
* महीने भर के अंदर दो बाघों की संदिग्ध मौत के बीच सामने आई हैरान करने वाली घटना
* कॉलरधारी बाघ की मौत के अगले दिन कोर क्षेत्र में मिली लाश, प्रबंधन के दावे कटघरे में
* चार दिन तक जंगल में लटका रहा शव, किसी को भनक नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था क्या पूरी तरह चौपट हो चुकी है? रेडियो कॉलरधारी बाघ की संदिग्ध मौत के अगले ही दिन पार्क क्षेत्र में एक अप्रत्याशित घटना के सामने आने से यह सवाल उठ रहा है। बुधवार सुबह पन्ना कोर रेंज अंतर्गत राजाबरिया के जंगल में एक अज्ञात वृद्ध का शव पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। हैरानी की बात यह है कि कथित कड़ी सुरक्षा वाले कोर एरिया में यह शव 3-4 दिन तक लटका रहा, लेकिन वन अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरान करने वाली यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब महीने भर के अंदर पन्ना टाइगर रिजर्व में दो बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पीटीआर प्रबंधन के सुरक्षा और सतत मॉनिटरिंग के दावों की गंभीर पोल खोल दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 6 मई की सुबह बीट गार्ड इंद्रजीत लोधी को राजाबरिया जंगल में एक पेड़ पर करीब 65 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में जबरदस्त हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पन्ना पुलिस टीम ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व का मैदानी अमला मौजूद रहा।

पुलिस के अनुसार शव की स्थिति बेहद खराब थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वृद्ध की मौत 3 से 4 दिन पहले हो चुकी थी। आसपास के गांवों के ग्रामीणों और पंचायत सचिव जरधोवा को पहचान के लिए बुलाया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच जारी है।
लगातार घटनाओं से गहराए सवाल

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही 5 मई को अमानगंज बफर रेंज के रमपुरा क्षेत्र में एक दो वर्षीय नर बाघ संदिग्ध हालात में मृत पाया गया था। यह वही बाघ था जिसे कुछ दिन पूर्व तारा गांव से रेस्क्यू कर रेडियो कॉलर के साथ कोर एरिया में छोड़ा गया था। इसके करीब पखवाड़े भर पहले गंगऊ अभ्यारण क्षेत्र में एक अन्य नर बाघ का क्षत-विक्षत कंकाल सड़क किनारे जंगल में मिला था, जिसकी जानकारी भी वन अमले को समय पर नहीं लग सकी थी।
सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न






