तालाब में बने गड्ढे में डूबने से मृत बच्चियों के शव के पास बैठी नानी को रोते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
* नहाते समय हुआ हादसा, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
*मिट्टी खनन के बाद खुले छोड़े गए विशालकाय गड्ढे बने जानलेवा
* ‘विकास’ के नाम पर 3 तहसीलों में वृहद स्तर पर चल रहा मिट्टी का अवैध खनन
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनहरा गांव में आज एक हृदय विदारक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। ननिहाल आई दो मासूम सगी बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह तालाब रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के लिए मिट्टी निकालने के दौरान ठेकेदार द्वारा खोदा गया था, जो अब मौत का गड्ढा बन चुका है। मृत बच्चियों की पहचान 8 वर्षीय रागिनी और 6 वर्षीय आशिकी के रूप में हुई है, जो अमानगंज क्षेत्र के रामपुर गांव से अपनी नानी के घर आई थीं। दुखद हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्दनाक हादसे में दोनों नातिनों की मौत होने की जानकारी नाना काली आदिवासी ने पत्रकारों को दी।
प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार 25 मार्च दोपहर के समय सुनहरा में रागिनी और आशिकी आदिवासी गांव के तालाब में के लिए नहाने गई थीं। वहां अन्य बच्चियों के साथ नहाते समय खेल-खेल में अचानक छोटी बहन आशिकी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। उसको बचाने के लिए बड़ी बहन रागिनी ने भी बिना कुछ सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों ही गहराई में समा गईं। काली आदिवासी ने बताया काफी देर तक दोनों नातिनें जब वापस घर नहीं लौटीं तो उसने अपने पुत्र यानी बच्चियों के मामा को तालाब भेजा। करीब घंटे भर तक चली खोजबीन के बाद दोनों बच्चियां तालाब के गड्ढे में अचेत स्थिति में मिलीं। आसपास मौजूद लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता कृष्णे आदिवासी सहित पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि यह हृदयविदारक घटना न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गई, बल्कि क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर गई है। ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना अंतर्गत आने वाले सतना-खजुराहो रेल खंड का निर्माण प्रगति पर है। इस खण्ड पर वर्तमान में पन्ना जिले में रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसके लिए ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है।
अवैध मिट्टी खनन पर जिम्मेदार खामोश
पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत डुंगरहो ग्राम के समीप रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार ने अपने कैम्प के पीछे सड़क किनारे ही अवैध खनन कर डाला।
पन्ना जिले की देवेन्द्रनगर, पन्ना और अजयगढ़ तहसील क्षेत्र में रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए ठेकेदारों द्वारा जगह-जगह अवैध रूप से मिट्टी खनन किया जा रहा है। कई स्थानों पर तालाब गहरीकरण की आड़ में ज्यादा से ज्यादा मिट्टी हांसिल करने के लिए जमीन को खतरनाक गहराई तक खोद दिया गया है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। खुलेआम संगठित तरीके से चल रहे इस अवैध खनन से शासन को न सिर्फ करोड़ों रुपए की क्षति पहुंच रही है बल्कि मिट्टी की लूट से बने गहरे और विशालकाय गड्ढे आम लोगों, खासकर छोटे बच्चों और बेजुबान जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल रेलवे ठेकेदारों और राजस्व व खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है। परिणामस्वरूप तीनों तहसील क्षेत्रों में वैधानिक स्वीकृति के बगैर अब तक लाखों घनमीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन खतरनाक गड्ढों के लिए जिम्मेदार कौन है? क्यों अब तक किसी भी स्तर पर सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए? और क्या हर बार किसी मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विकास कार्यों की आड़ में हो रही लापरवाही आखिर कब तक आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेगी।
इनका कहना है-
“तालाब में खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत के मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। घटनास्थल से रेलवे ट्रैक निर्माण हेतु मिट्टी की खुदाई और फिर गड्ढे को असुरक्षित छोड़ने के पहलू की भी पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।“