बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र वितरित कर विद्यालय में प्रवेश के लिए किया प्रेरित

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पन्ना शहरी परियोजना के आंगनवाड़ी केन्द्र 36 व 57 का विद्यारंभ प्रमाण-पत्र वितरण और प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद एवं भाजपा नेत्री श्रीमती संगीता राय ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

*      पन्ना शहरी परियोजना के आंगनवाड़ी केन्द्र 36 व 57 का संयुक्त कार्यक्रम आयोजित

पन्ना।(www.radarnews.in) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को पहली बार पन्ना जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत 5 से 6 वर्ष के सभी बच्चों को प्राथमिक शाला में सहज रूप से स्थानांतरण करने व आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से विद्यारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अवधेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में मंगलवार 24 मार्च को पन्ना शहरी परियोजना परियोजना अंतर्गत बल्देव वार्ड क्रमांक-15 के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 36 व 57 का विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण एवं प्रवेश उत्सव समारोह का संयुक्त रूप से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद एवं भाजपा जिला मंत्री श्रीमती संगीता राय ने इस अवसर पर दोनों केन्द्रों के लगभग दर्जन भर से अधिक शाला प्रवेशी बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्रों का वितरण किया। साथ ही उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। ये सभी बच्चे आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्राथमिक शालाओं में प्रवेश कर रहे हैं। आंगनवाड़ी में संयुक्त रूप से आयोजित विद्यारंभ एवं प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना पन्ना की परियोजना अधिकारी श्रीमती किरण खरे, सेक्टर पर्यवेक्षक अंजली गुप्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहनाज बेगम, सितारा बेगम आंगनबाड़ी सहायिका सुधा शिवहरे, जूही खातून सहित स्कूल शिक्षक एवं बच्चों के अभिभावकगण भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाडी केंद्र में बाल चौपाल का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहनाज बेगम और सितारा बेगम ने बताया कि जिन बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित किए उन्हें स्कूल शिक्षा में प्रवेश के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताकर अपने नौनिहालों के भविष्य को संवारने में किसी तरह की लापरवाही न कर अनिवार्य रूप से विद्यालय में प्रवेश दिलाने के संबंध में जागरूक किया। बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने में अभिभावकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया।