आपातकाल में त्वरित चिकित्सकीय सेवाओं के लिए मरीजों को मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा

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पन्ना निवासी रामगोपाल तिवारी के सड़क दुर्घटना में घायल होने पर उन्हें खजुराहो एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस सेवा से एयर लिफ्ट कर भोपाल ले जाया गया।

*     प्रदेश में मऊगंज के गोविंदलाल को सर्वप्रथम सुविधा का लाभ

*     पन्ना जिले के रामगोपाल को एयर एम्बुलेंस से किया गया एयरलिफ्ट

भोपाल। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार हर नागरिक को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा अधोसंरचना और चिकित्सकीय उन्नत तकनीक की व्यवस्था के साथ मैन पॉवर उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ आपातकाल में नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। आपात स्थिति में उचित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता से गंभीर पीड़ितों की जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।
उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मऊगंज के श्री तिवारी को गंभीर हार्ट अटैक की शिकायत में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा की आवश्यकता को संज्ञान में लिया। उन्होंने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को आसानी से सेवा मुहैया कराने के निर्देश दिये। वे इस विषय से जुड़े रहे ताकि मरीज़ और परिजनों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मरीज़ के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करते रहें। प्रदेश के पन्ना जिले में पूर्व खनिज निरीक्षक रामगोपाल तिवारी एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्राप्त करने वाले पन्ना के प्रथम मरीज बन गए हैं। सड़क दुर्घटना में श्री तिवारी के गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें खजुराहो एयरपोर्ट से भोपाल के लिए एयर लिफ्ट किया गया।

आपात स्थिति में मिलेगी सुविधा

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा से प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या चिन्हित विशेष प्रकार की चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता निर्मित होने पर कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयर लिफ्ट किया जाता है। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा सड़कों एवं औद्योगिक स्थलों में होने वाले हादसों, प्राकृतिक आपदा में गंभीर पीड़ित, घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध करायेगी। हृदय सम्बंधित अथवा अन्य विभिन्न गंभीर बीमारियों जिसमें रोगी/ पीड़ित को तत्काल इलाज की आवश्यकता होने की स्थिति में मरीजों को अच्छे एवं उच्चतम चिकित्सा संस्थानों में त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए 01 ‘हेली एम्बुलेंस’ एवं 01 ‘फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस’ का संचालन किया जा रहा है, जो कि प्रदेश के सभी जिलों एवं प्रशासनिक विभागों के नागरिकों की सेवा में तैनात हैं। एयर एम्बुलेंस में उ उच्च स्तरीय प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हमेशा तैनात रहती है।

दुर्घटना अथवा आपदा पीड़ित को होगी पात्रता

सड़क दुर्घटना में घायल पन्ना निवासी रामगोपाल तिवारी एयर एम्बुलेंस सेवा का लाभ प्राप्त करने वाले प्रथम मरीज बने।
सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीड़ित को राज्य के अंदर एवं बाहर  में निःशुल्क परिवहन किया जाएगा। आयुष्मान कार्डधारी के उपचार के लिये राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन किया जाएगा। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परिवहन जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस से परिवहन इमरजेंसी हेल्थ कंडीशन की स्थिति में किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा अनुशंसित चिकित्सालय तक ले जाने के लिए होगी। सशुल्क सेवा की स्थिति में सेवाप्रदाता एजेंसी को हेलीकाप्टर के लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,94,500 एवं फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस के लिये लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,78,900 का भुगतान करना होगा।

एयर एम्बुलेंस सुविधा के लिए नोडल अधिकारी

दुर्घटना/आपदा के प्रकरण में संभाग के अंदर पीड़ित को निःशुल्क परिवहन के लिये जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे तथा संभाग के बाहर जाने के लिये स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा दी जायेगी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर रोगी/ पीड़ित को संभाग के बाहर एयर एम्बुलेंस की स्वीकृति अधिष्ठाता की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त द्वारा तथा राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा दी जायेगी। अन्य समस्त सशुल्क परिवहन के प्रकरण में एयर एंबुलेंस की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्तर पर दी जायेगी।

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