मध्यप्रदेश: दो सगे भाइयों की हत्या में पिता-पुत्र को ‘फांसी की सजा’

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना, मध्य प्रदेश। (फाइल फोटो)

*       प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना का ऐतिहासिक फैसला

*       भूमि विवाद और पारिवारिक रंजिश में हुई वारदात, कोर्ट ने माना जघन्य अपराध

पन्ना।(www.radarnews.in) अपने दो सगे छोटे भाइयों की गोली मारकर हत्या तथा मां को घायल करने के बहुचर्चित मामले में पन्ना न्यायालय ने पिता-पुत्र को फांसी की सजा सुनाई है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना श्री सुरेन्द्र मेश्राम की अदालत ने दोनों आरोपियों चरन सिंह राजपूत एवं उसके पुत्र शुभम सिंह राजपूत को हत्या, हत्या के प्रयास एवं आयुध अधिनियम की धाराओं में दोषी पाते हुए यह फैसला सुनाया। साथ ही दोनों अभियुक्तों को अर्थदण्ड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्ता के अनुसार घटना 27 मई 2023 की रात देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गोल्ही मुड़िया में हुई थी। परिवार में जन्मदिन कार्यक्रम के बाद घर के बाहर बैठे नरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, महेश सिंह एवं उनकी मां फूलाबाई पर आरोपी चरन सिंह राजपूत और उसके पुत्र शुभम सिंह राजपूत ने कथित रूप से पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से नरेन्द्र सिंह और महेन्द्र सिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आई फूलाबाई घायल हो गई थीं। मामले की रिपोर्ट पर देवेन्द्रनगर थाना में हत्या, हत्या के प्रयास तथा आयुध अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध सिद्ध किया। न्यायालय ने मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए दोनों दोषियों चरन सिंह राजपूत एवं उसके पुत्र शुभम सिंह राजपूत को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत मृत्युदंड तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा धारा 307/34 में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 27 आयुध अधिनियम में 3-3 वर्ष का कठोर कारावास व 2000/- रूपए जुर्माना, धारा 25 आयुध अधिनियम में 1-1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 1000/- रूपए का जुर्माना से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी वरिष्ठ सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने की।