कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेन्द्र पाण्डेय ने कहा वन्य प्राणियों और वनों का रिश्ता अभिन्न। वन ही वन्य प्राणियों का घर हैं। वन प्रकृति का ऐसा वरदान हैं, जिन पर मनुष्य का अस्तित्व, उन्नति और समृद्धि निर्भर है। तेजी से बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं की पूर्ति और औद्योगिकरण के कारण वनों का रकबा लगातार सिकुड़ रहा है। इसका स्वभाविक दुष्परिणाम वन्य प्राणियों की तादाद घटने, कई वन्य जीवों के विलुप्त होने और संकटग्रस्त होने के रूप में सामने आना खतरे का संकेत है। श्री पाण्डेय ने बताया, वन्य जीवों से मानव जाति को अनेक लाभ प्राप्त हो रहे है। पर्यटन के क्षेत्र में वन्य प्राणियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन्य प्राणियों से प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इसलिए हमें वनों और वन्य प्राणियों को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम विक्रमपुर में जन जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर 29 छात्र-छात्राओं को जब वनक्षेत्रपाल रजत तोमर व प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने स्कूल बैग वितरित किए तो वे ख़ुशी से चहक उठे। कार्यक्रम में देवेन्द्र सिंह वनपाल, पंकज कुशवाहा, अरुण त्रिवेदी, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।© 2019 All Rights Reserved radarnews.in