मुस्लिम समाज के बुजुर्ग लोगों ने अधिकारियों को बताया कि पन्ना में हमेशा से ही सभी लोग मिल-जुलकर रहते आये हैं। कतिपय लोगों और सोशल मीडिया में चल रहीं अफवाहों के चलते निजस्वार्थों के लिए जिले का सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है। प्रशासन ऐसे लोगों को चिंहित करे और अमन के दुश्मनों पर सख्त कार्यवाही करे। ताकि शांति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे। कलेक्टर पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक ने समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। सिमरिया में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात है और प्रशासन हर हरकत पर पैनी नजर बनाये हुए है। मुस्लिम समाज पन्ना के सदर रिजवान मोहम्मद ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को बांटने का प्रयास करने वाले लोगों पर प्रशासन सख्त हो। सिमरिया में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सुरक्षा को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाए। इस दौरान अब्दुल मजीद मुन्ना मास्टर, शहर सदर रिजवान खान, शहर काजी मौलाना मोईज्जाद्दीन, पूर्व सदर नईम खान, नायब सदर शकील राइन, आरिफ सिद्दीकी, अब्दुल हमीद बाती, हफीज बख्शी, मिस्टर इलियास, रियासत खान, कदीर खान, फैज, फैयाज सहित समाज के लोग उपस्थित थे।
सिमरिया कस्बा में हुए विवाद के अगले दिन 26 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक पन्ना एवं भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद भी वहाँ बड़ी तादाद में उपद्रवियों की भीड़ ने एकत्र होकर कुछ लोगों की दुकानों को जला दिया था। मुस्लिम समाज का कहना है कि इस पूरे विवाद में पुलिस की नाकामी बार-बार सामने आई है। पहले समय रहते विवाद को रोकने के प्रयास नहीं किए गए एक जान चली गई और माहौल खराब हुआ। बाद में सैंकड़ों पुलिसकर्मियों की सिमरिया में तैनाती के दौरान दुकानों में आग लगाकर शांति एवं कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का दुस्साहसिक प्रयास किया गया। मुस्लिम समाज ने इस पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए आशंका जताई है यदि पुलिस की लापरवाही इसी तरह चलती रही तो कतिपय समाज विरोधी तत्व अपने कृत्यों से पन्ना जिले में कायम शांति और सद्भाव के माहौल को बिगाड़ सकते हैं।