
मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना | हरी एवं सफेद सूची में रहेंगे पात्र किसानों के नाम, दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने भरना होगा गुलाबी आवदेन पत्र


प्रशिक्षण में ऋण माफी योजना की पात्रता एवं अपात्रता की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि ऐसे किसान फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे जो वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष-महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष हों। इनके अलावा समस्त आयकर दाता, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को छोडकर भारत सरकार तथा प्रदेश के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा इनके निगम-मंडल-अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी फसल ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे। ऐसे किसान जिन्हें 15 हजार रूपये या उससे अधिक की पेंशन प्राप्त होती है (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर) एवं ऐसे किसान जो 12 दिसंबर 2018 या उसके पूर्व जीएसटी में पंजीकृत व्यक्ति/फर्म/फर्म के संचालक/फर्म के भागीदार ऋण माफी के लिए अपात्र होंगे।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत संभावित पात्र पाए गए किसानों को 2 सूचियों में रखा गया है। ऐसे किसान जिनके बैंक खातों में आधार सीडिंग है उनके नाम हरी सूची में तथा जिन कृषकों के बैंक खातों में आधार सीडिंग में नही उनके नाम सफेद सूची में रखे गए हैं। जिन किसानों के बैंक खातों में आधार सीडिंग नही है संबंधित बैंक/समिति द्वारा आधार सीडिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों की सूची संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर यथाशीघ्र चस्पा करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि ग्राम स्तर पर समय निर्धारित कर प्रतिदिन सूची में दर्ज कृषकों से सम्पर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा पूरी प्रक्रिया से अवगत कराएं। योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं ग्राम स्तर पर डूंडी पिटवाकर मुनादी करवायी जाए।
इन खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं में मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी के अलावा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, खण्ड पंचायत अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, समस्त पटवारी, शाखा प्रबंधक समस्त बैंक, समिति प्रबंधक, समस्त सचिव एवं समस्त रोजगार सहायक मौजूद थे।