घटना के संबंध देवेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, शनिवार 27 मई की रात देवेन्द्रनगर में रहने वाले नरेन्द्र सिंह राजपूत पिता महेश सिंह (सेल्समैन उचित मूल्य दुकान) 37 वर्ष अपने बच्चे का जन्मदिन मनाने गांव आए हुए थे। जन्मदिन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद नरेन्द्र सिंह अपने बड़े भाई महेन्द्र सिंह राजपूत 40 वर्ष के साथ घर के बाहर दरवाजे पर बैठे थे, तभी भतीजे शुभम सिंह राजपूत पिता चरण सिंह राजपूत ने मौके पर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शुभम की पिस्टल से निकली गोली लगने से लहूलुहान चाचा नरेन्द्र सिंह और महेन्द्र उर्फ बबलू सिंह चबूतरे पर ही गिर गए। वहां मौजूद फूलबाई गोली भो लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई।
उधर, फायरिंग की घटना के बाद गोल्ही मुड़िया गांव में तैनात भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य एकत्रित किये गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फायरिंग एवं जघन्य हत्या की वारदात के कारण का फिलहाल आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका। कथित तौर पर जमीनी विवाद एवं रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की चर्चाएं है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर ऐसी क्या रंजिश थी जिसके चलते सिरफिरे युवक शुभम सिंह राजपूत अपने दोनों सगे चाचा की निर्मम हत्या दी और अपनी दादी को भी गोली मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शुभम के पिता चरण सिंह राजपूत निवासी गोल्ही मुड़िया को भी आरोपी बनाया है।