साप्ताहिक रविवारीय बाजार की बैठक व्यवस्था में यह बदलाव करने के पूर्व दुकानदारों से चर्चा कर उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया। साथ ही इस बदलाव पर अमल कराने का दायित्व नगर पालिका परिषद् पन्ना एवं पुलिस के जिन कर्मचारियों को सौंपा गया उनके द्वारा कथित तौर दुकानदारों के साथ काफी अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया। आज सुबह से ही नगरपालिका के कर्मचारी दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर लाउड स्पीकर से जिस तरह रौब भरे अंदाज में अनाउन्समेंट कर रहे थे उसने दुकानदारों के गुस्से को भड़काने में आग में घी का काम किया। परिणामस्वरूप छोटे-गरीब दुकानदार इसे अफसरों की हनक को पूरा करने वाले तुगलकी फरमान के रूप में लेकर विरोध में उतर आए।
एक दुकानदार ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस सवाल का जबाब देते हुए जो कुछ कहा, वह गौर करने लायक है। युवा सब्जी व्यापारी ने इशारों-इशारों में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अफसरों के अव्यवहारिक निर्णयों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पहाड़ पर रहने वाले अधिकारियों को जमीन के वाशिंदों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। वे तो सिर्फ अपनी सुविधा देखते हैं। पिछले कुछ माह से हम दुकानदारों को लगातार परेशान किया जा रहा है, सड़क किनारे चूने की लाइन डालकर दुकानें लगाने से रोका जा रहा है। कई बार तो हमारी लगी हुई दुकान को ही हटवा दिया जाता है। पहले कभी हमें इतना परेशान नहीं किया गया। युवा सब्जी व्यापारी का कहना है कि, पन्ना का साप्तहिक बाजार इस स्थान पर कई दशकों से लग रहा है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित होने से बाजार आने-जाने लोगों के लिए यह सुविधाजनक है। बस स्टैण्ड भी नजदीक है जिससे दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती। यह बात अलग है कि रविवार के दिन कोतवाली चौराहा से पहाड़कोठी एवं मनहर महिला समिति विद्यालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर दुकानें लगने से चार पहिया वाहन से आने-जाने वालों को थोड़ी असुविधा होती है।
थोक फल-सब्जी विक्रेता शक़ील खान का कहना साप्ताहिक रविवारीय बाजार को अनावश्यक स्थानांतरित करने की जिद छोड़कर प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए जनहित में खुले दिमाग से अन्य उपायों पर भी गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरुरत है। आपने सुझाव देते हुए बताया कि पार्क के सामने वाले नाले के शेष भाग में स्लैब डालने के साथ-साथ रविवार को बाजार प्रांगण में दोपहिया-चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्णतः रोक होनी चाहिए। सिर्फ सर्किट हॉउस एवं पहाड़कोठी आने-जाने वालों को इसमें छूट दी जाए। ग्राहक अपने वाहन लेकर बाजार के अंदर प्रवेश न करें इसके लिए कोतवाली थाना परिसर एवं मनहर महिला समिति विद्यालय में वाहनों की पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बाजार के दोनों तरफ पार्किंग की व्यवस्था होने से वाहनों की धमाचौकड़ी समाप्त हो जाएगी। जिससे पहाड़कोठी के लिए आवागमन में कोई असुविधा नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि जब इस संबंध में जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए पन्ना की प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी से मोबाइल फोन सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं नगर पालिका परिषद् पन्ना के सीएमओ ओ.पी. दुबे का मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।