देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी द्वारा जांच प्रतिवेदन भेजे जाने पर पुलिस कप्तान ने विभाग की बदनामी से जुड़े इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। देवेन्द्रनगर टीआई हिमांशु चौबे ने जांच प्रतिवेदन में बताया है कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ उस दिन 100 डायल पुलिस वाहन का ग्राम सिमरी मड़ैयन के लिए कोई इवेंट सूचना नहीं था। अर्थात डायल 100 वाहन को बिना शासकीय कार्य के मनमाने तरीके से ले जाया गया था। बिना इवेंट के वाहन को ग्राम सिमरी मड़ैयन ले जाने और उसमें सरकारी अनाज की बोरियां लादकर वाहन दुरुपयोग किया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने दोषी सहायक उपनिरीक्षक मान सिंह, प्रधान आरक्षक कुंजबिहारी व आरक्षक कृष्ण प्रताप सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर विभागीय अमले को साफ संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और गलत कार्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।