कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि यह एक समाज कल्याण का पुनीत कार्य है। इस कार्य में सहभागी बनकर अपने-अपने क्षेत्र के आंगनबाडी केन्द्रों में अतिकुपोषित एवं कुपोषित बच्चों को संजीवनी अभियान के तहत संजीवनी अभिभावक के रूप में गोद लेकर कुपोषण से जिले को मुक्ति दिलाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संजीवनी अभिभावक को बच्चों के परिवारजनों को बच्चे की देखरेख के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कराना, अतिरिक्त पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराना, परिवार को स्वच्छता एवं उचित खानपान की आदतों के लिए प्रोत्साहित करें। परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ बनाने के लिए उन्हें शासकीय योजनाओं को पात्रता अनुसार लाभ दिलाने के साथ-साथ अन्य आवश्यक सहयोग करना चाहिए। जिससे पन्ना जिले को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में पृथ्वी ट्रस्ट द्वारा इस पुनीत कार्य के लिए जो जनयात्रा प्रारंभ की गयी है उसके लिए पृथ्वी ट्रस्ट के पदाधिकारी साधूवाद के पात्र है। मैं उनसे अपेक्षा करता हूँ कि इस जनयात्रा को निरंतर जारी रखें। जिससे समाज में जागरूकता पैदा की जा सके।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पृथ्वी ट्रस्ट के प्रमुख यूसुफ बेग द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सतत विकास के लक्ष्य 2.2 एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के प्रावधानों पर लोगों को जागरूक करना है। यात्रा के दौरान जिले के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित कर 50 हजार लोगों से सम्पर्क स्थापित कर उनमें जागरूकता बढाने का कार्य किया गया। जिससे जिले में कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्युदर को समाप्त किया जा सके। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पत्रकार, जिला अधिकारी, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अंत में समाजसेवी ज्ञानेन्द्र तिवारी ने सभी उपस्थित जनों का आभार प्रकट कर कार्यक्रम का समापन किया।