* विक्रेताओं ने कलेक्टर के नाम सौंपा 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
* मांगों का निराकरण न होने पर कामबंद हड़ताल की दी गई चेतावनी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश सहकारिता कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना के तत्वाधन जिले भर के शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं ने शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए अपने हितों से जुड़ीं मांगों पर शासन-प्रशासन का ध्यान का ध्यान आकृष्ट कराया है। इस संबंध में कलेक्टर के नाम 9 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें सार्वजानिक वितरण प्रणाली व्यवस्था की विसंगतियों तथा व्यवहारिक कठिनाइयों को इंगित किया गया है। गरीबों के राशन वितरण की व्यवस्था के बेहतर और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हेतु विक्रेताओं ने ज्ञापन में उल्लेखित अपनी मांगों पर तत्परता से अमल कराए जाने की बात कही है।
अल्प वेतनभोगी सेल्समैनों ने कई वर्षों से उनका पारिश्रमिक/वेतन का भुगतान न होने एवं वेतन विसंगति में सुधार कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। समय पर पारिश्रमिक/वेतन न मिलने और उसमें भी विसंगति होने के कारण शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं का शोषण हो रहा है। जानकारों का मानना है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के स्तर पर विक्रेताओं के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित न होने और उसमें विसंगति की अराजकतापूर्ण व्यवस्था की वजह से ही गरीबों के राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितताएं होती हैं।
ये हैं मुख्य मांगें



अपने हितों के संरक्षण के लिए ज्ञापन सौंपने वाले विक्रेताओं में मुख्य रूप से पवन गर्ग, देवराज त्रिवेदी, संजू रावत, प्रमोद शर्मा, गोकुमार चनपुरिया, नारायण सिंह, रामप्रताप मिश्रा, नरेन्द्र बड़गैयाँ, सनत मिश्रा, राजेश मिश्रा, रामप्रताप तिवारी, कुंजबिहारी शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, भूपेन्द्र गुप्ता, सुशील त्रिपाठी, हर्षवर्धन सिंह, रामावतार विश्वकर्मा, टीकाराम यादव, अशोक उपाध्याय, जगदीश पाठक, धर्मेन्द्र सिंह, रामबिहारी दुबे, अतुल खरे, अमर सिंह, दुलीचन्द्र, संत कुमार वर्मा, राकेश कुमार पटेल, अरुण कुमार पटेल, दिनेश शर्मा, किशनू प्रसाद पटेल सहित अन्य विक्रेता शामिल थे। ज्ञापन की प्रतियां आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, पंजीयक सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें पन्ना समेत अन्य को भेजा गया है। विक्रेताओं ने ज्ञापन में उल्लेखित मांगों का निराकरण न होने पर कामबंद करने की चेतावनी दी है।

