथीन सिक्योरिटी सर्विस को तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया था।

अपर संचालक ने दिए थे ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश

आउटसोर्स एजेंसी के चयन हेतु जारी निविदा प्रक्रिया से ब्लैक लिस्टेड एजेंसी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस एवं इससे जुड़ीं अन्य कंपनी को बाहर करने की मांग को लेकर पन्ना कलेक्टर से सप्रमाण शिकायत की गई।
इस शिकायत के साथ अपर संचालक (शिकायत) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्य प्रदेश सपना एम. लोवंशी के द्वारा दिनांक 20 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सतना डॉ. एम.के. अवधिया को जारी पत्र भी संलग्न है। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में सीएमएचओ को आदेशित किया गया है कि, “कामथीन सिक्योरिटी सर्विस को आज ही ब्लैक लिस्टेड करें तथा कर्मचारियों के भुगतान की बकाया राशि का भुगतान किए जाने संबंधी कार्यवाही तत्काल करें। साथ ही की गई कार्यवाही से अद्योहस्ताक्षकर्ता को आज ही अवगत कराते हुए ईमेल आईडी पर एवं डाक द्वारा भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रकरण सीएम मॉनिट श्रेणी ए (प्लस) में दर्ज होने कारण पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रकरण में तत्काल आगामी कार्यवाही करें।”

एक ही परिवार की तीन एजेंसियों ने डाली निविदा

कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस पन्ना ने कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के मालिकान से जुड़ी एक अन्य एजेंसी प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस के भी ब्लैक लिस्टेड होने का प्रमाण अपने शिकायती पत्र के साथ संलग्न किया है। बता दें कि, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक म.प्र. के रजिस्ट्रार द्वारा दिनांक 04 जनवरी 2022 को जारी पत्र के अनुसार 2 वर्ष के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया गया था। कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के चतुर-चालाक मालिकान ने कई संस्थाओं में अपनी एजेंसी के ब्लैक लिस्टेड होने पर स्काई ब्लू नामक एक अन्य आउटसोर्स एजेंसी का पंजीयन कराया गया। ताकि रोजगार की तलाश में भटकते शिक्षित-बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की आड़ में उनकी मेहनत की कमाई के बड़े हिस्से को डकारा जा सके। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी उपलब्ध कराने के अपने ठेका को बरक़रार रखने के लिए कामथीन सिक्योरिटी सर्विस और इससे जुड़ीं दो अन्य आउटसोर्स एजेंसी, प्रथम नेशनल सिक्युरिटी सर्विस और स्काई ब्लू सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर भी निविदा प्रक्रिया में शामिल है। इस कवायद का असल मकसद कामथीन से सांठगांठ रखने वाले भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों की मदद से तीन में किसी एक एजेंसी के नाम पर ठेका हांसिल किया जा सके।

कार्य अनुभव और टर्न ओवर नहीं

आउटसोर्स एजेंसी स्काई ब्लू सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर को लेकर शिकायतकर्ता की कचनारा इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी सर्विस पन्ना के प्रतिनिधि का कहना है कि, इस (तीसरी) एजेंसी को न तो किसी तरह का कोई वांछित अनुभव है और ना ही वार्षिक वित्तीय लेनदेन (टर्न ओवर) भी पर्याप्त है। इस स्थिति में ठेका कर्मचारियों के मानदेय, ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि नियमित रूप से समय पर पारदर्शी तरीके से पूर्ण भुगतान करने, समस्त शर्तों का अक्षरशः पालन करने तथा अच्छे रिकार्ड वाली निविदा प्रक्रिया में शामिल अन्य किसी भी एजेंसी का ठेका दिया जाना न्यायोचित होगा।

महीनों काम कराने के बाद भी नहीं दिया मानदेय

कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के शोषण का शिकार सुखवंत चौबे, उर्मिला वंशकार, मिनीबाई बाल्मीक, यूनिस खान आदि ने पत्रकारों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाने बताया कि, उनसे और उनके साथियों से स्वास्थ्य संस्थाओं में सिर्फ 3, 4, 5 हजार रुपए से लेकर 6 हजार रुपए तक मासिक मानदेय पर कई महीनों तक कार्य कराया गया है। किसी को भी निविदा/अनुबंध शर्तों तथा श्रम विभाग के नियमों के अनुसार प्रचलित कुशल/अकुशल/अर्धकुशल श्रमिकों की निर्धारित कलेक्टर दर के अनुसार मानदेय भुगतान नहीं किया गया। साथ ही एक भी कर्मचारी को नियमनुसार ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि का भी भुगतान नहीं किया। इस तरह कामथीन सिक्योरिटी सर्विस स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से ठेका कर्मचारियों का पिछले दस साल से लगातार दो तरफा बेइंतहा शोषण कर रही है। पीड़ित सुखवंत चौबे व उर्मिला वंशकार का आरोप है कि, उक्त कंपनी ने उनके कई माह के मानदेय का भुगतान न कर उन्हें काम से ही निकाल दिया था। स्वास्थ्य विभाग में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इतना ही ठेका कर्मचारियों को कभी भी हर माह की 5 तारीख को भुगतान न देकर 2-3 में मानदेय का भुगतान किया जाता है। कुल मिलाकर आधा-अधूरा मानदेय देकर और ईपीएफ एवं आईएसआईसी की राशि का भुगतान न करके कामथीन सिक्योरिटी सर्विस ने कथित तौर पर करोड़ों रुपए का घपला किया है।

इनका कहना है-

“ठेका कर्मचारियों को पूर्ण मानदेय तथा ईपीएफ आदि का भुगतान न करने से जुड़ी कामथीन सिक्योरिटी सर्विस के विरुद्ध शिकायत की जांच क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक सागर के द्वारा की गई है। जिसका प्रतिवेदन भी संचालनालय भोपाल को भेजा जा चुका है, इस पर जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा। वर्तमान में जारी निविदा प्रक्रिया में शामिल कुछ एजेंसियों के ब्लैक लिस्टेड होने की सप्रमाण शिकायत मिली है, जिसकी जांच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”

डॉ. व्हीएस उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।

“ठेका कर्मचारियों का शोषण करने के आरोप पूर्णतः असत्य और निराधार हैं, हमारी कंपनी के द्वारा प्रत्येक कर्मचारी को उसकी पात्रता श्रेणी अनुसार नियमित रूप से मानदेय भुगतान, ईपीएफ आदि का भुगतान किया जा रहा है। मैं आपको समस्त दस्तावेज दिखाऊंगा। हमारी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया है।”

पंकज मिश्रा, मैनेजर, कामथीन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर।

 

छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में शिक्षक निलंबित

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सांकेतिक चित्र।

*   अभिभावकों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया था पाॅक्सो एक्ट के तहत मामला

पन्ना।(www.radarnews.in) जिला शिक्षा अधिकारी सूर्य भूषण मिश्रा द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अजयगढ़ के प्रतिवेदन पर शासकीय प्राथमिक शाला पिपराही संकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदी के प्राथमिक शिक्षक राकेश शर्मा को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शाहनगर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में शिक्षक राकेश शर्मा को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
विदित हो कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के आधार पर प्राथमिक शिक्षक द्वारा कक्षा 3 में अध्ययनरत छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत की शिकायत संज्ञान में आई थी। छात्राओं के अभिभावकों द्वारा पुलिस थाने में शिकायत की गई, जिस पर एफआईआर में आईपीसी की धारा 394, 506 एवं पाॅक्सो एक्ट 7/8 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपी प्राथमिक शिक्षक राकेश शर्मा का कृत्य शिक्षकीय गरिमा एवं पदीय कर्तव्य के प्रतिकूल होकर म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। इस पर शिक्षक को म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्यवाही की गई है।

रिश्वत मांगने पर लिपिक निलंबित

संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग सागर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिवेदन पर शासकीय आर.पी. उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना के सहायक ग्रेड-3 सुनील कुमार वर्मा को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। श्री वर्मा को छात्रवृत्ति के फार्म संबंधी कार्य करने के एवज में एक हजार रूपए की मांग करने का दोषी पाया गया तथा पदांकित संस्था से निरंतर अनुपस्थित होने तथा शासकीय कार्य के निर्वहन में अनियमितता व पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही, स्वेच्छारिता एवं अनुशासनहीनता बरतने का दोषी भी पाया गया। सहायक ग्रेड-3 को निलंबित कर मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय गुनौर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री वर्मा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

सहायक शिक्षक को सजा : रिश्वत मांगने के अपराध पर कोर्ट ने सुनाया पांच वर्ष का सश्रम कारावास

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प्रतीकात्मक चित्र।

*       अभियुक्त को दस हजार रुपए के अर्थदंड से भी किया दंडित

*       विशेष न्यायाधीश पन्ना श्री इंद्रजीत रघुवंशी ने सुनाया फैसला

पन्ना। (www.radarnews.in) पूर्व पदांकित विद्यालय में पदस्थापना कराने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले सहायक शिक्षक एवं लिपिक शिक्षा प्रकोष्ठ जिला पंचायत को विशेष न्यायालय पन्ना ने अभियुक्त रामशंकर रैकवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान विशेष न्यायाधीश श्री इंद्रजीत रघुवंशी ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को 10 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना रोहित गुप्ता ने अभियोजन के प्रकरण और उस पर आए न्यायालय के फैसले की जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार, दिनांक 17 जुलाई 2019 को आवेदक अरविंद कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ अध्यापक शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लुहरगांव जिला पन्ना ने अनावेदक रामशंकर रैकवार सहायक शिक्षक (लिपिक) शिक्षा प्रकोष्ठ जिला पंचायत पन्ना के विरुद्ध रिश्वत की माँग संबंधी शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया था। फरियादी ने शिकायती पत्र में बताया था, उसके द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना को लिखित आवेदन पत्र दिया गया था। जिसमें लेख किया था कि उसकी असंचयी प्रभाव से रोकी गई एक वेतनवृद्धि एवं पदस्थापना पूर्व पदांकित शाला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलेहा में की जाए। आवेदक की वेतन वृद्धि तो बहाल हो गई लेकिन पदस्थापना सलेहा में नहीं हुई। आवेदक अरविंद कुमार ने जिला पंचायत के शिक्षा प्रकोष्ठ शाखा में पदस्थ बाबू रामशंकर रैकरवार सहायक शिक्षक से सम्पर्क किया गया। लिपिक रामशंकर ने नोटशीट प्रस्तुत कर काम करवाने के एवज में आवेदक से 10.000/-रू. (दस हजार) की रिश्वत की मांग की गई। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। लोकयुक्त पुलिस के द्वारा शिकायत की तस्दीक के बाद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
ट्रैप कार्रवाई हेतु लोकायुक्त पुलिस के द्वारा अरविंद कुमार द्विवेदी को रिश्वत के लेनदेन की बातचीत रिकार्ड करने हेतु वाइस रिकार्डर देकर लिपिक रामशंकर रैकवार के धाम मोहल्ला पन्ना में स्थित घर भेजा गया था। कुछ समय पश्चात आवेदक का पूर्व निर्धारित इशारा किया तो समस्त ट्रैप दल आरोपी के मकान में दाखिल हो गया। ट्रैपदल को आता देख रामशंकर ने रिश्वत राशि अपने मकान के दूसरे कमरे में रखी पलंग पेटी के पीछे फेंक दी थी। आरोपी लिपिक रामशंकर रैकवार को हिरासत में लेकर उसके दोनों हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल में घुलाने पर घोल का रंग हल्का गुलाबी हो गया था। आरोपी के दूसरे कमरे से रिश्वत के नोट बरामद कराये गये जो 10,000/-रूपये थे। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस के द्वारा आरोपी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(1)बी, 13(2) पी.सी. एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। सम्पूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फाइल फोटो।
इस प्रकरण का विचारण विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पन्ना इंद्रजीत रघुवंशी के न्यायालय हुआ। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी करते हुए संदीप कुमार पांडेय, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा दौरान विचारण अभियोजन के साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध आरोप को संदेह से परे प्रमाणित किया गया। साथ ही आरोपी का कृत्य गंभीरतम होने के कारण उसे कठोर से कठोरतम सजा दिये जाने का अनुरोध किया गया। अभिलेख पर आए साक्ष्य, अभियोजन के तर्कों एवं न्यायिक दृष्टांतो से संतुष्ट होते हुए न्यायालय द्वारा अभियुक्त रामशंकर रैकवार को क्रमशः भ्रष्टचार निवारण अधिनियम धारा- 7, 13(1)(बी)(बी) सहपठित धारा- 13(2) के आरोप में दोषसिद्ध पाकर क्रमशः 4 वर्ष, 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

जीवन की बुराइयों को शिव पर अर्पण करना है, सच्ची शिवरात्रि मनाना : बीके सीता बहनजी

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ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।

*      ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

*      भाई-बहनों की उपस्थिति में धूमधाम से किया गया शिव ध्वजारोहण

*      आध्यात्मिक ज्ञान से प्रेरित होकर बुराइयों को छोड़ने का लिया संकल्प

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसका गरिमामयी शुभारंभ आज ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पन्ना जिले के पुलिस अधीक्षक सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) उपस्थित रहे। शिव जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान एवं शिव सन्देश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। जिनका समापन संस्था के मुख्यालय माउंट आबू (राजस्थान) में 8 मार्च को 88वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती (महाशिवरात्रि) पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में होगा।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शिव ध्वजारोहण किया गया।
जिला मुख्यालय पन्ना में ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर आज सर्वप्रथम शिव ध्वजारोहण कर शिव जयंती महोत्सव कार्यक्रम का धूमधाम से शुभारंभ किया गया। तदुपरांत बीके सीता बहनजी ने सभी को शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा, शिवरात्रि के दिन भक्तगण शिवलिंग पर धतूरा, बेर, बेलपत्र इत्यादि चढ़ाते हैं। शिवरात्रि पर हम जागरण करते हैं एवं अन्न का व्रत रखते हैं परंतु वास्तव में परमात्मा शिव पर यथार्थ रूप में क्या चढ़ाना चाहिए और किस प्रकार से व्रत का पालन करना चाहिए? इसके आध्यात्मिक रहस्य को समझने की आवश्यकता है तभी स्वयं का और संपूर्ण विश्व का कल्याण संभव है। धतूरा विषय विकार, बेर नफरत-घृणा का प्रतीक है। अतः हमें शिव पर विकारों, विषय–वासना एवं बुरी आदतों को चढ़ाना चाहिए अर्थात त्याग करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) को ईश्वरीय सौगात प्रदान करती ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी।
बहन जी ने कहा, वास्तव में, शिवरात्रि वर्तमान कलयुग के अंत और सतयुग के प्रारंभ के संगम का नाम है। जब स्वयं निराकार परमात्मा शिव साकार मानव तन, प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर मनुष्य आत्माओं से विकारों और बुराइयों का, ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर त्याग कराते हैं। अतः शिवरात्रि पर विकारों और बुराइयों से व्रत रखें। रात्रि जागरण का आध्यात्मिक रहस्य है कि परमात्मा शिव के वर्तमान समय के अवतरण के काल में हम अपनी आत्मा की ज्योति को जगाएं। अतः शिवरात्रि के महत्व और आध्यात्मिक रहस्य को यथार्थ रीति से समझकर मानने से ही सभी मनुष्य आत्माओं का, संसार का कल्याण हो सकता है।
बहन जी ने बताया, वर्तमान तमोप्रधान धर्म ग्लानी के समय में निराकार परमपिता परमात्मा शिव का इस धरा पर अवतरण हो चुका है। परमात्मा शिव अनेक आध्यात्मिक रहस्य का उद्घाटन करके सत्य धर्म की स्थापना का दिव्य कर्म कर रहे हैं। महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को समझकर अपने तमोगुणी स्वभाव और संस्कारों का त्याग करके स्वयं के जीवन में तथा इस सृष्टि में सत्यम, शिवम, सुंदरम के मंगलमय तत्व का संचार करें।
ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पन्ना में 88वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) ने संबोधित किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जिला पन्ना सांई कृष्णा एस थोटा (IPS) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिटेशन को हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव की बात करते हुए बताया कि, हमारे प्रशासनिक जीवन में भी हमें मेडिटेशन से काफी मदद मिलती है और मन शांत रहता है। मेडिटेशन अर्थात ध्यान (राजयोग) से आत्मबल बढ़ता है, जिससे विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय को सहजता से लेने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान से प्रेरित होकर बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लिया गया।

अब भूमि की रजिस्ट्री के बाद बिना आवेदन दिए 15 दिन में होगा नामांतरण

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सांकेतिक चित्र।

*     साइबर तहसील की नई व्यवस्था को लेकर शासन का बड़ा दावा

*     प्रदेश के सभी जिलों में 29 फरवरी से शुरू होगी साइबर तहसील व्यवस्था

*     नई व्यवस्था में धोखाधड़ी से जमीन-खरीदने बेचने की संभावना शून्य

*     वर्तमान में नामंतरण कराने तहसील कार्यालय के चक्कर काटने के साथ देनी पड़ती है रिश्वत

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के राजस्व प्रशासन सुधार में साइबर तहसील व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों के हित में अभूतपूर्व परिवर्तन होने जा रहा है। आगामी 29 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ साइबर तहसील का शुभारंभ होगा। जिला जनसम्पर्क कार्यालय पन्ना के द्वारा जारी समाचार में यह दावा किया गया है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार अब प्रदेश में राजस्व प्रकरणों का निराकरण अत्यंत कम समय में हो जाएगा। भू-अभिलेखों में अमल के बाद भू-अभिलेखों एवं आदेश की सत्यापित प्रतिलिपि संबंधित पक्षकार को मिल सकेगी। अब अनावश्यक रूप से लंबित रहने वाले प्रकरणों का तकनीकी सहायता से कम समय में गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सकेगा। साइबर तहसीलों में औसत 15 से 17 दिनों का समय लग रहा है, जो मैन्युअल प्रक्रिया में लगने वाले 60 दिनों की तुलना में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 15 दिन की समय सीमा में बिना आवेदन दिए, पेपरलेस, फेसलेस और ऑनलाइन नामांतरण और भू अभिलेख अद्यतन करने के लिए साइबर तहसील स्थापित की गयी है।
इस प्रकार संपूर्ण खसरा के क्रय-विक्रय से संबंधित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण साइबर तहसीलों से किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रकरणों में त्वरित नामांतरण के अलावा भू-अभिलेख अपडेट होगा। क्षेत्रीय तहसील स्तर पर अविवादित प्रकरणों के निराकरण का भार कम होगा। साइबर तहसील की व्यवस्था के लिए राजस्व विभाग द्वारा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन कर धारा 13-क में साइबर तहसील के प्रावधान किए गए हैं। साइबर तहसील की व्यवस्था सभी जिलों में लागू हो रही है।
उल्लेखनीय है कि, वर्तमान में भूमि के रजिस्ट्री के बाद नामांतरण कराने के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है और तहसील कार्यालय में पेशी पर उपस्थित होना पड़ता है। सिर्फ इतना ही नहीं नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय के दलालों/कर्मचारियों को रिश्वत के रूप में मोटी रकम भी देनी पड़ती है। अब साइबर तहसील की नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यह देखना वाकई महत्वपूर्ण होगा कि नामंतरण को लेकर जिस तरह के बड़े-बड़े दावे किए गए उसमें लोगों को रिश्वत देने के लोगों को मजबूर होना पड़ता है या नहीं।

साइबर तहसील में कैसे होगा काम

साइबर तहसील में पंजीयन से नामांतरण तक की प्रकिया लागू कर दी गई है। साइबर तहसील को 4 अलग-अलग प्लेटफार्मों जैसे संपदा पोर्टल, भूलेख पोर्टल, राजस्व प्रकरण प्रबंधन व्यवस्था के पोर्टल से जोड़ दिया गया है। सायबर तहसील में ऐसे प्रकरण निराकरण योग्य हैं-संपूर्ण खसरा, जिसे विभाजित नहीं किया गया एवं ऐसी जमीन जो किसी प्रकार से गिरवी या बंधक ना रखी गई हो। पोर्टल पर पंजीयन करने के बाद और रजिस्ट्री के बाद रेवेन्यू पोर्टल पर स्वतः केस दर्ज हो जाएगा। इसके बाद सायबर तहसीलदार द्वारा जाँच की जाएगी। सूचना के बाद इश्तेहार एवं पटवारी रिपोर्ट के लिए मेमो जारी किया जाएगा। इसके बाद आदेश पारित कर भू-अभिलेख को अपडेट किया जाएगा। दस दिन बाद दावा-आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर ई-मेल एवं व्हाट्सएप से आदेश दिए जायेंगे।

साइबर तहसील की विशेषतायें व लाभ

रजिस्ट्री के बाद बिना आवेदन किये नामांतरण का प्रखंड दर्ज हो जाता है। इस प्रक्रिया में क्रेता और विक्रेता को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में उपस्थित होने, पेशी पर आने की जरूरत नहीं है। संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन व फेसलेस एवं पेपरलेस है। साथ ही प्रक्रिया पारदर्शी होने के साथ ही मानवीय हस्तक्षेप भी नहीं है। नोटिस क्रेता-विक्रेता तथा ग्राम के सभी निवासियों को एसएमएस से मिलता है। नोटिस आरसीएमएस पोर्टल पर भी दिखता है। इसमें ऑनलाइन आपत्ति दर्ज की जा सकती है। अंतिम आदेश की कॉपी ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदक को मिलेगी। आदेश पारित होते ही स्वतः भू-अभिलेखों में सुधार हो जाता है। आदेश एवं राजस्व अभिलेखों में अमल की प्रक्रिया सरकारी छुट्टियां को छोड़कर 15 दिनों में पूरी हो जाएगी।
इस व्यवस्था ने क्षेत्राधिकार की सीमाओं को समाप्त कर दिया है। इस प्रणाली से रियल टाइम में भू अभिलेख अपडेट किए जाने की अनूठी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे पटवारी का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। पटवारी रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने की सुविधा है। कम से कम समय में निराकरण होगा। पहले इन प्रक्रियाओं में औसत 60 दिन लग जाते थे। साइबर तहसील में औसत 15 दिनों में ही यह प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। साइबर तहसील द्वारा पारित आदेश की पीडीएफ प्रति आवेदक को ईमेल-व्हाट्सएप से मिल जाएगी। इसकी प्रति आरसीएमएस पोर्टल पर भी अपलोड होगी।

क्राइम न्यूज़ : वनकर्मियों की अभिरक्षा से अतिक्रमण के आरोपियों को जबरन छुड़ा ले गया दबंग

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वन अपराध के आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से जबरन छुड़ाकर ले जाते हुए दबंग युवक।

*       पन्ना के नजदीक घटित अप्रत्याशित घटना का वीडियो हुआ वायरल

*      आरोपियों की पुनः गिरफ़्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दी जा रही दबिश

पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर वन मण्डल पन्ना की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत वन अपराधों की रोकथाम को लेकर परिक्षेत्राधिकारी नितिन राजौरिया के नेतृत्व में मैदानी वन अमला पूरी तरह सजग और सक्रिय नजर आ रहा है। वन्य जीवों के अवैध शिकार सहित अन्य वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार 24 फरवरी को सरकोहा बीट अंतर्गत वन भूमि में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करने के मामले में वनकर्मियों के द्वारा दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। वनकर्मी दोपहर के समय जब अतिक्रमणकारियों को पन्ना लेकर आ रहे थे तभी दबंग युवक धीरू पिता गोविंद यादव निवासी सरकोहा ने रास्ता रोक लिया। गाली-गलौंज करते हुए दबंग युवक वनकर्मियों की हिरासत से दोनों आरोपियों को छुड़ाकर ले गया। निहत्थे वनकर्मियों ने इस अप्रत्याशित घटना का वीडियो बनाया है जो कि सोशल मीडिया पर वायरल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार 24 फरवरी को बीट सरकोहा ए वन कक्ष क्रमांक पी- 333 के परिक्षेत्र सहायक काशी प्रसाद अहिरवार एवं वनरक्षक आदेश चौधरी क्षेत्र के भ्रमण पर थे। इस दौरान वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कर रहे गंगू पिता तांतू कुशवाहा निवासी सरकोहा एवं कमलेश पिता टांगी आदिवासी निवासी कल्याणपुर को वनकर्मियों के द्वारा चेतावनी देते हुए रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन अवैध निर्माण बंद न करने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण जारी किया गया। वनकर्मी दोनों आरोपियों को सरकोहा ग्राम से पन्ना स्थित विश्रामगंज रेन्ज कार्यालय लेकर आ रहे थे। तभी पन्ना के नजदीक महर्षि विद्या मंदिर के सामने दबंग युवक धीरू पिता गोविंद यादव निवासी सरकोहा बीच रास्ते में मोटर साइकिल लगाकर वनकर्मियों को रोक लिया। धीरू यादव गाली-गलौंज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर निहत्थे वनकर्मियों की अभिरक्षा से आरोपी कमलेश आदिवासी व गंगू कुशवाहा को जबरन छुड़ाकर ले गया।
वन अपराध के आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से उनके जब्तशुदा औजार सहित जबरन छुड़ाकर ले जाते हुए बाइक सवार दबंग युवक।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की वनकर्मियो द्वारा परिक्षेत्र कार्यालय में सूचना दी गई। आनन-फानन परिक्षेत्र अधिकारी विश्रामगंज हमराही बल के साथ महर्षि विद्या मंदिर के पास पहुंचे साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। वन अमले के द्वारा अपराधियों को पुनः गिरफ्तार करने के उद्देश्य से ग्राम सरकोहा में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। लेकिन आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। वन अपराध प्रकरण की समस्त कार्रवाई करने के बाद आरोपियों को वनकर्मियों की अभिरक्षा से जबरन छुड़ा ले जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कोतवाली थाना पन्ना में आवेदन किया गया है।

UPSC ISS- 2023 : भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा में चमकी स्वाती, पन्ना की बेटी ने हांसिल की ऑल इण्डिया में 9वीं रैंक

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केन्द्रीय विद्यालय पन्ना की पूर्व छात्रा स्वाती गुप्ता की उपलब्धि पर ख़ुशी जाहिर करते हुए विद्यालय प्राचार्य एवं शिक्षकगण।

*      केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के स्टॉफ ने पूर्व छात्रा की सफलता पर ख़ुशी जाहिर कर दी शुभकामनाएं

*      प्रिंसिपल बोले- स्वाती की उपलब्धि विद्यालय के अन्य विधार्थियों को करेगी प्रेरित

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) हीरों की नगरी पन्ना की होनहार बेटी स्वाति गुप्ता ने अपनी प्रतिभा की चमक राष्ट्रीय स्तर पर बिखेरी है। केन्द्रीय विद्यालय पन्ना की पूर्व छात्रा स्वाती गुप्ता का भारतीय सांख्यिकी सेवा (Indian Statistical Service) 2023 में पूरे देश में 9वें स्थान के साथ चयन हुआ। छात्रा के चयन के होने पर विद्यालय परिवार ने छात्रा एवं उसके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। छात्रा स्वाती गुप्ता ने केंद्रीय विद्यालय पन्ना से 2018 में विज्ञान विषय के साथ अपनी इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया था। छात्रा के गणित विषय के शिक्षक नीरज चौरसिया ने बताया कि स्वाती ने गणित संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए थे।

पन्ना जिले को किया गौरान्वित

यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली आईएसएस परीक्षा (ISS Exam Result ) 2023 में ऑल इण्डिया में 9वीं रैंक हांसिल कर चयनित होने वाली पन्ना की मेधावी बेटी स्वाती गुप्ता।
छात्रा ने अपनी स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से सांख्यिकी विषय के साथ पूरी की। इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की। विद्यालय के प्राचार्य अमित दाहिया ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि छात्रा प्रारंभ से ही मेधावी थी। यह सफलता उसके कठिन मेहनत और लगन से प्राप्त हुई है। इस सफलता पर केन्द्रीय विद्यालय परिवार तथा पन्ना जिले को गर्व है। प्राचार्य ने कहा कि छात्रा स्वाती गुप्ता की यह उपलब्धि विद्यालय में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

190 कैरेट वजन के 87 नग हीरे 2 करोड़ से अधिक में बिके

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नीलामी में रखे गए बड़े हीरों को दिखाते हुए हीरा पारखी अनुपम सिंह।

*      पन्ना में हीरों की तीन दिवसीय नीलामी सम्पन्न

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) दुनिया भर में उज्जवल किस्म के हीरों की नगरी के तौर पर विख्यात पन्ना में लंबे समय बाद उथली हीरा खदानों से प्राप्त हीरों की तीन दिवसीय नीलामी आयोजित की गई। हीरों की नीलामी में देशभर से ज्वेलरी व्यापारी शामिल हुए। जिनमें मुख्य रूप से मुंबई, सूरत, राजस्थान के हीरा एवं ज्वेलरी व्यापारी शामिल थे। इस बार की नीलामी में आकर्षण का केन्द्र 14 कैरेट 21 सेंट वजन का बेशकीमती हीरा रहा।
हीरों की नीलामी की कार्रवाई में शामिल हीरा एवं ज्वेलरी व्यापारी।
शुक्रवार 23 फरवरी को संपन्न हुई हीरों की नीलामी के संबंध में जिला हीरा एवं खनिज अधिकारी रवि पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशन में उथली हीरा खदानों से प्राप्त हीरों का घोष विक्रय किया गया। इस दौरान 302.66 कैरेट वजन एवं 3 करोड़ 41 लाख 71 हजार 925 रूपए कीमत के 159 हीरे नीलामी के लिए रखे गए, जिनमें से 190.20 कैरेट वजन के 87 हीरे नीलाम किए गए। नीलाम हीरों की कुल कीमत 2 करोड़ 5 लाख 71 हजार 664 रूपए है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को एमपी के दौरे पर, लोकसभा चुनाव की तैयारियों की करेंगे समीक्षा

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

*    ग्वालियर में लोस प्रबंध समितियों की बैठक को करेंगे संबोधित

*    खजुराहो संसदीय क्षेत्र की बूथ समितियों के सम्मेलन में होंगे शामिल

पन्ना। (www.radarnews.in) आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार 25 फरवरी को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। श्री शाह प्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो और भोपाल प्रवास के दौरान पार्टी के आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार 25 फरवरी को प्रातः 11 बजे ग्वालियर में ग्वालियर-चंबल क्लस्टर के चारों लोकसभा क्षेत्र ग्वालियर, मुरैना, भिंड और गुना की प्रबंध समिति की बैठक को संबोधित करेंगे।
इसके बाद श्री शाह दोपहर 3 बजे खजुराहो में लोकसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ समिति सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उक्त कार्यक्रम का आयोजन मेला ग्राउंड खजुराहो में किया गया है। इसके पश्चात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी भोपाल में शाम 6 बजे प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करेंगे और तीन लाभार्थी परिवारों से संपर्क करेंगे। आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। खजुराहो लोकसभा संयोजक सतानंद गौतम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आयोजित कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुंच कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने किया स्वागत

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उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल राजेन्द्र शुक्ला का सकरिया में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
  •     पन्ना के त्रिफला उद्यान की जानकारी देकर भेंट किये वन उत्पाद
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का आज पन्ना के नजदीक सकरिया स्थित वन विभाग के त्रिफला उद्यान में जिले के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला बागेश्वर धाम से वापस रीवा जा रहे थे। रास्ते में पन्ना के समीप सकरिया ग्राम में स्थित त्रिफला उद्यान के सामने कर्मचारी नेताओं के द्वारा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का स्वागत पुष्पहार पहनाकर किया गया।
उप मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल राजेन्द्र शुक्ला बागेश्वर का आज धाम से रीवा जाते समय कर्मचारी नेताओं ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला को त्रिफला उद्यान सकरिया में उत्पादित वन उत्पाद के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि, केन्द्र में आंवला मुरब्बा, अचार, सुपारी, कैंडी एवं गुड़ और शक्कर के लड्डू उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किये जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री को त्रिफला उद्यान में उत्पादित कुछ उत्पाद भेंट किए गए। श्री शुक्ला का स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से बीपी परौहा अध्यक्ष मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना, महीप रावत अध्यक्ष वन कर्मचारी संघ जिला पन्ना, ओपी शर्मा प्रांतीय सचिव वन कर्मचारी संघ, राजीव द्विवेदी सचिव वन कर्मचारी संघ, बृजेन्द्र पटेल जिला महामंत्री वन कर्मचारी संघ एवं अनिल तिवारी समाजसेवी सहित अन्य समिति सदस्य शामिल थे।