
ब्रह्माकुमारी सीता बहिन जी ने विद्यालय का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी विद्यालय का लक्ष्य है सभी को सुसंस्कृत, निर्व्यसन जीवन जीने की कला सिखाना है। इसलिए यहां पर प्रतिदिन आध्यात्मिक शिक्षा दी जाती है एवं राजयोग ध्यान (मेडीटेशन) सिखाया जाता है। जिससे हमारे अन्दर शक्तियों का विकास होता है, मनोबल बढ़ता है और व्यक्ति अन्दर से शक्तिशाली मजबूत अनुभव करता है। जिससे सभी बुराईयों एवं व्यसनों को छोड़ना उसके लिए आसान हो जाता है। आपने कहा कि अगर हमारे अन्दर कोई भी नशीले पदार्थों की लत नहीं है तो अच्छा है। लेकिन, कोई कुसंस्कृत, गलत आदत जैसे – गुस्सा करना, अधिक सोना… आदि है तो उसे भी मन, वचन, कर्म से छोड़ने का संकल्प लें। साथ ही अपने आसपास के एक-दो व्यक्तियों का व्यसन छोड़ने के लिए अवश्य प्रेरित करें।© 2019 All Rights Reserved radarnews.in