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एक्सपायरी दवाएं बेच रहे केमिस्ट! महिला जनप्रतिनिधि ने सीएमएचओ से की शिकायत

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फाइल फोटो।

 पन्ना में पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर राजधानी भोपाल में अटैच

  जिले में पंजीकृत 3 सौ दवा दुकानों की निगरानी की नहीं व्यवस्था

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में कथित तौर पर नकली, नशीली एवं जोशवर्धक दवाओं का गैरकानूनी कारोबार संचालित होने की ख़बरें बीच-बीच में लगातार सुनाई देती रही हैं। अब इसी कड़ी में एक्सपायरी दवाओं की बिक्री का मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित सबसे बड़ी दवा दुकान राज मेडिकल स्टोर पर जिला पंचायत से जुड़ीं एक महिला जनप्रतिनिधि को एक्सपायरी डेट की दवाएं बेंचने का आरोप है। महिला जनप्रतिनिधि द्वारा इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की गई। मामला जिले के प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर सुरेश कुमार के संज्ञान में होने की भी जानकारी मिली है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एक्सपायरी डेट की दवा बिक्री महज़ लापरवाही का नतीज़ा है या फिर मामला कुछ ओर ही है। प्रकरण गंभीर होने के बावजूद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से कोई एक्शन न लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिला पंचायत पन्ना की अध्यक्ष मीना राजे परमार को बीते दिवस राज मेडिकल स्टोर से एक्सपायरी डेट की दवाओं की बिक्री कर दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जब दवाओं पर गौर किया तो वह दंग रह गईं, क्योंकि उनके उपयोग की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने आनन-फानन इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (पदेन उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को दी। जब इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष से संपर्क किया तो उन्होंने एक्सपायरी डेट की दवाइयां प्राप्त होने की बात स्वीकार की। उक्त दवाओं के सेवन से किसी तरह की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या न होने की जानकारी देते हुए आपने बताया मैं स्वयं इसे देख लूंगी, बस इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया।
वहीं राज मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना किसी लाग-लपेट के इस मामले को अपने कर्मचारी की गलती (लापरवाही) बताया है। उन्होंने बताया कि छांटकर अलग की गई एक्सपायरी दवाओं की भूलवश डिलेवरी कर दी थी लेकिन जैसे ही यह बात संज्ञान में आई तो बिना किसी देरी के बदलकर दूसरी दवाएं दी गईं। राज मेडिकल स्टोर संचालक पुष्पराज पाटकर ने कहा कि, हम अपने ग्राहकों की सेहत और सुरक्षा के साथ कभी कोई समझौता नहीं करते। नियम-कानूनों का पालन करते हुए अपने ग्राहकों को सही दवाएं देना कई दशकों से हमारी पहचान और विश्वसनीयता का सबसे मजबूत पक्ष है। इस भरोसे को आगे भी कायम रखने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

शिकायत मिलने पर आई डीआई की याद

एक्सपायरी डेट की दवा बिक्री संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी ने पन्ना में पदस्थ डीआई को तलब किया तो उन्हें पता चला कि जिले के अतिरिक्त प्रभार पर रहे ड्रग इंस्पेक्टर का अन्यत्र तबादला हो चुका है। उनके स्थान पर पन्ना में महिला औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) को पदस्थ किया गया था। लेकिन वह राजधानी भोपाल में स्थित मुख्यालय में अटैच हैं। सीएमएचओ ने महिला औषधि निरीक्षक का मोबाइल नंबर खंगालकर उनसे बात की और उन्हें पन्ना में अपनी सेवाएं देने के लिए कहा। सीएमएचओ डॉ. तिवारी के अनुसार यदि डीआई शीघ्र ही पन्ना में आकर अपनी सेवाएं नहीं देती तो उनका अटैचमेंट समाप्त करवाने के लिए कलेक्टर सर का पत्र नियंत्रक औषधि प्रशासन को प्रेषित किया जाएगा।
बता दें कि डॉ. तिवारी को पन्ना में प्रभारी सीएमएचओ के रूप पदस्थ हुए लगभग दो माह हो चुके हैं लेकिन हालिया घटनाक्रम के पूर्व उन्हें डीआई की पदस्थापना के संबंध कोई जानकारी ही नहीं थी। सवाल उठता है, डीआई अगर पन्ना लौट भी आती हैं तो क्या वह अकेले जिले भर के लगभग 300 मेडिकल स्टोर्स की नियमित रूप से निगरानी कैसे कर पायेंगी। दवा दुकानों का संचालन नियम-कानूनों के अनुसार हो इसके लिए जरुरी है कि डीआई का अटेचमेंट समाप्त करवाकर उन्हें पन्ना लाया जाए साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिला स्तरीय/खंड स्तरीय कमेटियों से मेडिकल स्टोर का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए।

अजयगढ़ की दवा दुकानों पर पड़े थे छापे

उल्लेखनीय है कि, जिले में दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कुछ माह पूर्व तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन पटेल के नेतृत्व में अजयगढ़ स्थित दवा दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई थी। लेकिन इसकी जद में आने से बचने के अजयगढ़ के अधिकांश केमिस्ट अपनी दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए थे। जिले में कई वर्षों बाद दवा दुकानों पर की गई यह पहली बड़ी कार्रवाई थी, जिससे केमिस्टों (दवा दुकानदारों) में हड़कंप मचना स्वाभाविक था। छापामार कार्यवाही में दवा दुकानों में किस तरह की अनियमितताएं पाई गईं और उस पर संबंधितों के विरुद्ध क्या कार्यवाही सुनिश्चित की गई इसकी जानकारी मीडिया को आज तक नहीं दी गई। सूत्रों से पता चला है कि पन्ना जिले में अधिकांश दवा दुकानें किराए के फार्मेसी लाइसेंस पर संचालित हैं। अर्थात फार्मेसी काउंसिल का पंजीयन जिस व्यक्ति के नाम पर है उसकी जगह दवा दुकान कोई और चला रहा है। दवा दुकानें निर्धारित योग्यता-पात्रताधारी द्वारा संचालित न करने के ही कारण आए दी गड़बड़ी की ख़बरें मिल रहीं है। इनकी रोकथाम के लिए दवा दुकानों का नियमित निरीक्षण बेहद आवश्यक है।

पन्ना के नज़रबाग स्टेडियम में होगा टेनिस कोर्ट एवं स्वीमिंग पूल का निर्माण

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कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने स्टेडियम के विकास कार्यों के संबंध में ली बैठक

पन्ना। राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डाॅ. एल. मुरूगन द्वारा नज़रबाग (छत्रसाल) स्टेडियम में युवाओं एवं खिलाड़ियों की सुविधाओं के दृष्टिगत सांसद निधि से विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रूपए राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। शनिवार को कलेक्टर सुरेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा ने स्टेडियम परिसर में विकास कार्यों के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल दमोह द्वारा उक्त कार्य करवाया जाएगा। इसके दृष्टिगत हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री आर.के. बाथम को एक सप्ताह में आवश्यक सर्वे कार्य पूर्ण करने तथा पूर्व से स्वीकृत कार्यों का परीक्षण कर निर्धारित कार्य योजनानुसार नवीन कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। यहां फ्लड लाइट सहित अन्य कार्य भी पृथक से होंगे, जबकि निर्धारित राशि से तय कार्यों को पूर्ण किया जाएगा।
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी के अधिकारी से कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही प्रस्तावित कार्यों की पूर्व तैयारी के संबंध में भी विचार विमर्श किया। यहां प्रथम चरण में स्वीमिंग पूल एवं टेनिस कोर्ट के निर्माण सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही भविष्य में अन्य आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। इस दौरान तलैया फील्ड में पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन एवं नगर पालिका द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक समन्वय के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा परिसर में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय भवन के कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यों के संबंध में स्थल का अवलोकन भी किया गया। साथ ही अन्य मार्गों से अतिक्रमण हटवाकर स्टेडियम पहुंच मार्ग को सुगम बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा युवा खिलाड़ियों की सुविधाओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। बैठक में संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पवई में अवैध कॉलोनी घोषित करने की कार्रवाई जारी

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फाइल फोटो।
पन्ना। कलेक्टर न्यायालय पन्ना द्वारा ग्राम पवई स्थित सर्वे नंबर 3971 रकवा 1.114 हेक्टेयर भूमि पर छोटे-छोटे भू-खण्ड विक्रय कर अनधिकृत काॅलोनी निर्माण के संबंध में क्षेत्र की आम जनता एवं जनसामान्य को आवश्यक कार्यवाही के संबंध में सूचित किया गया है। अनावेदकगण पन्नालाल, विन्द्रावन, दिलीप, विनोद कुमार, सुहद्री बाई, राधा बाई, गीता बाई एवं सुमन बाई सभी पुत्र एवं पुत्री भगवानदास पटेल निवासी तहसील पवई द्वारा बगैर काॅलोनी निर्माण का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र एवं काॅलोनी विकास की अनुज्ञा के बिना अनधिकृत काॅलोनी का निर्माण किया जा रहा था। इनके द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश से ले आउट स्वीकृति, अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया एवं न ही रेरा में पंजीयन करवाया गया। काॅलोनी में किसी भी प्रकार का आंतरिक विकास भी नहीं कराया गया।
कलेक्टर सुरेश कुमार द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पवई की आदेश पत्रिका के साथ संलग्न राजस्व निरीक्षक प्रतिवेदन के आधार पर अनधिकृत काॅलोनी घोषित करने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा इस संबंध में अपनी आपत्ति कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकती है।

जलयोग का प्रदर्शन कर युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश

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पन्ना के कमलाबाई तालाब में जलयोग कर नशा मुक्ति का सन्देश देते युवा पत्रकार संजय सिंह राजपूत।

   बिना किसी सहारे के पानी की सतह पर लेट कर लिखा नशामुक्ति पर निबंध

  मोबाइल चलाया, न्यूज़ पेपर पढ़ा और पोस्टर दिखाकर नशे से दूर रहने की अपील

पन्ना। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नशे से दूरी है जरूरी कार्यक्रम के तहत 15 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए जन जागरूकता अभियान के आखिरी दिन आज बुधवार 30 जुलाई 2025 को पन्ना नगर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार संजय सिंह राजपूत के द्वारा जलयोग और पानी में अद्भुत कला का प्रदर्शन कर नशामुक्ति का संदेश दिया गया। सुबह लगभग 10 बजे बायपास रोड पन्ना में स्थित कमलाबाई के ताल में कई गणमान्य नागरिकों एवं पत्रकारों की उपस्थिति में संजय सिंह राजपूत के द्वारा पानी की सतह पर लाकर पहले एक पेज का नशा मुक्ति के संबंध में निबंध लिखा गया उसके बाद उन्होंने पानी की सतह पर लेटे-लेटे ही अखबार पड़ा और फिर मोबाइल भी चलाया जिसमें वीडियो कॉल पर दो व्यक्तियों से बात की एवं इसके बाद नशे से दूरी है जरूरी कार्यक्रम का पोस्टर हाथों में लेकर नशामुक्ति का संदेश दिया।
युवा पत्रकार श्री राजपूत ने बताया कि यह क्रिया कोई भी कर सकता है किसी भी उम्र और किसी भी वजन का व्यक्ति केवल नियमित अभ्यास और शारीरिक संतुलन से जलयोग एवं जल की यह समस्त क्रियाएं कर सकता है। संजय ने आगे बताया कि यह क्रिया उन्होंने 17 साल की उम्र में प्रारंभ की थी तब उनका वजन लगभग 50 किलो था आज श्री राजपूत का वजन 120 किलो से अधिक है लेकिन वह जल की सभी क्रियाएं आसानी से कर सकते हैं।
युवा पत्रकार संजय सिंह राजपूत तालाब के पानी की सतह पर रोजाना 1-2 घंटे लेटे हुए बड़ी सुगमता से करते हैं अपने दैनिक कार्य।
संजय ने नशे के दुष्परिणामों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं विवाद लड़ाई झगड़ा एवं अपराध नशे की वजह से ही होते हैं नशे की वजह से ही घरेलू हिंसा एवं मानसिक तनाव उत्पन्न होता है और लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं नशे के आदि व्यक्ति की संतान में भी समस्या आ सकती है ऐसे खतरनाक नशीले पदार्थों का सेवन करना स्वयं एवं आने वाली पीढ़ी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए नशे से दूर रहकर शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर अच्छे नागरिक बन सकते हैं।

पन्ना-दमोह हाइवे पर व्यारमा नदी पुल क्षतिग्रस्त, यातायात तत्काल प्रभाव से बंद

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दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर।

  छोटे और भारी वाहनों के लिए चार वैकल्पिक मार्ग निर्धारित

*     अब पन्ना जिले से दमोह जाने के लिए तय करनी होगी 40 किमी की अतिरिक्त दूरी

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले को पड़ोसी जिला दमोह से जोड़ने वाले राजमार्ग क्रमांक 55 के किमी 66/6 में व्यारमा नदी पर स्थित पुल (गैसाबाद पुल) के क्षतिग्रस्त होने के कारण हादसे की आशंका को देखते दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने पुल से होकर यातायात को तत्काल प्रभाव से पूर्णतः बंद करने आदेश जारी किया है। कलेक्टर के आदेश पर आज मंगलवार शाम (29 जुलाई 2025) से ही अमल शुरू हो गया है। यात्रियों एवं वाहनों की सुविधा के लिए कलेक्टर ने चार वैकल्पिक मार्गों से होकर यातायात करने की अनुमति प्रदान की है। वैकल्पिक मार्गों में 3 मार्ग छोटे वाहनों के लिए उपयुक्त बताए गए हैं जबकि एकमात्र हटा-पटेरा-कुण्डलपुर-कोटा-मोहन्द्रा-सिमरिया मार्ग से होकर भारी वाहन दमोह से सिमरिया और सिमरिया से दमोह के बीच आवागमन कर सकेंगे। व्यारमा नदी पुल से यातायात बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करने वाले यात्रियों एवं वाहनों को अब लगभग 20 से 40 किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। जाहिर है इस बदलाव के चलते लोगों को सुरक्षित यात्रा करने के लिए थोड़ा परेशान होना पड़ेगा।
दमोह-पन्ना स्टेट हाईवे 55 पर व्यारमा नदी पर बने पुल से होकर यातायात प्रतिबंधित करने का आदेश।
दमोह कलेक्टर श्री कोचर ने सड़क विकास निगम लिमिटेड सागर के संभागीय प्रबंधक के पत्र दिनांक 29 जुलाई 2025 का हवाला देते हुए बताया है कि दमोह-हटा, गैसाबाद, सिमरिया, पन्ना मार्ग राजमार्ग क्रमांक 55 के किमी 66/6 में व्यारमा नदी पर स्थित पुल के निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त पाये जाने पर पुल से होकर यातायात को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। हादसे की आशंका को देखते यह निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर अब वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया जायेगा। कलेक्टर ने जनसामान्य की सुविधा एवं सुरक्षित यातायात की दृष्टि से चार वैकल्पिक मार्गों से छोटे एवं भारी वाहनों को आवागमन करने की अनुमति प्रदान की है। जिनमें हटा-मड़ियादो-वर्धा-जैतपुर-सिमरिया-मार्ग, हटा-रनेह-बंधा-माढवा-मोहन्द्रा-सिमरिया मार्ग एवं हटा-हिनौता-कचनारी-दादपुर-वर्धा-जैतपुर-सिमरिया मार्ग को छोटे वाहनों के लिए उपयुक्त बताया है। जबकि भारी वाहनों के यातायात के लिए हटा-पटेरा-कुण्डलपुर-कोटा-मोहन्द्रा-सिमरिया मार्ग को उपयुक्त माना है। इस बदलाव के बाद पन्ना-सिमरिया से दमोह जाने वाले यात्रियों और वाहनों को लगभग 41 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। दमोह कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में इस बात का उल्लेख नहीं है कि व्यारमा नदी पुल से होकर आवागमन कब तक बंद रहेगा।

आठ सौ किलो से अधिक नकली घी को प्रशासन ने नष्ट कराया

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नकली घी का सुरक्षित तरीके से विनष्टीकरण करवाते हुए डॉ. डीपी प्रजापति एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश राय।

न्यायालय का फैसला आने के बाद कराया विनष्टीकरण

जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में मिलाया नकली घी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पन्ना ने सोमवार को 829 किलो नकली घी (अमानक घी) को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। गड्ढे में दफ़न किए गए नकली घी का बाजार मूल्य लगभग 8 लाख रुपए बताया जा रहा है। विभाग की लैब जांच में घी के सैंपल फेल होने पर इस मामले में न्यायालय अपर कलेक्टर ने कुछ समय पूर्व फैसला सुनाते हुए घी विक्रेता इंद्रजीत गुप्ता पर 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। सालभर से प्लास्टिक के डिब्बों में रखे जब्तशुदा नकली घी के विनष्टीकरण की कार्रवाई को इंसानों एवं पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।

पन्ना में पकड़ी थी नकली घी की फैक्ट्री

नगर पालिका परिषद पन्ना के कचरा वाहन में रखे डिब्बों में भरा नकली घी।
प्राप्त जानकारी अनुसार, 30 जून 2024 को थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना रोहित मिश्रा को सूचना प्राप्त हुई थी कि इंद्रपुरी कॉलोनी में नकली घी बनाने की फैक्ट्री चल रही है। थाना प्रभारी द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश राय को जानकारी देकर संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की गई थी। जहां 15-15 लीटर के 56 डिब्बों में संदिग्ध घी मिलने पर कारखाना (फैक्ट्री) सील करके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच में सैंपल फेल हो जाने पर प्रकरण अपर कलेक्टर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिस पर अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र ने नकली घी विक्रेता इंद्रजीत गुप्ता पर 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर नकली घी को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने का आदेश पारित किया था।

गड्ढे में घी डालकर मिट्टी का पुराव कराया

गड्ढे में भरे गए नकली घी के ऊपर मिट्टी का पुराव करती जेसीबी मशीन।
अपर कलेक्टर के आदेश के परिपालन में सोमवार 28 जुलाई 2025 को नकली घी से भरे डिब्बों को नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहन से परिवहन कर शहर के बाहरी क्षेत्र में ले जाया गया। जहां डॉ. डीपी प्रजापति एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय की उपस्थिति में नकली घी के विनष्टीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर जेसीबी मशीन से गहरा गड्ढा खुदवाकर उसमें नकली घी डाला गया और फिर ऊपर से मिट्टी का पुराव कर दिया।

एनएचआरसी ने रीवा के एक प्राइवेट स्कूल में अमानवीय व्यवहार का शिकार छात्र को 50,000 की राहत राशि दिलाई

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 दोषी अटेंडेंट की सेवा समाप्त और कक्षा शिक्षक छह माह के लिए निलंबित

*   आयोग ने को बच्चों के साथ शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न की मनाही को दोहराया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक निजी विद्यालय में शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा पांच वर्षीय छात्र के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। आयोग द्वारा जिलाधीश को नोटिस और शर्तानुसार समन भेजे जाने के पश्चात यह सूचित किया गया कि दोषी अटेंडेंट की सेवा समाप्त कर दी गई है और कक्षा शिक्षक को छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।
ज़िला अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कक्षा शिक्षक ने बच्चे को एक अटेंडेंट के पास भेजा, जिसने उसे अपने गंदे कपड़े खुद धोने और उन्हें ही दोबारा पहनने पर मजबूर किया, जिससे बच्चा बीमार हो गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसकी जांच जारी है।
आयोग ने इस संबंध में 23 जनवरी, 2025 को मामला दर्ज किया था। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर आयोग ने टिप्पणी की कि स्पष्ट रूप से आरोपी अटेंडेंट और कक्षा शिक्षक ने बल का प्रयोग किया होगा, जिससे बच्चे को पूरी कक्षा के सामने मानसिक और शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ अपमान भी सहना पड़़ा। ‘बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ की धारा 17 के अंतर्गत किसी भी बच्चे के साथ शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न करने की मनाही है।

उद्योग-व्यापार को नई ऊंचाई प्रदान करेगा यूके से मुक्त व्यापार समझौता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौता हो गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफटीए के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का किया अभिनंदन

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते यानि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-FTA की उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवाओं के साथ-साथ समूचा भारत गौरवान्वित हो रहा है। प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर जो करार किया है, यह न केवल उद्योग, व्यापार और रोजगार की दृष्टि से, बल्कि वैश्विक संबंधों की दृष्टि से भी भारत को नई ऊंचाईयों पर लेकर जाएगा। भारत सरकार के “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों से वैश्विक स्तर पर मिला विस्तार देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का अतुलनीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सभी को एफटीए के स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। मध्यप्रदेश को भी भविष्य में ब्रिटेन के साथ हुए इस मुक्त व्यापार समझौते का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नये मुक्त व्यापार समझौते से मध्यप्रदेश को कृषि सेक्टर, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, सर्विस सेक्टर, एविएशन सेक्टर, लेदर इंडस्ट्री, प्लास्टिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर सहित मैन्युफैक्चरिंग एवं इंडस्ट्रियल ग्रोथ में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।

लोकायुक्त की कार्यवाही: भृत्य से रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथ पकड़ा

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पन्ना जिले के तहसील कार्यालय अमानगंज में लिपिक के विरुद्ध ट्रैप कार्यवाही करने के बाद प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।

  अवकाश का समायोजन कर वेतन जारी करने के एवज में मांगी थी रिश्वत

*    भृत्य का आरोप, तहसील कार्यालय अमानगंज में घूस दिए बगैर नहीं होता कोई काम

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी कार्यालयों में ‘दाम कराए काम’ की नीति अघोषित तौर पर लागू होने के कारण यहां आए दिन लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं। जिले में इस वर्ष अब तक कई अधिकारी-कर्मचारियों के रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी सरकारी अमला सुधरने को तैयार नहीं है। यहां रिश्वत की डिमांड से सिर्फ आम आदमी ही नहीं बल्कि छोटे कर्मचारी भी काफी परेशान हैं। अपने जायज काम करवाने के लिए कर्मचारियों को भी घूस (रिश्वत) देनी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला जिले की अमानगंज तहसील कार्यालय में सामने आया है। जहां गुरुवार 24 जुलाई 2025 को लोकायुक्त की टीम ने भृत्य से दो हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लिपिक इकबाल खान को रंगे हाथ पकड़ा है। रिश्वत की डिमांड लंबित वेतन और जीपीएफ की राशि निकालने के एवज में की गई थी।
पत्रकारों को ट्रैप कार्यवाही की जानकारी देते लोकायुक्त निरीक्षक एवं ट्रैप दल प्रभारी कमल सिंह उइके।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय लोकयुक्त सागर के निरीक्षक एवं ट्रैप दल प्रभारी कमल सिंह उइके ने जानकारी देते हुए बताया कि अमानगंज तहसील में नाजिर के पद पर तैनात लिपिक इकबाल खान अपने ही कार्यालय के भृत्य सुदामा प्रसाद दुबे के चिकित्सीय अवकाश को अर्जित अवकाश में समायोजित कर वेतन बनाने एवं जीपीएफ की राशि निकालने के एवज 5,000 (पांच हजार रुपए) मांग रहा था। लेकिन सुदामा अपनी मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा रिश्वत में देने के सख्त खिलाफ थे। रिश्वत की डिमांड के चलते वेतन अटकने से परेशान भृत्य ने लिपिक को सबक सिखाने पुलिस अधीक्षक लोकयुक्त सागर के कार्यालय में संपर्क किया। भृत्य द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन पत्र की तस्दीक होने पर भ्रष्ट लिपिक को ट्रैप करने दल गठित किया गया।
शिकायतकर्ता सुदामा प्रसाद दुबे।
पूर्व योजना अनुसार गुरुवार को भृत्य सुदामा प्रसाद दुबे ने तहसील कार्यालय में दोपहर के समय लिपिक इकबाल खान को दो हजार रुपए देकर जैसे ही इशारा किया तभी वहां मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने लिपिक को दबोंच लिया। लिपिक के कब्जे से कैमिकल युक्त नोट जब्त कर लोकायुक्त टीम ने उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। फरियादी सुदामा प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि अमानगंज तहसील कार्यालय में सिर्फ उन्हीं के काम होते हैं या तो जिनकी सिफारिश सत्तारूढ़ दल के बड़े नेता-जनप्रतिनिधि करते है या फिर वे जो यहां रिश्वत की चढ़ोत्री चढ़ाते हैं। उसने बताया कि, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते मुझे वेतन की सख्त जरुरत थी लेकिन बाबू जी मेरी परेशानी को समझने को तैयार नहीं थे। इसलिए मजबूर होकर मुझे लोकायुक्त संगठन से सम्पर्क करना पड़ा।

शराब माफिया को किसका संरक्षण! गांव-गांव खुल गई अवैध शराब दुकान, पन्ना में प्रतिबंध बेअसर

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जिले की अजयगढ़ की शराब दुकान से शराब की पेटियां आसपास के गावों में अवैध बिक्री के लिए ले जाते युवक।

*    ढकोसला साबित हो रहे ‘नशे से दूरी के नारे’

 जिले के प्रशासनिक मुखिया को नहीं शराब तस्करी की जानकारी

 आबकारी अधिकारी से जानकारी मांगने पर ठेकेदार का मुनीम दौड़ा चला आया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नशे के भयंकर दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक कर नशा मुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पन्ना पुलिस द्वारा इन दिनों ‘नशे से दूरी है जरुरी’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जन-जन को नशा मुक्ति का संदेश देने विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के बीच जिले में अलग-अलग स्थानों से शराब तस्करी के वीडियो-फोटोग्राफ्स वायरल होने से न सिर्फ अभियान का मजाक उड़ रहा है बल्कि जिम्मेदारों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शराब ठेकेदार के गुर्गे खुलेआम तस्करी कर गांव-गांव, गली-गली शराब पहुंचा रहे हैं। आंचलिक क्षेत्रों में गांव-गांव अघोषित तौर अवैध शराब दुकान संचालित होने से ‘नशे से दूरी का नारा’ क्या सफल हो पाएगा? वहीं पन्ना नगर के अंदर शराब बिक्री पर लगा प्रतिबंध भी बेअसर साबित हो रहा है। शराब की अवैध बिक्री के साथ ही अधिकतम खुदरा मूल्य (रिटेल प्राइस) से भी अधिक कीमत पर शराब बेंचकर ठेकेदार नोट छापने का काम कर रहा है। जिम्मेदारों की मेहरबानी से जिले में शराब ठेका की आड़ में मुक़म्मल तरीके से शराब माफिया राज कायम हो गया है।
वर्ष 2025-26 के लिए सम्पूर्ण पन्ना जिले का आबकारी ठेका 177 करोड़ रुपए में लेने वाले ठेकेदार का किसी भी सूरत में घाटा न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन-पुलिस एवं आबकारी विभाग के अफसरों ने उसे अघोषित तौर पर लूट की खुली छूट दे रखी है। ठेकेदार पर यह मेहरबानी परस्पर स्वार्थपूर्ति के सिद्धांत पर आधारित बताई जाती है। अर्थात जब ठेकेदार को प्रॉफिट होगा तभी तो सबको महीने पर हिस्सा बंटेगा। अपना-अपना हिस्सा सुरक्षित करने के चक्कर में शराब ठेकेदार के हितैषी बने कतिपय अफसरों ने उसकी करतूतों से अपनी नजर फेर ली है।
कमिश्नर सागर संभाग के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट।
सबसे मजेदार बात यह है कि, संभागीय मुख्यालय सागर में बैठे कमिश्नर अनिल सुचारी पन्ना जिले में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेंचे जाने और शराब की अवैध बिक्री को लेकर खुलकर सख्त नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन पन्ना में ऐसा कुछ हो रहा है, इसकी जानकारी कलेक्टर सुरेश कुमार को  नहीं है। सवाल पूंछने पर वे सीधा-सपाट जवाब देते हुए कहते मुझे आप ही यह सब बता रहे है। मेरे पास तो इस संबंध में आज तक एक भी शिकायत नहीं आई। बहुत संभव है कि गांव-गांव पहुंचाई जा रही अवैध शराब को लेकर किसी ने जिले के प्रशासनिक मुखिया से लिखित शिकायत ना की हो। इसी तरह शराब के शौकीनों ने साहब के समक्ष उपस्थित होकर न बताया हो कि, हुजूर ठेकेदार हमारी जेब काट रहा है। लेकिन यहां सवाल उठता है, शिकायत न मिलने का तर्क देकर क्या सच्चाई को नकारा जा सकता है। खासकर तब जबकि शराब पीने वाले पहचान उजागर न करने की शर्त पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब मिलने की जानकारी दे रहे हैं। वहीं शराब की दुपहिया-चार पहिया वाहनों से तस्करी किए जाने के वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर आए दिन वायरल हो रहे हैं।

अजयगढ़ दुकान का वीडियो हुआ था वायरल

पन्ना जिले अजयगढ़ की शराब दुकान सहित अन्य दुकानों से खुलेआम चल रहा शराब तस्करी का खेल।
जिले के अजयगढ़ क़स्बा में स्थित शराब दुकान से शराब की तस्करी होने का वीडियो-तस्वीरें हाल ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें साफ़ तौर पर देखा जा सकता है, दो व्यक्ति हाथ में शराब की पेटी लेकर दुकान से निकलते है और सामने खड़ी सफ़ेद रंग के बोलेरो वाहन में उन्हें लोड कर देते हैं। यह वीडियो-फोटोग्राफ्स शनिवार 19 जुलाई की रात्रि 10 बजकर 10 मिनिट के हैं। इसके पहले भी शराब की तस्करी के कई वीडियो वायरल हुए हैं। शराब दुकान के आसपास रहने वाले लोग नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताते हैं कि दिनभर में कई बार शराब की पेटियां दुपहिया-चार पहिया वाहनों से आसपास के गांवों में पहुंचाई जाती हैं। शराब दुकान के आसपास लगे सीसीटीव्ही कैमरों से इस बात की तस्दीक की जा सकती है। शराब तस्करी के मामले में प्रशासन के तमशबीन रुख को देखते हुए लोग खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

थाना के पास पकड़ी अवैध शराब

रैपुरा थाना अंतर्गत शराब की तस्करी करते दो युवकों भगवती मानव कल्याण संगठन व भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा रंगे हाथ पकड़ा गया।
मंगलवार 22 जुलाई 2025 पन्ना जिले के रैपुरा क़स्बा में बाइक से शराब की तस्करी कर रहे दो युवकों को भगवती मानव कल्याण संगठन व भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा 2 पेटी देशी प्लेन अवैध शराब के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। नशामुक्ति अभियान चला रहे इन संगठनों की ओर शराब तस्करों की धरपकड़ के पूर्व पुलिस को सूचना दी गई थी। प्राप्त जानकारी अनुसार रैपुरा थाना अंतर्गत बिना नंबर की बाइक से शराब की तस्करी कर रहे दो युवकों को पटी रोड पर पुलिस थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर पकड़ा गया। भगवती मानव कल्याण संगठन व भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तस्करों के कब्जे से 2 पेटी (100 पाव देशी प्लेन) अवैध शराब और हीरो कंपनी की एचएफ डीलक्स बाइक जब्त की है। पकड़े गए आरोपी संतराम निवासी अमानगंज जिला पन्ना एवं दीपराज निवासी जिला छतरपुर को रैपुरा थाना ले जाया गया। भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से दोनों शराब तस्करों के विरुद्ध बकायदा एफआईआर दर्ज कराई। यहां गौर करने वाली बात है कि, शराब के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए के लिए कार्रवाई करने वाला आबकारी विभाग अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहा है। इसलिए आमलोगों को शराब माफिया के खिलाफ आगे आना पड़ रहा है।

दुकानों से क्यूआर कोड और रेट सूची गायब

जिले की सभी शराब दुकानों का ठेका इस बार एक ही ठेकेदार को मिला है। पन्ना के बाजार पर एकाधिकार होने के कारण ठेकेदार द्वारा प्रशासन सेटिंग कर मोनोपोली चलाते हुए ठेका के पहले दिन यानी 01 अप्रैल 2025 से ही निर्धारित दर से अधिक कीमत पर लगातार शराब बेंची जा रही है। लोगों से शराब की अधिक कीमत वसूलने से जुड़ीं कई ख़बरें जब मीडिया में आई तो आबकारी विभाग के अफसरों ने खानापूर्ति करते हुए शराब दुकानों के बाहर क्यूआर कोड और रेट सूची लगवाकर फोटो सेशन कराया। बताया गया कि लोग क्यूआर कोड स्कैन कर शराब के विभिन्न ब्रांड की अलग-अलग मात्रा वाली बोतलों की वास्तविक कीमत जान सकते हैं और उसी के अनुसार भुगतान कर सकते हैं। आबकारी विभाग के प्रचारजीवी निरीक्षक द्वारा इस सबके जरिए यह बताने-दिखाने की कोशिश की गई अब सबकुछ ठीक है। लेकिन सच्चाई यह है कि लोगों से आज भी शराब की अधिक कीमत वसूली जा रही है। अधिकांश शराब दुकानों से ठेकेदार ने क्यूआर कोड और रेट सूची निकलवाकर कचरे में फेंक दी। शराब ठेकेदार द्वारा चलाई जा रही मोनोपोली से प्रशासन का कथित तौर पर अनभिज्ञ होना मजाक से ज्यादा कुछ नहीं है।

डीईओ को फोन लगाते ही आया मुनीम

पन्ना का नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन। (फाइल फोटो)
शराब की तस्करी एवं निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री पर अंकुश न लग पाने के संबंध में रडार न्यूज़ ने जिला आबकारी अधिकारी (District Excise Officer) पन्ना मुकेश मौर्य से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर सम्पर्क किया तो उन्होंने कुछ लोगों के साथ बैठे होने के कारण दस मिनिट बाद कॉल बैक करने की बात कही। मेरे द्वारा उनसे कहा गया, आपके फोन की आधा घंटे तक प्रतीक्ष करूंगा यदि आप संपर्क नहीं करते तो यह समझा जाएगा कि आप आबकारी ठेकेदार की मनमानी पर जवाब देने से बच रहे हैं। बुधवार 23 जुलाई की देर शाम हुई इस बातचीत को लेकर सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई जब आधा घंटे बाद डीईओ साहब का कॉल तो नहीं आया लेकिन एक अंजान व्यक्ति ने मुझे फोन किया। उसने स्वयं को शराब ठेकेदार का प्रतिनिधि बताया। उसके द्वारा शराब ठेका संचालन में सहयोग की अपेक्षा के साथ मिलने का आग्रह किया गया। काफी मना करने के बाद भी वह व्यक्ति मिठाई का डिब्बा लेकर मेरे घर आ गया। स्वयं को शराब ठेकेदार का मुनीम बताने वाले सुरेश शिवहरे नामक व्यक्ति ने कहा कि डीईओ साहब का फोन आया था इसलिए आपसे मिलने आया हूँ। उसकी मिठाई को अस्वीकार करने साथ ही अवैध गतिविधियों में किसी तरह का कोई सहयोग करने से स्पष्ट मना करने पर वह चंद मिनिट बाद वापस लौट गया। यहां इस घटनाक्रम का उल्लेख अपनी ईमानदारी का बखान करने के लिए नहीं बल्कि यह बताने-समझाने के लिए किया गया है कि, आबकारी विभाग के अफसर अपनी हदों से बाहर जाकर विभागीय ठेकेदार के अवैध कारोबार को संरक्षण देने में जुटे हैं।
इनका कहना है-
“जिले में शराब की तस्करी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री किए जाने की मुझे जानकारी नहीं है, मुझे यह आपने ही बताया है। इस संबंध में मेरे पास आज तक एक भी शिकायत नहीं आई। अगर कोई ठेकेदार की मनमानी की शिकायत करता है और वह सही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”

सुरेश कुमार, कलेक्टर, जिला पन्ना।

“अवैध शराब की धरपकड़ के कुछ मामलों में पूर्व में संबंधित दुकान के शराब विक्रेता एवं ठेकेदार को आरोपी बनाए जाने की बात सही है। अब शराब विक्रेता को तो आरोपी बना सकते है लेकिन आबकारी विभाग के शीर्ष अधिकारी के निर्देश हैं कि ठेकेदार के विरुद्ध जब तक पुख्ता साक्ष्य मौजूद न हो उसे आरोपी न बनाया जाए। साथ ही ठेकेदार को आरोपी बनाने से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रक्रिया संबंधी जटिलताओं के बाद भी शराब के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जरुरत पड़ने पर यह कदम भी उठाया जाएगा।”

साईं कृष्णा एस. थोटा, पुलिस अधीक्षक, जिला पन्ना।