मंत्रिपरिषद की बैठक में बताया गया कि कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋण पर ही प्रदान की जाना है। कर्ज माफी के लिये राज्य शासन द्वारा देय राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से किसान के ऋण खाते में जमा की जायेगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये आधार कार्ड की ऋण खाते में सीडिंग अनिवार्य होगा। पहले चरण में लघु सीमांत किसान तथा सहकारी बैंकों के करंट आउट स्टेंडिंग लोन के भुगतान पर विचार किया जायेगा। योजना में कालातीत ऋण, जो योजना मापदण्डों में पात्र पाए गए हैं, उस राशि को बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट करने के बाद कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि एक अप्रैल, 2007 या उसके बाद लिये गये ऋण जो 31 मार्च, 2018 को कालातीत घोषित किये गये हों, उनको योजना में शामिल किया जायेगा। प्रदेश में 26 जनवरी, 2019 की ग्रामसभा में योजना की पात्रता सूचियाँ प्रस्तुत की जायेंगी।