बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एस. राजपूत ने बताया कि प्रदेश में 15 दिसम्बर 2018 से 15 जनवरी 2019 तक अनुभूति कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व और अभयारण्यों के आस-पास रहने वाले शासकीय स्कूलों के बच्चों को वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। सुबह शुरू होने वाले कैम्प में बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था के साथ पक्षी-वन्य-प्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, परिचर्चा, सांस्कृतिक और अन्य प्रतियोगिताएँ की जाती हैं। इस वर्ष करीब 56 हजार बच्चे कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं।