कल कोरोना से जीती जंग आज खाद्य असुरक्षा से मिली निज़ात, प्रवासी श्रमिक का बना गरीबी रेखा राशन कार्ड

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पन्ना जिले के पहले कोविड संक्रमित मरीज के पूर्णतः स्वस्थ्य होने पर उसे हॉस्पिटल से विदाई देते हुए पन्ना कलेक्टर एवं सीएमएचओ। (फाइल फोटो)

* जिले में बड़ी तादाद में बीपीएल कार्ड से वंचित हैं सुपात्र

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले की अजयगढ़ तहसील के ग्राम हरदी निवासी मोहम्मद इस्लाम प्रवासी श्रमिक के रूप में जब पन्ना आए तो वे कोरोना पाॅजिटिव थे। जिसके चलते उन्हें जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था। भर्ती रहने के दौरान उन्हें अच्छा उपचार, पौष्टिक भोजन, मनोरंजन पाकर वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने ग्राम हरदी पहुंच गए। गाँव में प्रवासी श्रमिक इस्लाम और उसके परिवार का भरण-पोषण ठीक से हो सके, इसके लिए तुरंत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार का राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया। साथ ही उन्हें खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिए गए।
पन्ना हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद एम्बुलेन्स से परिजनों के साथ अपने गांव रवाना होता कोरोना से जंग जीतने वाला प्रवासी श्रमिक। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि श्रमिक इस्लाम भाग्यशाली हैं कि उन्होंने न सिर्फ कोरोना वायरस से जंग जीती है बल्कि प्रशासन की पहल से अब जाकर उसे तुरंत गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी मिला गया जिसकी पात्रता वह काफी समय से रखते रहे हैं। हालाँकि, जिले में अभी भी ऐसे हजारों गरीब परिवार हैं जोकि बीपीएल कार्ड के लिए सुपात्र हैं और वर्षों से खाद्य असुरक्षा से मुक्ति के लिए अपने इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए लोक सेवा केन्द्रों, राजस्व अधिकारियों और जनसुनवाई आदि में अर्जियां दे रहे हैं। बहरहाल, जिला प्रशासन ने जिस तरह संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रवासी श्रमिक को उसका अधिकार दिलाया है उसे देखते हुए यह अपेक्षा की जा रही है अन्य वंचित सुपात्र गरीबों की भी उसके द्वारा सुध ली जाएगी।

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