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पुलिस की कथित बड़ी कार्रवाई की प्रेस विज्ञप्ति में कई अहम सवालों के जवाब नहीं
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घटनाओं में चोरी गए कुल माल की कीमत और चोरी हुए आभूषणों का स्पष्ट ब्योरा नहीं
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स्क्रिप्ट राइटर की चूक या फिर अधिकारियों ने सीमित खुलासे की दी स्वीकृति!
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) पन्ना पुलिस ने सूने मकानों, निर्माणाधीन भवनों और शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को निशाना बनाने वाले कथित अंतरजिला चोर गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार करने और देवेन्द्रनगर व गुनौर थाना क्षेत्रों की 10 चोरी की घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस की ओर से रविवार 20 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपियों से चोरी के सामान के रूप में 30 प्लाई, 20 बोरी गेहूं, 4 बोरी चावल और 3 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किए जाने का दावा किए गए एक आर्टिका वाहन, एक पिकअप और एक अपाचे मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। पुलिस ने इन सभी जब्त वस्तुओं का कुल मूल्य करीब 16 लाख 82 हजार रुपए बताया है।
प्रेस में जारी विज्ञप्ति में चोरियों के खुलासे से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारियों, प्रश्नों के जवाब नहीं मिलते हैं। क्या इसे पुलिस के स्क्रिप्ट राइटर की त्रुटि माना जाए या फिर यह समझा जाए अधिकारियों ने सिर्फ इतना ही (सीमित) खुलासा करने की स्वीकृति दी है। आधे-अधूरे खुलासे के पीछे असल कारण क्या है यह तो स्क्रिप्ट राइटर और संबंधित पुलिस अफसर ही बता सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों को सतना और रीवा जिलों से पकड़ा गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने देवेन्द्रनगर और गुनौर थाना क्षेत्रों की अलग-अलग 10 चोरी की घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता का दावा किया है। पुलिस के अनुसार देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र में आर्टिका कार चोरी के प्रयास, बड़ागांव में सूने मकान से आभूषण व नकदी चोरी, सिलगी और गिरवारा में निर्माणाधीन भवनों से प्लाई व लोहे की सामग्री चोरी तथा गोल्ही मुड़िया स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान से खाद्यान्न चोरी की घटनाएं शामिल हैं। इसी तरह गुनौर थाना क्षेत्र के सिली गुनौर, लुहरगांव, हरद्वाही, भटगवां और पटनाकला में चोरी की वारदातों में शामिल होने का भी पुलिस ने दावा किया है।
सतना-रीवा से पकड़े गए छह आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार बताए गए आरोपियों में शिवम पटेल पिता राम मनोहर पटेल 21 वर्ष निवासी ग्राम नंदहा थाना नागौद जिला सतना हाल ढेकहा जिला रीवा, अमन उर्फ नसीम खान 22 वर्ष, टीआई उर्फ राजेश पटेल पिता रामराज पटेल 29 वर्ष, अमर पटेल पिता रामराज पटेल, 22 वर्ष, अजय पाठक पिता रामकृष्ण पाठक 31 वर्ष, सभी निवासी जिला रीवा तथा अनुज विश्वकर्मा पिता राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा 21 वर्ष, निवासी ग्राम नंदहा जिला सतना शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि छहों को सतना और रीवा जिले से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया और पूछताछ के बाद चोरी की घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता सामने आई।
वारदात से पहले करते थे रेकी




मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों को लेकर है। पुलिस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बड़ागांव के सूने मकान से आभूषण और नकदी चोरी होने का उल्लेख किया है। इसके अलावा शुरुआती विवरण में भी आरोपियों द्वारा सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी चोरी करना स्वीकार किए जाने की बात कही गई है। लेकिन जब्त मशरूका की सूची में किसी भी सोने या चांदी के आभूषण का उल्लेख नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि कथित रूप से चोरी किए गए आभूषण कहां हैं? क्या वे अभी बरामद नहीं हुए हैं, आरोपियों ने उन्हें किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया, या उनकी बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है? प्रेस विज्ञप्ति में इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया गया है। अपराध का खुलासा करने वाली टीम के अच्छे काम की सराहना किया जाना स्वाभाविक है। लेकिन इस मामले का एक दूसरा पहलू भी है-जिन क्षेत्रों में ये 10 चोरी की घटनाएं हुईं, वहां अपराधों की रोकथाम और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी? यदि पुलिस के दावे के अनुसार आरोपी दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में घूमकर सूने मकानों, दुकानों और निर्माणाधीन भवनों की रेकी करते थे और रात में वाहनों से पहुंचकर चोरी करते थे, तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि संबंधित क्षेत्रों की बीट व्यवस्था, रात्रि गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी किस स्तर तक प्रभावी थी।


