शराब माफिया के हौसले बुलंद: अवैध शराब पकड़वाने वाले कार्यकर्ताओं को दी जान से मारने की धमकी

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अवैध शराब पकड़वाने से बौखलाए शराब माफिया के गुर्गों के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर हरदुआ चौकी प्रभारी को भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।

*    गांव-गांव धड़ल्ले से बिक रही शराब, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

*    आरोप- आबकारी व पुलिस की निष्क्रियता से ग्रामीणों को खुद पकड़नी पड़ रही शराब

  एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर 7 दिन में कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को अब शराब माफिया की खुली धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। होली पर्व के दौरान हरदुआ खमरिया बस स्टैंड क्षेत्र में अवैध शराब पकड़वाने के बाद नाराज शराब माफिया के गुर्गों ने संगठन के कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे मामले को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी शाखा जिला इकाई पन्ना के पदाधिकारियों ने हरदुआ चौकी प्रभारी को पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सूचना देकर पकड़वाई 4 पेटी अवैध शराब

पन्ना जिले में आबकारी ठेका की आड़ में खुलेआम माफियाराज चला रहे शराब ठेकेदार के कथित गुर्गे को रंगे हाथ पकड़कर 4 पेटी अवैध शराब जब्त की गई।
भगवती मानव कल्याण संगठन के अनुसार 4 मार्च 2026 की शाम लगभग 7 बजे होली पर्व को देखते हुए संगठन के कार्यकर्ता हरदुआ खमरिया बस स्टैंड (चौकी हरदुआ पटेल क्षेत्र) में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके से लगभग 4 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

रास्ते में रोककर दी धमकी

संगठन का आरोप है कि अवैध शराब पकड़वाने से नाराज शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने संगठन के दो कार्यकर्ताओं को रास्ते में तीन अलग-अलग स्थानों पर रोककर घेर लिया। इस दौरान आरोपियों ने गंदी-गंदी गालियां देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी और भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई न करने की चेतावनी भी दी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने संगठन द्वारा संचालित पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यक्रमों और जनजागरण गतिविधियों को लेकर भी अपमानजनक और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया, जिससे संगठन के कार्यकर्ता मानसिक रूप से आहत और भयभीत हैं।

इन लोगों पर लगाए आरोप

भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम में ग्राम मड़वा निवासी छंगे प्रजापति, धर्मेंद्र लोधी उर्फ धम्मा, युवराज ठाकुर, भोला राय और नीरज राय शामिल हैं। उक्त सभी लोग शराब माफिया के गुर्गे बताए जा रहे हैं। कथित तौर पर ये लोग लाइसेंसी दुकानों से शराब की पेटियां लेकर उन्हें अवैध बिक्री के लिए आसपास के गांवों में पहुंचाने का काम करते हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं-पधादिकारियों कहना है कि इन लोगों ने रास्ते में रोककर गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई न करने की चेतावनी दी।

आबकारी और पुलिस की भूमिका पर सवाल

पन्ना जिले के आबकारी ठेकेदार के गुर्गे से जब्त की गई अवैध शराब और आरोपी को हरदुआ चौकी पुलिस के सुपुर्द किया गया।
इस घटना के बाद जिले में अवैध शराब कारोबार को लेकर आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जिले में अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। जीवन लाल विश्वकर्मा, सुरेन्द्र साहू और राजू लोधी का कहना है कि पड़ोसी जिलों से आने वाली शराब को तो तत्परता से पकड़ लिया जाता है, यह अच्छी बात है। लेकिन जिले की लाइसेंसी शराब दुकानों से आसपास के गांवों में खुलेआम पहुंचाई जा रही अवैध शराब पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी का यह भी आरोप है कि कई गांवों और कस्बों में ठेकेदार की शराब अवैध रूप से बेची जा रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं होती। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की उपलब्धता लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे युवा पीढ़ी तेजी से नशे की ओर आकर्षित हो रही है और गांवों का सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
लाइसेंसी ठेकेदार द्वारा कथित रूप से आबकारी विभाग एवं पुलिस की मिलीभगत से बड़ी मात्रा में शराब की अवैध बिक्री करके प्रतिदिन शासन को लाखों रुपए के राजस्व का चूना भी लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो मजबूर होकर सामाजिक संगठन और ग्रामीणों को ही अवैध शराब पकड़ने के लिए आगे आना पड़ता है। लेकिन अब ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने वाले लोगों को ही धमकाया जा रहा है।

कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

इस पूरे मामले को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक पन्ना के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जीवन लाल विश्वकर्मा, सुरेन्द्र साहू, अरविंद कचेर, राजू लोधी, संजय, गोविन्द सिंह, अनुज विश्वकर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि, जब इस प्रकरण के संबंध में पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू से कार्रवाई को लेकर बात की गई तो उन्होंने संगठन के ज्ञापन का अवलोकन करने एवं स्थानीय पुलिस अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने की बात कही। वहीं जब यह पूंछा गया कि आबकारी विभाग व पुलिस पर ठेकेदार की अवैध शराब न पकड़ने के आरोप लग रहे हैं, तो आपने इस सवाल को प्रकरण से अलग बताया और फिर उनका फोन कट गया।