कोरोना की रोकथाम में लापरवाही बरतने पर जनपद पंचायत गुनौर के सीईओ अस्थाना निलंबित

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ओपी अस्थाना।

* कलेक्टर पन्ना के प्रस्ताव पर कमिश्नर सागर ने की कार्रवाई

* मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप

रमेश अग्रवाल, पन्ना/देवेन्द्रनगर ।(www.radarnews.in) जिले की जनपद पंचायत गुनौर के क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनों दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भी इस महामारी की रोकथाम हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं न करने और बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर जनपद सीईओ ओपी अस्थाना को सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के प्रस्ताव पर की गई है। चर्चित और विवादित जनपद सीईओ ओपी अस्थाना पर कोरोना महामारी की रोकथाम में स्थानीय प्रशासन को सहयोग न करने, अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही-उदासीनता बरतने और मनरेगा कार्यों का सतत निरीक्षण न करने का आरोप है। कोरोना प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लापरवाही के मामले में पन्ना जिले में यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
गुनौर जनपद के ग्राम बिलघाड़ी में कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति को दिल्ली से लौटने के बाद होम क्वारंटाइन किया गया था। लेकिन सही से निगरानी न होने से वह व्यक्ति पूरे गांव में घूमता रहा और गुनौर भी गया था। उक्त लापरवाही सामने ओन के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था। इसके बाद बीते दिनों अधिकारियों के कंटेनमेंट जोन के निरीक्षण के दौरान भी जनपद सीईओ ओपी अस्थाना मुख्यालय में नहीं मिले थे। वहीं गुनौर जनपद क्षेत्र में मनरेगा के कार्य श्रमिकों की जगह मजदूरों से कराये जाने की शिकायतें सामने आने के बाद कलेक्टर ने उनके निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा था। जिस पर कमिश्नर सागर ने जनपद सीईओ ओपी अस्थाना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में अस्थाना का मुख्यालय जिला पंचायत पन्ना रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि गुनौर जनपद क्षेत्र अंतर्गत महज एक सप्ताह के अंदर ग्राम घाट सिमरिया और बिलघाड़ी में एक-एक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इसके बाद भी यहां कोरोना प्रबंधन को लेकर गंभीरता पूर्वक काम नहीं किया जा रहा है। यहां शुरुआती दिनों में ही लापरवाहियां सामने आने लगी थीं। ग्राम बिलघाड़ी से आने वाले युवक को होम क्वारंटीन किया गया था लेकिन उसकी नियमित रूप से निगरानी नहीं की गई। फलस्वरूप वह अपने गांव और गुनौर में घूमता रहा। गनीमत रही उसके प्रथम और दिव्तीय सम्पर्क में आये सभी लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। लेकिन इस घटनाक्रम से यह साफ़ हो गया कि जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन को लेकर संजीदा नहीं हैं।

बगैर सूचना मुख्यालय से रहे गायब

जानकारी के अनुसार बीते दिनों कलेक्टर, डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक ने गुनौर क्षेत्र के दोनों कंटेनमेंट जोन का दौरा किया था। इस दौरान जनपद सीईओ ओपी आस्थाना अपने मुख्यालय से बिना किसी पूर्व सूचना के गायब मिले। क्षेत्र के भ्रमण के दौरान भी कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएंशिथिल पाई गईं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वार भी जनपद सीईओ अस्थाना की शिकायत की गई थी कि कोरोना महामारी के प्रबंधन में उनके द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।

मशीनों से मनरेगा कार्यों की अनदेखी

कमिश्नर सागर द्वारा जारी निलंबन आदेश की कॉपी।
पिछले दो माह से जारी लॉकडाउन के चलते जीविकोपार्जन को लेकर परेशान गरीब-मजदूरों को काम उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा मनरेगा कार्यों की स्वीकृति प्रादाब की गई है। जिले की गुनौर जनपद क्षेत्र की अधिकाँश पंचायतों में मनरेगा के कार्य मजदूरों की जगह जेसीबी मशीनों से कराये जा रहे थे, इसकी लगातार ख़बरें आ रहीं थी लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इसकी अनदेखी करते रहे। ग्राम पंचायत स्थानियाँ में मेड़ बंधान एवं तालाब गहरीकरण का कार्य जेसीबी मशीन से कराया गया। जांच में इस खुलासे को सही पाया गया। शासन के निर्देशों के विपरीत मशीनों से मनरेगा कार्य कराये जाने से रोकने के लिए जनपद सीईओ ओपी अस्थाना द्वारा सतत निरीक्षण नहीं किया गया। इस वजह से कलेक्टर ने अस्थाना के निलंबन का प्रस्ताव सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार को भेजा था। कलेक्टर के प्रस्ताव पर कमिश्नर द्वारा ने गुनौर जनपद सीईओ के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।

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