
* पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र का बहुचर्चित मामला
* गला घोंटकर कत्ल करने से पूर्व मृतिका के साथ की गई थी दरिंदगी
* आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से 5 साल के मासूम को भी बेरहमी से मार डाला था
* संदेहियों पर सख्ती करने के बजाए पुलिस पर मृतकों के परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप
चेतावनी: इस खबर में दी गई कुछ जानकारी और चित्र आपको विचलित कर सकते हैं।
निर्मम हत्या से पूर्व महिला के साथ रेप होने की पुष्टि होने पर मृतिका, उसके मृत बच्चे, पति एवं परिवारजनों की पहचान गुप्त रखते हुए खबर में काल्पनिक नामों का उल्लेख किया गया है।
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत लगभग चार माह पूर्व सामने आई मां-बेटे के अंधे कत्ल की झकझोर देने वाली वारदात पुलिस के लिए आज भी अबूझ पहेली बनी हुई है। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा पाई है। इस मामले में मृतिका के पति राकेश (परिवर्तित नाम) का सब्र अब जवाब देने लगा है। पुलिस की नाकामी पर उसकी नाराजगी और सवाल उठाना स्वाभाविक है। पत्नी और बेटे को इंसाफ दिलाने दर-दर भटक रहे पीड़ित ने अजयगढ़ पुलिस की जांच एवं कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए संदेहियों को लेकर नरमी बरतने और उल्टा उसके ही निरपराध परिवारजनों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित राकेश (परिवर्तित नाम) ने पुलिस अधीक्षक पन्ना के नाम आवेदन पत्र देकर दोहरे अंधे हत्याकांड के खुलासे के लिए उच्च स्तरीय जांच कराने और दो व्यक्तियों के नामों का उल्लेख कर उन पर 4-5 अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस के रवैये से हताश-निराश हो चुके पीड़ित ने चेतावनी दी है, यदि 7 दिवस के अंदर हत्याकांड खुलासा नहीं हुआ तो वह मजबूर होकर अनिश्चिकालीन धरने पर बैठ जाएगा।
रोंगटे खड़े करने वाला था घटनास्थल का मंजर

17 सितंबर 2025 की सुबह अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक तंग कमरे में मां-बेटे के शव जिस अवस्था में मिले, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। घटनास्थल के फोटो-वीडियो रोंगटे खड़े करने वाले थे। कमरे में बिखरा सामान, अस्त-व्यस्त कपड़े और फर्श पर पड़े शव किसी भयावह दरिंदगी की गवाही दे रहे थे। मृतिका मीरा (परिवर्तित नाम) 28 वर्ष का शव नग्न अवस्था में मिला था। उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसी से गला कसकर हत्या की गई थी। परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर हत्या से पूर्व उसके साथ बलात्कार किए जाने की आशंका जताई गई थी। जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य जांचों में हुई है। मीरा का पांच वर्षीय बेटा सौरभ (परिवर्तित नाम) भी उसी कमरे में मृत मिला। उसके मुंह में भी कपड़ा ठूंसा गया और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी। आशंका है कि अज्ञात आरोपियों ने बच्चे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वह उन्हें पहचान सकता था। जबकि आठ माह का छोटा बेटा उसी कमरे में सकुशल सिलाई मशीन के ऊपर बैठा मिला था। अंधे कत्ल की वारदात 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात की है। मां-बेटे को उनके ही घर पर अज्ञात आरोपियों द्वारा बड़ी ही बेरहमी से कत्ल किए जाने की खबर सोशल मीडिया पर आने के बाद समूचे पन्ना जिले में सनसनी और जबरदस्त आक्रोश फ़ैल गया था।
अवैध संबंध बनाने से इंकार पर ली जान

मृतिका के पति राकेश के अनुसार, घटना से एक दिन पहले उसकी पत्नी मीरा ने उसे फोन कर बताया था कि पड़ोस में रहने वाला विजय (परिवर्तित नाम) उस पर अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रहा है और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। राकेश उस समय मजदूरी के सिलसिले में गुड़गांव में था। अगली सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी और बच्चे की हत्या कर दी गई है। राकेश का आरोप है कि इसी दबाव और धमकी की परिणति के रूप में वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए आवेदन पत्र उसने अपने पड़ोसी विजय (परिवर्तित नाम), एक पंचायत सचिव पर नामजद और 4-5 सहोगियों के साथ मिलकर पत्नी-बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
संदेहियों पर नरमी, पीड़ित पक्ष को कर रहे प्रताड़ित



पीड़ित राकेश ने मांग की है कि, उसकी पत्नी मीरा जिस मोबाइल नंबर का उपयोग करती थी अगर उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की जाए और प्रभावशाली नामजद संदेहियों से सख्ती से पूछताछ की जाए तो दोहरे हत्याकांड का खुलासा हो सकता है। आरोप है कि, अजयगढ़ थाना प्रभारी बखत सिंह जानबूझकर मामले का खुलासा नहीं कर रहे हैं। पीड़ित नेअजयगढ़ पुलिस की भूमिका पर अविश्वास जताते हुए पुलिस अधीक्षक से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। राकेश का कहना है कि यदि सात दिनों के भीतर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वह मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा।

